जनपद रायबरेली के लालगंज विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेमर पहा के पास ऐहार की ओर जाने वाले NH-232 (फतेहपुर–रायबरेली मार्ग) पर इन दिनों मौरंग लदे ट्रकों का राजमार्ग किनारे लगातार जमावड़ा देखा जा रहा है। व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की लंबी कतारें सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं, जिसके चलते जिम्मेदार विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये मौरंग लदे ट्रक दिन-रात सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रात के समय और बरसात में कम दृश्यता होने पर हादसे की आशंका और अधिक हो जाती है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे इन ट्रकों को खड़ा करने की अनुमति किसके संरक्षण में मिल रही है। यदि यह केवल चालक-परिचालकों की सुविधा के लिए है, तो निर्धारित पार्किंग स्थल का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा? वहीं, यदि ओवरलोडिंग, परिवहन संबंधी या अन्य औपचारिकताओं के कारण ट्रक घंटों सड़क किनारे खड़े रहते हैं, तो संबंधित विभागों को इस पर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि राजमार्ग किनारे अनावश्यक रूप से खड़े भारी वाहनों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि यातायात सुचारु रहे और किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके। प्रमुख सवाल बने हुए हैं कि NH-232 के किनारे ही क्यों ये ट्रक खड़े किए जाते हैं, क्या इन वाहनों के लिए कोई निर्धारित पार्किंग व्यवस्था नहीं है, और सड़क सुरक्षा के इस गंभीर मुद्दे पर संबंधित विभाग कब जागेंगे।
जनपद रायबरेली के लालगंज विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेमर पहा के पास ऐहार की ओर जाने वाले NH-232 (फतेहपुर–रायबरेली मार्ग) पर इन दिनों मौरंग लदे ट्रकों का राजमार्ग किनारे लगातार जमावड़ा देखा जा रहा है। व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की लंबी कतारें सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं, जिसके चलते जिम्मेदार विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये मौरंग लदे ट्रक दिन-रात सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। रात के समय और बरसात में कम दृश्यता होने पर हादसे की आशंका और अधिक हो जाती है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे इन ट्रकों को खड़ा करने की अनुमति किसके संरक्षण में मिल
रही है। यदि यह केवल चालक-परिचालकों की सुविधा के लिए है, तो निर्धारित पार्किंग स्थल का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा? वहीं, यदि ओवरलोडिंग, परिवहन संबंधी या अन्य औपचारिकताओं के कारण ट्रक घंटों सड़क किनारे खड़े रहते हैं, तो संबंधित विभागों को इस पर प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। स्थानीय नागरिकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि राजमार्ग किनारे अनावश्यक रूप से खड़े भारी वाहनों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि यातायात सुचारु रहे और किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके। प्रमुख सवाल बने हुए हैं कि NH-232 के किनारे ही क्यों ये ट्रक खड़े किए जाते हैं, क्या इन वाहनों के लिए कोई निर्धारित पार्किंग व्यवस्था नहीं है, और सड़क सुरक्षा के इस गंभीर मुद्दे पर संबंधित विभाग कब जागेंगे।
- सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। इस वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि इसमें एक महिला एक वृद्ध मंदिर पुजारी को फंसाने के उद्देश्य से अपने कपड़े फाड़ने का प्रयास करती दिख रही है। वायरल हो रहे इस वीडियो के सामने आने के बाद कई लोगों का मानना है कि यदि यह कथित वीडियो सार्वजनिक नहीं होता, तो यह मामला संभवतः पूरी तरह से एक अलग दिशा ले सकता था। हालांकि, वीडियो की सत्यता और इस घटना से संबंधित सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यह मामला इस बात पर जोर देता है कि किसी भी घटना पर अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक निष्पक्ष जांच और सभी उपलब्ध साक्ष्यों का गहन विश्लेषण अत्यंत आवश्यक है।1
- बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने राम मंदिर से जुड़े एक मामले पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि घर में चोरी होती है तो दोष चोर को दिया जाता है, घर को नहीं। इसी तर्क पर उन्होंने ज़ोर दिया कि राम से संबंधित मामले में जिसने भी चोरी की है, उसे सज़ा मिलनी चाहिए और राम मंदिर को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। खेर ने यह भी कहा कि चोर हर जगह होते हैं, और इससे किसी भी मंदिर की गरिमा या पवित्रता कम नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस मंदिर की स्थापना में 500 साल लगे हों, उसकी मर्यादा कुछ लोगों की हरकतों से प्रभावित नहीं हो सकती।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय बुधवार को अमेठी पहुंचे और गौरीगंज विधानसभा से चार बार विधायक रहे दिवंगत तेजभान सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दोपहर करीब तीन बजे गौरीगंज क्षेत्र के अचलपुर गांव स्थित तेजभान सिंह के आवास पर पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाए और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। पूर्व विधायक तेजभान सिंह का निधन शनिवार को लखनऊ में हुआ था। अमेठी पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने फूल-मालाओं से कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय का जोरदार स्वागत किया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंत्री के अलावा, पूर्व मंत्री और एमएलसी महेंद्र सिंह ने भी तेजभान सिंह के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इससे दो दिन पहले पूर्व सांसद स्मृति ईरानी ने भी अचलपुर पहुंचकर तेजभान सिंह को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने तेजभान सिंह को जमीन से जुड़ा नेता बताया। उन्होंने कहा कि तेजभान सिंह ने क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा काम किया और उनके जाने से राजनीति तथा समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।4
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रतापगढ़ का दौरा किया, जहां उन्होंने 384 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा, राम मंदिर से लेकर वक्फ और कांवड़ यात्रा तक के कई मुद्दों पर उन्हें घेरा। सीएम योगी ने विशेष रूप से राम मंदिर का मुद्दा उठाया, आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद गिरने पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने आंसू बहाए थे। उन्होंने कांग्रेस पर कोर्ट में राम के अस्तित्व को नकारने का आरोप लगाया, वहीं समाजवादी पार्टी की सरकार पर हिंदुओं के पैसे से कब्रिस्तान बनवाने और अयोध्या में कार सेवकों पर गोली चलवाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्ष राम मंदिर से जुड़ी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है, और सपा-कांग्रेस ऐसे रंग बदल रही हैं कि गिरगिट भी शरमा जाए। अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए, मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश का चौमुखी विकास करना है, और उत्तर प्रदेश अब दंगा मुक्त एवं विकास युक्त प्रदेश बन चुका है। अंत में, उन्होंने जनता से विकास और सुशासन के लिए भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े रहने की अपील की।1
- रायबरेली जिले के हरचंदपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है, जहाँ जनता के बयान वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से हरचंदपुर विधानसभा सीट स्थानीय राजनीति में चर्चा का मुख्य विषय बन गई है, जिससे सियासत में हलचल तेज हो गई है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ के जीआईसी मैदान में आयोजित एक जनसभा के दौरान प्रतापगढ़ सदर से भाजपा विधायक राजेंद्र मौर्य की कार्यशैली और उनके द्वारा कराए गए विकास कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक बार फिर विधायक राजेंद्र मौर्य की 'रसमलाई' का जिक्र किया, जिससे मंच पर मौजूद लोग और जनसभा में उपस्थित लोग मुस्कुराने पर मजबूर हो गए और सभा स्थल तालियों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि पिछली बार जब वे प्रतापगढ़ आए थे, तब विधायक राजेंद्र मौर्य लगातार क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए आग्रह कर रहे थे और कई अधूरे कार्यों की ओर उनका ध्यान आकर्षित कर रहे थे। हालांकि, इस बार स्थिति पूरी तरह बदल चुकी थी; विधायक स्वयं एक-एक कर पूरे हुए विकास कार्यों का विवरण दे रहे थे और बता रहे थे कि अधिकांश योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वनाथगंज के विधायक जीतलाल पटेल की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक जनप्रतिनिधि की वास्तविक पहचान जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाकर उनका समाधान सुनिश्चित करना और विकास की योजनाओं को समय पर पूरा कराना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल मांग करना नहीं, बल्कि जनता के हित में विकास कार्यों को पूरा कराना भी है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रतापगढ़ के दोनों विधायकों ने विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित की है, और यही जनसेवा का वास्तविक स्वरूप है।1
- प्रतापगढ़ के बाघराय थाना क्षेत्र के छतार गांव में एक शादीशुदा महिला ने गांव के ही एक युवक पर उसकी शादी तुड़वाने और उसकी अस्मत लूटने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि युवक ने पहले उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और फिर उसके साथ शारीरिक शोषण किया, साथ ही अपने रिश्तेदारों से भी जबरन शारीरिक संबंध बनवाए। महिला का आरोप है कि युवक उसे दिल्ली घुमाने के बाद गांव में छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता के अनुसार, युवक ने जानबूझकर उसकी शादी तुड़वाई और बाद में उसे अपने साथ ले गया। इस दौरान उसके साथ लगातार शारीरिक शोषण हुआ। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब महिला ने बाघराय थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो आरोप है कि वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले में पहले भी थाने में पंचायत हो चुकी थी, उस समय महिला अपने पति को छोड़कर आरोपी युवक के साथ चली गई थी। थाने से कोई राहत न मिलने पर, पीड़िता अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची है और न्याय की गुहार लगाई है। उसने बताया है कि वह शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुई है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और अधिकारियों ने शिकायत के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर संदेश है कि विवेकहीन निर्णयों से परिवार और जिंदगी दांव पर लग सकती है, और ऐसे युवकों के खिलाफ कानून को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो दूसरों के विश्वास के साथ खिलवाड़ करते हैं।1
- मानिकपुर, प्रतापगढ़ में हल्की बारिश के बाद हुए भीषण जलभराव ने लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की हालत खस्ता कर दी है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह राष्ट्रीय राजमार्ग पहली ही बरसात में जलमग्न होकर टापू में बदल गया है, जिससे लोगों को गंदे पानी के बीच से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। आदर्श नगर पंचायत मानिकपुर के सभागंज चौराहे पर स्थिति अत्यंत नारकीय हो चुकी है, जिसकी मुख्य वजह नाले और सीवर लाइन की तकनीकी गड़बड़ी बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजमार्ग निर्माण के समय बने नालों और सीवर लाइनों को आपस में जोड़ा ही नहीं गया, जिसके चलते सीवर का गंदा पानी और बरसात का पानी सुचारु रूप से बहने के बजाय सीधे मुख्य सड़क पर ओवरफ्लो होकर जमा हो रहा है। सड़क पर लबालब भरे गंदे पानी के कारण जलभराव इस कदर बढ़ गया है कि यह दुकानों के अंदर तक घुस रहा है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस पूरी अव्यवस्था पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन (NHAI) मूकदर्शक बना हुआ है, जिससे स्थानीय जनमानस और राहगीरों में भारी आक्रोश है और वे पूछ रहे हैं कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है। इस गंभीर समस्या के तत्काल समाधान और उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सभासद दिनेश निषाद और मोहम्मद अनस सहित राकेश मोदनवाल, दीप मोदनवाल, प्रमोद पांडेय, दिलीप निषाद, राकेश मिश्रा, नदीम खान, टन्नू भंडारी, संतलाल यादव एवं अन्य स्थानीय नागरिकों व दुकानदारों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की है। इस घटना ने पहली ही बारिश में राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दावों की पोल खोल दी है, जिससे लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग तालाब में तब्दील हो गया है और जनता बेहाल है।1