कांटा लगाने का विरोध करने पर महिला से मारपीट,थाना पुलिस पर आवेदन नही लेने का आर *भक्ति, संस्कार और मर्यादा का संगम बना पांडेयटोला का महायज्ञ, राम विवाह प्रसंग में उमड़ा आस्था का जनसैलाब* चांदन (बांका)चांदन प्रखंड के पांडेयटोला गांव स्थित भयहरणनाथ मंदिर परिसर इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। दस दिवसीय रामचरितमानस नवाह पारायण महायज्ञ में प्रतिदिन उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण बन रही है कि गांवों में आज भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की जड़ें बेहद मजबूत हैं। शनिवार की रात आयोजित राम विवाह, सीता स्वयंवर एवं वरमाला प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।अयोध्या से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक पंडित रंजीत शास्त्री ने भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का ऐसा जीवंत एवं मार्मिक वर्णन किया कि पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग एवं माता सीता द्वारा वरमाला पहनाने का प्रसंग आया, पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।श्रद्धालुओं ने खड़े होकर फूलों की वर्षा की और भगवान के विवाह उत्सव में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। कथावाचक ने अपने उपदेश में कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का आदर्श संविधान है। भगवान श्रीराम का चरित्र हमें मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज जिस नैतिक संकट से गुजर रहा है, उसमें रामायण के आदर्श लोगों को नई दिशा देने का कार्य कर सकते हैं।महायज्ञ के दौरान मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक राम दरबार, देवी-देवताओं की झांकियां एवं धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी आयोजन को और भी भव्य बना रही है। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। महायज्ञ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बन रहा है।आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि रविवार को माता जानकी विदाई प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा, जबकि प्रवचन का अंतिम दिन भी रविवार को ही है। सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ का समापन होगा।प्रतिदिन संध्या 7 बजे से कथा, भजन-कीर्तन एवं प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष देवानंद पांडेय, सचिव राजेश पांडेय, कोषाध्यक्ष मुकेश पांडेय, रूपेश पांडेय, चंद्र मोहन पांडेय, सुरेश पांडेय, बिरेंद्र पांडेय, जयकांत पांडेय, कृष्णानंद पांडेय, राजीव पांडेय, ओमप्रकाश बरनवाल, प्रिंस प्रकाश बरनवाल सहित स्थानीय ग्रामीण एवं समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।महायज्ञ के यजमान पवन पांडेय सपत्नीक हैं। आयोजन में अनिल पांडेय, मिलन पांडेय, अमित पांडेय, ज्योतिष पांडेय, अजीत पांडेय, गुड्डू पांडेय, रंजन, राजीव पांडेय एवं बचन पांडेय सहित कई श्रद्धालु सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट उमाकांत पोद्दार
कांटा लगाने का विरोध करने पर महिला से मारपीट,थाना पुलिस पर आवेदन नही लेने का आर *भक्ति, संस्कार और मर्यादा का संगम बना पांडेयटोला का महायज्ञ, राम विवाह प्रसंग में उमड़ा आस्था का जनसैलाब* चांदन (बांका)चांदन प्रखंड के पांडेयटोला गांव स्थित भयहरणनाथ मंदिर परिसर इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। दस दिवसीय रामचरितमानस नवाह पारायण महायज्ञ में प्रतिदिन उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ इस बात का प्रमाण बन रही है कि गांवों में आज भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की जड़ें बेहद मजबूत हैं। शनिवार की रात आयोजित राम विवाह, सीता स्वयंवर एवं वरमाला प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।अयोध्या से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक पंडित रंजीत शास्त्री ने भगवान श्रीराम और माता सीता के दिव्य विवाह प्रसंग का ऐसा जीवंत एवं मार्मिक वर्णन किया कि पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग एवं माता सीता द्वारा वरमाला पहनाने का प्रसंग आया, पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।श्रद्धालुओं ने खड़े होकर फूलों की वर्षा की और भगवान के विवाह उत्सव में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। कथावाचक ने अपने उपदेश में कहा कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का आदर्श संविधान है। भगवान श्रीराम का चरित्र हमें मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज जिस नैतिक संकट से गुजर रहा है, उसमें रामायण के आदर्श लोगों को नई दिशा देने का कार्य कर सकते हैं।महायज्ञ के दौरान मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक राम दरबार, देवी-देवताओं की झांकियां एवं धार्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भागीदारी आयोजन को और भी भव्य बना रही है। दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हैं। महायज्ञ केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बन रहा है।आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि रविवार को माता जानकी विदाई प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा, जबकि प्रवचन का अंतिम दिन भी रविवार को ही है। सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ का समापन होगा।प्रतिदिन संध्या 7 बजे से कथा, भजन-कीर्तन एवं प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष देवानंद पांडेय, सचिव राजेश पांडेय, कोषाध्यक्ष मुकेश पांडेय, रूपेश पांडेय, चंद्र मोहन पांडेय, सुरेश पांडेय, बिरेंद्र पांडेय, जयकांत पांडेय, कृष्णानंद पांडेय, राजीव पांडेय, ओमप्रकाश बरनवाल, प्रिंस प्रकाश बरनवाल सहित स्थानीय ग्रामीण एवं समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।महायज्ञ के यजमान पवन पांडेय सपत्नीक हैं। आयोजन में अनिल पांडेय, मिलन पांडेय, अमित पांडेय, ज्योतिष पांडेय, अजीत पांडेय, गुड्डू पांडेय, रंजन, राजीव पांडेय एवं बचन पांडेय सहित कई श्रद्धालु सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट उमाकांत पोद्दार
- 🚨 “अब बिहार के युवाओं को नौकरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा!” — बांका पहुंचते ही मंत्री श्रेयशी सिंह का बड़ा ऐलान 🔥 बांका :बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह का बांका, ढाकामोड़, बाराहाट और भेड़ामोड़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। मंत्री बनने के बाद पहली बार बांका पहुंचीं श्रेयशी सिंह को कार्यकर्ताओं ने बुके भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। 🇮🇳 इस दौरान मंत्री ने शहीद सतीश चंद्र झा एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। 🏭 मीडिया से बातचीत में मंत्री श्रेयशी सिंह ने कहा कि बिहार में जल्द बड़े उद्योग लगाए जाएंगे और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। एनडीए सरकार रोजगार और विकास को लेकर पूरी तरह संकल्पित है। 📍 बांका सर्किट हाउस में संगठनात्मक बैठक के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। 👉 पूरी खबर देखने के लिए जुड़े रहें 📲 बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल1
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- जठोर से इंग्लिश मोड़ जाने वाली बांका की मुख्य सड़क की हालत बेहद खराब है। चंदन नदी के किनारे बनी इस खस्ताहाल सड़क पर गड्ढों के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को जान का खतरा बना हुआ है।1
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- बांका के परिणाम इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति पर 'आतंकवादी' होने का चौंकाने वाला दावा सामने आया है। दावा करने वाले का कहना है कि उस व्यक्ति के पास खाने-पीने का कोई साधन नहीं है।1
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