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जगदीशपुर की जलमग्न सड़क ने खोली विकास की पोल, निर्माण के बाद एक ईंट तक नहीं लगी—ग्रामीण पूछ रहे, आखिर किसके भरोसे है गांव?* प्रधान के विकास कार्यों पर उठे सवाल, सड़क- नाली-जलनिकासी की बदहाली बनी व्यवस्था का आईना; शिकायतों के बीच एसडीएम शिखा शंखवार के संज्ञान से अब शुक्रवार के निरीक्षण पर टिकीं निगाहें* बारा, जसरा, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर में सड़क पर भरा पानी अब सिर्फ ग्रामीणों की परेशानी नहीं, बल्कि गांव में विकास और जिम्मेदारी के दावों की खुली पड़ताल बन गया है। जिस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण आवागमन करते हैं, वही रास्ता इन दिनों पानी से लबालब है। पैदल चलने वालों से लेकर दोपहिया वाहन चालकों तक को रास्ता पार करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह हालत अचानक नहीं बनी, बल्कि लंबे समय से रखरखाव और जलनिकासी की अनदेखी का नतीजा है। ऐसे में अब सवाल सीधे ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है—आखिर प्रधान द्वारा गांव में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए, किन समस्याओं का संज्ञान लिया गया और किन समस्याओं को यूं ही छोड़ दिया गया? ग्रामीणों के मुताबिक वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल में इसी सड़क का निर्माण कार्य कराया गया था। लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से आज तक सड़क पर मरम्मत के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई गई। यदि यह दावा सही है तो सवाल और गंभीर हो जाता है कि निर्माण के बाद सड़क के रखरखाव की व्यवस्था क्या रही? सड़क की हालत लगातार खराब होती रही तो ग्राम पंचायत स्तर पर इसकी सुध क्यों नहीं ली गई? आखिर किस स्तर पर इसकी निगरानी होनी थी और अब तक किसी जिम्मेदार ने इसकी वास्तविक स्थिति का संज्ञान क्यों नहीं लिया? ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी भरने के पीछे केवल बारिश को जिम्मेदार ठहराकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। यदि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था होती तो सड़क पर लंबे समय तक जलभराव की स्थिति क्यों बनती? गांव में नाली और जलनिकासी की व्यवस्था किस स्थिति में है?यदि नाली है तो उसकी सफाई कब हुई? यदि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है तो उसे विकसित कराने की जिम्मेदारी किसकी है? ये सवाल अब ग्रामीणों की जुबान पर हैं। सबसे बड़ा सवाल ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को लेकर भी उठ रहा है। प्रधान द्वारा अब तक गांव में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए, उनकी प्राथमिकता क्या रही और जिन रास्तों से बड़ी आबादी गुजरती है, उनकी हालत पर कितनी बार ध्यान दिया गया? ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब सड़क, नाली, जलनिकासी और सुरक्षित आवागमन जैसी मूलभूत जरूरत सामने आती है तो ग्रामीणों को अधिकारियों के दरवाजे तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि ग्राम पंचायत में विकास का वास्तविक पैमाना क्या है—कागजों पर दर्ज कार्य या जमीन पर दिखाई देने वाली सुविधा? ग्रामीणों के अनुसार समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन लंबे समय तक प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उनका आरोप है कि न तो स्थानीय स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान कराया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति को गंभीरता से देखा। आधी से अधिक आबादी के आवागमन से जुड़े रास्ते का इस तरह पानी में डूबा रहना व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जरूर हलचल दिखाई दी। गुरुवार को मीडिया द्वारा उपजिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार से समस्या के संबंध में बातचीत की गई। उपजिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराने तथा ग्रामीणों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस तत्परता से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है, लेकिन अब असली सवाल निरीक्षण के बाद होने वाली कार्रवाई का है। क्या शुक्रवार का निरीक्षण केवल सड़क पर भरे पानी की तस्वीर देखकर लौट आएगा या फिर सड़क निर्माण से लेकर उसके रखरखाव, जलनिकासी और ग्राम पंचायत की भूमिका तक पूरी स्थिति की पड़ताल होगी?क्या यह देखा जाएगा कि वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल में कराया गया निर्माण किस स्थिति में है और उसके बाद सड़क के रखरखाव के लिए क्या कदम उठाए गए? क्या ग्राम पंचायत से यह पूछा जाएगा कि इस महत्वपूर्ण रास्ते की समस्या को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई? और यदि शिकायतें हुई थीं तो उन पर क्या संज्ञान लिया गया? ग्रामीणों की परेशानी का असली समाधान तभी माना जाएगा जब निरीक्षण के बाद सड़क से पानी हटे, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बने और जरूरत के अनुसार सड़क की मरम्मत कराई जाए। महज पानी निकाल देना समस्या का अंत नहीं होगा, क्योंकि अगली बारिश में यदि वही पानी फिर सड़क पर जमा हो गया तो पूरा मामला वहीं लौट आएगा। जरूरत स्थायी जलनिकासी और मजबूत सड़क व्यवस्था की है। जगदीशपुर की सड़क अब प्रशासन के सामने एक सीधा सवाल बनकर खड़ी है।निर्माण हुआ तो उसके बाद रखरखाव क्यों नहीं हुआ? सड़क खराब हुई तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं हुई? पानी भरता रहा तो जलनिकासी की व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी गई? ग्रामीण शिकायत करते रहे तो संज्ञान क्यों नहीं लिया गया? और यदि ग्राम पंचायत में विकास कार्य हुए हैं तो उनका असर जमीन पर कहां दिखाई दे रहा है? अब गेंद प्रशासन के पाले में है। शुक्रवार का स्थलीय निरीक्षण यह तय करेगा कि जगदीशपुर की शिकायत सिर्फ एक और शिकायत बनकर फाइलों में दबती है या फिर मौके की हकीकत देखकर जिम्मेदारी और समाधान दोनों की दिशा में ठोस कदम उठता है। ग्रामीणों को अब आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए; निरीक्षण नहीं, समाधान चाहिए; और कागजी विकास नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाला विकास चाहिए

5 hrs ago
user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago

जगदीशपुर की जलमग्न सड़क ने खोली विकास की पोल, निर्माण के बाद एक ईंट तक नहीं लगी—ग्रामीण पूछ रहे, आखिर किसके भरोसे है गांव?* प्रधान के विकास कार्यों पर उठे सवाल, सड़क- नाली-जलनिकासी की बदहाली बनी व्यवस्था का आईना; शिकायतों के बीच एसडीएम शिखा शंखवार के संज्ञान से अब शुक्रवार के निरीक्षण पर टिकीं निगाहें* बारा, जसरा, प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर में सड़क पर भरा पानी अब सिर्फ ग्रामीणों की परेशानी नहीं, बल्कि गांव में विकास और जिम्मेदारी के दावों की खुली पड़ताल बन गया है। जिस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण आवागमन करते हैं, वही रास्ता इन दिनों पानी से लबालब है। पैदल चलने वालों से लेकर दोपहिया वाहन चालकों तक को रास्ता पार करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की यह हालत अचानक नहीं बनी, बल्कि लंबे समय से रखरखाव और जलनिकासी की अनदेखी का नतीजा है। ऐसे में अब सवाल सीधे ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है—आखिर प्रधान द्वारा गांव में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए, किन समस्याओं का संज्ञान लिया गया और किन समस्याओं को यूं ही छोड़ दिया गया? ग्रामीणों के मुताबिक वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल में इसी सड़क का निर्माण कार्य कराया गया था। लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद से आज तक सड़क पर मरम्मत के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई गई। यदि यह दावा सही है तो सवाल और गंभीर हो जाता है कि निर्माण के बाद सड़क के रखरखाव की व्यवस्था क्या रही? सड़क की हालत लगातार खराब होती रही तो ग्राम पंचायत स्तर पर इसकी सुध क्यों नहीं ली गई? आखिर किस स्तर पर इसकी निगरानी होनी थी और अब तक किसी जिम्मेदार ने इसकी वास्तविक स्थिति का संज्ञान क्यों नहीं लिया? ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी भरने के पीछे केवल बारिश को जिम्मेदार ठहराकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। यदि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था होती तो सड़क पर लंबे समय तक जलभराव की स्थिति क्यों बनती? गांव में नाली और जलनिकासी की व्यवस्था किस स्थिति में है?यदि नाली है तो उसकी सफाई कब हुई? यदि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है तो उसे विकसित कराने की जिम्मेदारी किसकी है? ये सवाल अब ग्रामीणों की जुबान पर हैं। सबसे बड़ा सवाल ग्राम पंचायत के विकास कार्यों को लेकर भी उठ रहा है। प्रधान द्वारा अब तक गांव में कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए, उनकी प्राथमिकता क्या रही और जिन रास्तों से बड़ी आबादी गुजरती है, उनकी हालत पर कितनी बार ध्यान दिया गया? ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जब सड़क, नाली, जलनिकासी और सुरक्षित आवागमन जैसी मूलभूत जरूरत सामने आती है तो ग्रामीणों को अधिकारियों के दरवाजे तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में जनता यह जानना चाहती है कि ग्राम पंचायत में विकास का वास्तविक पैमाना क्या है—कागजों पर दर्ज कार्य या जमीन पर दिखाई देने वाली सुविधा? ग्रामीणों के अनुसार समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन लंबे समय तक प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी। उनका आरोप है कि न तो स्थानीय स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान कराया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति को गंभीरता से देखा। आधी से अधिक आबादी के आवागमन से जुड़े रास्ते का इस तरह पानी में डूबा रहना व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जरूर हलचल दिखाई दी। गुरुवार को मीडिया द्वारा उपजिलाधिकारी बारा शिखा शंखवार से समस्या के संबंध में बातचीत की गई। उपजिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थलीय निरीक्षण कराने तथा ग्रामीणों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस तत्परता से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है, लेकिन अब असली सवाल निरीक्षण के बाद होने वाली कार्रवाई का है। क्या शुक्रवार का निरीक्षण केवल सड़क पर भरे पानी की तस्वीर देखकर लौट आएगा या फिर सड़क निर्माण से लेकर उसके रखरखाव, जलनिकासी और ग्राम पंचायत की भूमिका तक पूरी स्थिति की पड़ताल होगी?क्या यह देखा जाएगा कि वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के कार्यकाल में कराया गया निर्माण किस स्थिति में है और उसके बाद सड़क के रखरखाव के लिए क्या कदम उठाए गए? क्या ग्राम पंचायत से यह पूछा जाएगा कि इस महत्वपूर्ण रास्ते की समस्या को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई? और यदि शिकायतें हुई थीं तो उन पर क्या संज्ञान लिया गया? ग्रामीणों की परेशानी का असली समाधान तभी माना जाएगा जब निरीक्षण के बाद सड़क से पानी हटे, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बने और जरूरत के अनुसार सड़क की मरम्मत कराई जाए। महज पानी निकाल देना समस्या का अंत नहीं होगा, क्योंकि अगली बारिश में यदि वही पानी फिर सड़क पर जमा हो गया तो पूरा मामला वहीं लौट आएगा। जरूरत स्थायी जलनिकासी और मजबूत सड़क व्यवस्था की है। जगदीशपुर की सड़क अब प्रशासन के सामने एक सीधा सवाल बनकर खड़ी है।निर्माण हुआ तो उसके बाद रखरखाव क्यों नहीं हुआ? सड़क खराब हुई तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं हुई? पानी भरता रहा तो जलनिकासी की व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी गई? ग्रामीण शिकायत करते रहे तो संज्ञान क्यों नहीं लिया गया? और यदि ग्राम पंचायत में विकास कार्य हुए हैं तो उनका असर जमीन पर कहां दिखाई दे रहा है? अब गेंद प्रशासन के पाले में है। शुक्रवार का स्थलीय निरीक्षण यह तय करेगा कि जगदीशपुर की शिकायत सिर्फ एक और शिकायत बनकर फाइलों में दबती है या फिर मौके की हकीकत देखकर जिम्मेदारी और समाधान दोनों की दिशा में ठोस कदम उठता है। ग्रामीणों को अब आश्वासन नहीं, जवाब चाहिए; निरीक्षण नहीं, समाधान चाहिए; और कागजी विकास नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाला विकास चाहिए

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प्रयागराज में भारी वर्षा होने के कारण प्रयागराज में जल जमाव हो गया था जिला अधिकारी ने निर्देश देकर पानी निकासि का दिया निर्देश
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    32 min ago
  • प्रयागराज के नारी बारी से सुरवल साहनी ने एच30 में मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कुछ लोगो की मौत और दर्जन भर लोग हुए घायल प्रयागराज के नारी बारी से सुरवल साहनी ने एच30 में मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कुछ लोगो की मौत और दर्जन भर लोग हुए घायल
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    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अंजना मैडम पत्रकारिता करते हुए नजर आई बीजेपी के लिए खतरे कि घंटी। अंजना ने लाइव डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला की बोलती बंद कर दी अंजना: क्या आप अपने बच्चों को डिटर्जेंट मिला हुआ खाना खिला सकते हैं, जैसा छात्रों को मिड-डे मील में दिया गया? अंजना : अब मैं रोज़ ये तस्वीरें दिखाऊँगी और अपनी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता से सवाल पूछूँगी ज़रा सोचिए, अगर पत्रकार नियमित रूप से इसी तरह रीढ़ की हड्डी दिखाकर सवाल पूछने लगें तो क्या होगा! अंजना मैडम आजकल बदली बदली सी क्यो दिख रही है ....
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    अंजना मैडम पत्रकारिता करते हुए नजर आई बीजेपी के लिए खतरे कि घंटी। 

अंजना ने लाइव डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला की बोलती बंद कर दी 

अंजना: क्या आप अपने बच्चों को डिटर्जेंट मिला हुआ खाना खिला सकते हैं, जैसा छात्रों को मिड-डे मील में दिया गया?
अंजना : अब मैं रोज़ ये तस्वीरें दिखाऊँगी और अपनी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता से सवाल पूछूँगी
ज़रा सोचिए, अगर पत्रकार नियमित रूप से इसी तरह रीढ़ की हड्डी दिखाकर सवाल पूछने लगें तो क्या होगा!
अंजना मैडम आजकल बदली बदली सी क्यो दिख रही है ....
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अंडरपास में जलभराव से राहगीर परेशान, विभागीय लापरवाही उजागर अंडरपास में जलभराव से राहगीर परेशान, विभागीय लापरवाही उजागर *मेजा, प्रयागराज।* मेजा क्षेत्र के मेजा रोड स्थित रेलवे अंडरपास पुलिया में पानी भरने से राहगीरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अंडरपास राहगीरों के लिए सबब बन गया है। बरसात का मौसम शुरू होते ही इस पुलिया की पुरानी समस्या फिर सामने आ गई है। पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी अंडरपास में ही जमा हो जाता है। कई-कई दिनों तक पानी भरा रहने से वहां कीचड़ और फिसलन हो गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी भरे होने के कारण पैदल चलने वालों, स्कूली बच्चों और बाइक सवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिसलन के कारण आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं चार पहिया वाहनों के गुजरने पर गंदा पानी राहगीरों पर उछल जाता है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या विभागीय कर्मचारियों और रेलवे विभाग की लापरवाही की देन है। हर साल बरसात से पहले नाले और अंडरपास की सफाई का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। समय पर सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित है। क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और रेलवे विभाग से मांग की है कि अंडरपास पुलिया में जमा पानी की तुरंत निकासी कराई जाए और स्थायी जल निकास की व्यवस्था की जाए, ताकि राहगीरों को इस परेशानी से निजात मिल सके।
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    अंडरपास में जलभराव से राहगीर परेशान, विभागीय लापरवाही उजागर
अंडरपास में जलभराव से राहगीर परेशान, विभागीय लापरवाही उजागर
*मेजा, प्रयागराज।* मेजा क्षेत्र के मेजा रोड स्थित रेलवे अंडरपास पुलिया में पानी भरने से राहगीरों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अंडरपास राहगीरों के लिए सबब बन गया है।
बरसात का मौसम शुरू होते ही इस पुलिया की पुरानी समस्या फिर सामने आ गई है। पानी की निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी अंडरपास में ही जमा हो जाता है। कई-कई दिनों तक पानी भरा रहने से वहां कीचड़ और फिसलन हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी भरे होने के कारण पैदल चलने वालों, स्कूली बच्चों और बाइक सवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिसलन के कारण आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं चार पहिया वाहनों के गुजरने पर गंदा पानी राहगीरों पर उछल जाता है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या विभागीय कर्मचारियों और रेलवे विभाग की लापरवाही की देन है। हर साल बरसात से पहले नाले और अंडरपास की सफाई का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। समय पर सफाई न होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित है।
क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और रेलवे विभाग से मांग की है कि अंडरपास पुलिया में जमा पानी की तुरंत निकासी कराई जाए और स्थायी जल निकास की व्यवस्था की जाए, ताकि राहगीरों को इस परेशानी से निजात मिल सके।
    user_Dhananjay Prajapati
    Dhananjay Prajapati
    Artist Meja, Prayagraj•
    22 hrs ago
  • अयोध्या - चंपत राय के लेटर बम पर नृपेंद्र मिश्र का बयान - मैंने पत्र नहीं देखा , आप लोग विवाद कराना चाहते हैं !! अयोध्या - चंपत राय के लेटर बम पर नृपेंद्र मिश्र का बयान - मैंने पत्र नहीं देखा , आप लोग विवाद कराना चाहते हैं !!
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    अयोध्या -

चंपत राय के लेटर बम पर नृपेंद्र मिश्र का बयान - 

मैंने पत्र नहीं देखा , आप लोग विवाद कराना चाहते हैं !!
अयोध्या -
चंपत राय के लेटर बम पर नृपेंद्र मिश्र का बयान - 
मैंने पत्र नहीं देखा , आप लोग विवाद कराना चाहते हैं !!
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नारीबारी चौकी क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से चार मजदूरों की मौत सूचना मिलते ही नारीबारी चौकी पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया तथा राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अपने स्तर से कंफर्म करें नारीबारी चौकी क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से चार मजदूरों की मौत सूचना मिलते ही नारीबारी चौकी पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया तथा राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अपने स्तर से कंफर्म करें
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    नारीबारी चौकी क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से चार मजदूरों की मौत सूचना मिलते ही नारीबारी चौकी पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया तथा राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अपने स्तर से कंफर्म करें
नारीबारी चौकी क्षेत्र में भीषण सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से चार मजदूरों की मौत सूचना मिलते ही नारीबारी चौकी पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया तथा राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अपने स्तर से कंफर्म करें
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    45 min ago
  • NH.30 नारीबारी सूरवल साहनी मार्ग पर बड़ा हादसा मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कई लोगों की मौत होने की खबर प्रयागराज नारीबारी से सुरवल साहनी को जोड़ने वाले NH-30 पर आज एक दर्दनाक हादसा हो गया। लेबरों/मजदूरों से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर में दर्जनों मजदूर सवार थे। ओवरलोड और तेज रफ्तार के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। वीडियो में ट्रैक्टर का अगला टायर तक निकल कर अलग घास में पड़ा दिखाई दे रहा है।हताहत स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में कई लोगों की मौत की खबर है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पलटे हुए ट्रैक्टर को क्रेन से सीधा करने का प्रयास किया जा रहा है।कारणपुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।मृतकों की सही संख्या और घायलों की सूची की आधिकारिक पुष्टि पुलिस/प्रशासन से होना बाकी है
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    NH.30 नारीबारी सूरवल साहनी मार्ग पर बड़ा हादसा मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कई लोगों की मौत होने की खबर
प्रयागराज
नारीबारी से सुरवल साहनी को जोड़ने वाले NH-30 पर आज एक दर्दनाक हादसा हो गया। लेबरों/मजदूरों से भरी तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर में दर्जनों मजदूर सवार थे। ओवरलोड और तेज रफ्तार के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया और ट्रैक्टर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। वीडियो में ट्रैक्टर का अगला टायर तक निकल कर अलग घास में पड़ा दिखाई दे रहा है।हताहत स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में कई लोगों की मौत की खबर है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पलटे हुए ट्रैक्टर को क्रेन से सीधा करने का प्रयास किया जा रहा है।कारणपुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है।मृतकों की सही संख्या और घायलों की सूची की आधिकारिक पुष्टि पुलिस/प्रशासन से होना बाकी है
    user_राकेश पटेल सी न्यूज़
    राकेश पटेल सी न्यूज़
    Voice of people बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *प्रयागराज, यमुनानगर थाना शंकरगढ़ नारीबारी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सुरवल साहनी रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कुछ लोगो की मौत और दर्जन भर लोग हुए घायल सूचना आ रही है* *प्रयागराज, यमुनानगर थाना शंकरगढ़ नारीबारी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सुरवल साहनी रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कुछ लोगो की मौत और दर्जन भर लोग हुए घायल सूचना आ रही है*
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    *प्रयागराज, यमुनानगर थाना शंकरगढ़ नारीबारी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सुरवल साहनी रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कुछ लोगो की मौत और दर्जन भर लोग हुए घायल सूचना आ रही है*
*प्रयागराज, यमुनानगर थाना शंकरगढ़ नारीबारी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत सुरवल साहनी रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर मजदूरों से भरा ट्रैक्टर पलटा कुछ लोगो की मौत और दर्जन भर लोग हुए घायल सूचना आ रही है*
    user_राम सिंह कबीर
    राम सिंह कबीर
    बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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