प्रेस नोट "जिला प्रतापगढ़ में जनजाति कल्याण कोष योजना अंतर्गत बकरी विकास कार्यक्रम से मिलेगा रोजगार और आय में बढ़ावा" प्रतापगढ़,11 मार्च। पशुपालन विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर के संयुक्त प्रयासों से जिले के जनजाति परिवारों एवं पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से "जनजाति कल्याण कोष योजना" के अंतर्गत "बकरी विकास कार्यक्रम" का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर द्वारा आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप विभागीय कार्यालय में गठित नियमानुसार चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर प्राप्त कुल "46 आवेदनों" में से 20 पात्र लाभार्थियों" का अंतिम चयन किया गया। चयन प्रक्रिया में ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के पशुपालकों को प्राथमिकता प्रदान की गई, जिसमें विशेष रूप से "विधवा, दिव्यांग, महिला तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग" के आवेदकों को वरीयता दी गई। उल्लेखनीय है कि इन आवेदनों को दिसंबर 2025 में आमंत्रित किया गया था। इसी क्रम में आज "दिनांक 11 मार्च 2026" को जिला कार्यालय, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, प्रतापगढ़ में माननीय "अतिरिक्त जिला कलेक्टर महोदय की गरिमामयी उपस्थिति में जिले के "चार ब्लॉकों मौखमपुरा, धमोतर, छोटीसादड़ी एवं धरियावद" से चयनित "10 लाभार्थियों" को "सिरोही नस्ल" (द्वि-उद्देशीय अधिक मांस एवं दूध उत्पादन) की "5 बकरियाँ एवं 1 बकरा" की एक-एक इकाई प्रदान की गई। यह योजना ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्र के पशुपालकों के लिए "घरेलू पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अतिरिक्त आय का सशक्त एवं स्थायी माध्यम" सिद्ध होगी। साथ ही यह पहल पशुपालकों को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराते हुए उनकी आर्थिक उन्नति तथा सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रेस नोट "जिला प्रतापगढ़ में जनजाति कल्याण कोष योजना अंतर्गत बकरी विकास कार्यक्रम से मिलेगा रोजगार और आय में बढ़ावा" प्रतापगढ़,11 मार्च। पशुपालन विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर के संयुक्त प्रयासों से जिले के जनजाति परिवारों एवं पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से "जनजाति कल्याण कोष योजना" के अंतर्गत "बकरी विकास कार्यक्रम" का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर द्वारा आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप विभागीय कार्यालय में गठित
नियमानुसार चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर प्राप्त कुल "46 आवेदनों" में से 20 पात्र लाभार्थियों" का अंतिम चयन किया गया। चयन प्रक्रिया में ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के पशुपालकों को प्राथमिकता प्रदान की गई, जिसमें विशेष रूप से "विधवा, दिव्यांग, महिला तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग" के आवेदकों को वरीयता दी गई। उल्लेखनीय है कि इन आवेदनों को दिसंबर 2025 में आमंत्रित किया गया था। इसी क्रम में आज "दिनांक 11 मार्च 2026" को जिला कार्यालय, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, प्रतापगढ़ में माननीय "अतिरिक्त जिला कलेक्टर महोदय की
गरिमामयी उपस्थिति में जिले के "चार ब्लॉकों मौखमपुरा, धमोतर, छोटीसादड़ी एवं धरियावद" से चयनित "10 लाभार्थियों" को "सिरोही नस्ल" (द्वि-उद्देशीय अधिक मांस एवं दूध उत्पादन) की "5 बकरियाँ एवं 1 बकरा" की एक-एक इकाई प्रदान की गई। यह योजना ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्र के पशुपालकों के लिए "घरेलू पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ अतिरिक्त आय का सशक्त एवं स्थायी माध्यम" सिद्ध होगी। साथ ही यह पहल पशुपालकों को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराते हुए उनकी आर्थिक उन्नति तथा सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
- नीमच रोड का नाला बना अतिक्रमण का शिकार, अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप सबहेडिंग: सड़क से करीब 40 फीट दूर तक चल रहा व्यवसाय, नाले की जगह पर किए गए निर्माण से पानी निकासी प्रभावित प्रतापगढ़। शहर के नीमच रोड क्षेत्र में नाले पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले के आसपास अवैध तरीके से निर्माण कर व्यवसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि सड़क से लगभग 40 फीट दूर तक व्यवसाय किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार नाले के आसपास इस तरह का निर्माण प्रतिबंधित माना जाता है। इसके बावजूद लंबे समय से यहां अतिक्रमण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है, जिसके चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नाले पर अतिक्रमण होने से बरसात के समय पानी निकासी की समस्या और जलभराव का खतरा भी बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों की मांग: क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर अतिक्रमण हटाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।3
- Post by Parmeshvar redash4
- Post by Baba1
- UPSC मैं चयन होने पर शामगढ़ में पहुंचे किया गया नगर की जनता ने पुष्प वर्षा कर माला पहनाकर मिठाई बाटकर स्वागत ,अंकुश पाटीदार का नगर की जनता ने भव्य स्वागत किया। अंकुश पाटीदार छोटे से गांव नारिया बुजुर्ग के रहने वाले हैं। पिता अंबाराम पाटीदार खेती संभालते हैं। और घर पर रहकर अंकुश ने पढ़ाई की और बड़ा स्थान हासिल किया । पिता बोले घर पर रहकर पढ़ाई करते हुए कहा था, आज उसका सपना साकार हुआ।1
- छोटी सादडी स्वरगिय मनीष सोंनी की स्मृति में दिनाक 16 तीन 26 को हिंदू धर्मशाला में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा ईस शिविर में रक्तदान करने वालेपुरुष को ₹1 लाख का मुफ्त दुर्घटना बीमा व महिला रक्तडाटा को ₹2 लाख का मुफ्त दुर्घटना बीमा दिया जाएगा2
- Post by Ajad Mansuri1
- Post by Devilalmeena Meena1
- नीमच रोड का नाला बना अतिक्रमण का शिकार, अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप सबहेडिंग: सड़क से करीब 40 फीट दूर तक चल रहा व्यवसाय, नाले की जगह पर किए गए निर्माण से पानी निकासी प्रभावित प्रतापगढ़। शहर के नीमच रोड क्षेत्र में नाले पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले के आसपास अवैध तरीके से निर्माण कर व्यवसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि सड़क से लगभग 40 फीट दूर तक व्यवसाय किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार नाले के आसपास इस तरह का निर्माण प्रतिबंधित माना जाता है। इसके बावजूद लंबे समय से यहां अतिक्रमण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है, जिसके चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नाले पर अतिक्रमण होने से बरसात के समय पानी निकासी की समस्या और जलभराव का खतरा भी बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों की मांग: क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर अतिक्रमण हटाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।3