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उत्तराखंड के नैनीताल स्थित भुजियाघाट में एक भीषण हादसा हुआ है। इस हादसे के दौरान एक कार और बुलेट मोटरसाइकिल गहरी खाई में गिर गईं।
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उत्तराखंड के नैनीताल स्थित भुजियाघाट में एक भीषण हादसा हुआ है। इस हादसे के दौरान एक कार और बुलेट मोटरसाइकिल गहरी खाई में गिर गईं।
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- चम्पावत के बनबसा थाने में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत पुलिस और एसओजी की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कारों के टायर चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए तीन टायर रिम सहित बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹52,000 है। यह पूरी कार्रवाई पचपखरिया निवासी चंदन सिंह रौतेला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने अपनी घर के बाहर खड़ी बलेनो कार और हुंडई अलकजार कार से टायर चोरी होने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस अधीक्षक चम्पावत के निर्देश पर गठित जांच टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और संदिग्धों से पूछताछ के बाद बदायूं (उत्तर प्रदेश) निवासी चिम्मन लाल और विवेश कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने दो अन्य साथियों प्रदीप और सुभाष उर्फ भूरा के साथ मिलकर अपनी ब्रेजा कार की मदद से जैक और पाने से गाड़ियों के टायर चोरी किए थे। चोरी के इन टायरों को उन्होंने खटीमा बाईपास रोड पर झाड़ियों में छिपा दिया था क्योंकि वे उनकी गाड़ी में फिट नहीं हो रहे थे। उसी रात आरोपियों ने खटीमा अमाऊ से एक टोयोटा हाईराइडर के भी चार टायर चोरी किए थे, जिन्हें उन्होंने अपनी ब्रेजा कार में लगा लिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर झाड़ियों से चोरी के तीन टायर बरामद कर लिए हैं और मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं बढ़ा दी हैं। गिरफ्तार आरोपी चिम्मन लाल के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के विभिन्न थानों में चोरी और शस्त्र अधिनियम के आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया है, वहीं मामले में संलिप्त अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।1
- चम्पावत में 12 जुलाई 2026 को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अवसर पर 45 श्रद्धालुओं का दल गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन और पूजन के लिए रवाना हुआ। मुख्य बस स्टेशन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। वन एवं पर्यावरण दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया। रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। इसके साथ ही विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी और नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने इस यात्रा को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को बहुत करीब से जानने का अवसर मिलेगा। बाबा सोमनाथ के जयघोष और शुभकामनाओं के बीच श्रद्धालुओं का दल अपने पवित्र गंतव्य के लिए रवाना हुआ। इस विदाई कार्यक्रम में गोविंद बोहरा, राजू गढ़कोटी, सानू प्रकाश सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है। समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है। मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।1
- नैनीताल के गरमपानी में राष्ट्रीय राजमार्ग-87 (नया 109) पर स्थित रामगढ़ पुल पर भारी और मालवाहक वाहनों के आवागमन पर 20 जुलाई 2026 तक 24 घंटे के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। दरअसल, 11 जुलाई 2026 को हुई अत्यधिक वर्षा के कारण रामगढ़ पुल के बाएं एबटमेंट के डाउनस्ट्रीम की विंग वॉल करीब 12 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते वर्तमान में पुल की चौड़ाई घटकर सिर्फ 3.50 मीटर ही रह गई है। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही से पुल और एप्रोच मार्ग को और ज्यादा नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है। विंग वॉल की मरम्मत का काम पूरा होने तक भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक विस्तृत डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके तहत अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाले भारी और मालवाहक वाहन अब क्वारब–नथुवाखान–रामगढ़–भवाली होकर हल्द्वानी जाएंगे, जबकि रानीखेत से हल्द्वानी जाने वाले वाहनों को खैरना–क्वारब–नथुवाखान–रामगढ़–भवाली मार्ग का उपयोग करना होगा। इसी तरह, हल्द्वानी से अल्मोड़ा जाने वाले वाहनों को खुटानी मार्ग से और अन्य वाहनों को भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब होकर भेजा जाएगा। हल्द्वानी से रानीखेत जाने वाले सभी भारी वाहन भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब–खैरना होकर जाएंगे, जबकि नैनीताल व ज्योलीकोट से अल्मोड़ा और रानीखेत जाने वाले वाहनों को भवाली–रामगढ़–नथुवाखान–क्वारब मार्ग से गुजारा जाएगा। इस डायवर्जन व्यवस्था से सेना के वाहनों, गैस, तेल, यात्री वाहनों और अन्य अति आवश्यक सामग्री लेकर चलने वाले वाहनों को पूरी तरह मुक्त रखा गया है। यातायात पुलिस नैनीताल ने सभी भारी व मालवाहक वाहनों के स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे इस निर्धारित डायवर्जन प्लान का कड़ाई से पालन करें और सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिस निर्देशों का पूरा सहयोग करें।3
- नैनीताल के हिमालयन बॉटनिकल गार्डन में झाड़ियों की सफाई के दौरान एक अत्यंत दुर्लभ और विषैला 'व्हाइट लिप्ड पिट वाइपर' सांप मिला है। इस गार्डन में पहली बार इस विशेष प्रजाति की मौजूदगी दर्ज की गई है। कर्मचारियों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित पकड़ा और उसे रिहायशी इलाके से दूर एक संरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। वन बीट अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि 'ट्राइमेरेसुरस अल्बोलाब्रिस' वैज्ञानिक नाम वाला यह सांप आमतौर पर हिमालयी क्षेत्रों और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। यह दो से तीन फीट लंबा, चमकदार हरे रंग का एक निशाचर जीव है, जिसकी मुख्य पहचान इसके सफेद होंठ (व्हाइट लिप) हैं। यह सांप खतरनाक 'हेमोटॉक्सिन' जहर से युक्त होता है, जो सीधे मानव रक्त और ऊतकों को प्रभावित करता है। इसके साथ ही वन विभाग ने जनता से अपील की है कि सांप दिखने पर उसे मारने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें।1
- पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनसुनवाई दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विकासखंडों और दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि विवाद, अतिक्रमण और पेंशन जैसी अपनी कई शिकायतें और मांगपत्र जिलाधिकारी के समक्ष रखे। जनसुनवाई के दौरान कुल 48 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश मामले पेयजल, सड़क और आर्थिक सहायता से संबंधित थे। जिलाधिकारी ने कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित न्याय और राहत देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना या समाधान में शिथिलता बरतना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने राजस्व, लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, विद्युत, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायतीराज, ग्रामीण विकास तथा खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां संबंधित अधिकारियों को खुद मौके पर जाकर वस्तुस्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इस जनसुनवाई कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी जितेन्द्र वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने कहा कि यह जनसुनवाई केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि आम जनता और प्रशासन के बीच विश्वास का एक सशक्त मंच है, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित करें।4
- चम्पावत के चल्थी क्षेत्र में सोमवार को शीशनगर के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां एक अनियंत्रित कार लगभग 50 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की जानकारी मिलते ही चल्थी चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुआ वाहन कार संख्या UK 03 A 2492 था, जो सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिरा था। इस हादसे में वाहन चालक रोहित (पुत्र राम सिंह बोरा) सहित कार में सवार अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ को सामान्य और कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को खाई से बाहर निकालकर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार के लिए उप जिला चिकित्सालय टनकपुर भेजा गया। इस पूरे राहत एवं बचाव अभियान में उपनिरीक्षक राकेश कठायत, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र, कांस्टेबल कमल नाथ, कांस्टेबल कुलदीप और कांस्टेबल चंद्र सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे के बाद चम्पावत पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बरसात के मौसम में पहाड़ी मार्गों पर वाहन बेहद सावधानी से चलाएं, तेज गति से चलने से बचें और सुरक्षित यात्रा के लिए यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें।2