आलीराजपुर के जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से जुड़े निर्माण कार्यों, टेंडर और भुगतान से संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज खुले में पड़े मिलने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दस्तावेजों के सुरक्षित रिकॉर्ड रूम के बजाय खंडहर में पाए जाने से करोड़ों रुपये के सरकारी कार्यों में हेराफेरी, छेड़छाड़ या दस्तावेजों को नष्ट किए जाने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना के प्रकाश में आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, विशेषकर तब जब मीडिया के वहां पहुंचने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा इन रिकॉर्ड्स को जल्दबाजी में समेटने का प्रयास किया गया। मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल (रावत) ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक विस्तृत शिकायत प्रेषित की है। परिषद ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र SIT जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिषद की प्रमुख मांगों में सभी रिकॉर्ड का तत्काल फिजिकल वेरिफिकेशन, जांच तक दस्तावेजों को सुरक्षित करना, सहायक आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल है। प्रशासन पर दबाव बनाते हुए परिषद ने 15 तीखे सवाल खड़े किए हैं, जिसमें यह पूछा गया है कि रिकॉर्ड रूम होते हुए भी महत्वपूर्ण दस्तावेज बाहर कैसे पहुंचे और मीडिया के पहुंचते ही उन्हें हटाने की इतनी हड़बड़ी क्यों दिखाई गई। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में नष्ट किए गए रिकॉर्ड और अपनाई गई प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपियां जनजातीय कार्य मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, संभागायुक्त इंदौर, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
आलीराजपुर के जनजातीय कार्य विभाग कार्यालय से जुड़े निर्माण कार्यों, टेंडर और भुगतान से संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज खुले में पड़े मिलने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इन दस्तावेजों के सुरक्षित रिकॉर्ड रूम के बजाय खंडहर में पाए जाने से करोड़ों रुपये के सरकारी कार्यों में हेराफेरी, छेड़छाड़ या दस्तावेजों को नष्ट किए जाने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना के प्रकाश में आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, विशेषकर तब जब मीडिया के वहां पहुंचने पर संबंधित अधिकारियों द्वारा इन
रिकॉर्ड्स को जल्दबाजी में समेटने का प्रयास किया गया। मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल (रावत) ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक विस्तृत शिकायत प्रेषित की है। परिषद ने पूरे प्रकरण की स्वतंत्र SIT जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिषद की प्रमुख मांगों में सभी रिकॉर्ड का तत्काल फिजिकल वेरिफिकेशन, जांच तक दस्तावेजों को सुरक्षित करना, सहायक आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करना और पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल है। प्रशासन पर
दबाव बनाते हुए परिषद ने 15 तीखे सवाल खड़े किए हैं, जिसमें यह पूछा गया है कि रिकॉर्ड रूम होते हुए भी महत्वपूर्ण दस्तावेज बाहर कैसे पहुंचे और मीडिया के पहुंचते ही उन्हें हटाने की इतनी हड़बड़ी क्यों दिखाई गई। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में नष्ट किए गए रिकॉर्ड और अपनाई गई प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपियां जनजातीय कार्य मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, संभागायुक्त इंदौर, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
- मध्यप्रदेश के अलीराजपुर में आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियां काफी जोर-शोर से की जाएंगी।1
- अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में एक पिता ने अपने बच्चे को जीवन में समय के सही उपयोग का महत्व सिखाया है। उन्होंने सोशल मीडिया और मोबाइल फोन पर अनावश्यक रूप से समय बिताने के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए घातक बताया है। पिता ने अपने बच्चे को कड़ी मेहनत करने, पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने और जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने की सीख दी है। यह संदेश इस बात पर जोर देता है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही समय की कीमत समझानी चाहिए ताकि वे अपना उज्जवल भविष्य बना सकें। यह सीख अन्य अभिभावकों को भी अपने बच्चों को तकनीक के बजाय उत्पादक कार्यों में व्यस्त रखने के लिए प्रेरित कर रही है।1
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- बड़वानी जिले के जुलवानिया के युवा आयुर्वेद डॉक्टर जयपाल यादव और उनकी पत्नी ने मिलकर एक नए उपकरण की खोज की है। उनकी इस मेहनत और बड़ी खोज के लिए भारत सरकार द्वारा पेटेंट हेतु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। डॉक्टर यादव को मिली इस नई उपलब्धि से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है और सभी ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।1
- बड़वानी से 255 शिव भक्तों का एक जत्था पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो गया है।1
- नडियाद शहर में डोर-टू-डोर पार्किंग की जो स्थिति है, उसे देखने और समझने को कहा गया है। शहर में चल रही इस पार्किंग व्यवस्था की वास्तविक हालत को सबके सामने रखते हुए इसे खुद देखने की अपील की गई है।1
- Post by पत्रकार निलेश शर्मा गुरु1
- मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ डकैती और सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यह सनसनीखेज घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। करीब 6 हथियारबंद बदमाश विधवा महिला के घर का दरवाजा तोड़कर भीतर घुस गए और इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और उस पर 8 किलोग्राम चांदी छिपाने का आरोप लगाया। भय के कारण पीड़ित महिला ने अपने पास रखी करीब 1 किलोग्राम चांदी बदमाशों को सौंप दी, लेकिन आरोपी 8 किलोग्राम चांदी की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद आरोपियों ने पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया और चांदी की खोज में घर के भीतर कई स्थानों पर खुदाई भी की। मनचाही चांदी न मिलने पर आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जिससे पीड़िता के गुप्तांग सहित शरीर पर गंभीर शारीरिक चोटें आईं। वारदात के बाद महिला को बोरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में डकैती, सामूहिक दुष्कर्म तथा अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं और पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।1