रेस्टोरेंट से दोगुने दाम पर खाना? Zomato की प्राइसिंग पर फिर उठे सवाल ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato एक बार फिर महंगे दामों को लेकर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या Zomato, रेस्टोरेंट की तुलना में ग्राहकों से लगभग दोगुनी कीमत वसूल रहा है। महिला यूज़र @NalinisKitchen ने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें साझा कीं। पहली तस्वीर 9 जनवरी 2026 की बताई जा रही है, जिसमें रेस्टोरेंट का ऑरिजिनल टेकअवे बिल दिखता है। दूसरी तस्वीर में वही ऑर्डर Zomato ऐप पर दिखाई गई कीमतों के साथ नजर आता है। दोनों बिलों की तुलना में बड़ा अंतर सामने आया। रेस्टोरेंट के टेकअवे बिल के अनुसार: Chinese Bhel (Full) – ₹160 Veg Manchurian (Full) – ₹160 दोनों डिश की कुल कीमत ₹320 थी। यानी ग्राहक अगर खुद जाकर खाना लेता, तो उसे सिर्फ 320 रुपये चुकाने पड़ते। हालांकि, जब यही ऑर्डर Zomato ऐप पर देखा गया, तो: दोनों डिश की कीमतें लगभग दोगुनी दिखाई दीं कुल रकम ₹550 से ₹655 तक पहुंच गई यह कीमतें बिना किसी ऑफर के बताई गईं इस अंतर को लेकर सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। यूज़र्स ने Zomato की प्राइसिंग ट्रांसपेरेंसी और कमीशन पॉलिसी पर सवाल उठाए। मामले पर Zomato की ओर से सफाई दी गई कि, “हम केवल खाना डिलीवर करते हैं, रेट रेस्टोरेंट तय करते हैं।” हालांकि, जब यह पूछा गया कि Zomato हर ऑर्डर पर रेस्टोरेंट से कितना कमीशन लेता है, तो कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया। इस वायरल पोस्ट के बाद एक बार फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की कीमत तय करने की प्रक्रिया, कमीशन स्ट्रक्चर और ग्राहकों के लिए पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।
रेस्टोरेंट से दोगुने दाम पर खाना? Zomato की प्राइसिंग पर फिर उठे सवाल ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato एक बार फिर महंगे दामों को लेकर विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या Zomato, रेस्टोरेंट की तुलना में ग्राहकों से लगभग दोगुनी कीमत वसूल रहा है। महिला यूज़र @NalinisKitchen ने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें साझा कीं। पहली तस्वीर 9 जनवरी 2026 की बताई जा रही है, जिसमें रेस्टोरेंट का ऑरिजिनल टेकअवे बिल दिखता है। दूसरी तस्वीर में वही ऑर्डर Zomato ऐप पर दिखाई गई कीमतों के साथ नजर आता है। दोनों बिलों की तुलना में बड़ा अंतर सामने आया। रेस्टोरेंट के टेकअवे बिल के अनुसार: Chinese Bhel (Full) – ₹160 Veg Manchurian (Full) – ₹160 दोनों डिश की कुल कीमत ₹320 थी। यानी ग्राहक अगर खुद जाकर खाना लेता, तो उसे सिर्फ 320 रुपये चुकाने पड़ते। हालांकि, जब यही ऑर्डर Zomato ऐप पर देखा गया, तो: दोनों डिश की कीमतें लगभग दोगुनी दिखाई दीं कुल रकम ₹550 से ₹655 तक पहुंच गई यह कीमतें बिना किसी ऑफर के बताई गईं इस अंतर को लेकर सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। यूज़र्स ने Zomato की प्राइसिंग ट्रांसपेरेंसी और कमीशन पॉलिसी पर सवाल उठाए। मामले पर Zomato की ओर से सफाई दी गई कि, “हम केवल खाना डिलीवर करते हैं, रेट रेस्टोरेंट तय करते हैं।” हालांकि, जब यह पूछा गया कि Zomato हर ऑर्डर पर रेस्टोरेंट से कितना कमीशन लेता है, तो कंपनी की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया। इस वायरल पोस्ट के बाद एक बार फिर ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स की कीमत तय करने की प्रक्रिया, कमीशन स्ट्रक्चर और ग्राहकों के लिए पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है।
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- Dadar pul ka sochne ghatna hai pura gandgi se faila Diya Hai Dadar pul Muzaffarpur1
- ऑल इंडिया गरीब पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय भैया ने आज बेतिया के शहिद स्मारक (शहिद पार्क) में मोमबत्ती जलाकर बांग्लादेश में हो रहे मानवाधिकार के उलंघन पर शोक व्यक्त किया। 11.01.2026.1
- मालवा गिरने से बैरिया बीडीओ की पुरानी गाड़ी क्षतिग्रस्त, हुआ नुकसान बैरिया प्रखंड मुख्यालय परिसर में पुराने भवन को डाक प्रक्रिया के बाद तोड़ने का कार्य इन दिनों जारी है। इसी दौरान लापरवाही सामने आई, जब तोड़फोड़ के क्रम में गिरे मालवे की चपेट में आकर बैरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) की पुरानी सरकारी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे हजारों रुपये के नुकसान की बात कही जा रही है। रविवार के सुबह करीब 10:00 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस भवन में बीडीओ की पुरानी गाड़ी खड़ी थी, उस भवन की डाक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। बावजूद इसके आसपास के भवनों को तोड़े जाने के दौरान गिरे मलबे से यह दुर्घटना हो गई। गाड़ी पर अचानक मालवा गिरने से शीशे, बॉडी और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले की जानकारी बेतिया के जिलाधिकारी को दे दी गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है। इधर बैरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी कर्मजीत राम ने बताया कि वाहन क्षति की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई है और पूरे प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद प्रखंड परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कार्य की निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।1
- चीलों को चिकन खिलाना मजबूरी है — क्योंकि उन्हें डाइवर्ट नहीं किया गया तो फाइटर प्लेन से टकराव का खतरा है। लेकिन यही फॉर्मूला आम जनता पर भी लागू किया जा रहा है। कभी काग़ज़, कभी e-KYC, कभी पैसे के लालच — ताकि लोग असल मुद्दों पर बात ही न करें। सोचिए… डाइवर्ज़न किसका हो रहा है? चील का या जनता का? 🎥 वीडियो पूरा देखें ✍️ अपनी राय कमेंट में लिखें 🔁 सच लगे तो शेयर ज़रूर करें #चील_और_डाइवर्ज़न #26_जनवरी #FighterJet #eKYC #जनता_के_सवाल #सरकार_और_डाइवर्ज़न #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार #Ankesh_Thakur1
- दादर पुल बिहार मुजफ्फरपुर कहां से लोग आ जाते हैं पूरे गंदगी पानी में फैलने इन लोग को थोड़ा सा भी शर्म नहीं है जिस पर डाल जल प्रदूषण के कारण हम लोग को पानी पीने तक भी मुसीबत हो जाता है इस चीज को गंदगी फैलाता है यार पानी में एलो को छोटी-छोटी चीजों को हम लोग को नहीं अभी बचाएंगे आगे चलकर एक बूंद पानी के लिए को हम लोग तने लगेंगे आशा करते हैं की वीडियो आपको अच्छा लगा होगा यह अभी-अभी फिलहाल अभी वीडियो है जो दादर पुल का है कुछ भी फेंक देता यार ऊपर से कम से कम साइड इफेक्ट जानवर से तो खा सकता कुत्ता भिलाई सा समझता नहीं है को शेयर कीजिए सपोर्ट करिए #ट्रेंडिंग #वायरल #बिहार #ददरपुर #मुजफ्फरपुर1
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