कोटा: कोटा में ट्रेड यूनियनों ने रैली निकाल किया प्रदर्शन मजदूर विरोधी श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग -राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कोटा। केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार को कोटा जिले सहित देश भर में मजदूरों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। कोटा में सीटू, एचएमएस, इंटक और एटक सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों व किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन कारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तानाशाही रवैया नहीं छोड़ा, तो आने वाले समय में 'आर-पार' की लड़ाई लड़ी जाएगी। हड़ताल का नेतृत्व सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर, एचएमएस के मुकेश गालव, जेके मजदूर नेता हबीब खान और राजीविका यूनियन की संतोष मेघवाल ने किया। प्रदर्शन में बिजली, बैंक, बीमा, राजीविका और निर्माण क्षेत्र के सैकड़ों श्रमिकों सहित जेके सिंथेटिक्स की तीनों यूनियनों ने हिस्सा लिया। कलेक्ट्रेट गेट पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार लेबर कोड के जरिए मजदूरों को कॉरपोरेट घरानों का गुलाम बनाने की साजिश रच रही है। इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर चारों नए श्रम कोड को पूर्णतः रद्द करने, किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 और बिजली बिल विधेयक 2025 वापस लेने, ग्रामीण मजदूर विरोधी 'ग्राम जी विधेयक 2025' को निरस्त करने, अमेरिका के साथ किए गए 'शांति समझौता अधिनियम' को रद्द करने सहित अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इटावा में मजदूरों ने निकाली रैली सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि हड़ताल का व्यापक असर इटावा नगर और पीपल्दा क्षेत्र में भी देखा गया। यहां निर्माण मजदूरों ने अपने काम बंद रखे और राजस्थान ग्रामीण बैंक के सामने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। यूनियन अध्यक्ष गोपाल लाल महावर और कोषाध्यक्ष प्रेम पेंटर ने कहा कि सरकार मजदूरों के हक छीनकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हजारों की संख्या में जुटे श्रमिक और महिलाएं जिले भर में आयोजित इस आंदोलन में लगभग 1000 से अधिक मजदूरों और किसानों ने शिरकत की। जिनमें अकेले सीटू के 600 कार्यकर्ता शामिल थे। विशेष रूप से राजीविका और निर्माण क्षेत्र की सैकड़ों महिला श्रमिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन करने वालों में कामरेड नरेंद्र सिंह, महेंद्र नेह, बैंक यूनियन के वालिया, शब्बीर खान, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, लक्ष्मी दाधीच, और शीला सैनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे।
कोटा: कोटा में ट्रेड यूनियनों ने रैली निकाल किया प्रदर्शन मजदूर विरोधी श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग -राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन कोटा। केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों और चार नई श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार को कोटा जिले सहित देश भर में मजदूरों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। कोटा में सीटू, एचएमएस, इंटक और एटक सहित विभिन्न ट्रेड यूनियनों व किसान संगठनों ने संयुक्त रूप से जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन कारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तानाशाही रवैया नहीं छोड़ा, तो आने वाले समय में 'आर-पार' की लड़ाई लड़ी जाएगी।
हड़ताल का नेतृत्व सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर, एचएमएस के मुकेश गालव, जेके मजदूर नेता हबीब खान और राजीविका यूनियन की संतोष मेघवाल ने किया। प्रदर्शन में बिजली, बैंक, बीमा, राजीविका और निर्माण क्षेत्र के सैकड़ों श्रमिकों सहित जेके सिंथेटिक्स की तीनों यूनियनों ने हिस्सा लिया। कलेक्ट्रेट गेट पर हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार लेबर कोड के जरिए मजदूरों को कॉरपोरेट घरानों का गुलाम बनाने की साजिश रच रही है। इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर चारों नए श्रम कोड को पूर्णतः रद्द
करने, किसान विरोधी बीज विधेयक 2025 और बिजली बिल विधेयक 2025 वापस लेने, ग्रामीण मजदूर विरोधी 'ग्राम जी विधेयक 2025' को निरस्त करने, अमेरिका के साथ किए गए 'शांति समझौता अधिनियम' को रद्द करने सहित अन्य मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इटावा में मजदूरों ने निकाली रैली सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि हड़ताल का व्यापक असर इटावा नगर और पीपल्दा क्षेत्र में भी देखा गया। यहां निर्माण मजदूरों ने अपने काम बंद रखे और राजस्थान ग्रामीण बैंक के सामने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। यूनियन अध्यक्ष गोपाल लाल महावर और कोषाध्यक्ष प्रेम पेंटर ने कहा कि सरकार मजदूरों
के हक छीनकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हजारों की संख्या में जुटे श्रमिक और महिलाएं जिले भर में आयोजित इस आंदोलन में लगभग 1000 से अधिक मजदूरों और किसानों ने शिरकत की। जिनमें अकेले सीटू के 600 कार्यकर्ता शामिल थे। विशेष रूप से राजीविका और निर्माण क्षेत्र की सैकड़ों महिला श्रमिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल प्रदर्शन करने वालों में कामरेड नरेंद्र सिंह, महेंद्र नेह, बैंक यूनियन के वालिया, शब्बीर खान, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, लक्ष्मी दाधीच, और शीला सैनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित थे।
- Post by VKH NEWS1
- चेचट थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान 196 किलो डोडा चूरा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार: घटना की जानकारी देते ग्रामीण एसपी सुजित शंकर...1
- Post by Kishan Lal jangid1
- कोटा। शहर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र स्थित एक नॉनवेज रेस्टोरेंट की बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। नगर निगम उपआयुक्त भावना सिंह एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारी राकेश व्यास के नेतृत्व में निगम कर्मचारियों की टीम ने कार्रवाई करते हुए छह अवैध बिल्डिंगों को सीज किया। इस दौरान मौके पर पूर्व पार्षद योगेश आलूवालिया भी पहुंचे और प्रभावित दुकानदारों से बातचीत की। कार्रवाई के दौरान सीज की गई दुकानों के व्यापारियों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। व्यापारियों का कहना है कि शहर में कई अन्य अवैध दुकानें और निर्माण मौजूद हैं, लेकिन कार्रवाई केवल छह दुकानों तक ही सीमित रखी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन अन्य अवैध निर्माणों पर भी इसी तरह सख्त कदम उठाएगा या नहीं। व्यापारियों ने निष्पक्ष और समान कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।5
- कोटा। शहर में वाहन फिटनेस सेंटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को आरटीओ कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने फिटनेस जांच प्रक्रिया में हो रही अव्यवस्थाओं, देरी और वाहन चालकों को हो रही परेशानियों को लेकर नाराज़गी जताई। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि फिटनेस सेंटर पर वाहन मालिकों को अनावश्यक रूप से बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है। कई वाहन चालकों ने शिकायत की कि तकनीकी खामियों और स्टाफ की कमी के कारण फिटनेस प्रमाणपत्र जारी होने में अत्यधिक विलंब हो रहा है। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और व्यवस्था में सुधार की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर फिटनेस जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग की। साथ ही वाहन मालिकों के लिए ऑनलाइन स्लॉट व्यवस्था सुचारू करने और अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने की भी बात कही गई। मौके पर पुलिस जाब्ता तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।1
- कोटा: अधिवक्ता सीमा वैष्णव डीसीएम के साथ कमल नमकीन के पैकेट में निकला हड्डी का टुकड़ा जिसके कारण हुई मानसिक उत्पीड़न के विरोध में सभी अधिवक्ता गणों ने माननीय जिला कलेक्टर महोदय , उप जिला कलेक्टर महोदय और अन्य उच्च अधिकारियों से संपर्क कर ज्ञापन सोपा और निवेदन किया कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की! एडवोकेट नरेंद्र वैष्णव कोटा 97990345973
- Post by User96111
- ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर गुरूवार को चार लेबर कोड रद्द करने की मांग को लेकर सभी संगठनों ने कोटा कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन में शिरकत के लिए आए सर्वोदयी नेता भाई अब्दुल हमीद गौड़ साहब...1