कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में पेयजल व्यवस्था, फील्ड निरीक्षण और सुशासन तिहार की तैयारियों पर दिए विशेष निर्देश *कोरिया, 20 अप्रैल 2026/* कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से संबंधित किसी भी कार्य के प्रस्ताव के पूर्व ग्राम सभा से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य का प्रस्ताव भेजने से पहले उसका गहन परीक्षण और निरीक्षण आवश्यक रूप से किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ के नवीन नियमों का भली-भांति अध्ययन कर, केवल आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर ही प्रस्ताव भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में उन्होंने आगामी 1 मई से प्रारंभ हो रहे राज्य स्तरीय सुशासन तिहार की तैयारियों की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन, शिविर एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी विभागों को लंबित प्रकरणों पर जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिया कि सभी गांवों का नियमित भ्रमण कर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और लू के दौरान मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ, जांच सुविधा और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर योजनाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने ब्लॉक में लगने वाले शिविर में ब्लॉक स्तर के अधिकारी की उपस्थिति अवश्य हो। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, आश्रम शाला, स्वास्थ्य केंद्र एवं उचित मूल्य दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा पाई गई कमियों की तत्काल सूचना संबंधित विभाग को दी जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री डीडी मंडावी सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में पेयजल व्यवस्था, फील्ड निरीक्षण और सुशासन तिहार की तैयारियों पर दिए विशेष निर्देश *कोरिया, 20 अप्रैल 2026/* कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से संबंधित किसी भी कार्य के प्रस्ताव के पूर्व ग्राम सभा से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य का प्रस्ताव भेजने से पहले उसका गहन परीक्षण और निरीक्षण आवश्यक रूप से किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डीएमएफ के नवीन नियमों का भली-भांति अध्ययन कर, केवल आवश्यकता और उपयोगिता के आधार पर ही प्रस्ताव भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में उन्होंने आगामी 1 मई से प्रारंभ हो रहे राज्य स्तरीय सुशासन तिहार की तैयारियों की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन, शिविर एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सभी विभागों को लंबित प्रकरणों पर जिम्मेदारीपूर्वक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिया कि सभी गांवों का नियमित भ्रमण कर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और लू के दौरान मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ, जांच सुविधा और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वे केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर योजनाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने ब्लॉक में लगने वाले शिविर में ब्लॉक स्तर के अधिकारी की उपस्थिति अवश्य हो। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, आश्रम शाला, स्वास्थ्य केंद्र एवं उचित मूल्य दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा पाई गई कमियों की तत्काल सूचना संबंधित विभाग को दी जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर श्री डीडी मंडावी सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- एसडीएम और तहसीलदारों के बाद सरगुजा कलेक्टर ने नायब तहसीलदारों का भी किया तबादला.. सरगुजा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कलेक्टर द्वारा कुछ देर पहले ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और तहसीलदारों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए थे, जिसके तुरंत बाद अब जिले में पदस्थ नायब तहसीलदारों की भी तबादला सूची जारी कर दी गई है। जारी आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार तुषार मानिक को सीतापुर से हटाकर मैनपाट भेजा गया है, जबकि संजय कुमार अब मैनपाट से उदयपुर का कार्यभार संभालेंगे। इसी प्रकार अजय कुमार गुप्ता को दरिमा से बतौली और कृष्ण कुमार कंवर को बतौली से दरिमा स्थानांतरित किया गया है। आकाश गौतम को उदयपुर से लखनपुर तथा उमेश तिवारी को लखनपुर से सीतापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह सभी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और संबंधित अधिकारियों को अपनी नवीन पदस्थापना पर तुरंत उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।1
- yuva utasav 2025 pg College Ambikapur1
- गांवों की शादी में DJ की धूम म नाचते हुए ।1
- si grauli Kya kya ho rahe hai dost aap bhi mdt kariye ,,, जय हिंद2
- रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में जमीनी स्तर पर सुधार की कवायद शुरू कर दी गई है। नगर पंचायत धरमजयगढ़ के वार्ड नंबर 08 में सरकारी नलों से निकलने वाले पानी में कीड़े पाए जाने की खबर विभिन्न मीडिया समूहों के माध्यम से सामने आई। जिसके बाद सी एम ओ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वयं मौका मुआयना किया और मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश दिए। फिलहाल, मैदानी अमला नालियों की सफाई और दूषित पेयजल आपूर्ति होने के कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है। वार्ड पार्षद जानू सिदार ने बताया कि आज सुबह से म्युनिसिपल की टीम के साथ समस्या के समाधान को लेकर काम कर रहे हैं। लीकेज की आशंका को देखते हुए पूरे वार्ड में गहन निरीक्षण किया जा रहा है। धरमजयगढ़ सी एम ओ बी एल साहू ने इस समस्या के जल्द निराकरण की बात कही है।2
- Post by Mr Dayashankar Yadav1
- कलेक्टर ने सरगुजा जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों के प्रभार बदले अंबिकापुर । जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और तहसीलदारों के कार्य विभाजन में व्यापक परिवर्तन किया गया है। प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से किए गए इस फेरबदल में अम्बिकापुर, सीतापुर, उदयपुर और लुण्ड्रा जैसे महत्वपूर्ण अनुविभागों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही जिले की विभिन्न तहसीलों में पदस्थ तहसीलदारों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। रामसिंह ठाकुर जो अब तक सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी थे उन्हें अब अपर कलेक्टर अम्बिकापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही वे जिला कार्यालय में रामराज सिंह को आवंटित समस्त कार्यों का निर्वहन करेंगे। इसी क्रम में विनय कुमार सोनी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ धौरपुर लुण्ड्रा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और दण्डाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। फागेश सिन्हा को सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का प्रभार दिया गया है जबकि बनसिंह नेताम को अम्बिकापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। जिला कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर रहे रामराज सिंह को अब उदयपुर का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नियुक्त किया गया है और जे.आर. सतरंज को जिला कार्यालय में कलेक्टर द्वारा सौंपे गए कार्यों के लिए तैनात किया गया है। तहसीलदारों के तबादलों की कड़ी में उमेश्वर बाज को अम्बिकापुर से मैनपाट भेजा गया है जबकि तारा सिदार को मैनपाट से उदयपुर स्थानान्तरित किया गया है। उदयपुर के तहसीलदार विकास जिंदल को अब अम्बिकापुर तहसील की कमान सौंपी गई है। अमन चतुर्वेदी को दरिमा से लखनपुर और अंकिता पटेल को लखनपुर से बतौली भेजा गया है। वहीं बतौली में कार्यरत कमलावती सिंह को अब दरिमा तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।1
- टोल प्लाजा वाला जबरदस्ती नहीं सुधरेंगे जबकि गाड़ी का पेपर सब ओके रहा था तब पर भी पैसा ले लेते हैं जबरदस्ती, जिला सिंगरौली पत्ता देलदह में कभी ना सुधरेंगे टोल प्लाजा वाला4
- बलरामपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महिला आरक्षण को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह शुरू से ही महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, जबकि भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह कर रही है। कांग्रेस के मुताबिक भाजपा यह प्रचारित कर रही है कि विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, जिससे संसद में बिल पारित नहीं हो सका। जबकि कांग्रेस का दावा है कि पार्टी लगातार महिला आरक्षण के समर्थन में रही है। कांग्रेस ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा है कि भाजपा द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही संसद से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है। इसके बावजूद भाजपा परिशीमन (Delimitation) को आधार बनाकर महिला आरक्षण को लागू करने में देरी करना चाहती है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक के जरिए भाजपा परिशीमन को आगे बढ़ाना चाहती थी, जिसमें लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव शामिल था। इसमें राज्यों के लिए 815 और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें प्रस्तावित थीं। वही कहा गया कि परिशीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गई थी, जबकि सरकार 2026-27 में नई जनगणना की बात कर चुकी है। ऐसे में पुराने आंकड़ों के आधार पर परिशीमन करने का औचित्य सवालों के घेरे में है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि महिला आरक्षण को तुरंत लागू करना है, तो बिना परिशीमन के भी वर्तमान सीटों में आरक्षण दिया जा सकता है। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि सरकार चाहती, तो 2023 के कानून में संशोधन कर महिला आरक्षण को तत्काल लागू कर सकती थी। कांग्रेस का दावा पहले से समर्थक रही पार्टी कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि पंचायत और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने का श्रेय भी कांग्रेस सरकारों को जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पी.वी. नरसिम्हा राव के प्रयासों से पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सीटों के परिशीमन का भाजपा का प्रयास विफल हो गया है, इसलिए अब वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैला रही है।1