ब्यावर के बिजयनगर रोड स्थित जैन दादावाड़ी में 'प्राज्ञ गुरु भक्त परिवार' द्वारा रविवार को एक 'जीव दया कार्यक्रम' आयोजित किया गया। इस पुण्य कार्य के तहत पक्षियों को दाना समर्पित किया गया, जिसमें संघ के सदस्यों ने पर्यावरण एवं जीव संरक्षण का संदेश दिया। यह सेवा कार्य विशेष रूप से 'नानक वंश के अष्टम पट्टधर आचार्य प्रवर 1008 श्री सुदर्शन लाल जी म. सा.' और उनके 'आदि ठाणा 4' के 28 जून 2026 (रविवार) को होने वाले मंगल प्रवेश के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इसके अतिरिक्त, 10 जुलाई 2026 (कृष्ण षक्ष की दशमी) को होने वाले तेला तप, बड़ी मांगलिक एवं भगवान पार्श्वनाथ की विघ्न विनाशक साधना के सुअवसर को भी ब्यावर श्री संघ को मिलने के अवसर पर यह आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी जीवों के प्रति करुणा का भाव जागृत करना और समाज में सेवा संस्कारों को बढ़ावा देना रहा। 'प्राज्ञ गुरु भक्त परिवार' स्वयं इस कार्यक्रम के लाभार्थी रहे। इसमें राम कुमार बमानिया, अनिल लोढा, अमित बाबेल, मुकेश बाफना, नवलेश बुरड, मोहित काठेड, विनय बोहरा, मंजु बाफना, हर्ष भंसाली, धैर्य बाबेल सहित अनेक सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के सेवा कार्य समय-समय पर आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी अनवरत रूप से जारी रहेंगे, क्योंकि पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना मानव का नैतिक दायित्व है, विशेषकर वर्तमान बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों में।
ब्यावर के बिजयनगर रोड स्थित जैन दादावाड़ी में 'प्राज्ञ गुरु भक्त परिवार' द्वारा रविवार को एक 'जीव दया कार्यक्रम' आयोजित किया गया। इस पुण्य कार्य के तहत पक्षियों को दाना समर्पित किया गया, जिसमें संघ के सदस्यों ने पर्यावरण एवं जीव संरक्षण का संदेश दिया। यह सेवा कार्य विशेष रूप से 'नानक वंश के अष्टम पट्टधर आचार्य प्रवर 1008 श्री सुदर्शन लाल जी म. सा.' और उनके 'आदि ठाणा 4' के 28 जून 2026 (रविवार) को होने वाले मंगल प्रवेश के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इसके अतिरिक्त, 10 जुलाई 2026 (कृष्ण षक्ष की दशमी) को होने वाले तेला तप, बड़ी मांगलिक एवं भगवान पार्श्वनाथ की विघ्न विनाशक साधना के सुअवसर को भी ब्यावर श्री संघ को मिलने के अवसर पर यह आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सभी जीवों के प्रति करुणा का भाव जागृत करना और समाज में सेवा संस्कारों को बढ़ावा देना रहा। 'प्राज्ञ गुरु भक्त परिवार' स्वयं इस कार्यक्रम के लाभार्थी रहे। इसमें राम कुमार बमानिया, अनिल लोढा, अमित बाबेल, मुकेश बाफना, नवलेश बुरड, मोहित काठेड, विनय बोहरा, मंजु बाफना, हर्ष भंसाली, धैर्य बाबेल सहित अनेक सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के सेवा कार्य समय-समय पर आयोजित किए जाते रहे हैं और भविष्य में भी अनवरत रूप से जारी रहेंगे, क्योंकि पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना मानव का नैतिक दायित्व है, विशेषकर वर्तमान बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों में।
- राजस्थान के ब्यावर जिले में स्थित जैन दादाबाड़ी में एक अनोखा और अद्भुत दृश्य प्रतिदिन देखने को मिलता है। यहाँ हर दिन दोपहर करीब 2:30 बजे, निश्चित समय पर, 3 से 5 लाख कबूतर आते हैं। इन कबूतरों की खासियत यह है कि वे जैन नवकार मंत्र सुनते हैं और 'जय जिनेंद्र' कहने के बाद ही दाना चुगना शुरू करते हैं। इस घटना को जैन धर्म का एक चमत्कार और एक अद्भुत आश्चर्य माना जाता है, जहाँ लाखों कबूतर मंत्र सुनकर ही अपना भोजन ग्रहण करते हैं।1
- मुंबई से खाटू श्याम की 75वीं पदयात्रा पर निकले श्रद्धालु चंद्र प्रकाश का ब्यावर आगमन हुआ, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। चंद्र प्रकाश अब तक 1,00,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं, जो अपने आप में एक अत्यंत प्रेरणादायक उपलब्धि है। वर्ष 2019 से लगातार मुंबई से खाटू तक पदयात्रा कर रहे चंद्र प्रकाश अपनी श्याम भक्ति, सेवा भाव और दृढ़ संकल्प के कारण अन्य श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उनके ब्यावर पहुँचने पर उपस्थित भक्तों ने खाटू श्याम बाबा से उनकी सुख, समृद्धि एवं मंगलमय यात्रा की कामना की। ब्यावर स्थित रांका जी की बगीची में एक विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें धनराज जी रांका, रमेश जी श्रीमाल, पारसमल जी भटेवड़ा, दिलीप कुमार जी बाफना, हितेश जी कोठारी, मनीष जी रांका, अजय जी डोसी, हितेश जी श्रीमाल, कमलेश जी श्रीमाल, महावीर जी आबड़ और अशोक जी श्रीमाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर श्रद्धालु चंद्र प्रकाश का गर्मजोशी से स्वागत और सम्मान किया। जय श्री श्याम।1
- नागौर जिले के परबतसर क्षेत्र के एक ही गांव में शनिवार सुबह कोबरा सांप ने दो महिलाओं को अलग-अलग स्थानों पर डस लिया। बताया गया है कि एक महिला अपने घर पर बर्तन धो रही थी, जबकि दूसरी महिला घर के भीतर काम कर रही थी। घटना के तुरंत बाद दोनों महिलाओं को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उन्हें आगे के उपचार के लिए अजमेर के JLN अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों महिलाओं का इलाज जारी है और उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।1
- अजमेर में एक परीक्षा देने आई युवती को बुर्का पहने होने के कारण शुरुआत में केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया। इस स्थिति ने उसके भविष्य को दांव पर लगा दिया।1
- नसीराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल उद्यान योग के स्वरों से गूंज उठा, जहाँ एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योगाभ्यास के प्रति लोगों में भारी उत्साह उमड़ पड़ा, जिससे पूरा आयोजन बहुत सफल रहा।1
- नसीराबाद में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल उद्यान में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों, युवाओं, महिलाओं तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस अवसर पर नसीराबाद के सीईओ भी उपस्थित थे। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। वक्ताओं ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता निभाई और नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।1
- ढसूक स्थित राजकीय महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक विद्यालय के किला ग्राउंड में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर एक सामूहिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामवासियों ने जोश के साथ भाग लिया। प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया, साथ ही योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नियमित योगाभ्यास को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताया गया। कार्यक्रम का संचालन चिकित्साधिकारी मुकेश खटाणा और शारीरिक शिक्षक ज्योति कुमार ने किया, जिन्होंने उपस्थित लोगों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर पूर्व मंडल अध्यक्ष रामसिंह राठौड़, छीतरमल काशोटिया, रूपचंद टेलर, प्रधान जागीड, लक्ष्मण सिंह, शंकरलाल चौधरी, गोरधन चौधरी, जितेंद्र शर्मा, जितेंद्र बम्बेरवाल, अशोक वैष्णव, शंभू मेघवंशी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी और गाँव के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग को अपनाने और एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।3
- ब्यावर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला एवं सेशन न्यायाधीश, ब्यावर के निर्देशानुसार एक योग एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का समन्वय सोनल पारीख, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला न्यायाधीश), ब्यावर और जिला बार संघ, ब्यावर द्वारा संयुक्त रूप से न्यायालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एडीजे 3, ब्यावर श्री विजयप्रकाश सोनी और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ब्यावर सोनल पारीख द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा माँ सरस्वती को पुष्प अर्पित करके किया गया। कृष्णा योग मंच के प्रशिक्षकों, जिनमें श्री आनंद कुमावत, श्री विष्णु कुमावत और अधिवक्ता श्री नरपत सिंह रावत शामिल थे, ने उपस्थितजनों को योगाभ्यास एवं प्राणायाम कराया। इस दौरान योग के नियमित अभ्यास से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। हार्टफुलनेस संस्था के ओमप्रकाश कुमावत और रवि मेडतवाल ने भी इस अवसर पर ध्यान सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम में, विजयप्रकाश सोनी ने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाया जाना चाहिए। वहीं, सचिव सोनल पारीख ने मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन के लिए योग और ध्यान को आवश्यक बताते हुए सभी प्रतिभागियों को इसे अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर, अधिवक्ता परिषद चित्तौड़ प्रांत, जिला संघ, ब्यावर द्वारा सभी उपस्थित प्रतिभागियों को स्वास्थ्यवर्धक जूस वितरित किया गया। इस अवसर पर अन्य न्यायिक अधिकारीगण, जिनमें पंकज सांखला, प्रवीण चौहान, सुषमा जाखड़, अमन तेनगुरिया शामिल थे, के साथ-साथ न्यायालय कर्मचारीगण और जिला बार संघ के अध्यक्ष जसवंत राठी, सचिव श्यामप्रताप सिंह, ऋषिराज, जयप्रकाश जांगिड़, भरत सांखला, नेपाल सिंह रावत जैसे कई सदस्यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।1