शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कोटा जिले की लाडपुरा पंचायत समिति के मानस गांव और रामराजपुरा में औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल मिली। मंत्री को अचानक गांव में देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने मंत्री से शिकायत की कि पिछले पाँच सालों से गाँव में कोई सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव जीतने के बाद से उन्होंने सरपंच की शक्ल तक नहीं देखी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच नरेश मेघवाल शराब पीकर घर पर ही मस्त रहता है और गाँव के विकास पर उसका कोई ध्यान नहीं है। मंत्री ने ग्रामीणों के साथ गाँव की गलियों में पैदल घूमकर निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने देखा कि नालियाँ जाम थीं और उनका पानी आम रास्ते पर भरा हुआ था, जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही थी। जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी और ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पंचायत की तरफ से झाड़ू लगाने कोई नहीं आता। कचरा इकट्ठा करने के लिए पाँच गाँवों के लिए एक ही ट्रैक्टर-ट्रॉली है, जो कभी-कभार ही दिखाई देती है। दोनों ही गाँवों में मानस गांव पंचायत के सरपंच नरेश मेघवाल के खिलाफ ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया। सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद मंत्री मदन दिलावर ने मौके से ही बीडीओ शैलेश रंजन, पंचायत समिति लाडपुरा को दूरभाष पर पूरे मामले की जानकारी दी। मंत्री ने बीडीओ शैलेश रंजन को जाँच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए और साथ ही अतिरिक्त विकास अधिकारी तथा ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (स्वच्छ भारत मिशन) के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने कोटा जिले की लाडपुरा पंचायत समिति के मानस गांव और रामराजपुरा में औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल मिली। मंत्री को अचानक गांव में देखकर ग्रामीण आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने मंत्री से शिकायत की कि पिछले पाँच सालों से गाँव में कोई सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव
जीतने के बाद से उन्होंने सरपंच की शक्ल तक नहीं देखी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच नरेश मेघवाल शराब पीकर घर पर ही मस्त रहता है और गाँव के विकास पर उसका कोई ध्यान नहीं है। मंत्री ने ग्रामीणों के साथ गाँव की गलियों में पैदल घूमकर निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने देखा कि नालियाँ जाम थीं और उनका पानी आम रास्ते पर भरा हुआ था,
जिससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी हो रही थी। जगह-जगह गंदगी फैली हुई थी और ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पंचायत की तरफ से झाड़ू लगाने कोई नहीं आता। कचरा इकट्ठा करने के लिए पाँच गाँवों के लिए एक ही ट्रैक्टर-ट्रॉली है, जो कभी-कभार ही दिखाई देती है। दोनों ही गाँवों में मानस गांव पंचायत के सरपंच नरेश मेघवाल के खिलाफ ग्रामीणों में
भारी रोष देखा गया। सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद मंत्री मदन दिलावर ने मौके से ही बीडीओ शैलेश रंजन, पंचायत समिति लाडपुरा को दूरभाष पर पूरे मामले की जानकारी दी। मंत्री ने बीडीओ शैलेश रंजन को जाँच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए और साथ ही अतिरिक्त विकास अधिकारी तथा ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (स्वच्छ भारत मिशन) के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की।
- कोटा शहर के तलवंडी वार्ड-71 सेक्टर-2 स्थित बरथुनिया क्लीनिक अस्पताल के पास मंगलवार को बिजली विभाग के एक ट्रांसफॉर्मर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। इस घटना के लिए स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस ट्रांसफॉर्मर में पहले भी कई बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन बिजली वितरण कंपनी द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। अस्पताल के ठीक पास ट्रांसफॉर्मर होने के कारण लगातार किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि बिजली वितरण कंपनी केईडीएल को सूचना देने के बावजूद विभागीय कर्मचारी मौके पर देर से पहुंचे। आग की भयावहता को देखते हुए, आसपास के लोगों ने खुद मिट्टी डालकर और आग बुझाने वाले उपकरणों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया, पर वे सफल नहीं हो पाए। स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह गहलोत द्वारा तत्काल सूचना दिए जाने पर, अग्निशमन विभाग के मुख्य अधिकारी राकेश व्यास के निर्देश पर फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम लगभग 10 मिनट में मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में तेल और हाई वोल्टेज होने के कारण विस्फोट का खतरा बना रहता है, इसलिए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देनी चाहिए। उन्होंने आमजन को भी आग बुझाने के प्राथमिक संसाधन अपने आसपास रखने की सलाह दी ताकि शुरुआती स्तर पर आग को नियंत्रित किया जा सके। अस्पताल संचालक डॉ. निरल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर को हटाने के लिए पूर्व में भी बिजली विभाग को आवेदन देकर चेतावनी दी गई थी, क्योंकि बार-बार आग लगने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। भविष्य में किसी भी जनहानि से बचने के लिए स्थानीय लोगों ने इस ट्रांसफॉर्मर को तत्काल वहां से हटाने की जोरदार मांग की है।4
- गौहत्या और गौ तस्करी को जड़ से बंद करने की प्रबल माँग उठाई गई है, यह दावा करते हुए कि सरकार को इस दिशा में ठोस प्रमाण भी दिए जा चुके हैं। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि इन प्रमाणों के बावजूद कार्रवाई में विलंब क्यों हो रहा है, और यह भी रेखांकित किया गया है कि हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदायों की यह एक समान माँग है। पीएमओ इंडिया और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित करते हुए, इस अपील में सरकार से आग्रह किया गया है कि वह बिना किसी देरी के कानून बनाए और गोवंश को 'राष्ट्रीय माता' का सम्मान प्रदान करे।1
- सीजफायर और समझौते के लिए बातचीत के 'दिखावे' के बीच, कल रात अमेरिका ने दक्षिणी ईरान पर बड़ा हमला किया है। इस हमले का बहाना यह बनाया गया है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में माइंस बिछाने का काम कर रहा था। इन घटनाओं के साथ ही, ईरान की शीर्ष लीडरशिप के मॉस्को जाने की खबरें सामने आई हैं, जबकि चार बड़े सेना अधिकारियों के 'शहीद' होने की खबरें भी 'चलाई जा रही' हैं। जवाब में, 'बताया जाता है' कि ईरान ने इज़राइल पर 400 से अधिक मिसाइलों से एक बड़ा हमला किया है। इस बीच, एक महत्वपूर्ण 'डिस्क्लेमर' भी जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि इज़राइल पर ईरान के हमले का जो वीडियो 'बताया जा रहा' है, वह 'एआई जेनरेटेड या फर्जी' भी हो सकता है। इन सभी घटनाक्रमों के बीच, पश्चिम एशिया में एक बार फिर 'युद्ध के बादल मंडरा' रहे हैं।1
- सूरज म्यूज़िक चड़गांव द्वारा नया ट्रेडिंग सॉन्ग 'भाभी मारा आशिक कौ दुपटौ मूंडौ बांध ल्या बाद' जारी किया गया है। यह गाना, जिसे Song (1391) के रूप में भी पहचाना जा रहा है, तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।1
- राजस्थान के जैसलमेर शहर स्थित एक डंपिंग यार्ड में सैकड़ों मृत गायों के शव मिलने से लोगों में भारी कोहराम मच गया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है, हालांकि गायों की मौत का स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।1
- बंगाल में मुस्लिम समुदाय ने घोषणा की है कि वे अब गाय न खरीदेंगे और न ही बेचेंगे, क्योंकि वे हिंदू भाइयों द्वारा गाय को माता मानने के सम्मान में यह कदम उठा रहे हैं। इस घोषणा के परिणामस्वरूप, हजारों गायों को बाजारों से वापस भेजा जा रहा है। इसके बाद, सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रेस से बात करते हुए स्पष्ट किया है कि बंगाल में गाय काटने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि यह कुर्बानी तभी हो सकती है जब गाय 14 साल से छोटी न हो और एक पशु चिकित्सक इसका प्रमाण पत्र जारी कर दे। इस घटनाक्रम के मद्देनजर भाजपा पर सवाल उठाए गए हैं, यह कहते हुए कि यह वही भाजपा है जो हिंदी भाषी राज्यों में गाय के नाम पर 'तांडव' मचाती है। टिप्पणी में यह भी पूछा गया है कि क्या यही भाजपा का 'सनातन' है।1
- जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सात जन्मों की कसमें खाकर जीवनसाथी बनी पत्नी ने पति के पीठ पीछे ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे परिवार को शर्मसार कर दिया है। हाल ही में हुई शादी के बाद, पति परिवार की जिम्मेदारियां उठाने और पेट पालने के लिए परदेस कमाने चला गया था। पति के जाने के बाद, पत्नी ने रात के अंधेरे में अपने गाँव के ही प्रेमी को घर बुला लिया। रात के सन्नाटे में चल रहा यह सिलसिला ज्यादा देर तक छिपा नहीं रह सका, और आधी रात को अचानक घरवालों को किसी की मौजूदगी की भनक लग गई। परिजनों ने जब जाकर देखा, तो उनके होश उड़ गए क्योंकि उन्होंने बहू और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथ पकड़ लिया। गुस्से में आगबबूला हुए परिजनों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पत्नी और उसके प्रेमी दोनों को पकड़कर रस्सी से बांध दिया। इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह रही कि रंगे हाथ पकड़े जाने और बंधक बनाए जाने के बावजूद महिला को अपनी इस हरकत पर कोई पछतावा नहीं दिखा। वह अब भी अपनी जिद पर अड़ी हुई है और उसके तेवर बदलने का नाम नहीं ले रहे हैं। यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।1
- राजस्थान के कोटा में जेके सिंथेटिक फैक्ट्री के आसपास झाड़ियों में आग लग गई है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। यह उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर आग लगने की घटना हुई थी। यह फैक्ट्री लगभग 29 साल पहले बंद हो चुकी है, और इसके मजदूर पिछले सवा साल से अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच, केडीए ने इस फैक्ट्री को अडॉप्ट कर लिया है।1