UPPCS में 105वीं रैंक हासिल कर उदित प्रजापति बने नायब तहसीलदार, गांव में हुआ जोरदार सम्मान बिना कोचिंग स्वाध्याय से पाई सफलता, प्रजापति समाज में खुशी की लहर — युवाओं को दिया मेहनत और आत्मविश्वास का मंत्र धामपुर। दक्ष प्रजापति कुम्हार महासभा धामपुर द्वारा Uttar Pradesh Public Service Commission (UPPCS) परीक्षा में 105वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित उदित कुमार प्रजापति को उनके गांव ठाटजट पहुंचकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने फूल-मालाएं पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभा के संस्थापक एडवोकेट आर.के. आर्य ने कहा कि उदित की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जनपद और प्रजापति समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि हासिल कर उदित ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत के आगे परिस्थितियां मायने नहीं रखतीं। उदित कुमार प्रजापति ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और स्वाध्याय को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया, बल्कि उत्तर लेखन अभ्यास, दोस्तों के साथ चर्चा और मॉक इंटरव्यू के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत किया। इंटरव्यू अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उनका इंटरव्यू एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज के बोर्ड के सामने हुआ, जहां प्रारंभिक घबराहट के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास के साथ सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करना और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। साथ ही युवाओं को संदेश दिया कि सफलता के लिए दृढ़ निश्चय, सही दिशा और लगातार मेहनत जरूरी है। इस दौरान मास्टर तेजपाल सिंह, प्रेमवती देवी, अनिल कुमार, गजेंद्र सिंह, मीनाक्षी मेहरा, आदित्य कुमार, विभूति राणा, आयुषी राणा, बृजमोहन प्रजापति, क्षेत्रपाल सिंह प्रजापति, पंकज कुमार दक्ष, डॉ. अशोक कुमार प्रजापति, नीरज प्रजापति, राजकुमार प्रजापति सहित अनेक लोग मौजूद रहे। 👉 उदित प्रजापति की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और युवाओं में नई प्रेरणा देखने को मिल रही है। धामपुर - रिपोर्ट पंकज कुमार दक्ष
UPPCS में 105वीं रैंक हासिल कर उदित प्रजापति बने नायब तहसीलदार, गांव में हुआ जोरदार सम्मान बिना कोचिंग स्वाध्याय से पाई सफलता, प्रजापति समाज में खुशी की लहर — युवाओं को दिया मेहनत और आत्मविश्वास का मंत्र धामपुर। दक्ष प्रजापति कुम्हार महासभा धामपुर द्वारा Uttar Pradesh Public Service Commission (UPPCS) परीक्षा में 105वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित उदित कुमार प्रजापति को उनके गांव ठाटजट पहुंचकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने फूल-मालाएं पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभा के संस्थापक एडवोकेट आर.के. आर्य ने कहा कि उदित की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जनपद और प्रजापति समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि हासिल कर उदित ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत के आगे परिस्थितियां मायने नहीं रखतीं। उदित कुमार प्रजापति ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और स्वाध्याय को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का
सहारा नहीं लिया, बल्कि उत्तर लेखन अभ्यास, दोस्तों के साथ चर्चा और मॉक इंटरव्यू के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत किया। इंटरव्यू अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उनका इंटरव्यू एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज के बोर्ड के सामने हुआ, जहां प्रारंभिक घबराहट के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास के साथ सभी प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशासन की सीधी पहुंच सुनिश्चित करना और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। साथ ही युवाओं को संदेश दिया कि सफलता के लिए दृढ़ निश्चय, सही दिशा और लगातार मेहनत जरूरी है। इस दौरान मास्टर तेजपाल सिंह, प्रेमवती देवी, अनिल कुमार, गजेंद्र सिंह, मीनाक्षी मेहरा, आदित्य कुमार, विभूति राणा, आयुषी राणा, बृजमोहन प्रजापति, क्षेत्रपाल सिंह प्रजापति, पंकज कुमार दक्ष, डॉ. अशोक कुमार प्रजापति, नीरज प्रजापति, राजकुमार प्रजापति सहित अनेक लोग मौजूद रहे। 👉 उदित प्रजापति की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और युवाओं में नई प्रेरणा देखने को मिल रही है। धामपुर - रिपोर्ट पंकज कुमार दक्ष
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- आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान लोगो ने एकत्र होकर नगरपालिका अध्यक्ष अधिशासी अधिकारी से आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग मुरादाबाद के भोजपुर नगरपंचायत में कुत्तों के आतंक से नगरवासी परेशान है अब तक बच्चों के साथ साथ बुजुर्गों को कुत्ते से काटने की कई घटनाएं घटित हो चुकी हैं पैदल रास्ते पर चलना भी खतरे से खाली नहीं है नगरपंचायत भी इन कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने में हाथ खड़े करते दिखाई दे रहे हैं सबसे ज्यादा समस्या स्कूल जाने वाले बच्चों की है पैदल रास्ते पर कुत्तों के झुंड देखकर बच्चे अकेले जाने से भी कतराने लगे हैं कुत्तों के आतंक के पीछे नगर पंचायत की उदासीनता भी काफी हद तक जिम्मेदार है नगरवासियों ने आज एकत्र होकर नगर पालिका अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी से आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की नगर वासियों का कहना है कि मोहल्ला फतेहपुरी, मोहल्ला नवावपुर, मोहल्ला जमीदारान में दिन ओर रात आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है कुत्तो के डर से मंदिर मस्जिद ओर स्कूल जाने वाले बच्चे डरे ओर सहमे रहते हैं पहले भी कई लोगो पर हमला कर चुके हैं नगर वासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी नगर पंचायत अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं आवारा कुत्तों ने बच्चों और बड़ो का घर से बाहर निकलना मुश्किल कर रखा है लोगों ने कहा है कि जल्दी ही इन आवारा कुत्तों से नगर पंचायत अधिशासी अधिकारी ने निजात नहीं दिलाई तो नगर वासी सभासदों के साथ एकत्र होकर नगर पंचायत का घेराव करेंगे l4
- Post by Rajat Raj1
- कांठ में धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती आज पूरे देश में संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। बेहद कठिन परिस्थितियों में जन्म लेने के बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से दुनिया को दिखाया कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है डॉ अंबेडकर की उपलब्धियां: डॉ अंबेडकर ने 32 से अधिक डिग्रियां हासिल कीं और कोलंबिया यूनिवर्सिटी (अमेरिका) व लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की भारतीय संविधान के निर्माण में उनका अतुलनीय योगदान है। संविधान तैयार करने में लगे 2 साल 11 महीने और 18 दिन के समय में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई, जिसके कारण उन्हें 'संविधान का जनक' कहा जाता है कांठ इसी कड़ी में नगर पंचायत कांठ में भी बाबा साहब की जयंती के अवसर पर एक विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। हजारों की संख्या में अनुयायियों ने 'जय भीम' के नारों के साथ पूरे नगर को गुंजायमान कर दिया इस दौरान एक भव्य सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें क्षेत्र के कई गणमान्य लोग जैसे जुल्फिकार अहमद, अभिनय चौधरी, तबरेज आलम सिद्दीकी और भावी प्रत्याशी राजपाल प्रजापति मौजूद रहे सुरक्षा व्यवस्था: कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए थाना इंस्पेक्टर सुदेश पाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे विशेष साक्षात्कार राजपाल प्रजापति, भावी प्रत्याशी) सभा के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राजपाल प्रजापति ने बाबा साहब के तीन मुख्य सिद्धांतों पर जोर दिया: शिक्षित बनो संगठित बनो संघर्ष करो उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि हमें इन सिद्धांतों पर चलना चाहिए और शराब व जुए जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपने समाज को आगे बढ़ाना चाहिए1
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- *गेहूं की मशीन की चपेट में आने की युवक की दर्दनाक मौत* *चाचा के गेहूं निकालने गया था राजीव मशीन की सफ़ाई के दौरान हादसा* *राजीव की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल ,गांव में पसरा मातम* मूंढापांडे। क्षेत्र के गांव में मंगलवार की रात गेहूं निकालने की (थ्रैशर) मशीन की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई। युवक की मौत होने के गांव में मातम पसरा गया। सूचना पाकर पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई थी। वहीं स्वजनों ने पुलिस कार्यवाही से इंकार कर दिया। मूंढापांडे के गांव चतरपुर नक्टा खेड़ा निवासी राजीव पुत्र मित्रपाल (30) बर्ष अपने मौसा अमर सिंह के टैक्टर पर गेहूं की निकासी पर मजदूरी करता था। मंगवार की रात मृतक राजीव अपने चाचा के गेहूं निकलवाने के गया था। प्रत्यक्षदर्शी के रामबाबू के मुताबिक गेहूं निकलने के बाद टैक्टर को बंद कर दिया था। मशीन के अधिक चक्कर होने के कारण मशीन चलती रही। इस दौरान राजीव (कटर) मशीन की सफ़ाई करने के लिए उसके ऊपर चढ़ गया और मशीन का ढक्कन खोल दिया। राजीव की शर्ट चलती मशीन की चपेट में आ गई। जिससे मशीन ने राजीव को अंदर खींच लिया। जिसमें राजीव की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक राजीव के परिवार में पत्नी कुशम ,बड़ी बेटी आराध्य और एक छोटा बेटा जतिन है। राजीव मेहनत मजदूरी कर परिवार का लालन-पालन करता था। गेहूं की फसल में मृतक राजीव खाने के लिए गेहूं इकठ्ठा करने के लिए (थ्रेसर) कटर मशीन पर किसानों के गेहूं निकलवाने का काम करता था। राजीव के मौत से स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मूंढापांडे थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने चौकी बताया परिजनों की ओर से कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। दूसरी ओर स्वजनों ने भी पुलिस कार्यवाही से इंकार किया है। राजीव को देखने के लिए गांव की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं गांव में राजीव की मौत से मातम पसरा गया। *अधूरी रह गई बाबा साहब के जन्मोत्सव के धूमधाम की तैयारियां* गांव में 14 अप्रैल को भारत रत्न समाज सुधारक बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाने की तैयारी लगभग मुकम्मल हो चुकी थी। गांव में हर्षौल्लास का माहौल था। लेकिन ,राजीव की अचानक दर्दनाक मौत ने स्वजनों को ही नहीं गांव के लोगों को भी गहरी पीड़ा दी है। राजीव की मौत से बाबा साहब की जन्मोत्सव के धूमधाम की तैयारी अधूरी की अधूरी रह गई और गांव में ग़म का माहौल बना हुआ है। मृतक राजीव के घर पहुंच गांव के लोग स्वजनों का ढांढस बंधा रहे है।3