रविवार को भोपाल के शाहजहानी पार्क में जय केवट सिद्धपुर माझी आदिवासी समाज संघ और माझी पंचायत सीहोर के संयुक्त तत्वावधान में माझी समाज का एक महत्वपूर्ण ज्ञापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने महामहिम राज्यपाल मध्यप्रदेश के नाम ज्ञापन सौंपकर माझी जनजाति के साथ समाहित ढीमर, भोई, केवट और मल्लाह आदि समाजों को अनुसूचित जनजाति सूची में अधिसूचित करने की मांग की। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि 7 जनवरी 1950 को तत्कालीन विंध्य प्रदेश राज्य प्रमुख द्वारा केंद्र सरकार को भेजी गई अनुशंसा में माझी के साथ ढीमर, भोई, केवट और मल्लाह समाज का भी उल्लेख था। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि राज्य पुनर्गठन और बाद के संशोधनों के दौरान इन समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल न किए जाने से समाज के साथ अन्याय हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मौजूदा माझी जनजाति प्रमाणपत्र धारकों के खिलाफ चल रही जांच और कार्रवाई को इस प्रकरण के अंतिम निराकरण तक स्थगित करने की मांग की। साथ ही, मूल माझी जाति और उसके जातिवर्ग की पहचान के लिए व्यापक जांच कराने की अपील भी की गई। इस कार्यक्रम में माझी पंचायत सीहोर के अध्यक्ष ओमप्रकाश रायकवार, मुख्य संरक्षक मनोहर रायकवार (आबा), वरिष्ठ उपाध्यक्ष गेंदालाल रायकवार, मधु रायकवार, कोषाध्यक्ष यागेश रायकवार, महासचिव संतोष रायकवार (मण्डी), संगठन मंत्री विजय रायकवार सहित आशीष रायकवार, गोविंदा रायकवार, मनोज बाथम, सुजीत रायकवार, राजेश मांझी, गोपाल रायकवार, बासीराम, घनश्याम रायकवार, रामदयाल नाविक, लक्ष्मण सिंह रायकवार, राम बाथम, गुड्डा रायकवार, अनिल रायकवार, नरेन्द्र बाथम, गणेश रायकवार, मनांज केवट, अजय रायकवार, पवन केवट, हेमन्त रायकवार एवं विनोद रायकवार समेत बड़ी संख्या में समाजजन और अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर समाज के सदस्यों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और जनजातीय मान्यता संबंधी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
रविवार को भोपाल के शाहजहानी पार्क में जय केवट सिद्धपुर माझी आदिवासी समाज संघ और माझी पंचायत सीहोर के संयुक्त तत्वावधान में माझी समाज का एक महत्वपूर्ण ज्ञापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने महामहिम राज्यपाल मध्यप्रदेश के नाम ज्ञापन सौंपकर माझी जनजाति के साथ समाहित ढीमर, भोई, केवट और मल्लाह आदि समाजों को अनुसूचित जनजाति सूची में अधिसूचित करने की मांग की। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि 7 जनवरी 1950 को तत्कालीन विंध्य प्रदेश राज्य प्रमुख द्वारा केंद्र सरकार को भेजी गई अनुशंसा में माझी के साथ ढीमर, भोई, केवट और मल्लाह समाज का भी उल्लेख था। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि राज्य पुनर्गठन और बाद के संशोधनों के दौरान इन समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल न किए जाने से समाज के साथ अन्याय हुआ है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मौजूदा माझी जनजाति प्रमाणपत्र धारकों के खिलाफ चल रही जांच और कार्रवाई को इस प्रकरण के अंतिम निराकरण तक स्थगित करने की मांग की। साथ ही, मूल माझी जाति और उसके जातिवर्ग की पहचान के लिए व्यापक जांच कराने की अपील भी की गई। इस कार्यक्रम में माझी पंचायत सीहोर के अध्यक्ष ओमप्रकाश रायकवार, मुख्य संरक्षक मनोहर रायकवार (आबा), वरिष्ठ उपाध्यक्ष गेंदालाल रायकवार, मधु रायकवार, कोषाध्यक्ष यागेश रायकवार, महासचिव संतोष रायकवार (मण्डी), संगठन मंत्री विजय रायकवार सहित आशीष रायकवार, गोविंदा रायकवार, मनोज बाथम, सुजीत रायकवार, राजेश मांझी, गोपाल रायकवार, बासीराम, घनश्याम रायकवार, रामदयाल नाविक, लक्ष्मण सिंह रायकवार, राम बाथम, गुड्डा रायकवार, अनिल रायकवार, नरेन्द्र बाथम, गणेश रायकवार, मनांज केवट, अजय रायकवार, पवन केवट, हेमन्त रायकवार एवं विनोद रायकवार समेत बड़ी संख्या में समाजजन और अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर समाज के सदस्यों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और जनजातीय मान्यता संबंधी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- भोपाल में गोविंदपुरा पुलिस ने अपनी त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन करते हुए एक महिला का खोया हुआ बैग 24 घंटे के भीतर खोज निकाला। इस बैग में 20 लाख रुपये के जेवरात थे, जो महिला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसकी मदद से आखिरकार गुम हुआ बैग ढूंढ लिया गया और उसे संबंधित महिला को सुरक्षित वापस लौटा दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी की नर्मदा नदी में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से अवैध रेत खनन जारी है। जहाजपुरा, जजाना, बाबरी, नहलाई, माठगांव, आवली घाट, जाजाना, बाबरी, डीमावार, बाबरी, अम्बा जाहिद, अम्बा, वडगांव, नीलकंठ, छिदगांव और कच्छी जैसे विभिन्न घाटों पर रेत माफिया रात भर सक्रिय रहते हैं। इन खनन स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड और पनडुब्बियों जैसी भारी मशीनों का मेला लगा रहता है, जिससे बिना किसी सुरक्षा के और जान जोखिम में डालकर अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। सीहोर जिले में हो रही इस पूरी गतिविधि के बावजूद, जिला प्रशासन और खनिज विभाग पर 'कुंभकर्ण की नींद' में सोए रहने का गंभीर आरोप लगाया गया है।1
- भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मंत्री कृष्णा गौर ने मीनाक्षी नटराजन मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने एक गहरे षड्यंत्र के तहत मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करवाया है, और इस मामले में अब दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट से मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज होने के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मंत्री गौर के अनुसार, कांग्रेस को इस घटना के बाद आत्म-अवलोकन करना चाहिए, क्योंकि यह उनके ही षड्यंत्र का परिणाम है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना की एक कांग्रेस महिला कार्यकर्ता ने मीनाक्षी नटराजन से मदद मांगी थी, लेकिन मीनाक्षी ने उस महिला कार्यकर्ता के बजाय कांग्रेस नेता का साथ दिया। जब उस कांग्रेस नेता पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो न्याय न मिलने पर महिला कार्यकर्ता को कोर्ट जाना पड़ा, जहां उन्होंने नेता के साथ मीनाक्षी नटराजन को भी सह-आरोपी बनाया था। मीनाक्षी नटराजन ने कोर्ट के नोटिस का जवाब भी दिया था। मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने मीनाक्षी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन मध्य प्रदेश कांग्रेस ने षड्यंत्र के तहत उनका नामांकन सही तरीके से नहीं भरा, जिसके कारण वह रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं का अपमान करती है और उसे नारी सम्मान की बात करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि उसके नेताओं ने मीनाक्षी के खिलाफ यह साजिश रची। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 'दूध का दूध, पानी का पानी' कर दिया है और कांग्रेस का षड्यंत्र बेनकाब हो गया है। उन्होंने कांग्रेस पर नारी समाज का मुद्दा बनाकर अपने पापों को छुपाने का आरोप लगाया। मंत्री गौर ने दृढ़ता से कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं का अपमान किया है और वह दोहरे चरित्र के साथ राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने विला केरीलोस का दौरा किया।1
- भोपाल में हाउसिंग बोर्ड स्थित गैस राहत कॉलोनी के छः घरा रोड की सड़क पिछले पाँच वर्षों से बदहाल पड़ी है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क पाँच साल पहले बनाई गई थी, लेकिन एक साल के भीतर ही इसका डामर पूरी तरह उखड़ गया था। अब, वर्ष 2026 में भी इस सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। बताया गया है कि नरेला विधानसभा के मंत्री विश्वास सारंग ने लॉकडाउन के समय नगर निगम से यह 'महान कार्य' करवाया था।2
- ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से एक महत्वपूर्ण मांग की है। कमेटी ने यह स्पष्ट किया है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था का इंतज़ाम किए, लोगों के आशियाने और उनके रोजगार को उजाड़ा न जाए।1
- ए एम न्यूज के रिपोर्टर फैसल खान ने ओल्ड भोपाल के जुमराती रोड, अलीगंज, पुराना पोस्ट ऑफिस चौकी और इमामबाड़ा रोड पर जलभराव की गंभीर स्थिति पर रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ 10 मिनट की बारिश में ही इन सड़कों पर भारी पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, निगम से तत्काल हस्तक्षेप कर इस परेशानी का स्वयं समाधान करने का अनुरोध किया गया है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गोविंदपुरा पुलिस ने अपनी शानदार कार्रवाई से एक महिला का खोया हुआ बैग सफलतापूर्वक खोज निकाला। इस बैग में 20 लाख रुपये के कीमती जेवरात थे, जिसे पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर ढूँढकर महिला को वापस लौटा दिया। इस त्वरित सफलता को हासिल करने के लिए गोविंदपुरा पुलिस ने लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर गहन जाँच की।1