*एआई और नैतिकता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित, शिक्षा व मानसिक स्वास्थ्य पर गहन चर्चा* मनोज शर्मा, चंडीगढ़। शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च, फेज-6, मोहाली द्वारा शुक्रवार को “बैलेंसिंग प्रोग्रेस एंड एथिक्स: एआई इन एजुकेशन एंड मेंटल हेल्थ सपोर्ट” विषय पर आईसीएसएसआर प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लेकर एआई के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े नैतिक पहलुओं पर गहन चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. उपासना जोशी (मानद निदेशक, आईसीएसएसआर कॉम्प्लेक्स, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) उपस्थित रहीं, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. ओ. पी. कटारे (मानद प्रोफेसर एवं कंसल्टेंट, सीआईआईपीपी, पंजाब विश्वविद्यालय) ने अपने विचार साझा किए। तकनीकी सत्रों में डॉ. जसवीर चहल, प्रो. चंदर कांत और डॉ. जागृति सैनी ने महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में डॉ. सतपाल कौर ग्रेवाल (संस्थापक प्राचार्य), डॉ. गुरकिरणजीत नलवा (प्राचार्य, शिवालिक पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़) तथा डॉ. अनुपकिरण कौर की गरिमामयी उपस्थिति रही। संस्थान की प्रिंसिपल डॉ. ज्योति सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के शबद से हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत उन्हें पौधे भेंट कर किया गया। संगोष्ठी संयोजक डॉ. गुनवंत कौर ने विषय की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए एआई के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रो. ओ. पी. कटारे ने अपने संबोधन में शोध एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया तथा संगोष्ठी की कार्यवाही से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। तकनीकी सत्रों में डॉ. जसवीर चहल ने “एआई, सोशल मीडिया एंड मेंटल हेल्थ” विषय पर चर्चा करते हुए मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, डॉ. जागृति सैनी ने “एआई फॉर रिसर्च एंड एकेडमिक राइटिंग” विषय पर व्याख्यान देते हुए शोध कार्यों में एआई के उपयोग के साथ-साथ नैतिक मानकों के पालन को आवश्यक बताया। प्रो. चंदर कांत ने “इम्पैक्ट ऑफ एआई ऑन ह्यूमन लर्निंग, ह्यूमन वैल्यू एंड बिहेवियरल चेंजेस” विषय पर अपने विचार रखते हुए एआई के मानव व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया। संगोष्ठी में हाइब्रिड मोड में शोध पत्र प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिसमें एक प्रतिभागी विदेश से भी ऑनलाइन जुड़ा। कार्यक्रम का समापन डॉ. गुनवंत कौर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ तथा अंत में राष्ट्रगान के पश्चात लंच का आयोजन किया गया।
*एआई और नैतिकता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित, शिक्षा व मानसिक स्वास्थ्य पर गहन चर्चा* मनोज शर्मा, चंडीगढ़। शिवालिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च, फेज-6, मोहाली द्वारा शुक्रवार को “बैलेंसिंग प्रोग्रेस एंड एथिक्स: एआई इन एजुकेशन एंड मेंटल हेल्थ सपोर्ट” विषय पर आईसीएसएसआर प्रायोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लेकर एआई के बढ़ते प्रभाव और उससे जुड़े नैतिक पहलुओं पर गहन चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. उपासना जोशी (मानद निदेशक, आईसीएसएसआर कॉम्प्लेक्स, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) उपस्थित रहीं, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. ओ. पी. कटारे (मानद प्रोफेसर एवं कंसल्टेंट, सीआईआईपीपी, पंजाब विश्वविद्यालय) ने अपने विचार साझा किए। तकनीकी सत्रों में डॉ. जसवीर चहल, प्रो. चंदर कांत और डॉ. जागृति सैनी ने महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में डॉ. सतपाल कौर ग्रेवाल (संस्थापक प्राचार्य), डॉ. गुरकिरणजीत नलवा (प्राचार्य, शिवालिक पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़) तथा डॉ. अनुपकिरण कौर की गरिमामयी उपस्थिति रही। संस्थान की प्रिंसिपल डॉ. ज्योति सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के शबद से हुआ। इसके पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत उन्हें पौधे भेंट कर किया गया। संगोष्ठी संयोजक डॉ. गुनवंत कौर ने विषय की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए एआई के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रो. ओ. पी. कटारे ने अपने संबोधन में शोध एवं शैक्षणिक प्रक्रियाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया तथा संगोष्ठी की कार्यवाही से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया। तकनीकी सत्रों में डॉ. जसवीर चहल ने “एआई, सोशल मीडिया एंड मेंटल हेल्थ” विषय पर चर्चा करते हुए मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं, डॉ. जागृति सैनी ने “एआई फॉर रिसर्च एंड एकेडमिक राइटिंग” विषय पर व्याख्यान देते हुए शोध कार्यों में एआई के उपयोग के साथ-साथ नैतिक मानकों के पालन को आवश्यक बताया। प्रो. चंदर कांत ने “इम्पैक्ट ऑफ एआई ऑन ह्यूमन लर्निंग, ह्यूमन वैल्यू एंड बिहेवियरल चेंजेस” विषय पर अपने विचार रखते हुए एआई के मानव व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया। संगोष्ठी में हाइब्रिड मोड में शोध पत्र प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिसमें एक प्रतिभागी विदेश से भी ऑनलाइन जुड़ा। कार्यक्रम का समापन डॉ. गुनवंत कौर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ तथा अंत में राष्ट्रगान के पश्चात लंच का आयोजन किया गया।
- शिमला में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक कुलदीप राठौर ने बजट सत्र में पारित हुए संकल्प और अमेरिका के साथ एफटीए (Free Trade Agreement) के तहत सेब पर आयात शुल्क घटाने से जुड़े प्रस्ताव पर चिंता जताई। राठौर ने कहा कि अमेरिका जीरो टैरिफ की मांग कर रहा है, जिससे हिमाचल की बागवानी पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रस्ताव का केंद्र सरकार पर असर होगा और बागवानों व किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। राठौर ने यह भी कहा कि उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर को अपने राज्यों से ऐसे प्रस्ताव पारित करने चाहिए, जबकि पंजाब ने पहले ही प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अमेरिका के दबाव में नहीं आना चाहिए और किसान आयोग के गठन से किसानों को फायदा मिलेगा। साथ ही, हिमाचल कांग्रेस अनुशासन समिति के चैयरमैन के तौर पर राठौर ने पार्टी अनुशासन पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “कोई भी संगठन अनुशासन से चलता है और हर पार्टी का अपना संविधान होता है। मैं किसी के दबाव में काम नहीं करता और पार्टी के लिए जो उचित होगा वही करूंगा। जल्द ही अनुशासन समिति की बैठक करके इस विषय पर चर्चा की जाएगी।” राठौर ने चेतावनी दी कि किसी भी विधायक या पार्टी नेता का पार्टी कार्यों में हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर कोई पार्टी मंच के बाहर अपनी बात रखेगा तो कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी जवाबदेही पार्टी के संविधान और हाईकमान के प्रति होगी और अनुशासन समिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए।2
- जिला मुख्यालय में 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा में आए विनाशकारी भूकंप की स्मृति में उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक प्रभावी मॉक ड्रिल तथा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने की। यह आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) बिलासपुर के सौजन्य से किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न विभागों की आपात स्थिति में तत्परता और समन्वय का आकलन करना रहा। इस अवसर पर डीडीएमए के स्वयंसेवकों द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा उपायों का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया। रैली के माध्यम से लोगों को सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षित स्थानों की पहचान के बारे में जागरूक किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान होमगार्ड के जवानों ने भूकंप की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया और उनका समुचित उपचार सुनिश्चित किया। इस समन्वित अभ्यास ने आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी तालमेल और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग, उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारी तथा स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी नीलाक्ष शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास न केवल विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि आमजन को भी आपदा के प्रति जागरूक और सतर्क बनने के लिए प्रेरित करते हैं।3
- Post by Rajkumar mehra press reporter1
- हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां प्रेम प्रसंग के चलते एक युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, जमालपुर खुर्द इलाके में उत्तर प्रदेश के फैजाबाद की रहने वाली एक युवती, जो अपनी बहन के यहां रह रही थी और हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत थी, आज सुबह अपने किराए के मकान से फैक्ट्री के लिए निकली थी। इसी दौरान युवक ने रास्ते में उसे रोककर पहले कहासुनी की और फिर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने तत्काल इसकी सूचना नजदीकी गैस प्लांट पुलिस चौकी में दी, जिसके बाद पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी। इस पूरे मामले में एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि युवती अपनी बहन के यहां रह रही थी और सुबह युवक के साथ हुए विवाद के बाद यह घटना सामने आई। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तकनीकी मदद से युवक का लोकेशन ट्रेस किया, जहां वह म्रतक अवस्था में मिला। युवक के पास से एक अवैध हथियार भी बरामद हुआ है, जिससे उसने खुद को गोली मारी थी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Anoopshukla1
- यहाँ स्पष्ट रूप से लिख दिया है। आप इसे कॉपी करके अपनी रिपोर्ट या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं। प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) विषय: इंद्री विधानसभा क्षेत्र में ₹18 करोड़ की विकास योजनाओं का आगाज; 8 मुख्य सड़कों के नवीनीकरण कार्य का शुभारंभ। कनाल/इंद्री: आज इंद्री विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग ₹18 करोड़ की लागत से बनने वाली 8 महत्वपूर्ण सड़कों के नवीनीकरण एवं निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाना और बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। मुख्य आकर्षण एवं सड़कें: परियोजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण कार्य रंडौली से जपती छपरा मार्ग का है, जो लगभग ₹10 करोड़ की भारी लागत से कंक्रीट (RCC) द्वारा निर्मित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा: * मूसेपुर से गढ़ी बीरबल मार्ग * बीबीपुर अप्रोच रोड * सैयद छपरा अप्रोच रोड * अमरगढ़ अप्रोच रोड * रंधौली अप्रोच रोड * चौगांवा से खुखणी मार्ग * सिकंदरपुर अप्रोच रोड विकास की रीढ़ हैं सड़कें: इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा गया कि सड़कें किसी भी क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की रीढ़ होती हैं। एक मजबूत सड़क नेटवर्क से न केवल आमजन का सफर सुरक्षित होता है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलती है। प्रदेश सरकार माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में "सबका साथ, सबका विकास" के मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाने के लिए संकल्पबद्ध है। गुणवत्ता पर विशेष जोर: संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई समझौता न किया जाए। सभी कार्य एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ ताकि जनता को जल्द से जल्द इन आधुनिक सड़कों का लाभ मिल सके। उपस्थिति: इस गौरवशाली अवसर पर मंडल महामंत्री श्री नरेश शर्मा, सीडीओ श्री रोहतास, सरपंच श्री सबील, श्री इंदु शर्मा, सरपंच श्री नरेश पाल, सरपंच श्री रतन सिंह, श्री चरण सिंह, श्री कश्मीर सिंह, श्री पवन, नंबरदार श्री जसविंदर, श्री रोशन अली सहित भारी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। प्रस्तुति: अब्दुल कादिर, मुख्य संपादक/रिपोर्टर 'सड़क की आवाज़', हरियाण1
- यहां पर स्थिति बहुत खराब है पानी बहुत ज्यादा रहता है बरसात मे तो बहुत बुरा हाल है और यह हाल योगी जी की सरकार में है नगर पालिका यहां पर कोई काम नहीं करती1
- चेस्टर हिल घोटाले की हाई कोर्ट जज से जांच हो—भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री की चुप्पी क्यों?: रणधीर शर्मा भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस सरकार—मुख्यमंत्री की चुप्पी से उठे बड़े सवाल: रणधीर शर्मा एंकर। चेस्टर हिल घोटाले को लेकर भाजपा लगतार हमलावर है और सरकार पर भृष्टाचार के आरोप लगा रहे है। भाजपा मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता ओर विधायक रणधीर शर्मा ने कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है और ईमानदारी का ढोंग कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। रणधीर शर्मा ने कहा कि सोलन के चेस्टर हिल भूमि प्रकरण ने प्रदेश में प्रशासनिक तंत्र की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्वयं प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगे आरोपों का बचाव करना पड़ा, वह प्रदेश के इतिहास में अभूतपूर्व है। “जहां सफाई देने अधिकारी खुद सामने आएं और सरकार मौन रहे, वहां दाल में नहीं, पूरी दाल ही काली है,” उन्होंने तंज कसते हुए कहा। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा प्रेस वार्ता में कई पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों के नाम लेने से प्रदेश में सनसनी का माहौल बन गया है और आम जनता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उच्च स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को न केवल बचा रही है बल्कि उन्हें एक्सटेंशन देकर महत्वपूर्ण पदों पर बैठा रही है। रणधीर शर्मा ने कहा कि “मुख्यमंत्री कार्यालय आज फैसलों का केंद्र कम और ‘कमीशन कल्चर’ का अड्डा ज्यादा बन चुका है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में ठेकेदारों के भुगतान तक कथित कमीशन के आधार पर हो रहे हैं—“जिसकी ‘सेटिंग’ है उसका भुगतान, बाकी का इंतजार”—यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। बाईट। रणधीर शर्मा भाजपा विधायक एंट्री टैक्स पर सरकार घिरी, सदन को किया गुमराह रणधीर शर्मा ने एंट्री टैक्स के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में एक बात कही और उसी दिन जारी अधिसूचना में कुछ और लागू कर दिया। उन्होंने कहा कि 5-सीटर वाहनों पर ₹100 एंट्री टैक्स लगाकर सरकार ने सीधे आम जनता की जेब पर हमला किया है।कहीं पुराने बढ़े हुए रेट वसूले गए कहीं नई अधिसूचना के अनुसार टैक्स लिया गया जनता और परिवहन क्षेत्र में भारी भ्रम और आक्रोश रहा उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला न केवल व्यापार, टैक्सी ऑपरेटर, ट्रांसपोर्टर्स पर बोझ है बल्कि इससे महंगाई भी बढ़ेगी और पर्यटन उद्योग को भी नुकसान होगा। बाईट। रणधीर शर्मा भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार पंचायती राज चुनाव टालने और उसमें धांधली करने की साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च को रोस्टर जारी होना था, लेकिन सरकार ने बैकडेट में अधिसूचना जारी कर उपायुक्तों को 5% तक बदलाव की शक्ति दे दी। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 243(D) और पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का खुला उल्लंघन बताया। “यह 5% नहीं, पूरे रोस्टर के साथ छेड़छाड़ का रास्ता है—एक सीट बदली तो पूरी श्रृंखला बदल जाएगी,” उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसा कानूनी विवाद पैदा करना चाहती है जिससे चुनाव टल जाएं, क्योंकि सरकार को अपनी हार का डर सता रहा है। बाईट। रणधीर शर्मा भाजपा विधायक1