भागलपुर के जिछो स्थित शिव मंदिर प्रांगण में सावन के पावन अवसर पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष विनीता सिंह और उनके सुपुत्र उत्कर्ष फाउंडेशन के निदेशक मंजीत सिंह द्वारा क्षेत्र की हजारों महिलाओं को साड़ी वितरित कर सम्मानित किया गया। मां-बेटे द्वारा मानवता और नारियों के प्रति सम्मान का परिचय देने वाले इस आयोजन से क्षेत्र की नारियों में काफी खुशी और उत्साह देखा गया। विनीता सिंह ने जानकारी दी कि यह परंपरा पिछले 10 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक भोलेनाथ की कृपा रहेगी, सावन की सोमवारी पर जिछो स्थित शिवलिंग पर जलार्पण करने आने वाली महिलाओं के सम्मान में साड़ी वितरण का यह कार्यक्रम हर साल आयोजित किया जाता रहेगा। वहीं मंजीत सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम पिछले दो दिनों से चल रहा है और सावन माह के प्रवेश तक लगातार जारी रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ी के दिलों में सनातन धर्म के प्रति आस्था अनवरत बनी रहे। इस विशेष सम्मान समारोह के दौरान स्थानीय ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। मौके पर डॉ. विभूति सिंह, राजेश कुमार, अभिमन्यु दास, सुभाष यादव और रंजीत कुमार सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
भागलपुर के जिछो स्थित शिव मंदिर प्रांगण में सावन के पावन अवसर पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष विनीता सिंह और उनके सुपुत्र उत्कर्ष फाउंडेशन के निदेशक मंजीत सिंह द्वारा क्षेत्र की हजारों महिलाओं को साड़ी वितरित कर सम्मानित किया गया। मां-बेटे द्वारा मानवता और नारियों के प्रति सम्मान का परिचय देने वाले इस आयोजन से क्षेत्र की नारियों में काफी खुशी और उत्साह देखा गया। विनीता सिंह ने जानकारी दी कि यह परंपरा पिछले 10 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक भोलेनाथ की कृपा रहेगी, सावन की सोमवारी पर जिछो स्थित शिवलिंग पर जलार्पण करने आने वाली महिलाओं के सम्मान में साड़ी वितरण का यह कार्यक्रम हर साल आयोजित किया जाता रहेगा। वहीं मंजीत सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम पिछले दो दिनों से चल रहा है और सावन माह के प्रवेश तक लगातार जारी रहेगा, ताकि आने वाली पीढ़ी के दिलों में सनातन धर्म के प्रति आस्था अनवरत बनी रहे। इस विशेष सम्मान समारोह के दौरान स्थानीय ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। मौके पर डॉ. विभूति सिंह, राजेश कुमार, अभिमन्यु दास, सुभाष यादव और रंजीत कुमार सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
- अपने बच्चों के भविष्य, शिक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए आज माताएं, बहनें और बेटियां सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गई हैं। मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा गया है कि सरकार को शर्म आनी चाहिए, जिसने महिलाओं को भी रोड पर उतरने के लिए नहीं छोड़ा है। जब देश की महिलाएं अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए अपने घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो जाएं, तो यह स्थिति पूरे लोकतंत्र के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- एक मां अपने तीन-तीन मासूम बच्चों को सुनसान नदी के किनारे अकेला छोड़कर चली गई। बच्चों के रोने और बिलखने की चीख सुनकर पास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों मासूम बच्चों को उनके दादा-दादी के सुपुर्द कर दिया है।1
- गोड्डा में अपनी खुशियों की तलाश में तीन मासूम बच्चों को बेसहारा छोड़ दिया गया है। इन मासूम बच्चों को इस हाल में बेसहारा छोड़े जाने के बाद यही सवाल उठ रहा है कि आखिर उनका क्या कसूर था।1
- कटिहार जिले के मनिहारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मनसाही प्रखंड में कांग्रेस द्वारा प्रखंड स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर संगठन विस्तार का संदेश दिया गया। इस सम्मेलन में संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष कमरुल हक ने की। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सऊद आलम, प्रदेश प्रवक्ता प्रेम राय, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. विपिन कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मीनाक्षी श्वेता और प्रदेश अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अल्तमश दीवान समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन समाप्त होने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा में कथित धांधली, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। कांग्रेस ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि छात्रों से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी अपने आंदोलन को और तेज करेगी।2
- छोटे बच्चे और बच्ची के बीच पढ़ाई, खेल और हंसी-मजाक को दर्शाती मजेदार कविताएं साझा की गई हैं। 'नन्हे दोस्त' शीर्षक वाली पहली कविता में बच्चा बाहर खेलने की बात कहता है, जिस पर बच्ची पहले पढ़ाई और फिर खेल की सलाह देती है। दोनों मिलकर साथ रहने और प्यार व खुशी बांटने का संदेश देते हैं। दूसरी कविता में भूख लगने पर बच्ची पहले हाथ धोने और फिर मजाक में पूछती है कि खाना नहीं, होमवर्क कर लिया क्या। वहीं एक अन्य मजेदार संवाद में पेंसिल गुम होने की बात पर बच्चा पूछता है कि जब बच्ची ने पेंसिल नहीं ली तो वह उसके अपने ही कान के पीछे कैसे मिली।1
- देश में छात्रों के सड़क पर होने पर विपक्ष ने भी सड़क पर उतरने का फैसला किया। राहुल गांधी के अनुसार, PM आवास जाने से पहले विपक्ष ने स्पीकर से मुलाकात की थी और सदन में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करवाने की मांग रखी थी। हालांकि, स्पीकर द्वारा सरकार से बात करने की बात कहे जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ और मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया गया। इस रवैये के बाद राहुल गांधी ने मांग की है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही, जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनका अपमान किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी छात्रों के साथ हुए व्यवहार के लिए माफी मांगें।1
- पटना में छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है, जहाँ प्रदर्शन के दौरान एक बीजेपी विधायक के साथ भी मारपीट की गई है। इस घटना के बीच पूरा देश बीजेपी के ख़िलाफ़ उठ खड़ा हुआ है और साफ़ कर दिया गया है कि अब इस सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी।1