करौली जिले के टोडाभीम में भनकपुरा हल्के में कार्यरत महिला पटवारी उगंती बाई प्रजापत (उगंती देवी) की संदिग्ध मौत के बाद समूचे राजस्थान में सियासी और सामाजिक पारा बढ़ गया है। इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन समाज का गुस्सा फूट पड़ा है और उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) टोडाभीम को एक कड़ा और तीखा ज्ञापन सौंपा गया है। दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही भाजपा नेता व दक्ष प्रजापति विकास समिति राजस्थान प्रदेश के मुख्य सचिव विष्णु प्रजापति रात 9:00 बजे टोडाभीम पहुंचे और वहां डेरा डाल दिया। उनके साथ राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुल्तान प्रजापति (टोडाभीम) और क्षेत्र के सैकड़ों युवा मौके पर डटे रहे। विष्णु प्रजापति ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि जब तक आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, वह चैन से नहीं बैठेंगे। प्रजापति समाज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि 'ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म' की एक गहरी साजिश है। समाज का मानना है कि एक होनहार सरकारी महिला अधिकारी का ऐसा कदम उठाना इंगित करता है कि उसे किसी रसूखदार व्यक्ति या गिरोह द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। आशंका जताई गई है कि राजस्व विभाग के ही कुछ भ्रष्ट अधिकारियों/कर्मचारियों या किसी प्रभावशाली बाहरी व्यक्ति ने उगंती देवी को अपने जाल में फंसाया। ज्ञापन में यह पुरजोर आशंका भी व्यक्त की गई है कि ब्लैकमेलिंग के जरिए मृतका के साथ जबरन शारीरिक और मानसिक दुष्कर्म (उत्पीड़न) जैसी वारदात को अंजाम दिया जा रहा था, और लोक-लाज व लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें मौत को गले लगाना पड़ा। एसडीएम कार्यालय के बाहर गरजते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापति ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने ग्रामीण या फील्ड क्षेत्रों में तैनात महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़े पहरे वाले सुरक्षित सरकारी आवास (क्वार्टर) की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही, फील्ड में काम करने वाली महिलाओं के लिए 24 घंटे सुरक्षा और भयमुक्त माहौल प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। तीसरी मांग में उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उन्हें एसी कमरों से बाहर निकलकर समय-समय पर महिला कर्मचारियों से सीधा संवाद (फीडबैक) करने को कहा, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी तरह के मानसिक उत्पीड़न या ब्लैकमेलिंग का पता चल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और वे 'सत्ता के सिंहासन हिला देंगे!'।
करौली जिले के टोडाभीम में भनकपुरा हल्के में कार्यरत महिला पटवारी उगंती बाई प्रजापत (उगंती देवी) की संदिग्ध मौत के बाद समूचे राजस्थान में सियासी और सामाजिक पारा बढ़ गया है। इस घटना को लेकर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है, लेकिन समाज का गुस्सा फूट पड़ा है और उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) टोडाभीम को एक कड़ा और तीखा ज्ञापन सौंपा गया है। दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही भाजपा नेता व दक्ष प्रजापति विकास समिति राजस्थान प्रदेश के मुख्य सचिव विष्णु प्रजापति रात 9:00 बजे टोडाभीम पहुंचे और वहां डेरा डाल दिया। उनके साथ राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुल्तान प्रजापति (टोडाभीम) और क्षेत्र के सैकड़ों युवा मौके पर डटे रहे। विष्णु प्रजापति ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि जब तक आरोपियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, वह चैन से नहीं बैठेंगे। प्रजापति समाज द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि 'ब्लैकमेलिंग और दुष्कर्म' की एक गहरी साजिश है। समाज का मानना है कि एक होनहार सरकारी महिला अधिकारी का ऐसा कदम उठाना इंगित करता है कि उसे किसी रसूखदार व्यक्ति या गिरोह द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। आशंका जताई गई
है कि राजस्व विभाग के ही कुछ भ्रष्ट अधिकारियों/कर्मचारियों या किसी प्रभावशाली बाहरी व्यक्ति ने उगंती देवी को अपने जाल में फंसाया। ज्ञापन में यह पुरजोर आशंका भी व्यक्त की गई है कि ब्लैकमेलिंग के जरिए मृतका के साथ जबरन शारीरिक और मानसिक दुष्कर्म (उत्पीड़न) जैसी वारदात को अंजाम दिया जा रहा था, और लोक-लाज व लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्हें मौत को गले लगाना पड़ा। एसडीएम कार्यालय के बाहर गरजते हुए भाजपा नेता विष्णु प्रजापति ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने ग्रामीण या फील्ड क्षेत्रों में तैनात महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कड़े पहरे वाले सुरक्षित सरकारी आवास (क्वार्टर) की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही, फील्ड में काम करने वाली महिलाओं के लिए 24 घंटे सुरक्षा और भयमुक्त माहौल प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया। तीसरी मांग में उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उन्हें एसी कमरों से बाहर निकलकर समय-समय पर महिला कर्मचारियों से सीधा संवाद (फीडबैक) करने को कहा, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी तरह के मानसिक उत्पीड़न या ब्लैकमेलिंग का पता चल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और वे 'सत्ता के सिंहासन हिला देंगे!'।
- करौली जिले के हिंडौन नई मंडी थाना क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सीतापुर में 24 जून को अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। विद्यालय के प्रधानाचार्य रामकेश गुर्जर द्वारा नई मंडी थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, चोर इनवर्टर, बैटरी, ₹16,000 नकद और एक क्षतिग्रस्त स्मार्ट टीवी सहित लगभग ₹2,10,000 की संपत्ति चुरा ले गए। इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया था, लेकिन घटना के 5-6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इसी के चलते बुधवार सुबह 8:30 बजे कई ग्रामीण विद्यालय पहुंचे और ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने पुलिस से चोरी का खुलासा करने और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।1
- चम्बल के बीहड़ों और पुलिस के लिए लंबे समय तक सिरदर्द रहे कुख्यात डकैत जगन गुर्जर (मृतक) का आज उनके पैतृक गांव वभूतिपुरा में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। उनकी मृत्यु के बाद, शव को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनके गृह गांव धौलपुर/बाड़ी लाया गया। डकैत जगन गुर्जर की अंतिम यात्रा में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान गांव वभूतिपुरा में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र के बरौली गांव निवासी युवा आशु शर्मा का राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) में चयन होने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। समाजसेवी मुकेश श्रोतीय और भूदेव शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने फूल-मालाएं पहनाकर और साफा बांधकर आशु शर्मा का अभिनंदन किया। इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की और आशु शर्मा का उत्साहवर्धन किया।4
- गंगापुर सिटी में रेलवे स्काउट ने एक 'जल सेवक मिलन समारोह' का आयोजन किया। इस अवसर पर उन सभी व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने जल सेवा के कार्यों में अपना सहयोग दिया था।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सकारात्मक पहल और राज्य सरकार के मार्गदर्शन के फलस्वरूप करौली जिले के पांचना बांध से जुड़े 20 वर्ष पुराने जल वितरण विवाद का समाधान हो गया है। जयपुर के शिक्षा संकुल में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम की उपस्थिति में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता संपन्न हुआ, जिसमें जनहित को सर्वोपरि रखा गया। उल्लेखनीय है कि 2100 एमसीएफटी क्षमता वाला पांचना बांध लगभग 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करता है, लेकिन वर्ष 2006 के बाद से इसके कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी का प्रवाह बंद हो गया था। गुडला सहित क्षेत्र के 21 राजस्व गांव लगातार यह मांग कर रहे थे कि नहरों में जल प्रवाह की अनुमति देने से पहले बांध से लिफ्ट सिंचाई परियोजना के माध्यम से उन्हें पानी उपलब्ध कराया जाए। पिछले 20 वर्षों से इस गंभीर मांग को पूरा करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए थे। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026-27 के बजट में गुडला क्षेत्र के इन 21 राजस्व गांवों को लिफ्ट सिंचाई स्कीम से पानी देने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना। इसके बाद नहरों की मरम्मत का कार्य 11.50 करोड़ रुपए की लागत से शुरू किया गया, जो अब पूरा होने वाला है। आज की समझौता वार्ता के दौरान, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इस योजना के धरातल पर क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बांध से पानी छोड़ने की तारीख विभाग सात दिन के भीतर तय कर लेगा और नहरी तंत्र के तकनीकी आकलन के बाद जल्द ही टेस्टिंग के लिए जल प्रवाह शुरू किया जाएगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने दोनों पक्षों की जायज मांगें मान ली हैं। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए नहरों में शीघ्र जल प्रवाह का आग्रह किया। वहीं, मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दो दशक पुराने विवाद को सुलझाने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया और उपस्थित किसानों को आपसी सहयोग बनाए रखने के लिए सराहा। गुडला संघर्ष समिति, ग्रामोत्थान संस्था और गंभीर नदी जल बचाओ समिति के प्रतिनिधियों ने भी इस दशकों पुरानी समस्या का समाधान करने के लिए भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त किया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने परियोजना के समाधान से जुड़े पहलुओं और राज्य सरकार की कार्यवाही की जानकारी दी।1
- धौलपुर के सरमथुरा क्षेत्र में 01 जुलाई 2026 को भिंडीपुरा पुल के पास पेयजल पाइपलाइन में कथित लीकेज के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बहने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह लीकेज कई दिनों से जारी है, जिससे बहुमूल्य पेयजल सड़कों और नालियों में बह रहा है। क्षेत्रवासियों ने इस स्थिति पर प्रशासन की गंभीर अनदेखी का आरोप लगाया है, खासकर ऐसे समय में जब गर्मी और अनियमित जलापूर्ति के कारण लोगों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। नागरिकों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो पानी की बर्बादी के साथ-साथ सड़क को भी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और जलदाय विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार और प्रशासन जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पानी की हो रही इस बर्बादी पर त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और पानी की बर्बादी रोकने के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।1
- धौलपुर जिले के पैतृक गांव भभूतीपुरा में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुँचे। जगन गुर्जर के भाई पान सिंह, लाल सिंह और पप्पू पुलिस अभिरक्षा में पैरोल पर श्मशान घाट पहुँचे। इन तीनों भाइयों के पहुँचने के बाद ही जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। गांव में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए था।2
- एक विधवा महिला के साथ एक वारदात हुई, जब वह अपना खेत जुतवाने के लिए गई थी।1
- राजस्थान के करौली जिले में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस घटना का वीडियो बुधवार सुबह 10:00 बजे से वायरल हो रहा है, जिसमें करौली निवासी एक दलित युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा है। सांसद भजनलाल जाटव ने इस वायरल वीडियो को अपने फेसबुक अकाउंट पर अपलोड करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि दलित युवक के साथ हुई यह मारपीट की घटना अत्यंत निंदनीय, अमानवीय और शर्मनाक है। सांसद ने इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की है।1