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ग्राम सचिव डोरा के खिलाफ यह शिकायत सामने आई है कि उनके द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
Hajrat Khan
ग्राम सचिव डोरा के खिलाफ यह शिकायत सामने आई है कि उनके द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
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- बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील के कई ग्रामों में किसान इस समय बारिश की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। वे बेसब्री से आसमान की ओर देखते हुए वर्षा का इंतज़ार कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जून को राजगढ़ में 'जल गंगा संवर्धन अभियान-2026' के समापन अवसर पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मात्र 100 दिनों के भीतर लगभग `₹10,000 करोड़` की लागत से `3 लाख 62 हजार से अधिक` कुओं, बावडियों, तालाबों, नदियों और अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार किया गया, जिससे मध्य प्रदेश बड़े राज्यों में जल संरक्षण में नंबर-1 बन गया है। मुख्यमंत्री ने जल को पंचतत्वों में सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती, क्योंकि हमारे शरीर का 70% हिस्सा पानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्वती, चंबल, कालीसिंध और क्षिप्रा जैसी नदियाँ अंततः गंगा में मिलती हैं, इसी सोच के साथ इस अभियान को 'जल गंगा' नाम दिया गया था। इस अभियान में राजगढ़ जिले को अग्रणी बताया गया, जहाँ कुल `₹352.65 करोड़` की सौगात के तहत `₹341 करोड़` से 30 से अधिक विकास कार्य हुए। समारोह में `₹247.40 करोड़` के 14 कार्यों का भूमिपूजन और `₹100 करोड़` के 17 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिसमें जीरापुर का सांदीपनि विद्यालय और `₹30 करोड़` का एक पुल भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, भैंसवामाता लोक निर्माण के पहले चरण के लिए `₹20 करोड़` की राशि भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में 405 स्व-सहायता समूहों को `₹20 करोड़` की सहायता दी गई, साथ ही दिव्यांगों को ट्राय साइकिल और महिलाओं को स्कूटी की चाबियाँ सौंपी गईं। राजगढ़ पर्यटन पर एक 'कॉफी टेबल बुक' का भी अनावरण किया गया। डॉ. यादव ने प्रदेश में सिंचाई के रकबे में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया, जो 2023 में 44 लाख हेक्टेयर था और अब बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने बताया कि अकेले राजगढ़ में तीन वर्षों में सिंचाई का रकबा 50 हजार से ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ा है, जिसके परिणामस्वरूप गेहूं का उपार्जन भी 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ और किसानों को `₹2625 प्रति क्विंटल` का मूल्य मिला। पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कम बारिश के अनुमान के मद्देनजर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी पुनर्जीवन की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए कि 'अभियान खत्म हुआ, संकल्प नहीं', भावी पीढ़ी के लिए पानी की एक-एक बूंद बचाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारी की जा रही है, जहाँ 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिसके लिए भोपाल-राजगढ़-उज्जैन-मंदसौर तक नई सड़कें बनाई जा रही हैं। उन्होंने विपक्ष की आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कहा कि सरकार विकास के पथ से पीछे नहीं हटेगी।1
- निवाड़ी कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभा कक्ष में कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया। जनसुनवाई के दौरान कई अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- Hii 54426555355568536855539855688555588855455555555555 हमारे माडिया गांव में भूत दिखा1
- उबौरा के अजय देव परमार ने फोरेंसिक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी राष्ट्रीय पहचान स्थापित की है। उनके स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं को इस विशिष्ट क्षेत्र में नए अवसर मिल रहे हैं।1
- टहरौली पुलिस ने मूंगफली चोरी के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह घटना कुछ महीने पहले थाना टहरौली क्षेत्र के धवारी में हुई थी, जहाँ चोरों ने रात्रि का फायदा उठाकर महेश पटेल के बाड़े में रखी 20 मूंगफली की झालों की चोरी कर ली थी। किसान महेश पटेल की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जाँच शुरू की। जाँच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मूंगफली चोर सिलोरी तिराहे पर खड़ा है। इस सूचना पर उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार, गिरजेश कुमार, प्रभाकांत साहू और कांस्टेबल रोहित मौर्या की पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सोबरन, पुत्र विश्वनाथ, निवासी देवरा, जिला निवाड़ी बताया। गहनता से पूछताछ पर सोबरन ने स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्त नरेंद्र कुशवाहा के साथ मिलकर करीब 4 महीने पहले महेश पटेल के बाड़े से मूंगफली की झालों चोरी कर बेची थीं, और कुछ मूंगफली धवारी पुलिया के नीचे छिपी हुई हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मूंगफली की झालों के साथ ₹1300 भी बरामद किए, जिसके साथ ही मामले का सफलतापूर्वक खुलासा हो गया। आरोपी सोबरन को आज मंगलवार को शाम 5 बजे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जिला कारागार झांसी भेज दिया गया है।1
- छतरपुर जिले के अलीपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत झांसी-खजुराहो फोर लेन पर स्थित एक किसान के खेत में जला हुआ शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद, पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया है और इस संबंध में आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मनकारी निवासी राघवेंद्र पटेल के परिजनों ने आज 30 जून को जिला कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा है, जिसमें विरोधी पक्ष पर राघवेंद्र को हत्या और जानलेवा हमले के झूठे मामलों में दोबारा फंसाने की गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि इस साजिश के चलते राघवेंद्र की जान-माल की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। आवेदन में बताया गया है कि 21 दिसंबर 2025 को ग्राम मनकारी में जमीन विवाद को लेकर हुए एक विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिस पर महाराजपुर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया था। राघवेंद्र पटेल का आरोप है कि घटना के समय वह मौके पर मौजूद नहीं था, इसके बावजूद विरोधी पक्ष के दबाव में पुलिस ने उसे मेमोरेंडम के आधार पर सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था। मामले में 19 जून 2026 को जबलपुर हाई कोर्ट ने राघवेंद्र की जमानत मंजूर कर दी थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आया। अब परिजनों का आरोप है कि जमानत मिलने से नाराज विरोधी पक्ष के लोग उसे दोबारा जेल भिजवाने के लिए फर्जी चोटें दिखाकर पुलिस और अधिकारियों से झूठी शिकायतें कर रहे हैं। राघवेंद्र ने बताया है कि जेल से रिहा होने के बाद वह अपने गांव मनकारी नहीं गया है और वर्तमान में छतरपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां रह रहा है। उसने प्रशासन से अपनी मोबाइल लोकेशन की जांच करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।1
- झांसी जिले के टहरौली तहसील क्षेत्र के सेमरी अहिरान गांव में आज सोमवार शाम करीब 7 बजे एक किसान के घर में आग लग गई। किसान परशुराम अहिरवार के घर में किसी अज्ञात कारण से लगी इस आग में उनका आशियाना और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की लपटें देखकर ग्रामीणों ने बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन तब तक घर का सामान पूरी तरह से जल चुका था। पीड़ित किसान परशुराम अहिरवार ने बताया कि इस घटना में उन्हें लगभग ₹50,000 का नुकसान पहुंचा है। उन्होंने सरकार से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।1