शराब ठेके के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर कार्रवाई से भड़का सपा कार्यकर्ता सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित महिलाओं से की मुलाकात, पुलिस कार्रवाई को बताया दमनकारी पीलीभीत। पंचायत बूंदी बुढ़ में शराब की दुकान के विरोध को लेकर हुआ बवाल अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। सपा नेताओं ने घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में खोली जा रही शराब की दुकान का पूरा गांव विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे सामाजिक वातावरण बिगड़ने और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद पुरुष पुलिस कर्मियों ने महिलाओं पर लाठियां चलाईं।सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और सम्मान के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाली महिलाओं को ही प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने घायल महिलाओं और ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर भय का माहौल बनाने की कोशिश की है जिसे समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने निर्धारित समय के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की, ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए और शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त नहीं किया, तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब की दुकान भाजपा नेताओं के संरक्षण में खोली जा रही है और विरोध की आवाज दबाने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। सपा प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।प्रतिनिधिमंडल में पवन सिंह यादव, मनोज यादव, अरशद दद्दा, राजकुमार राजू, संजय खान, सतीश वर्मा, मीता सिंह, पप्पू शाह, ओम शर्मा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शराब ठेके के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर कार्रवाई से भड़का सपा कार्यकर्ता सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित महिलाओं से की मुलाकात, पुलिस कार्रवाई को बताया दमनकारी पीलीभीत। पंचायत बूंदी बुढ़ में शराब की दुकान के विरोध को लेकर हुआ बवाल अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। सपा नेताओं ने घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में खोली जा रही शराब की दुकान का पूरा गांव विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे सामाजिक वातावरण बिगड़ने और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद पुरुष पुलिस कर्मियों ने महिलाओं पर लाठियां चलाईं।सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और सम्मान के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाली महिलाओं को ही प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने घायल महिलाओं और ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर भय का माहौल बनाने की कोशिश की है जिसे समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने निर्धारित समय के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की, ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए और शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त नहीं किया, तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब की दुकान भाजपा नेताओं के संरक्षण में खोली जा रही है और विरोध की आवाज दबाने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। सपा प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।प्रतिनिधिमंडल में पवन सिंह यादव, मनोज यादव, अरशद दद्दा, राजकुमार राजू, संजय खान, सतीश वर्मा, मीता सिंह, पप्पू शाह, ओम शर्मा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- शराब ठेके के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर कार्रवाई से भड़की सपा सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित महिलाओं से की मुलाकात, पुलिस कार्रवाई को बताया दमनकारी पीलीभीत। पंचायत बूंदी बुढ़ में शराब की दुकान के विरोध को लेकर हुआ बवाल अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीणों पर पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। सपा नेताओं ने घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में खोली जा रही शराब की दुकान का पूरा गांव विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे सामाजिक वातावरण बिगड़ने और युवाओं पर गलत प्रभाव पड़ने की आशंका है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और छात्राओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई लोग घायल हुए। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी मौजूद होने के बावजूद पुरुष पुलिस कर्मियों ने महिलाओं पर लाठियां चलाईं।सपा जिला अध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार महिला सुरक्षा और सम्मान के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाली महिलाओं को ही प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने घायल महिलाओं और ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर भय का माहौल बनाने की कोशिश की है जिसे समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने निर्धारित समय के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की, ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए और शराब की दुकान का लाइसेंस निरस्त नहीं किया, तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब की दुकान भाजपा नेताओं के संरक्षण में खोली जा रही है और विरोध की आवाज दबाने के लिए प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। सपा प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।प्रतिनिधिमंडल में पवन सिंह यादव, मनोज यादव, अरशद दद्दा, राजकुमार राजू, संजय खान, सतीश वर्मा, मीता सिंह, पप्पू शाह, ओम शर्मा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- पीलीभीत में बवाल के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला, गांव से हटाई जाएगी शराब की दुकान शराब दुकान के विरोध में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच हुआ था टकराव एसडीएम, आबकारी टीम और पुलिस से ग्रामीणों की हुई थी तीखी झड़प लाठीचार्ज और एफआईआर के बाद मामला पहुंचा राजनीतिक गलियारों तक डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने गांव में पहुंचकर लगाई चौपाल, दिया भरोसा ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच के निर्देश गांव से शराब दुकान हटाकर इंटर कॉलेज बनाने का प्रस्ताव भेजा गया प्रशासन ने कहा— दुकान को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा |1
- यह प्रेरणादायक विचार बताता है कि जब तक जीवन है, तभी तक हमें सफलता प्राप्त करने का अवसर है। मृत्यु के बाद कोई भी उपलब्धि बेमानी हो जाती है। यह हमें अपने लक्ष्यों को गंभीरता से लेने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।1
- पीलीभीत के अमरिया हाईवे पर क्षमता से अधिक भूसा लादकर दौड़ रहे वाहन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहे हैं। इन ओवरलोड वाहनों पर कोई कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों में गंभीर चिंता पैदा हो गई है।1
- पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड के सिलसिले में बिहार के बक्सर से विशाल श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। विशाल का पुराना आपराधिक इतिहास है और एसटीएफ को शक है कि वह हत्या की साजिश या अंजाम देने से जुड़े अहम राज जानता है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक दहेज लोभी पति ने स्कॉर्पियो न मिलने पर अपनी पत्नी को बेरहमी से पीटा और छत से नीचे फेंक दिया। महिला के दोनों पैर टूट गए हैं और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी पति की तलाश में जुटी है।1
- पीलीभीत के बूँदी भूड़ में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और पूरनपुर विधायक ने चौपाल लगाई। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं और शिकायतों को ध्यान से सुना।1
- पीलीभीत में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। उनकी बाइक अचानक फिसलने से यह भीषण दुर्घटना हुई, जिससे इलाके में शोक छा गया।1