भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने सोमवार को रामपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट परिसर पार्क में अपनी मासिक पंचायत आयोजित की। इस दौरान, किसानों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया, जहाँ उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। किसानों की प्रमुख मांगों में गोवंशीय पशुओं का संरक्षण, बिना शर्त यूरिया खाद की उपलब्धता, आवारा पशुओं को गौशाला भेजना, स्वामीनाथन आयोग का तत्काल गठन, किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करना और ₹10,000 प्रति माह किसान पेंशन देना शामिल था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्राइवेट स्कूल मालिकों की मनमानी पर रोक लगाने, कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों पर 80% सब्सिडी देने और सामान्य योजना के तहत नलकूप कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने किया, और जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी सहित कई अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी इसमें शामिल रहे। वरिष्ठ प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में बिजली की स्थिति अत्यंत दयनीय है; ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे के बजाय केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे किसानों के साथ 'सौतेला व्यवहार' हो रहा है। उन्होंने बिजली विभाग पर लगातार 'डिरिप' (बिजली कटौती) लगाने का आरोप लगाया। वारसी ने देश में हर 2 मिनट में एक किसान की आत्महत्या करने की दर्दनाक स्थिति पर चिंता व्यक्त की और बढ़ती महंगाई के बावजूद फसलों के दामों में कोई वृद्धि न होने पर रोष जताया। किसानों ने गौवंश पशुओं को राष्ट्र पशु घोषित करने और पूर्व की भांति डीएपी व यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने सरकार के '7 कट एक हेक्टेयर में एक साल' के आदेश को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की बात कही, क्योंकि उनके अनुसार एक हेक्टेयर में लगभग 20 घंटे गेहूं और धान में खाद की आवश्यकता होती है। किसानों ने यह भी बताया कि आवारा पशुओं के कारण उनकी खड़ी फसलें लगातार खराब और नष्ट हो रही हैं, और इन पशुओं को पकड़वाकर गौशाला भेजे जाने की मांग की। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सी2 सिफारिशें लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक उद्योगपति को अपनी सुई का दाम तय करने का अधिकार है, उसी प्रकार देश का पेट भरने वाले किसान को भी अपनी फसल का उचित दाम तय करने का अधिकार मिलना चाहिए। किसानों ने सरकारों की 'गलत नीतियों' के कारण हुए कर्ज को पूर्णतः माफ करने की मांग करते हुए सवाल किया कि यदि पूंजीपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है, तो किसानों का क्यों नहीं। उन्होंने खेती में बढ़ती लागत और घाटे के कारण किसानों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया। निजी स्कूल मालिकों पर गरीब किसानों और मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाया गया, जहाँ मनमानी फीस वसूली जा रही है और अपनी निजी दुकानों से कॉपी-किताबें, ड्रेस, जूते व स्कूल बैग पर 7% कमीशन वसूला जा रहा है, जिसका सारा बोझ किसानों पर पड़ता है। अंत में, किसानों ने कृषि मशीनरी पर जीएसटी हटाने और 80% सब्सिडी देने के साथ-साथ लघु व सीमांत किसानों के लिए सामान्य योजना में बिजली नलकूप कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी मांग की।
भारतीय किसान यूनियन अंबावता ने सोमवार को रामपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट परिसर पार्क में अपनी मासिक पंचायत आयोजित की। इस दौरान, किसानों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया, जहाँ उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। किसानों की प्रमुख मांगों में गोवंशीय पशुओं का संरक्षण, बिना शर्त यूरिया खाद की उपलब्धता, आवारा पशुओं को गौशाला भेजना, स्वामीनाथन आयोग का तत्काल गठन, किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करना और ₹10,000 प्रति माह किसान पेंशन देना शामिल था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्राइवेट स्कूल मालिकों की मनमानी पर रोक लगाने, कृषि कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों पर 80% सब्सिडी देने और सामान्य योजना के तहत नलकूप कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने किया, और जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी सहित कई अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी इसमें शामिल रहे। वरिष्ठ प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र में बिजली की स्थिति अत्यंत दयनीय है; ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे के बजाय केवल 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, जिससे किसानों के साथ 'सौतेला व्यवहार' हो रहा है। उन्होंने बिजली विभाग पर लगातार 'डिरिप' (बिजली कटौती) लगाने का आरोप लगाया। वारसी ने देश में हर 2 मिनट में एक किसान की आत्महत्या करने की दर्दनाक स्थिति पर चिंता व्यक्त की और बढ़ती महंगाई के बावजूद फसलों के दामों में कोई वृद्धि न होने पर रोष जताया। किसानों ने गौवंश पशुओं को राष्ट्र पशु घोषित
करने और पूर्व की भांति डीएपी व यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने सरकार के '7 कट एक हेक्टेयर में एक साल' के आदेश को किसान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की बात कही, क्योंकि उनके अनुसार एक हेक्टेयर में लगभग 20 घंटे गेहूं और धान में खाद की आवश्यकता होती है। किसानों ने यह भी बताया कि आवारा पशुओं के कारण उनकी खड़ी फसलें लगातार खराब और नष्ट हो रही हैं, और इन पशुओं को पकड़वाकर गौशाला भेजे जाने की मांग की। उन्होंने स्वामीनाथन आयोग की सी2 सिफारिशें लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार एक उद्योगपति को अपनी सुई का दाम तय करने का अधिकार है, उसी प्रकार देश का पेट भरने वाले किसान को भी अपनी फसल का उचित दाम तय करने का अधिकार मिलना चाहिए। किसानों ने सरकारों की 'गलत नीतियों' के कारण हुए कर्ज को पूर्णतः माफ करने की मांग करते हुए सवाल किया कि यदि पूंजीपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है, तो किसानों का क्यों नहीं। उन्होंने खेती में बढ़ती लागत और घाटे के कारण किसानों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया। निजी स्कूल मालिकों पर गरीब किसानों और मजदूरों का शोषण करने का आरोप लगाया गया, जहाँ मनमानी फीस वसूली जा रही है और अपनी निजी दुकानों से कॉपी-किताबें, ड्रेस, जूते व स्कूल बैग पर 7% कमीशन वसूला जा रहा है, जिसका सारा बोझ किसानों पर पड़ता है। अंत में, किसानों ने कृषि मशीनरी पर जीएसटी हटाने और 80% सब्सिडी देने के साथ-साथ लघु व सीमांत किसानों के लिए सामान्य योजना में बिजली नलकूप कनेक्शन उपलब्ध कराने की भी मांग की।
- जनपद बरेली में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई कर्तव्यों में लापरवाही, सोशल मीडिया पॉलिसी के उल्लंघन और उन पर लगे गंभीर आरोपों के मामलों में की गई है। इस संबंध में बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अनुराग आर्य ने जानकारी दी।1
- बरेली के फरीदपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस की गहन जांच में यह बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस भाई ने अपने भाई की हत्या की थी, उसी ने खुद पुलिस थाने में इस हत्या की एफआईआर भी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा दिया है और आरोपी भाई को एक अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार कर लिया है।1
- एक डिलीवरी ड्राइवर का रिएक्शन इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो रहे हैं। वायरल क्लिप में दिखाया गया है कि एक डिलीवरी ड्राइवर पर्यटकों के एक ग्रुप को छुट्टियों वाले शानदार कपड़ों में देखकर पूरी तरह से हैरान और चुप रह जाता है। उसके चेहरे के हाव-भाव इतने मज़ेदार थे कि उसने तुरंत सबका ध्यान खींच लिया; देखने वाले मज़ाक में कह रहे हैं कि "वह एक पल के लिए सब कुछ भूल गया था"। सोशल मीडिया पर अब इस मज़ेदार पल को मीम्स में बदला जा रहा है, और इसे इस हफ़्ते कैमरे में कैद हुए सबसे अप्रत्याशित रिएक्शन में से एक बताया जा रहा है।1
- मुरादाबाद में इस वक्त आसमान से भीषण आग बरस रही है, जिससे प्रचंड गर्मी और तपिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस चिलचिलाती धूप और अत्यधिक तापमान के कारण लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसी विकट स्थिति में, सड़कों पर निकलने वाले राहगीरों, मेहनतकश मजदूरों और मुसाफिरों की प्यास बुझाने के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाएं अब सक्रिय रूप से आगे आ रही हैं, और उन्हें राहत प्रदान कर रही हैं।1
- प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को मुरादाबाद जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए, चिकित्सीय संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, और साफ-सफाई तथा उपचार व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। साथ ही, उन्होंने कबाड़ हो चुकी एंबुलेंसों को हटाने और पानी-कूलर की व्यवस्था को दुरुस्त करने के आदेश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।1
- हमारी सरकार भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करते हुए पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। इस नीति के तहत, भ्रष्टाचार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है, जिससे जनहित और सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।1
- मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वियों की एक सड़क दुर्घटना में हुई दुखद मौत से नाराज़ होकर बिलासपुर के स्थानीय जैन समाज ने विरोध प्रदर्शन किया है। समाज ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने, दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। दिगंबर जैन समाज और भारतीय जैन मिलन से जुड़ी दो सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने सोमवार दोपहर स्थानीय तहसील पहुंचकर उप जिलाधिकारी अरुण कुमार से मुलाकात की और दो ज्ञापन सौंपे। उन्होंने बताया कि रीवा, मध्यप्रदेश में जैन साध्वियों के विहार के समय सुरक्षा में चूक के कारण यह हृदयविदारक दुर्घटना हुई, जिसमें दो जैन आर्यिका श्रुतमति माताजी और उपशममती माताजी की सड़क दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु हो गई। इस भीषण घटना से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक और भारी आक्रोश है। उन्होंने यह भी बताया कि एक तेज रफ्तार कार ने साध्वियों को टक्कर मारी और आरोपी चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया। जैन समाज ने ज़ोर दिया कि जैन साधु पूर्णतः अपरिग्रही होते हैं और आजीवन पैदल ही पद विहार करते हैं। उनकी मुख्य मांग है कि मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए पूरे देश में पद विहार कर रहे जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा का प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कड़े निर्देश जारी किए जाएं, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके साथ ही, इस दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा मिले। इस अवसर पर संदेश कुमार जैन, हिमांशु जैन, विनोद जैन, नरेश कुमार जैन, प्रिया जैन, शालिनी जैन, संदीप कुमार जैन, पवन जैन, रोहन जैन, शशांक जैन, धर्मपाल जैन, दिव्यांश जैन, दिनेश जैन, सीमा जैन सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।2
- राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट रजिस्टर भारत के पदाधिकारियों ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर टनकपुर शारदा गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया और राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल सहित कई श्रद्धालुओं ने माँ गंगा के पवित्र जल में स्नान किया, जिससे उन्होंने अपने जीवन को कृतार्थ बताया। राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया ने इस अवसर पर सनातन धर्म की आस्था, धार्मिक ग्रंथों और पौराणिक मान्यताओं का जिक्र करते हुए बताया कि शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को ही माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। ऐसी मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करने से मनुष्य के दस प्रकार के पापों का नाश होता है और शारीरिक व मानसिक पीड़ा शांत होती है। उन्होंने सभी देशवासियों को गंगा दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए माँ गंगा से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल ने भी मोक्षदायिनी माँ गंगा के अवतरण दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं अर्पित कीं। गंगा दशहरा पर शीतल जल, मीठा शरबत, अन्न, वस्त्र, फल, सत्तू, मटका, गंगा फल, अक्षक और पंचामृत जैसे दस महत्वपूर्ण दान करने का विशेष महत्व बताया गया। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए घोर तपस्या की थी, जिसके परिणामस्वरूप माँ गंगा पृथ्वी पर आईं। यह पवित्र दिन हमें अटूट आस्था, दृढ़ संकल्प और माँ गंगा के प्रति सम्मान की प्रेरणा देता है। कहा गया कि इस दिन व्रत रखने और गंगा माता की उपासना करने से शारीरिक और मानसिक विकार दूर होते हैं तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक पारिवारिक विवाद अब गंभीर रूप ले रहा है, जहाँ एक सगे भाई ने अपनी बहन को गला काटने की धमकी दी है। इस गंभीर धमकी के बाद, शिकायत सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) तक पहुँच गई है। बताया जा रहा है कि यह विवाद माता-पिता की मृत्यु के बाद तब गहराया जब एक भाई ने परिवार की पुश्तैनी दवा की दुकान पर कब्ज़ा कर लिया। इस स्थिति के कारण परिवार के अन्य सदस्य काफी परेशान हैं।1