फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर कोटरा में ग्राम समाज के पुराने तालाब पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जा किए जाने से गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव निवासी कमलेश यादव पुत्र बैजनाथ यादव द्वारा तालाब में लगातार मिट्टी डलवाकर उसका प्राकृतिक स्वरूप समाप्त किया जा रहा है। इससे वर्षों से नालियों का पानी जिस तालाब में एकत्र होता था, वह रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा सफाई कर्मी के नियमित न आने से नालियां पहले से जाम पड़ी थीं, जिसके कारण अब गंदा पानी गलियों, खड़ंजा मार्गों और घरों के आसपास भर रहा है। जलभराव की सबसे चिंताजनक स्थिति प्राथमिक विद्यालय के आसपास बनी हुई है, जहां लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी जमा है। स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कपड़े-जूते बचाना मुश्किल हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लगातार जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन लेखपाल और ग्राम प्रधान ने मौके की स्थिति के विपरीत फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों को दबा दिया और निस्तारण करा दिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सैटेलाइट, जियो-टैग साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर तालाब की पैमाइश कराई जाए, अवैध कब्जा हटाकर जल निकासी बहाल की जाए तथा फर्जी रिपोर्ट देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर कड़ी विधिक कार्रवाई की जाए।
फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील अंतर्गत बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर कोटरा में ग्राम समाज के पुराने तालाब पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जा किए जाने से गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव निवासी कमलेश यादव पुत्र बैजनाथ यादव द्वारा तालाब में लगातार मिट्टी डलवाकर उसका प्राकृतिक स्वरूप समाप्त किया जा रहा है। इससे वर्षों से नालियों का पानी जिस तालाब में एकत्र होता था,
वह रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा सफाई कर्मी के नियमित न आने से नालियां पहले से जाम पड़ी थीं, जिसके कारण अब गंदा पानी गलियों, खड़ंजा मार्गों और घरों के आसपास भर रहा है। जलभराव की सबसे चिंताजनक स्थिति प्राथमिक विद्यालय के आसपास बनी हुई है, जहां लंबे समय से गंदा और बदबूदार पानी जमा है। स्कूल आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता
है, जिससे कपड़े-जूते बचाना मुश्किल हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लगातार जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे गांव में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन
लेखपाल और ग्राम प्रधान ने मौके की स्थिति के विपरीत फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों को दबा दिया और निस्तारण करा दिया। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सैटेलाइट, जियो-टैग साक्ष्यों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर तालाब की पैमाइश कराई जाए, अवैध कब्जा हटाकर जल निकासी बहाल की जाए तथा फर्जी रिपोर्ट देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर कड़ी विधिक कार्रवाई की जाए।
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक सनसनीखेज वारदात में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना फतेहपुर के एक गांव में हुई। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक मोटरसाइकिल पर सवार था और अचानक कुछ लोगों ने उस पर गोलियां चला दीं। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर दहशत का माहौल है।1
- फतेहपुर के जहानाबाद थाना परिसर में श्रावण मास और चेहल्लुम जुलूस को लेकर पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। थाना अध्यक्ष योगेश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों समुदायों के धर्मगुरुओं और कस्बे के लोगों ने हिस्सा लिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूर्व वर्षों की भांति ही इस बार भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। बैठक में थाना अध्यक्ष ने धर्मगुरुओं से श्रावण मास में होने वाले जलाभिषेक और चेहल्लुम जुलूस की व्यवस्थाओं की बारीक जानकारी ली और विस्तार से चर्चा की। इस मौके पर प्रमुख रूप से डॉक्टर ओमप्रकाश पाल, डॉक्टर असलम अंसारी सैफी, सभासद पत्नी उज्जवल कुरैशी, सभासद नदी, महेंद्र वर्मा, आशीष वर्मा, वीरेंद्र वर्मा प्रधान और पप्पू कुशवाहा मौजूद रहे।1
- फतेहपुर जनपद के असोथर थाना क्षेत्र स्थित बौंडर गांव में बिना किसी अनुमति के एक वर्षों पुराने हरे-भरे महुआ के पेड़ को काट दिया गया। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और लोग इसे "पर्यावरण की हत्या" करार दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ सरकार "एक पेड़ मां के नाम" अभियान चलाकर पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ दिनदहाड़े हरे पेड़ों पर आरी चलना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध कटान के बावजूद अब तक न तो कोई प्राथमिकी दर्ज की गई है और न ही वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण करने, दोषियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई करने और पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि पुराने जीवित पेड़ों की सुरक्षा नहीं की जा सकती, तो हर साल वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाले अभियानों की सफलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।1
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- उन्नाव जिले में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक बार फिर बाबा का बुलडोजर गरजा है।1
- हमीरपुर के सुमेरपुर कस्बे में वर्णिता संस्था के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका पर चर्चा करना था। कार्यक्रम के तहत 'जिनका देश ऋणी है' थीम पर विमर्श किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने इस अवसर पर महान देशभक्त ए पी जे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। डॉ. भवानीदीन ने कहा कि कलाम जी सही मायने में भारत के मिसाइल मैन थे और वैज्ञानिक क्षेत्र में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को हुआ था और वे 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। उनकी राजनीतिक छवि भी अलग थी और वे सदैव देशसेवी सोच के रहे। उनका निधन 27 जुलाई 2015 को हुआ। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, बाबूलाल, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति, रामनरायन सोनकर, होरी लाल, रिचा, भोलू सिंह, सतेन्द्र, मुन्ना भदौरिया आदि शामिल रहे।1
- फतेहपुर के खागा क्षेत्र में आगामी सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रविवार को थाना सुल्तानपुर घोष परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ यात्रा मार्ग, गंगा घाटों की व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह चंदेल ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डीजे प्रतियोगिता और तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर शासन की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए और आपसी सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि बैठक में मिले सुझावों के आधार पर संबंधित विभागों को अवगत कराकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई जाएंगी। उपनिरीक्षक आनंद वर्मा ने कांवड़ यात्रा के निर्धारित रूट, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की जानकारी देते हुए प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। इस बैठक में नागेश्वर धाम के महंत देवगिरी, बोल बम कांवड़िया संघ के अध्यक्ष नितिन गुप्ता, ग्राम प्रधान वीरेंद्र कुमार मौर्य और अनवर खान सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- अखिल भारतीय अकुशल कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (KKC) के प्रदेश कोऑर्डिनेटर मिस्बाहुल हक ने कहा है कि लोकतंत्र में किसी भी मंत्री की जवाबदेही केवल पद पर बने रहने से नहीं, बल्कि जनता का विश्वास बनाए रखने से तय होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य पर उठ रहे गंभीर सवालों और व्यापक जनाक्रोश को देखते हुए धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए शिक्षा मंत्री पद से आन्दोलन से पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था। मिस्बाहुल हक ने इस बात पर बल दिया कि इस आंदोलन में शामिल बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की थी जो आर्थिक रूप से कमजोर और असंगठित कामगार परिवारों से आते हैं। जिन परिवारों के पास स्थायी रोजगार या आय की गारंटी नहीं है, उनके लिए प्रतियोगी परीक्षाएं ही सामाजिक और आर्थिक बदलाव की सबसे बड़ी उम्मीद होती हैं, इसलिए परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल सीधे उनके भविष्य को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में सवाल उठाकर और सड़क पर युवाओं के संघर्ष का समर्थन कर इस मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाया है। उन्होंने आगे कहा कि अब केवल किसी व्यक्ति के पद छोड़ने से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थागत सुधार सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि देश के युवाओं का खोया हुआ विश्वास पूरी तरह बहाल हो सके।1
- प्रहलाद जोशी ने देश के नए शिक्षा मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है और इसके साथ ही उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है।1