सनावद के ओंकारेश्वर रोड स्थित वार्ड क्रमांक 17 के रहवासियों का सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में नगर पालिका पहुंचे नाराज लोगों ने कार्यालय का घेराव किया और 'नगर पालिका मुर्दाबाद' के नारे लगाए। पालिका कार्यालय में अध्यक्ष और सीएमओ के मौजूद न होने पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और जमीन पर बैठकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला, नपा अधिकारी और अन्य पार्षद मौके पर पहुंचे, जहां महिलाओं ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। वार्डवासी निलेश मालाकार ने बताया कि माली कॉलोनी की सड़क को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और अमृत योजना के नाम पर खोदकर जगह-जगह बड़े गड्ढे छोड़ दिए गए हैं। नालियों के ऊपर बने चैंबरों की मरम्मत न होने के कारण बारिश के मौसम में कीचड़ फैल रहा है और गंदा पानी सड़क पर जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लगातार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। वहीं रहवासी महिला रक्षा तिरोले और रानू चौहान ने बताया कि बीते एक साल से अधिक समय से वार्ड में नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। एक दिन छोड़कर आ रहे पानी का भी कोई समय निश्चित नहीं है, जिससे बारिश में भी जल संकट खड़ा हो गया है। वार्ड में नर्मदा जल के अलावा पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है और नलों में पानी का प्रेशर भी नहीं आ रहा है। इस दौरान प्रदर्शन में भाजपा मंडल अध्यक्ष मानसिंह राठौर, ओमकारलाल मेवाड़, दिनेश कचावे, दिलीप गीते, ममता मार्कण्डेय, सपना मालाकार, सुमित्रा यादव, संगीता बाई, श्यामा बाई कर्मा, संजू बाई, माया मालाकार, शारदा माली और अनिता माली सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद थे। इसके बाद दोपहर में अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला, उपयंत्री बलिराम बिरला, दरोगा हारून बेग और अन्य अधिकारियों ने वार्ड की गलियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल्द से जल्द समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया और अमृत योजना के ठेकेदार को मौके पर ही बुलाकर जमकर फटकार लगाई। अधिकारियों ने ठेकेदार को टूटे हुए चैंबर और सड़क की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सनावद के ओंकारेश्वर रोड स्थित वार्ड क्रमांक 17 के रहवासियों का सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में नगर पालिका पहुंचे नाराज लोगों ने कार्यालय का घेराव किया और 'नगर पालिका मुर्दाबाद' के नारे लगाए। पालिका कार्यालय में अध्यक्ष और सीएमओ के मौजूद न होने पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और जमीन पर बैठकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला, नपा अधिकारी और अन्य पार्षद मौके
पर पहुंचे, जहां महिलाओं ने उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। वार्डवासी निलेश मालाकार ने बताया कि माली कॉलोनी की सड़क को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और अमृत योजना के नाम पर खोदकर जगह-जगह बड़े गड्ढे छोड़ दिए गए हैं। नालियों के ऊपर बने चैंबरों की मरम्मत न होने के कारण बारिश के मौसम में कीचड़ फैल रहा है और गंदा पानी सड़क पर जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। लगातार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे। वहीं रहवासी महिला रक्षा तिरोले और रानू
चौहान ने बताया कि बीते एक साल से अधिक समय से वार्ड में नियमित पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। एक दिन छोड़कर आ रहे पानी का भी कोई समय निश्चित नहीं है, जिससे बारिश में भी जल संकट खड़ा हो गया है। वार्ड में नर्मदा जल के अलावा पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है और नलों में पानी का प्रेशर भी नहीं आ रहा है। इस दौरान प्रदर्शन में भाजपा मंडल अध्यक्ष मानसिंह राठौर, ओमकारलाल मेवाड़, दिनेश कचावे, दिलीप गीते, ममता मार्कण्डेय, सपना मालाकार, सुमित्रा यादव, संगीता बाई,
श्यामा बाई कर्मा, संजू बाई, माया मालाकार, शारदा माली और अनिता माली सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद थे। इसके बाद दोपहर में अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला, उपयंत्री बलिराम बिरला, दरोगा हारून बेग और अन्य अधिकारियों ने वार्ड की गलियों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल्द से जल्द समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया और अमृत योजना के ठेकेदार को मौके पर ही बुलाकर जमकर फटकार लगाई। अधिकारियों ने ठेकेदार को टूटे हुए चैंबर और सड़क की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
- इंदौर जिले के हरसोला गांव में स्थित पंचायत चौक पर अनिल राव भाऊ साहब की दुकान का नाश्ता लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पिछले कई वर्षों से चल रही इस दुकान के स्वादिष्ट पोहे, कचौड़ी, समोसा और आलू बड़ा न केवल स्थानीय ग्रामीणों बल्कि यहाँ से गुजरने वाले राहगीरों को भी अपनी ओर खींच लाते हैं। जो कोई भी एक बार यहाँ का पोहा खा लेता है, वह इसके स्वाद का दीवाना हो जाता है। इस दुकान पर मात्र ₹15 प्रति प्लेट की दर से प्याज, नींबू और मसालों के साथ लाजवाब पोहा परोसा जाता है। इसके अलावा कचौड़ी, समोसा और आलू बड़ा भी ₹15 की दर पर उपलब्ध हैं। हरसोला गांव का यह लाजवाब नाश्ता ग्राहकों की पहली पसंद बन चुका है। स्वाद के शौकीन लोग सुबह 7:00 से 10:00 बजे के बीच यहाँ पहुँचकर राव साहब के लाजवाब पोहे का आनंद ले सकते हैं।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में ग्रामीण एसपी साहब से एक फर्जी व्यक्ति (फर्जी वाले) के खिलाफ शिकायत की गई है।1
- इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में अपनी शिकायतें लेकर बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। इस दौरान मुख्य रूप से पड़ोसियों के बीच के विवाद, लेन-देन के मामले और पारिवारिक झगड़े सामने आए, जिनमें भाई-भाई, भाई-बहन तथा पति-पत्नी के बीच के आपसी विवाद प्रमुख रहे। इन पारिवारिक विवादों की शिकायतों ने विशेष रूप से चिंता बढ़ा दी है। शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने सभी मामलों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि शिकायतकर्ताओं को उनके मामलों में की जा रही कार्रवाई की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।1
- इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित हुई साप्ताहिक जनसुनवाई में आज बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस जनसुनवाई में मुख्य रूप से पड़ोसियों के बीच के आपसी विवाद, लेन-देन से जुड़े मामले और भाई-बहन व भाई-भाई जैसे करीबी पारिवारिक रिश्तों के विवाद सामने आए, जिनमें पति-पत्नी के बीच के आपसी मतभेद भी शामिल थे। इंदौर पुलिस कमिश्नर ने इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए आश्वस्त किया कि जनसुनवाई में आए सभी आवेदकों की शिकायतों को बेहद ध्यानपूर्वक सुना गया है। उन्होंने मामलों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित व वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही, की गई कार्रवाई से आवेदकों को भी समय पर अवगत कराया जाएगा।1
- इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में साइक्लोथोन का आयोजन किया गया। इस दौरान तीखा हमला बोलते हुए सवाल उठाया गया कि मोदी जी के राज में आखिर 90 बार पेपर लीक और 50 बार परीक्षाएं क्यों निरस्त की गईं? इसके साथ ही यह गंभीर आरोप लगाया गया कि इन सभी गड़बड़ियों के पीछे जो भी माफिया सामने आते हैं, वे बीजेपी के ही क्यों होते हैं।1
- मध्य प्रदेश के डीजीपी श्री कैलाश मकवाना ने लोगों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक करने के लिए एक संदेश जारी किया है। साइबर अपराधों से बचाव और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दिया गया डीजीपी का यह संदेश 02 प्रदेश भर में चलाया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में छोटे भाई की बहू से अत्यधिक परेशान एक पीड़ित ने मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया श्री मोहन यादव जी और इंदौर कमिश्नर श्री संतोष जी से न्याय की भावुक अपील की है। पीड़ित व्यक्ति अपने छोटे भाई की बहू से बहुत परेशान है। इसके साथ ही, मकान पर कब्जे को लेकर भी समस्या बनी हुई है, जिससे तंग आकर पीड़ित ने सीधे मुख्यमंत्री और इंदौर कमिश्नर से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर में नीट पेपर लीक घोटाले और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्रों ने एक अनोखा प्रदर्शन किया है। छात्र इस परीक्षा प्रणाली में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने की मांग कर रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपना मुंडन कराया और सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।1
- इंदौर के खुडैल थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार ने अपने ही पड़ोसी रिश्तेदारों पर कार से कुचलकर जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित परिवार मंगलवार को इंदौर एसपी ऑफिस पहुंचा और वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ित अफसर पटेल ने मीडिया से चर्चा में बताया कि उनके ही परिवार के कुछ लोगों ने मिलकर उन पर, उनकी पत्नी और बहू पर जानलेवा हमला किया। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की नीयत से उन पर कार चढ़ा दी, जिससे बचने के लिए जब वे भागे तो लाठी-डंडों और लोहे के पाइप से उनके सिर पर वार किए गए। इस हमले में उनकी बहू के हाथ-पैर तोड़ दिए गए और उन्हें गंभीर रूप से घायल किया गया। पीड़ित ने आसिफ पटेल, तौसीफ पटेल, अल्लाह नूर पटेल, नौशाद पटेल, कल्लू पटेल और उनके अन्य साथियों को इस हमले के लिए नामजद किया है। पीड़ित परिवार ने खुडैल थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। फरियादी अफसर पटेल का कहना है कि हमले के बाद थाने पर उनकी रिपोर्ट लिखने में पुलिस द्वारा लगातार आनाकानी की गई। आरोप है कि काफी मिन्नतों के बाद पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन आरोपियों को बचाने के इरादे से बेहद हल्की धाराओं में केस दर्ज कर केवल खानापूर्ति कर दी।1