पलेरा आंगनबाड़ी केंद्र में 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी, अत्यधिक ठंड से मौत की आशंका पलेरा:पलेरा थाना अंतर्गत ग्राम विजयपुर के आंगनबाड़ी केंद्र में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र के पास दीवार से टिके हुए बुजुर्ग को अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पलेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान बालादीन पुत्र भरोसी रैकवार (उम्र 70 वर्ष) निवासी मैलवारा, उत्तर प्रदेश (मऊरानीपुर) के रूप में की गई। बताया गया कि मृतक गांव में भीख मांगने के लिए आता-जाता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुजुर्ग दीवार से टिककर बैठा हुआ था। गांव के सरपंच का कहना है कि मौसम में अत्यधिक ठंड होने के कारण भी उसकी मृत्यु होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। शव को सीएससी पलेरा भेजकर पीएम कराया गया। मृतक के मौके पर कोई परिजन उपस्थित नहीं थे। जानकारी के अनुसार मृतक अविवाहित था और लंबे समय से घर-परिवार से अलग रह रहा था। काफी प्रयासों के बावजूद जब कोई रिश्तेदार सामने नहीं आया तो प्रशासन द्वारा नियमानुसार अंतिम संस्कार की कार्रवाई की गई। प्रशासन की मौजूदगी में श्मशान घाट पर जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर शव को दफनाया गया। इस दौरान नायब तहसीलदार श्रीपत अहिरवार, पटवारी तथा पुलिस विभाग से प्रधान आरक्षक परशुराम रजक, आरक्षक लक्ष्मण पटेल, ललित कुशवाहा एवं आरक्षक सुरेंद्र प्रजापति मौजूद रहे।
पलेरा आंगनबाड़ी केंद्र में 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी, अत्यधिक ठंड से मौत की आशंका पलेरा:पलेरा थाना अंतर्गत ग्राम विजयपुर के आंगनबाड़ी केंद्र में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र के पास दीवार से टिके हुए बुजुर्ग को अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पलेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान बालादीन पुत्र भरोसी रैकवार (उम्र 70 वर्ष) निवासी मैलवारा, उत्तर प्रदेश (मऊरानीपुर) के रूप में की गई। बताया गया कि मृतक गांव में भीख मांगने के लिए आता-जाता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुजुर्ग दीवार से टिककर बैठा हुआ था। गांव के सरपंच का कहना है कि मौसम में अत्यधिक ठंड होने के कारण भी उसकी मृत्यु होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। शव को सीएससी पलेरा भेजकर पीएम कराया गया। मृतक के मौके पर कोई परिजन उपस्थित नहीं थे। जानकारी के अनुसार मृतक अविवाहित था और लंबे समय से घर-परिवार से अलग रह रहा था। काफी प्रयासों के बावजूद जब कोई रिश्तेदार सामने नहीं आया तो प्रशासन द्वारा नियमानुसार अंतिम संस्कार की कार्रवाई की गई। प्रशासन की मौजूदगी में श्मशान घाट पर जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर शव को दफनाया गया। इस दौरान नायब तहसीलदार श्रीपत अहिरवार, पटवारी तथा पुलिस विभाग से प्रधान आरक्षक परशुराम रजक, आरक्षक लक्ष्मण पटेल, ललित कुशवाहा एवं आरक्षक सुरेंद्र प्रजापति मौजूद रहे।
- User8594Nowgong, Chhatarpur🙏23 hrs ago
- अतिक्रमण विरोधी एक और कार्रवाई, दिगौड़ा के मुख्य रास्ते पर फैला अतिक्रमण, पंचायत द्वारा अतिक्रमण करने वालों के तोड़े गए चबूतरे।1
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- ग्राम दुलारा में पानी की किल्लत1
- कड़कड़ाती ठंड में मानवता की मिसाल: कोनिया ग्राम पंचायत में जरूरतमंदों को कंबल वितरण दैनिक रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा पनवाड़ी (महोबा)। हाड़ कपाने वाली कड़ाके की ठंड में जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं ग्राम पंचायत कोनिया के प्रधान प्रतिनिधि रोहित राजपूत द्वारा मानवता और सेवा भावना की मिसाल पेश की गई। ग्राम पंचायत कोनिया, छतेसर व ज्यादा हैबतपुरा ब्रहनान क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जरूरतमंद बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों को ठंड से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधान प्रतिनिधि रोहित राजपूत ने स्वयं जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। ठंड से कांप रहे बुजुर्गों के चेहरे पर कंबल पाकर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बढ़ रही ठंड में गरीब व असहाय लोगों के लिए यह कंबल किसी वरदान से कम नहीं हैं। कंबल वितरण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लाभार्थियों ने प्रधान प्रतिनिधि रोहित राजपूत को आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसी भीषण ठंड में जरूरतमंदों की सुध लेना एक पुण्य का कार्य है। ग्रामीणों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस नेक पहल के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रोहित राजपूत ने कहा कि ग्राम पंचायत का दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों के दुख-दर्द में सहभागी बनना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में कोई भी गरीब, बुजुर्ग या असहाय व्यक्ति ठिठुरने को मजबूर न हो, इसके लिए ग्राम श्रीमती दमयंती राजपूत ने कहा कि आगे भी ऐसे जनहितकारी कार्य करतीं रहेंगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में इस पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। कंबल वितरण कार्यक्रम से क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक एकजुटता का भाव और मजबूत हुआ।1
- ग्राम नारायणपुर तहसील शाहगढ़ जिला सागर मौज बागरोही पटवारी हल्कानंबर 12 है 7 0 साल हमारा कब्जा रहा जमीन पर डॉक्टर महोदय से निवेदन है कलेक्टर सागर से निवेदन है कि हमारी जमीन दिलाने का कष्ट करें 1962 में रजिस्ट्री हुई थी हमारे दादाजी को तहसील में कैसे चल रहा है कलेक्टर महोदय से निवेदन है कि हमारा कष्ट करें हमारी जमीन दिलवाले हमारे लिए1
- झांसी अंतिया तालाब क्षेत्र में सुबह-सुबह एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और फिर सड़क किनारे बने खंभे से टकराकर नीचे जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।2
- चोरी करने वाले आरोपी को टीकमगढ़ पुलिस ने किया गिरफ्तार।1
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- दिनदहाड़े संग्रह, रात के अंधेरे में खनन: विरमा नदी में बेखौफ बालू माफिया सक्रिय कुलपहाड़–पनवाड़ी क्षेत्र में अवैध बालू खनन से नदी का स्वरूप बिगड़ा, जिम्मेदार मौन महोबा। जनपद महोबा के कुलपहाड़ तहसील अंतर्गत विकास खंड पनवाड़ी क्षेत्र में स्थित विरमा नदी में अवैध बालू खनन का खेल खुलेआम जारी है। दिन के उजाले में नदी से बालू इकट्ठा की जाती है और रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध रूप से बालू का परिवहन किया जा रहा है। इस अवैध गतिविधि से न केवल शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप भी बुरी तरह प्रभावित हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार बालू माफियाओं ने विरमा नदी की जलधाराओं को किनारे की ओर मोड़ दिया है, जिससे नदी का प्रवाह असंतुलित हो गया है। लगातार हो रहे अवैध खनन के कारण नदी की गहराई और चौड़ाई में अस्वाभाविक परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट और पर्यावरणीय खतरे की आशंका बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक छतेसर घाट, नौगांव फदना घाट और किल्हौवा घाट से लगातार दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बालू लादकर निकलती हैं। यह पूरा खेल सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, जिससे खनिज विभाग और प्रशासन को चकमा दिया जा सके। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू माफिया बेखौफ होकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं और खनिज विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में इस अवैध खनन को लेकर भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो विरमा नदी पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग से मांग की है कि अवैध बालू खनन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो तथा नदी के संरक्षण हेतु तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।1