कटनी विकासखंड के ग्राम सिहुड़ी में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई। 11 केवी विद्युत लाइन के खंभे में करंट उतर आने से उसकी चपेट में एक गाय आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के चलते विद्युत खंभे में करंट प्रवाहित हो रहा था और खंभे से धुआं भी निकल रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही गाय करंट की चपेट में आ गई और तड़पकर उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने गनीमत मानी कि उस समय घटनास्थल पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। उनका मानना है कि गाय ने अपनी जान गंवाकर कई लोगों की जिंदगी बचा ली। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत विभाग के कर्मचारियों को अवगत कराकर बिजली सप्लाई बंद करवाई। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जर्जर विद्युत पोल और लाइनों की समय पर मरम्मत नहीं होने से आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने विद्युत विभाग से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की जांच कर दोषपूर्ण खंभों और लाइनों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
कटनी विकासखंड के ग्राम सिहुड़ी में गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई। 11 केवी विद्युत लाइन के खंभे में करंट उतर आने से उसकी चपेट में एक गाय आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के चलते विद्युत खंभे में करंट प्रवाहित हो रहा था और खंभे से धुआं भी निकल रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रही गाय करंट की चपेट में आ गई और तड़पकर उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने गनीमत मानी कि उस समय घटनास्थल पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। उनका मानना है कि गाय ने अपनी जान गंवाकर कई लोगों की जिंदगी बचा ली। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत विभाग के कर्मचारियों को अवगत कराकर बिजली सप्लाई बंद करवाई। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जर्जर विद्युत पोल और लाइनों की समय पर मरम्मत नहीं होने से आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। उन्होंने विद्युत विभाग से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की जांच कर दोषपूर्ण खंभों और लाइनों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
- कटनी GRP ने रेल यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बने एक राज्य स्तरीय चोर गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 'निगरानी बदमाशों' के इस गिरोह से 10 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर बरामद किए हैं।1
- गुरुवार को कटनी शहर और आसपास के इलाकों में हुई तेज बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सुबह से छाए बादलों के बीच हुई इस वर्षा के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। हालांकि, कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखी गई, जिसके कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। किसानों ने इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। मौसम विभाग ने आगे भी जिले में वर्षा की संभावना जताई है और लोगों को खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।2
- पवित्र अमरनाथ यात्रा आज से विधिवत रूप से शुरू हो गई है, जहाँ जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से अमरनाथ तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर आधिकारिक तौर पर रवाना किया। 'बम-बम भोले' के जयघोष के बीच श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए कश्मीर घाटी की ओर रवाना हुए। इस वर्ष की यात्रा के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिसमें स्वास्थ्य सुविधाएं और वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, पूरे यात्रा मार्ग पर आरएफआईडी (RFID) ट्रैकिंग और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।1
- जबेरा विधानसभा क्षेत्र के गरीब मजदूर किसानों ने 'आदर्नियो' से उनकी बात सुनने और उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की है।1
- दमोह जिले के पथरिया स्थित नंदरई गांव में गुरुवार को आषाढ़ माह की शुरुआत में हुई तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में बिजली की घबराहट के कारण एक 2 वर्षीय मासूम नातिन की मौत हो गई, जबकि उसकी 58 वर्षीय नानी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका इलाज जिला अस्पताल दमोह में चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मासूम बच्ची का नाम देवांशी था, जो राजेश गौंड आदिवासी की बेटी थी। उसकी नानी केशरानी पति नत्थू आदिवासी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। नंदरई निवासी गोलू आदिवासी ने बताया कि जब यह घटना हुई, उस समय वह, उनकी 16 वर्षीय बहन चंदा, 58 वर्षीय मां केशरानी और 2 वर्षीय भांजी देवांशी घर में मौजूद थे। दोपहर में अचानक आकाशीय बिजली गिरी, जिससे उत्पन्न घबराहट से देवांशी की मौत हो गई। केशरानी को तत्काल पथरिया अस्पताल ले जाया गया था, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर चक्रेश चौधरी द्वारा केशरानी का इलाज किया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुँचा। पटवारी हरिशंकर सोनी ने घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक जानकारी जुटाई और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस हादसे से अवगत कराया।1
- मध्यप्रदेश वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगायच बागेश्वर धाम पहुँचे और उन्होंने बागेश्वर बालाजी के दर्शन किए। इस दौरान, नगायच ने कहा कि गरीबों और किसानों के खाद्यान्न की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।1
- एक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान, एक सरपंच ने अपनी समस्याओं के समाधान और न्याय के लिए गुहार लगाई है।1
- यह संदेश दिया गया है कि जीवन में अच्छे कर्मों के अलावा व्यक्ति का कोई और साथी नहीं होता। इसी के साथ, सभी से हम सबके भगवान राम का आह्वान किया गया है।1
- दमोह जिले की जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा क्षेत्र में ब्यारमा नदी लगातार हो रही बारिश के कारण उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से शंकरघाट का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप तारादेही–झलौन मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। पुल पर पानी भर जाने के कारण दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। इस स्थिति से स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पुल पर पानी होने की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं तथा वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर कम होने के बाद ही मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सकेगा।1