गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र के ग्राम गोड़ी खास में चार वर्षीय मासूम सिद्धार्थ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके बाद डॉक्टरों ने मृतक का विसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। इससे पहले, 6 जुलाई को घर के बाहर खेलते समय लापता हुए मासूम सिद्धार्थ का क्षत-विक्षत शव 9 जुलाई को उसके घर से लगभग 20–25 मीटर दूर चरी के खेत में मिला था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के शरीर पर किसी गंभीर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। इस मामले में नामजद आरोपी दादी से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान आरोपी दादी ने अपने पति पर भी संदेह जताने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया। पुलिस घटनास्थल के साथ-साथ आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है और सीडीआर सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। उधर, बेटे की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय उपचार दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है और मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र के ग्राम गोड़ी खास में चार वर्षीय मासूम सिद्धार्थ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके बाद डॉक्टरों ने मृतक का विसरा सुरक्षित रख लिया है, जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। इससे पहले, 6 जुलाई को घर के बाहर खेलते समय लापता हुए मासूम सिद्धार्थ का क्षत-विक्षत शव 9 जुलाई को उसके घर से लगभग 20–25 मीटर दूर चरी के खेत में मिला था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के शरीर पर किसी गंभीर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। इस मामले में नामजद आरोपी दादी से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान आरोपी दादी ने अपने पति पर भी संदेह जताने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया। पुलिस घटनास्थल के साथ-साथ आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है और सीडीआर सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। उधर, बेटे की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय उपचार दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जारी है और मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने की वजह से फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
- गाजीपुर जिले की जमानिया तहसील में स्टांप विक्रेताओं द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। हिंदुस्तान न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, विक्रेता ₹10 के स्टांप और ₹10 की टिकट को ₹20-₹20 में बेच रहे हैं। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो स्टांप और दो टिकट खरीदने पर कुल ₹80 लिए जा रहे हैं, जबकि रजिस्टर में इनकी कीमत मात्र ₹10 ही अंकित की जा रही है। इस मामले की जानकारी एसडीएम जमानिया को भी दी गई है और उन्हें घटना का वीडियो भी भेजा जा चुका है। आरोप है कि सबूत के तौर पर वीडियो उपलब्ध कराने के बावजूद अधिकारी लिखित शिकायत और गवाही की मांग कर रहे हैं और इस गंभीर विषय को नजरअंदाज कर रहे हैं। अब क्षेत्र में यह देखने का विषय है कि अधिकारियों को वीडियो साक्ष्य मिलने के बाद वे इस मनमानी पर क्या कार्रवाई करते हैं।3
- अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर अपनी राय स्पष्ट की है। उन्होंने राज्य के मौजूदा सियासी हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदेश में तीसरा मोर्चा ही जनता के लिए एकमात्र विकल्प है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक भावुक किस्सा साझा किया है। मंच से एक मफ़लर दिखाते हुए पीएम मोदी ने बताया कि 25-30 साल पहले, जब वे किसी सरकार का हिस्सा नहीं थे और सार्वजनिक जीवन में उन्हें कोई नहीं जानता था, तब उन्हें न्यूज़ीलैंड आने का मौका मिला था। इस यात्रा के दौरान उन्हें तीन उपहार मिले थे, जिनमें से एक खास मफ़लर उन्होंने आज भी संभालकर रखा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि वे आज भी इस मफ़लर का वैसे ही ध्यान रखते हैं, जैसे वे उनके प्यार का ध्यान रखते हैं। प्रधानमंत्री के इस भावुक संदेश पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सकलडीहा क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर के समीप शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जहां खेत से पशुओं का चारा लेकर आ रहा एक किसान हाईवोल्टेज बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। पीड़ित किसान खेत में कृषि कार्य निपटाकर लौट रहा था, तभी वहां से गुजर रहा लटकता हुआ बिजली का तार अचानक उसकी चपेट में आ गया। तेज करंट की वजह से किसान मौके पर ही बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़ा। चीख-पुकार सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान और ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और किसी तरह बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद झुलसे हुए किसान को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश फैल गया। मौके पर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार बेहद जर्जर हैं और नीचे लटके हुए हैं। इस संबंध में कई बार स्थानीय बिजली उपकेंद्र और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इसी लापरवाही के कारण आज एक गरीब किसान जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों और खराब खंभों को तुरंत बदला जाए। उन्होंने मुख्य रूप से खेतों के ऊपर से गुजर रहे ढीले तारों को ऊंचा करने, पुराने व सड़ चुके खंभों को बदलने और पीड़ित किसान के इलाज का पूरा खर्च तथा उचित मुआवजा बिजली विभाग द्वारा दिए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर जल्द ही विद्युत व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती (हर्रैया और कप्तानगंज क्षेत्र) में योगी आदित्यनाथ ने 504 करोड़ रुपये की लागत वाली 77 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस विकास-केंद्रित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर बेहद तीखे राजनीतिक हमले किए। योगी आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी फंड कब्रिस्तान की दीवारों पर खर्च होते थे, जबकि उनकी सरकार के कार्यकाल में 1500 मंदिरों का पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कब्रिस्तान बनाम मंदिर के नरेटिव को हवा देते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार कब्रिस्तान और वक्फ के नाम पर अतिक्रमण को बढ़ावा देती थी, जबकि कांवर यात्रा जैसी हिंदू परंपराओं और 'जय श्री राम' के नारों पर रोक लगाती थी। सपा के एक जिलाध्यक्ष की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "कब्रिस्तान के नाम पर कब्जा हो रहा था, सपा जिलाध्यक्ष खुद आए थे। लखनऊ में बैठे लोगों को केवल कब्रिस्तान ही दिखाई देता था।" उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तंज कसा कि अब वे भी भगवा पहनकर कांवर यात्रा में शामिल होना चाहते हैं, जबकि उनके शासनकाल में हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़ने के प्रयास हुए और कांवर यात्राओं को रोका गया। शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के कार्यकाल में केवल नकल और बेरोजगारी ही हाथ लगती थी, जबकि आज बेहतर शिक्षा व्यवस्था मौजूद है। 10 जुलाई 2026 को दिया गया यह भाषण केवल एक विकास कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। यह भाषण विकास और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की दोहरी रणनीति को मजबूत करते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा राजनीतिक संदेश देता है।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे एक बिजली के खम्बे में करंट आने से तीन बकरियों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पीड़ित बकरी स्वामी और स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को मामले की सूचना दी, लेकिन गंभीर लापरवाही दिखाते हुए विभाग ने सूचना मिलने के करीब डेढ़ घंटे बाद जाकर बिजली की लाइन काटी। बकरी स्वामी इरसाद का साफ कहना है कि यह घटना पूरी तरह से बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने इस खंभे में करंट आने की शिकायत पहले भी कई बार बिजली विभाग से की थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका नतीजा इस हादसे के रूप में सामने आया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि यह आम जनता के आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहां चौबीसों घंटे लोगों की आवाजाही रहती है। लोगों ने गुस्से में सवाल उठाया कि आज तो तीन बेजुबान जानवरों की जान गई है, लेकिन अगर इनकी जगह कोई इंसान होता तो इस मौत का जिम्मेदार कौन होता? गुस्साए लोगों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक इस बिजली के पोल को रास्ते से नहीं हटाया जाएगा, तब तक वे मृत जानवरों को भी वहां से नहीं हटने देंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के मौसम में अक्सर यहां बिजली के खंभों में करंट उतर आता है, लेकिन विभाग इसे नजरअंदाज करता है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।3