विकसित बिहार की ओर एक और कदम: 'सहयोग पोर्टल' एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 का भव्य शुभारंभ। विकसित बिहार की ओर एक और कदम: 'सहयोग पोर्टल' एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 का भव्य शुभारंभ। टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल करके शिविर से सम्बंधित जानकारी ले सकते हैं। दर्ज शिकायतों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा और आवेदक को इसकी लिखित सूचना भी दी जाएगी। बिहार सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सम्राट चौधरी द्वारा 'सहयोग पोर्टल' एवं सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'सबका सम्मान, जीवन आसान' निश्चय के तहत लोगों की शिकायतों का प्रभावी निपटारा करना है। पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' कक्ष में आयोजित इस मुख्य समारोह का जिला स्तर पर सीधा प्रसारण किया गया। समाहरणालय के एनआईसी सभागार में इस कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के शुभारंभ को लाइव देखा और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इस नई व्यवस्था के तहत अब जनता अपनी समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुँचा सकेगी: हेल्पलाइन नंबर 1100 नागरिक सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे के बीच इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑनलाइन माध्यम से कभी भी अपनी शिकायत दर्ज करने की सुविधा। सहयोग शिविर: 19 मई 2026 से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायतों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। निश्चित समय सीमा: दर्ज शिकायतों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा और आवेदक को इसकी लिखित सूचना भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस पोर्टल और हेल्पलाइन के माध्यम से आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी और अन्य प्रशासनिक कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्हें पोर्टल के रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के बारे में जानकारी दी गई।
विकसित बिहार की ओर एक और कदम: 'सहयोग पोर्टल' एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 का भव्य शुभारंभ। विकसित बिहार की ओर एक और कदम: 'सहयोग पोर्टल' एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 का भव्य शुभारंभ। टोल-फ्री नंबर 1100 पर कॉल करके शिविर से सम्बंधित जानकारी ले सकते हैं। दर्ज शिकायतों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा और आवेदक को इसकी लिखित सूचना भी दी जाएगी। बिहार सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सम्राट चौधरी द्वारा 'सहयोग पोर्टल' एवं सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100 का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'सबका सम्मान, जीवन आसान' निश्चय के तहत लोगों की शिकायतों का प्रभावी निपटारा करना है। पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' कक्ष में आयोजित इस मुख्य समारोह का जिला स्तर पर सीधा प्रसारण किया गया। समाहरणालय के एनआईसी सभागार में इस कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के शुभारंभ
को लाइव देखा और इसकी कार्यप्रणाली को समझा। इस नई व्यवस्था के तहत अब जनता अपनी समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुँचा सकेगी: हेल्पलाइन नंबर 1100 नागरिक सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे के बीच इस टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑनलाइन माध्यम से कभी भी अपनी शिकायत दर्ज करने की सुविधा। सहयोग शिविर: 19 मई 2026 से प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायतों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। निश्चित समय सीमा: दर्ज शिकायतों का निष्पादन 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा और आवेदक को इसकी लिखित सूचना भी दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस पोर्टल और हेल्पलाइन के माध्यम से आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी और अन्य प्रशासनिक कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्हें पोर्टल के रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के बारे में जानकारी दी गई।
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- सुगौली के सिसवनिया में रविवार देर रात एक तेज रफ्तार जैलो ने सड़क किनारे खड़े लोगों को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
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- बगहा में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे विकास वैभव चौक के पास एक विशाल अजगर और सियार के बीच खौफनाक संघर्ष छिड़ गया। अजगर ने सियार को अपनी मजबूत पकड़ में जकड़ लिया था, लेकिन ग्रामीणों की सूझबूझ और हिम्मत से उसकी जान बचाई गई। इस रोमांचक घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- फर्रुखाबाद में महिलाओं पर पुलिस बर्बर तरीके से लाठी भांज रही है, 9 मई को राजेपुरा में एक बीस वर्षीय युवक की नाले में लाश मिली थी, जिसके बाद परिजनों ने पास की शराब की दुकान पर हंगामा किया पुलिस आई जबरन शव ले जाने लगी इस बीच परिजनों में पुलिस पर पथराव कर दिया कल फिर पुलिस उसी सिलसिले में आई थी गुस्साए परिजनों से मुठभेड़ हो गई, दोनों तरफ़ से कई लोग घायल है । शराब के ठेके ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कलह, बेवजह झगड़ा का कारण है, ग्रामीण परेशान है लेकिन सरकार मस्त है ।1
- लौकी के पौधे से गोंद निकलने और सुखने पर किसान भाईयो को वैज्ञानिक तकनीक अपनाने हेतु अपील ।। लौकी के तने से गोंद जैसा चिपचिपा पदार्थ निकलकर पौधा सुख रहा है, जो गुम्मी स्टेम ब्लाइट रोंग का मुख्य लक्षण है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ अभिषेक प्रताप सिंह ने घोड़ासेमरा के श्री रामदेव प्रसाद के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया और बताया कि इस बीमारी से उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता हैं जो 50 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता हैं जो पौधे 50% से अधिक सूख गए हैं, उन्हें जड़ सहित उखाड़कर खेत से बाहर ले जाकर नष्ट करें। खेत में न छोड़ें, क्योंकि रोग फैलता है। डॉ सिंह ने बताया कि इसके उपचार हेतु एजॉक्सट्रोबिन 18.2% एवं डाईफेनोकोनाजोल 11.4% जो अतः प्रवाही फफूंदनासक है का छिड़काव 1 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से शाम के समय करना चाहिए पुनः एक सप्ताह बाद इसे दोहराना चाहिए इसके अलावा कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% WP @ 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर तने के निचले हिस्से और जड़ क्षेत्र में ड्रेंचिंग करें। और 10-12 दिन बाद दोहराएं। यदि तने में छेद दिखे तो प्रोफेनोफॉस 50% EC @ 2 मि.ली./लीटर या थायमेथोक्साम 25% WG @ 0.5 ग्राम/लीटर पानी में घोलकर तने पर स्प्रे करें। बारिश होने पर खेत में पानी जमा न होने दें। नाली बनाकर अतिरिक्त पानी निकालें। तने के निचले हिस्से पर 3-4 इंच मिट्टी चढ़ाएं, इससे नई जड़ें निकलती हैं और पौधा बच जाता है। यूरिया की मात्रा कम करें। 1 लीटर पानी में 2 ग्राम पोटैशियम नाइट्रेट घोलकर 7 दिन के अंतराल पर 2 बार स्प्रे करें। जो पौधों का प्रतिरोधकता बढ़ाता है। अगली फसल में बीज को ट्राइकोडर्मा 4 ग्राम/किलो बीज अथवा कार्बेंडाजिम 50 % WP 2 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचारित करके बोएं। फसल चक्र अपनाएं लगातार लौकी न लगाएं ,जल निकासी का उपाय करें एवं साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें। फसल पर दवा का छिड़काव शाम को करें और फूल आने पर मधुमक्खियों को बचाने के लिए दवा न छिड़कें। इस अवसर पर केंद्र के इकबाल कुमार, कमलेश कुमार, किसानों में नीतीश कुमार सहित अन्य किसान उपस्थित थे।2
- कुशीनगर के तामकुही राज इलाके में पिछले 10 दिनों से एक बिजली ट्रांसफार्मर गिरा पड़ा है। इसके चलते कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे स्थानीय निवासियों को भीषण गर्मी और दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड के एक मध्य विद्यालय में कुल 1800 छात्रों ने दाखिला लिया है। इनमें 900 छात्राएं शामिल हैं, जो इलाके में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।1