4.08 लाख के खाद्यान्न की कालाबाजारी का आरोप, विक्रेता-सहायक विक्रेता पर कार्रवाई प्रस्तावित पिपरा मडोरी की उचित मूल्य दुकान में गेहूं, चावल, नमक और शक्कर का भारी स्टॉक कम मिला; आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव टीकमगढ़। बल्देवगढ़ विकासखंड अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान पिपरा मडोरी दुकान क्रमांक 304117 में खाद्यान्न स्टॉक की जांच के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। जांच प्रतिवेदन में विक्रेता मालती अहिरवार एवं सहायक विक्रेता विजय सिंह ठाकुर के विरुद्ध खाद्यान्न की कालाबाजारी किए जाने का उल्लेख किया गया है।* *जांच में कुल 4 लाख 8 हजार 500 रुपये मूल्य की खाद्यान्न सामग्री कम पाई गई है। जांच के अनुसार दुकान में 10,104 किलोग्राम गेहूं, 2,414 किलोग्राम चावल, 567 किलोग्राम नमक और 7 किलोग्राम शक्कर का स्टॉक कम मिला। नागरिक आपूर्ति निगम के आर्थिक लागत मूल्य के आधार पर गेहूं की कमी की कीमत 3,03,120 रुपये, चावल की 96,560 रुपये, नमक की 8,505 रुपये तथा शक्कर की 315 रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल कमी की राशि 4,08,500 रुपये निर्धारित की गई है। नियमों के उल्लंघन का उल्लेख जांच प्रतिवेदन में विक्रेता एवं सहायक विक्रेता के कृत्य को मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 10(4), 11(1), 11(2), 13(2) एवं 18 तथा जारी प्राधिकार पत्र की शर्तों का उल्लंघन बताया गया है। साथ ही मामले को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय बताया गया है। 4.08 लाख की वसूली का प्रस्ताव प्रकरण में कम पाए गए खाद्यान्न की आर्थिक लागत के आधार पर 4,08,500 रुपये की राशि दोषी व्यक्ति से वसूल किए जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत वैधानिक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की गई है। अब संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।
4.08 लाख के खाद्यान्न की कालाबाजारी का आरोप, विक्रेता-सहायक विक्रेता पर कार्रवाई प्रस्तावित पिपरा मडोरी की उचित मूल्य दुकान में गेहूं, चावल, नमक और शक्कर का भारी स्टॉक कम मिला; आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव टीकमगढ़। बल्देवगढ़ विकासखंड अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान पिपरा मडोरी दुकान क्रमांक 304117 में खाद्यान्न स्टॉक की जांच के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। जांच प्रतिवेदन में विक्रेता मालती अहिरवार एवं सहायक विक्रेता विजय सिंह ठाकुर के विरुद्ध खाद्यान्न की कालाबाजारी किए जाने का उल्लेख किया गया है।* *जांच में कुल 4 लाख 8 हजार 500 रुपये मूल्य की खाद्यान्न सामग्री कम पाई गई है। जांच के अनुसार दुकान में 10,104 किलोग्राम गेहूं, 2,414 किलोग्राम चावल, 567 किलोग्राम नमक और 7 किलोग्राम शक्कर का स्टॉक कम मिला। नागरिक आपूर्ति निगम के आर्थिक लागत मूल्य के आधार पर गेहूं की कमी की कीमत 3,03,120 रुपये, चावल की 96,560 रुपये, नमक की 8,505 रुपये तथा शक्कर की 315 रुपये आंकी गई है। इस तरह कुल कमी की राशि 4,08,500 रुपये निर्धारित की गई है। नियमों के उल्लंघन का उल्लेख जांच प्रतिवेदन में विक्रेता एवं सहायक विक्रेता के कृत्य को मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 10(4), 11(1), 11(2), 13(2) एवं 18 तथा जारी प्राधिकार पत्र की शर्तों का उल्लंघन बताया गया है। साथ ही मामले को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय बताया गया है। 4.08 लाख की वसूली का प्रस्ताव प्रकरण में कम पाए गए खाद्यान्न की आर्थिक लागत के आधार पर 4,08,500 रुपये की राशि दोषी व्यक्ति से वसूल किए जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत वैधानिक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की गई है। अब संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण में आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।
- टीकमगढ़ में जश्ने ईद मीलादुन्नवी का जूलूस बड़ी शान शौकत के साथ निकाला जा रहा है2
- दशकों पढ़ाया, अब फिर परीक्षा क्यों? TET के विरोध में शिक्षक कांग्रेस का हल्ला बोल 15 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा ज्ञापन; संज्ञान में नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी। टीकमगढ़। वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के सामने एक बार फिर परीक्षा की बाध्यता का मुद्दा खड़ा हो गया है। 15 से 30 वर्षों तक शासकीय सेवा दे चुके शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने मंगलवार को आवाज बुलंद की। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षक कांग्रेस का तर्क है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले अनेक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के तहत 15 से 30 वर्ष पहले हुई थी। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद लगातार सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्षों के अनुभव के आधार पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज मिश्रा ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शासकीय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें सेवा करते हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने लगातार अध्यापन कार्य किया और अपने विषय में अनुभव हासिल किया। शिक्षक कांग्रेस का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता और कार्य अनुभव को नजरअंदाज कर फिर से परीक्षा की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षकों में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बन रही है। ज्ञापन में शिक्षक कांग्रेस ने टीईटी की बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुभव और पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षकों के हित में सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के बीच बना असमंजस और असंतोष दूर हो सके। शिक्षक कांग्रेस ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान धीरज मिश्रा, नसीम खान, अमानत उल्ला, हिदायत उल्ला खान, अमर शर्मा, अनुपम दीक्षित, बृजेश मिश्रा, अशोक जैन क्रांतिकारी बल्देवगढ़,रईस खान, अशोक शर्मा, निखिल शर्मा, सदीक मोहम्मद, श्रीमती संगीता यादव,संतोष यादव, संजीव मिश्रा, बृजेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।4
- धामना गांव में लाखों की चोरी, सोने चांदी के जेवरात सहित नगदी ले गए चोर, दिगौड़ा पुलिस जांच में जुटी दिगौड़ा 25 अगस्त दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धामना में बीती सोमवार की रात को अज्ञात चोरों ने रविराज यादव के मकान से लाखों रुपए की चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना में सोने चांदी के जेवरात सहित एक लाख रुपए से अधिक की चोरी की गई। आज सुबह पीड़ित युवक अपने परिजनों व ग्रामवासियों के साथ पुलिस थाने में पहुंचा और चोरी की घटना की जानकारी दी। पीड़ित युवक की रिपोर्ट पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की गई है और परिजनों के साथ साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले में पहाड़ी तिलवारन मडूमर रोड़ पर बरसात के मौसम में एक ट्रक नियंत्रित रूप से फिसल कर पलट गया मौका पर तुरंत जेसीबी मशीन से सीधा कर ले जाया गया1
- खरगापुर में विद्युत विभाग की कार्रवाई, 28 बड़े बकायदारों के कनेक्शन काटे खरगापुर में विद्युत विभाग की कार्रवाई, 28 बड़े बकायदारों के कनेक्शन काटे खरगापुर। विद्युत बिलों की बकाया राशि वसूली को लेकर विद्युत वितरण केंद्र खरगापुर द्वारा मंगलवार को नगर के विभिन्न मोहल्लों में कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने खरगापुर की अलग-अलग कॉलोनियों सहित कच्छयात, सोनी मोहल्ला, टंकी मोहल्ला एवं नायक कॉलोनी में विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करने वाले 28 बड़े बकायदार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई की। वहीं, विद्युत विभाग की टीम ने मीटर से पहले सर्विस लाइन में कट लगाकर अवैध रूप से विद्युत का उपयोग करते पाए गए उपभोक्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत 22 पंचनामे तैयार किए गए। विद्युत विभाग की इस कार्रवाई से बकायदार उपभोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से समय पर विद्युत बिलों का भुगतान करने तथा अवैध रूप से विद्युत का उपयोग नहीं करने की अपील की गई है।1
- शराब के नशे में धुत स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरी कार्रवाई की जांच तत्काल निलंबित शराब के नशे में धुत्त स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरीं कार्रवाई की गाज, तत्काल निलंबन टीकमगढ़। बच्चों को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और विद्यार्थियों व अभिभावकों से गाली-गलौज करने के आरोप जांच में सही पाए जाने के बाद कलेक्टर ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला अब शिक्षक के निलंबन तक पहुंच गया है। मामला शासकीय प्राथमिक शाला ढड़कना, संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहर का है। जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के प्रतिवेदन और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बल्देवगढ़ की जांच के आधार पर शिक्षक देवेन्द्र श्रीवास्तव के विरुद्ध कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट में ग्रामीणों के कथन एवं पंचनामा के आधार पर सामने आया कि शिक्षक शराब के नशे में विद्यालय पहुंचे और बच्चों के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि जब बच्चे अपने माता-पिता को लेकर स्कूल पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने को शासकीय सेवक का अशोभनीय एवं नियमों के विपरीत कृत्य मानते हुए कलेक्टर ने सख्त कदम उठाया। आदेश में कहा गया कि शिक्षक का कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-3(1)(2)(3) के प्रतिकूल होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। कलेक्टर के आदेश के अनुसार देवेन्द्र श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय टीकमगढ़ निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कलेक्टर का यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।1
- कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर मिदरवाहा। ग्राम पंचायत मिदरवाहा के समीप कुजान घाट पर जामनी नदी का पानी बढ़ने से पुल पानी में डूब गया है। इसके बावजूद राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर नदी के तेज बहाव के बीच से मोटरसाइकिल निकालने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोग करीब 50 रुपये लेकर मोटरसाइकिलों को पानी के बीच से निकालने में मदद कर रहे हैं। बरसात के दिनों में कुजान घाट पर पानी बढ़ने से आवागमन की समस्या लगातार बनी रहती है। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग मजबूरी में इस रास्ते से निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर आवागमन रोकने और राहगीरों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए। बताया जाता है कि मिदरवाहा और पठा के बीच जामनी नदी पर बने कुजान घाट के रपटे पर बरसात में अक्सर पानी ऊपर से बहने लगता है। इस समस्या को देखते हुए यहां स्थायी पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा पानी कम होने तक लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करने से रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल डूबने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे राहगीरों की जान खतरे में बनी हुई है। फोटो कैप्शन: कुजान घाट पर जामनी नदी के बढ़े पानी में डूबा रपटा, जोखिम के बीच मोटरसाइकिल निकालते राहगीर।1
- ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों की परेशानी.। ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों की परेशानी.। पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है, जिससे महिलाओं को पानी भरने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। इससे आए दिन फिसलकर गिरने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रख चुके हैं, लेकिन आज तक इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क न होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत टोरिया में शीघ्र सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के समय लोगों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिल सके तथा ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन क1