धीना थाना क्षेत्र के कमालपुर और अवही पुलिस चौकी इलाकों में कथित रूप से अवैध मिट्टी खनन का कार्य बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक मिट्टी से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर लगातार दौड़ते रहते हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कई ट्रैक्टरों पर केवल "कृषि कार्य हेतु" लिखा हुआ है, जबकि उनका इस्तेमाल व्यावसायिक रूप से मिट्टी की ढुलाई के लिए हो रहा है। इसके अलावा, कई वाहन बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रहे हैं और कुछ मामलों में नाबालिग चालक भी ट्रैक्टर चलाते देखे गए हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि सड़कों पर तेज गति से दौड़ रहे ये मिट्टी लदे ट्रैक्टर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इस संबंध में धीना थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन उन्होंने जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी ढुलाई में लगे होने के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, और खनन विभाग को भी कथित तौर पर इसकी जानकारी नहीं है। ग्रामीणों, जिनमें ओंकार नाथ, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र यादव, जयंत यादव और प्रवीण राय शामिल हैं, ने जिला प्रशासन से अवैध मिट्टी खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कृषि कार्य हेतु पंजीकृत ट्रैक्टरों से हो रही व्यावसायिक मिट्टी ढुलाई को भी बंद कराने का आग्रह किया है।
धीना थाना क्षेत्र के कमालपुर और अवही पुलिस चौकी इलाकों में कथित रूप से अवैध मिट्टी खनन का कार्य बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात 9 बजे से सुबह 9 बजे तक मिट्टी से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर लगातार दौड़ते रहते हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कई ट्रैक्टरों पर केवल "कृषि कार्य हेतु" लिखा हुआ है, जबकि उनका इस्तेमाल व्यावसायिक रूप से मिट्टी की ढुलाई के लिए हो रहा है। इसके अलावा, कई वाहन बिना नंबर प्लेट के संचालित हो रहे हैं और कुछ मामलों में नाबालिग चालक भी ट्रैक्टर चलाते देखे गए हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि सड़कों पर तेज गति से दौड़ रहे ये मिट्टी लदे ट्रैक्टर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इस संबंध में धीना थाना प्रभारी दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन उन्होंने जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी ढुलाई में लगे होने के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, और खनन विभाग को भी कथित तौर पर इसकी जानकारी नहीं है। ग्रामीणों, जिनमें ओंकार नाथ, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र यादव, जयंत यादव और प्रवीण राय शामिल हैं, ने जिला प्रशासन से अवैध मिट्टी खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कृषि कार्य हेतु पंजीकृत ट्रैक्टरों से हो रही व्यावसायिक मिट्टी ढुलाई को भी बंद कराने का आग्रह किया है।
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के धानापुर सकलडीहा से युवा नेता राजकुमार सनातनी ने अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।1
- सकलडीहा में कुंदन राज कपूर ने स्थानीय जनता की समस्याओं का निदान किया।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कथित किल्लत को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर कालाबाजारी में मिले होने का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे 'लापता गैस' का नाम दिया। मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि किसी 'योगी' से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह झूठ बोलें, और जो लोग 'विश्व गुरु' बनने का दावा करते थे, उन्होंने आज देश की आम जनता को लाइनों में लाकर खड़ा कर दिया है। अखिलेश यादव ने जनता की परेशानियों को उजागर करते हुए कहा कि नोटबंदी, कोविड महामारी और ऑक्सीजन की किल्लत जैसी पिछली समस्याओं के बाद अब आम लोग एलपीजी के लिए लंबी लाइनों में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने नोएडा की एक तस्वीर का हवाला देते हुए बताया कि एक माँ सुबह 4 बजे से लाइन में खड़ी है और अपने बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रही है। उन्होंने सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब पहले यह आश्वासन दिया गया था कि किसी चीज की कोई कमी नहीं है, तो अब गैस सिलेंडर उपलब्ध क्यों नहीं कराए जा रहे हैं, और इसके पीछे का असली कारण क्या है। अखिलेश ने सीधे आरोप लगाया कि सरकार को विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय अपनी कमियों को देखना चाहिए, क्योंकि कालाबाजारी सरकार और उसमें मिले हुए लोग ही कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि जहां भी गैस सिलेंडरों के लिए लाइनें लगी हों, वहां की तस्वीरें और वीडियो खींचकर पार्टी कार्यालय भेजें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि "कम से कम सरकार को यह तो पता चले कि लाइनें कहां लगी हैं," क्योंकि उनका मानना है कि कई मीडियाकर्मी इन लाइनों को दिखाने में झिझकते हैं। इस प्रकार, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सीधे पार्टी कार्यालय को इन लाइनों की तस्वीरें भेजकर 'लापता गैस' के मुद्दे को उजागर करेंगे, जिसके लिए जनता को आज भी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है।1
- चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र के बरठीं गांव में बिजली के तार बेहद नीचे झूल रहे हैं, जो लोगों के सिर से भी थोड़ा ही ऊपर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन तारों से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की प्रबल संभावना है। ग्रामीणों ने इस संबंध में विभाग से कई बार शिकायत भी की है और इन तारों को ऊपर करवाने या हटवाने का अनुरोध किया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। गांव के लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और उचित कदम उठाने की अपील की है।1
- गंगा नदी के कटाव को रोकने की मांग को लेकर किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में, किसानों के धरना स्थल पर बँधी डिवीजन के अधिकारी पहुँचे। इन अधिकारियों में एक्सीयन सुरेश आजाद, ए इ अतुलगुप्ता और जेई अजय यादव शामिल थे, जिन्होंने धरना स्थल पर किसानों से मुलाकात की।2
- थाना बीजपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धरतीदाड़ के पास जंगल में एक महिला का कंकाल पाया गया है। इस घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी, श्री राजेश कुमार राय ने अपना बयान जारी किया है।1
- बनारस के चौबेपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में सीधे तौर पर एक लेखपाल पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि बनारस में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है, और सरकारी जमीनों पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- चंदौली जिले के धानापुर गुरैनी में किसानों का कटान को लेकर जारी धरना प्रदर्शन आज चौथे दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन को भाकपा माले के नेताओं का समर्थन प्राप्त हुआ है, जिसमें श्रवण कुशवाहा भी शामिल हैं।1