सागर जिला मुख्यालय में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और छात्र हितैषी बनाने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि शासकीय लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में अधिकारियों की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। कलेक्टर ने जिले में शत-प्रतिशत स्कूल नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय या निजी विद्यालयों में पहली से बारहवीं तक का कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और बीआरसी की सीधी जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही, कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकों का पारदर्शी वितरण करने और उसकी जानकारी पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने के निर्देश दिए गए। कक्षा 6 तथा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप तथा अन्य योजनाओं की तैयारियां जुलाई माह में ही पूरी करने को कहा गया है। बीईओ को वेंडर की उपस्थिति में ही साइकिलों की असेंबली कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गुणवत्ता बनी रहे। इसके अलावा, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के विशेषज्ञ शिक्षकों को कहीं भी अन्यत्र अटैच न करने और अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने छात्रावासों में स्वीकृत क्षमता से कम छात्र संख्या होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की रिक्त सीटों पर तत्काल प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में पेयजल टंकियों की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई, स्वच्छ वातावरण और वृक्षारोपण अभियान चलाकर परिसर को हरित बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा में ओबीसी छात्रवृत्ति, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति और शौर्य संकल्प योजना की प्रगति जांची गई। युवाओं के स्वरोजगार से जुड़े बैंक और विभाग स्तर पर लंबित आवेदनों का तेजी से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पात्र युवाओं को शीघ्र वित्तीय सहायता मिल सके। वनाधिकार अधिनियम के तहत एसडीएम (SDO) स्तर पर लंबित सभी व्यक्तिगत वनाधिकार दावों का निराकरण जुलाई माह के अंत तक कर उन्हें जिला वनाधिकार समिति को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक वन अधिकार (CFRR) से जुड़े मामलों का भी शीघ्र निपटारा करने को कहा गया है। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक के वी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, जिला परियोजना समन्वयक गिरीश मिश्रा, ओबीसी विभाग की सहायक संचालक सपना चौरसिया और आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त अदिति शांडिल्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।
सागर जिला मुख्यालय में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और छात्र हितैषी बनाने के लिए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि शासकीय लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के भविष्य से जुड़े मामलों में अधिकारियों की सीधे जवाबदेही तय की जाएगी। कलेक्टर ने जिले में शत-प्रतिशत स्कूल नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय या निजी विद्यालयों में पहली से बारहवीं तक का कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए, अन्यथा संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और बीआरसी की सीधी जिम्मेदारी होगी। इसके साथ ही, कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकों का पारदर्शी वितरण करने और
उसकी जानकारी पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने के निर्देश दिए गए। कक्षा 6 तथा 9 से 12वीं तक के छात्रों के लिए साइकिल, स्कूटी, लैपटॉप तथा अन्य योजनाओं की तैयारियां जुलाई माह में ही पूरी करने को कहा गया है। बीईओ को वेंडर की उपस्थिति में ही साइकिलों की असेंबली कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गुणवत्ता बनी रहे। इसके अलावा, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के विशेषज्ञ शिक्षकों को कहीं भी अन्यत्र अटैच न करने और अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने छात्रावासों में स्वीकृत क्षमता से कम छात्र संख्या होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की रिक्त सीटों पर तत्काल प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में पेयजल टंकियों की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई, स्वच्छ वातावरण और वृक्षारोपण अभियान चलाकर परिसर को हरित बनाने के निर्देश
दिए गए। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा में ओबीसी छात्रवृत्ति, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति और शौर्य संकल्प योजना की प्रगति जांची गई। युवाओं के स्वरोजगार से जुड़े बैंक और विभाग स्तर पर लंबित आवेदनों का तेजी से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पात्र युवाओं को शीघ्र वित्तीय सहायता मिल सके। वनाधिकार अधिनियम के तहत एसडीएम (SDO) स्तर पर लंबित सभी व्यक्तिगत वनाधिकार दावों का निराकरण जुलाई माह के अंत तक कर उन्हें जिला वनाधिकार समिति को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक वन अधिकार (CFRR) से जुड़े मामलों का भी शीघ्र निपटारा करने को कहा गया है। इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक के वी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन, जिला परियोजना समन्वयक गिरीश मिश्रा, ओबीसी विभाग की सहायक संचालक सपना चौरसिया और आदिम जाति कल्याण विभाग की सहायक आयुक्त अदिति शांडिल्य सहित अन्य विभागीय अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक उपस्थित रहे।
- सागर जिले की थाना मोतीनगर पुलिस को हत्या के प्रयास के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता मिली है, जहां पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे 37 वर्षीय इनामी आरोपी रूपेश चौबे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। यह आरोपी वर्ष 2025 में तीजा पर्व के दौरान हुए एक जानलेवा हमले के मामले में वांछित चल रहा था। घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि पुराने पारिवारिक विवाद के चलते आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लोहे की रॉड, लाठी, तलवार और कट्टे से हमला किया था, जिसमें एक व्यक्ति पर गोली भी चलाई गई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि फरार आरोपियों पर इनाम घोषित था। आखिरकार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मोतीनगर पुलिस ने आरोपी रूपेश चौबे को धर दबोचा। सागर पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा और अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेजी से की जा रही है।1
- दतिया में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय हो गई है, लेकिन राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से समर्थकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बीजेपी से टिकट कटने के बाद पैदा हुए इस असंतोष के बीच, डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने नाराज समर्थकों के लिए एक संदेश जारी किया है। उपचुनाव में टिकट काटे जाने के बाद समर्थकों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा का यह संदेश सामने आया है।1
- नरसिंहपुर में खनिज विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से मुरम ले जाते हुए तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है।1
- नरसिंहपुर जिले में आज भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन की मजबूती और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा और मंथन किया गया। बैठक की जानकारी देते हुए नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष हेमराज विश्वकर्मा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों के हितों की रक्षा करना और उन्हें एक मंच पर एकजुट करना है। बैठक के दौरान जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे सभी पत्रकार साथियों को संगठित कर उन्हें सशक्त बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा, सहयोग और उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करने जैसे सभी महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर संवाद किया गया ताकि पत्रकारिता के क्षेत्र में और बेहतर कार्य किया जा सके।1
- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के कलेक्टर कार्यालय में ग्राम पंचायत गुरसी के ग्राम गोकला से आए दर्जनों ग्रामीणों ने वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी उनके साथ घोर अन्याय और भेदभाव कर रहे हैं। पीढ़ियों से खेती कर रहे बुजुर्ग ग्रामीणों के मन में अपनी जमीन छिन जाने का डर साफ दिखाई दे रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिष्य महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आशुतोष ब्रह्मचारी ग्रामीणों की लड़ाई लड़ने के लिए खुद सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गोकला गांव की गरीब जनता, जो कि भारतीय जनता पार्टी की निष्ठावान कार्यकर्ता है, उसे वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर सीधे तौर पर पैसे के खेल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जो पैसा दे देता है, उसकी जमीन छोड़ दी जाती है और जो पैसा नहीं दे पाता, उसकी जमीन निकाल दी जाती है। पीड़ित महिला शांति बाई, एक बुजुर्ग ग्रामीण और डॉ. आशुतोष ब्रह्मचारी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी वन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि सभी के साथ एक जैसा न्याय हो। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाता है।1
- नरसिंहपुर के उसरी में सीवर लाइन और गांव का गंदा पानी सीधे एक गड्ढे में छोड़ा जा रहा है। इस स्थिति के कारण यहां के क्षेत्रवासी बेहद परेशान हो रहे हैं।1
- नरसिंहपुर के गोटेगांव में किसानों के साथ 85 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी हिंदी सेटेलाइट न्यूज़ MKN NEWS चैनल पर देखी जा सकती है। इस मामले की रिपोर्टिंग नरसिंहपुर से जिला ब्यूरो चंद्रशेखर मालवीय द्वारा की गई है।1
- नरसिंहपुर के गोटेगांव में स्थित जैन ट्रेडिंग कंपनी से एक किसान ने सोयाबीन का बीज खरीदा था, जिसे खेतों में बोने के बाद उसकी फसल बर्बाद हो गई है।1