Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखनऊ में संत रामपाल जी महाराज का विरोध करने वाले लोग अब खुद उनकी पुस्तकों का प्रचार कर रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि उनके विचारों को लेकर एक बड़ा बदलाव आया है।
Raju Verma
लखनऊ में संत रामपाल जी महाराज का विरोध करने वाले लोग अब खुद उनकी पुस्तकों का प्रचार कर रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि उनके विचारों को लेकर एक बड़ा बदलाव आया है।
More news from Lucknow and nearby areas
- पश्चिम बंगाल में राजमार्गों पर दशकों से चल रहे 1800 से अधिक अवैध टोल बूथ बंद कर दिए गए हैं, जिनमें से एक रोजाना ₹1 करोड़ तक कमाता था। इन बूथों से होने वाली करोड़ों की अवैध वसूली पहले सीपीएम और फिर टीएमसी के पार्टी कोष में जाती थी, जिसका स्थानीय लोगों को अब पता चला है।1
- कानपुर में एक एससी छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी प्रशिक्षु कांस्टेबल को जमानत मिल गई है। पीड़िता ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगाई है। गरीब परिवार से आने वाली छात्रा ने कानपुर पुलिस कमिश्नर से हस्तक्षेप की अपील की है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने शास्त्रों का हवाला देते हुए दावा किया है कि वे मूर्ति पूजा का खंडन करते हैं। उनका यह दावा लखनऊ के आध्यात्मिक समुदायों के बीच एक नई बहस का विषय बन गया है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद कस्बे में एक युवती की उम्मीदों पर उस वक्त पानी फिर गया, जब एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। इस घटना ने युवती के सपनों को चकनाचूर कर दिया है।1
- CBSE ने 12वीं बोर्ड का रिजल्ट घोषित कर दिया है, जिसमें 85.20% छात्र पास हुए हैं। यह पास प्रतिशत पिछले साल के मुकाबले 3% कम है, जिससे छात्रों में चिंता का माहौल है। छात्र अपना परिणाम SMS के ज़रिए भी जान सकते हैं।1
- लखनऊ के शिवलोक त्रिवेणी नगर में बिजली के एक खंभे में भीषण आग लग गई। राजधानी में आग लगने का यह सिलसिला लगातार जारी है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है।1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का लखनऊ में निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके आकस्मिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।1
- लखनऊ में समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री धरने पर बैठ गए हैं। वह सपा नेता राजकुमार भाटी के ब्राह्मण समाज विरोधी बयानों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है, जिससे राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है।1