बिहार सरकार,श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार के तत्वाधान में 10 मार्च 2026 को बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 के अन्तर्गत एक दिवसीय शिविर कार्यक्रम का आयोजन बियाडा कैम्पस, मरंगा, पूर्णिया में अवस्थित संयुक्त श्रम भवन के सभागार में किया गया। आयोजन का संयुक्त रूप से उद्घाटन श्री संजीव कुमार, उप श्रम आयुक्त, पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया श्री जगन्नाथ पासवान, सहायक श्रमायुक्त-सह-श्रम अधीक्षक, पूर्णिया एवं श्रम राम विलाश राम, श्रम अधीक्षक, किशनगंज य विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव एवं अध्यक्ष, कटिहार एवं पूर्णिया के अध्यक्ष एवं सदस्य पुलिस पदाधिकारी के प्रतिनिधिय श्री इन्द्रदेव पासवान, सभापति, नगर परिषद, किशनगंजय डाॅ० भारत कुमार मेहर, प्रोफेसर एवं ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट पदाधिकारी, पूर्णिया विश्वविद्यालय गैर संरकारी संस्था यथा राहत संस्था बचपन बचाओय प्रयास जैक सोसाईटी के प्रतिनिधि, जिला परियोजना प्रबंधक एसोसिएशन फाॅर वालेन्ट्री एक्सन, पूर्णिया पूर्णिया प्रमंडल में पदस्थापित श्रम प्रवत्र्तन पदाधिकारीयों के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन श्री संजीव कुमार चैधरी श्रम प्रवत्र्तन पदाधिकारी रूपौली पूर्णिया द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर पूर्णिया जिला के विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों (श्री अमन प्रकाश, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, पूर्णिया पूर्व, श्री आदित्य आकाश, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, अमौर, श्री प्रशान्त कुमार यादव, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बायसी) के माध्यम से बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास संबंधित जानकारी इस योजना के हितधारकों को विस्तृत रूप से दी गई। साथ ही बच्चों से कार्य कराने पर सजाएँ क्रमशः अपराध दण्ड धारा, 3 का उल्लंघन अर्थात किसी भी प्रतिष्ठान में बालक को नियोजित करना, प्रथम बार। संज्ञेय अपराध, 20 हजार से 50 हजार रू0 तक का जुमार्ना या छः माह से 02 वर्ष तक का कारावास या दोनो । धारा, 3। का उल्लंघन अर्थात किसी भी निषेधित परिसंकटमय व्यवसाय या प्रक्रिया में किशोर को नियोजित करना प्रथम बार संज्ञेय अपराध,20 हजार से 50 हजार रू0 तक का जुमार्ना या छः माह से 02 वर्ष तक का कारावास या दोनो । धारा, 3 तथा 3। का उल्लंघन, दूसरी बार। संज्ञेय अपराध, कम से कम 01 वर्ष तक का कारावास जिसकी अवधि 03 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है। यदि माता/पिता या अभिभावक द्वारा फिर से अपराध किया जाता है। जुमार्ना, जिसे 10,000रू0 तक बढ़ाया जा सकता है। धारा, 3 तथा 3। के अतिरिक्त अधिनियम के अन्य प्रावधानों का उल्लंघन करने पर जुमार्ना, जिसे 10,000रू0 तक बढ़ाया जा सकता है अथवा कारावास अधिकतम 01 माह तक या दोनो निर्धारित है। श्री जगन्नाथ पासवान, सहायक श्रमायुक्त सम्प्रति श्रम अधीक्षक, पूर्णियाॅ द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु सभी को प्रभावी कदम उठाने हेतु प्रेरित किया गया। बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 के अन्तर्गत उपस्थित हितधारकों के द्वारा उठाये गए समस्याओं का निराकरण किया गया। शिविर में उपस्थित सभी हितधारकों से किसी भी परिस्थिति में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष परोक्ष रूप से बाल मजदूर से कोई कार्य नहीं लिए जाने संबंधी शपथ भी दिलाई गई। श्री संजीव कुमार, उप श्रम आयुक्त, पूर्णिया प्रमंडल द्वारा उपस्थित सभी हितधारकों को विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वासन के विषय पर विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। बाल श्रम उन्मूलन विमुक्ति एवं पुनर्वास हेतु राज्य सरकार द्वारा राज्य कार्य योजना की मंजुरी दी गई है। राज्य कार्य योजना के अनुसार बाल श्रम उन्मूलन हेतु धावादल के माध्यम से सघन अभियान चलाकर बाल श्रमिकों का विमुक्ति जारी है। विमुक्ति के समय प्रत्येक बाल श्रमिक को एक माह का राशन हेतु रू०- 1500/-(एक हजार पाॅच सौ) एवं वस्त्र हेतु रू०- 300/-(तीन सौ) का भुगतान किया जा रहा है कि जानकारी दी गई। साथ ही विमुक्त बाल श्रमिकों को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में रू०- 3,000/-(तीन हजार) प्रति विमुक्त बाल श्रमिक एवं 25,000/-मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का प्रावधान है। अंत में श्री जगन्नाथ पासवान, सहायक श्रमायुक्त सम्प्रति श्रम अधीक्षक, पूर्णिया द्वारा उपस्थित हितधारकों का धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया ।
बिहार सरकार,श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार के तत्वाधान में 10 मार्च 2026 को बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 के अन्तर्गत एक दिवसीय शिविर कार्यक्रम का आयोजन बियाडा कैम्पस, मरंगा, पूर्णिया में अवस्थित संयुक्त श्रम भवन के सभागार में किया गया। आयोजन का संयुक्त रूप से उद्घाटन श्री संजीव कुमार, उप श्रम आयुक्त, पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया श्री जगन्नाथ पासवान, सहायक श्रमायुक्त-सह-श्रम अधीक्षक, पूर्णिया एवं श्रम राम विलाश राम, श्रम अधीक्षक, किशनगंज य विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव एवं अध्यक्ष, कटिहार एवं पूर्णिया के अध्यक्ष एवं सदस्य पुलिस पदाधिकारी के प्रतिनिधिय श्री इन्द्रदेव पासवान, सभापति, नगर परिषद, किशनगंजय डाॅ० भारत कुमार मेहर, प्रोफेसर एवं ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट पदाधिकारी, पूर्णिया विश्वविद्यालय गैर संरकारी संस्था यथा राहत संस्था बचपन बचाओय प्रयास जैक सोसाईटी के प्रतिनिधि, जिला परियोजना प्रबंधक एसोसिएशन फाॅर वालेन्ट्री एक्सन, पूर्णिया पूर्णिया प्रमंडल में पदस्थापित श्रम प्रवत्र्तन पदाधिकारीयों के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन श्री संजीव कुमार चैधरी श्रम प्रवत्र्तन पदाधिकारी रूपौली पूर्णिया द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर पूर्णिया जिला के विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों (श्री अमन प्रकाश, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, पूर्णिया पूर्व, श्री आदित्य आकाश, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, अमौर, श्री प्रशान्त कुमार यादव, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, बायसी) के माध्यम से बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास संबंधित जानकारी इस योजना के हितधारकों को विस्तृत रूप से दी गई। साथ ही बच्चों से कार्य कराने पर सजाएँ क्रमशः अपराध दण्ड धारा, 3 का उल्लंघन अर्थात किसी भी प्रतिष्ठान में बालक को नियोजित करना, प्रथम बार। संज्ञेय अपराध, 20 हजार से 50 हजार रू0 तक का जुमार्ना या छः माह से 02 वर्ष तक का कारावास या दोनो । धारा, 3। का उल्लंघन अर्थात किसी भी निषेधित परिसंकटमय व्यवसाय या प्रक्रिया में किशोर को नियोजित करना प्रथम बार संज्ञेय अपराध,20 हजार से 50 हजार रू0 तक का जुमार्ना या छः माह से 02 वर्ष तक का
कारावास या दोनो । धारा, 3 तथा 3। का उल्लंघन, दूसरी बार। संज्ञेय अपराध, कम से कम 01 वर्ष तक का कारावास जिसकी अवधि 03 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है। यदि माता/पिता या अभिभावक द्वारा फिर से अपराध किया जाता है। जुमार्ना, जिसे 10,000रू0 तक बढ़ाया जा सकता है। धारा, 3 तथा 3। के अतिरिक्त अधिनियम के अन्य प्रावधानों का उल्लंघन करने पर जुमार्ना, जिसे 10,000रू0 तक बढ़ाया जा सकता है अथवा कारावास अधिकतम 01 माह तक या दोनो निर्धारित है। श्री जगन्नाथ पासवान, सहायक श्रमायुक्त सम्प्रति श्रम अधीक्षक, पूर्णियाॅ द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु सभी को प्रभावी कदम उठाने हेतु प्रेरित किया गया। बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 के अन्तर्गत उपस्थित हितधारकों के द्वारा उठाये गए समस्याओं का निराकरण किया गया। शिविर में उपस्थित सभी हितधारकों से किसी भी परिस्थिति में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष परोक्ष रूप से बाल मजदूर से कोई कार्य नहीं लिए जाने संबंधी शपथ भी दिलाई गई। श्री संजीव कुमार, उप श्रम आयुक्त, पूर्णिया प्रमंडल द्वारा उपस्थित सभी हितधारकों को विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वासन के विषय पर विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। बाल श्रम उन्मूलन विमुक्ति एवं पुनर्वास हेतु राज्य सरकार द्वारा राज्य कार्य योजना की मंजुरी दी गई है। राज्य कार्य योजना के अनुसार बाल श्रम उन्मूलन हेतु धावादल के माध्यम से सघन अभियान चलाकर बाल श्रमिकों का विमुक्ति जारी है। विमुक्ति के समय प्रत्येक बाल श्रमिक को एक माह का राशन हेतु रू०- 1500/-(एक हजार पाॅच सौ) एवं वस्त्र हेतु रू०- 300/-(तीन सौ) का भुगतान किया जा रहा है कि जानकारी दी गई। साथ ही विमुक्त बाल श्रमिकों को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में रू०- 3,000/-(तीन हजार) प्रति विमुक्त बाल श्रमिक एवं 25,000/-मुख्यमंत्री राहत कोष से देने का प्रावधान है। अंत में श्री जगन्नाथ पासवान, सहायक श्रमायुक्त सम्प्रति श्रम अधीक्षक, पूर्णिया द्वारा उपस्थित हितधारकों का धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया ।
- अभिषेक को गिरफ्तार कैसे किया गया हैं देखिए पूरा वीडियो इस युवक का नाम अभिषेक हैं सोशल मीडिया पर स्कूल की जर्जर स्थिति को दिखाना इतना महंगा पर जाना इसको भी पता नहीं था एक बात सत्य हैं इस देश मैं जिसने भी गरीब की हक की बात की हैं उसे सलाखों के पीछे डाला गया हैं हम समझ सकते हैं इस युवक का अधिकारी से बात करने का तरीका अलग था लेकिन स्कूल मैं जो भी शिक्षक और शिक्षिका का हैं उसकी भी जांच होनी चाहिए1
- या अल्लाह! आलम-ए-इस्लाम को ताक़त और इत्तेहाद अता फ़रमा: बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी1
- होली पर्व के दिन रंग व मजाक करना पड़ा भारी दो पक्षों के बीच जमकर चला लाठी डंडा 7 व्यक्ति घायल मुकदमा दर्ज जाँच शुरू।1
- Post by Rahul Kumar Singh1
- जलालगढ़ में मूंगफली की उन्नत खेती पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण का हुआ आयोजन क्षेत्रीय अनुसंधान उप-केंद्र, जलालगढ़ में नौ एवं दस मार्च दो हजार छब्बीस में मूंगफली की उन्नत खेती पर दो दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रायोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं भारतीय मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़ (गुजरात) द्वारा किया गया, जिसमें 30 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया के प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार महतो ने किया। इस दौरान केवीके जलालगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर के एम सिंह, क्षेत्रीय अनुसंधान उप-केंद्र के प्रभारी डॉक्टर विनय कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर गोविंद कुमार तथा मृदा वैज्ञानिक डॉक्टर शशि प्रकाश विश्वकर्मा ने मूंगफली की उन्नत किस्मों, बीज उपचार, उर्वरक प्रबंधन एवं कीट-रोग नियंत्रण पर किसानों को जानकारी दी। प्रशिक्षण को किसानों ने उपयोगी एवं महत्त्वपूर्ण बताया।1
- फलका बाजार में जाम की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। सड़क के किनारे ठेले, चाय-पान की दुकानें, सब्जी दुकानदारों द्वारा सड़क पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण हर 5–10 मिनट पर जाम लग जा रहा है। राहगीर, स्कूली बच्चे और वाहन चालक सभी परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। देखिए पूरी रिपोर्ट।1
- कटिहार: अवैध पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुफ्फसिल थाना पुलिस ने दो पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो तीन पहिया वाहनों में लदे कुल 10 मवेशियों को भी बरामद किया है। जानकारी के अनुसार मुफ्फसिल थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि दो तीन पहिया वाहनों में क्रूरता पूर्वक पशुओं को लादकर अवैध रूप से परिवहन करते हुए मधेपुरा गांव की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मधेपुरा गांव के पास वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान संदिग्ध तीन पहिया वाहन पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस बल ने पीछा कर दोनों वाहनों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर दोनों वाहनों से कुल 10 मवेशी क्रूरतापूर्वक लदे हुए बरामद किए गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मो. असफाक (37 वर्ष) पिता शोहरब अली तथा मो. मोकीम (28 वर्ष) पिता अनिसुर रहमान, दोनों निवासी हरिसपुर थाना रौतारा जिला कटिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मौके से दो तीन पहिया वाहन और 10 मवेशी बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने कांड दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- जलालगढ़ बाजार में घंटों लगा जाम, राहगीर और वाहन चालक परेशान जलालगढ़ मुख्यालय बाजार में मंगलवार को कई घंटों तक भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजार के मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग धीरे-धीरे रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार नेताजी चौक, रेलवे गुमटी, सब्जी बाजार और आसपास के इलाकों में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाती है। कई वाहन चालक घंटों तक जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत कई बार प्रशासन से की गई, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए नियमित पुलिस तैनाती की जाए और सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए, ताकि आम लोगों को रोज-रोज लगने वाले जाम से राहत मिल सके।1