मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने 20 जून 2026 को पटना स्थित बामेती सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की। बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिला, जिनके खातों में 1,463 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे गए। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने डिजिटल कृषि मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना/पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पश्चिम बंगाल) का भी शुभारम्भ किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बिहार में किसानों को कृषि कार्य के लिए 64 पैसे प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और सोलर पम्प स्टोरेज सिस्टम से बिजली प्रदान करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने पीएम कुसुम योजना को किसानों के लिए लाभकारी बताया और जानकारी दी कि बिहार में अब तक लगभग 55 लाख किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जिससे उनकी जमीन चिन्हित होने के साथ-साथ उन्हें व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि 800 जीविका दीदियों को कृषि सखी बनाया गया है, जो किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करेंगी और इसके लाभों के प्रति जागरूक करेंगी। बिहार में पिछले दो दशकों में सिंचित भूमि 22 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर हो गई है, और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि को आधुनिक बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर कार्यक्रम की भी जानकारी दी, जिसके तहत 3,25,551 आवेदनों में से 2,75,000 से अधिक का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में 9 हजार पदाधिकारियों को पहला नोटिस, 350 को दूसरा नोटिस और एक पदाधिकारी को तीसरा नोटिस भेजा गया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि निष्पादित 7000 आवेदनों में दिए गए आदेशों की समीक्षा की जाएगी, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी के आदेश की समीक्षा अनुमंडलाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी के आदेश की जिलाधिकारी, और जिलाधिकारी के आदेश की प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा की जाएगी ताकि जनता को सौ फीसदी न्याय मिल सके। उन्होंने कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन के साथ-साथ हॉर्टिकल्चर और ऑर्गेनिक खेती पर भी ध्यान केंद्रित करने तथा पारंपरिक खेती की जगह समेकित खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। किसानों के उत्पादों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने हेतु बिहार के 45,000 गांवों में मार्केट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रत्येक महिला को 2 लाख 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसकी प्रथम किश्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जा चुके हैं और दूसरी किश्त जल्द ही दी जाएगी। बिहार में वर्तमान में 48 लाख लखपति दीदी हैं, और अगले दो वर्षों में 1 करोड़ जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। जीविका दीदियों को ऋण प्राप्त करने में सुविधा के लिए जीविका निधि बैंक भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार सबसे महंगी बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं को सबसे सस्ती दर पर उपलब्ध करा रहा है, और देश में सर्वाधिक 23,000 करोड़ रुपये का अनुदान बिजली उपभोक्ताओं को देने वाला राज्य बिहार है। राज्य के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि सहयोग शिविर कार्यक्रम में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने 1 जून से 30 जून तक चलाए जा रहे 'खेत बचाओ अभियान' का उल्लेख करते हुए बताया कि किसान पंजीकरण और भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने किसानों से विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया और पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को अपनी शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम को विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह और कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, कृषि विभाग के निदेशक श्री सौरभ सुमन यादव, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ वीरेन्द्र प्रसाद यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने 20 जून 2026 को पटना स्थित बामेती सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर, हुगली से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की। बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिला, जिनके खातों में 1,463 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे गए। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने डिजिटल कृषि मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना/पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पश्चिम बंगाल) का भी शुभारम्भ किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बिहार में किसानों को कृषि कार्य के लिए 64 पैसे प्रति यूनिट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और सोलर पम्प स्टोरेज सिस्टम से बिजली प्रदान करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने पीएम कुसुम योजना को किसानों के लिए लाभकारी बताया और जानकारी दी कि बिहार में अब तक लगभग 55 लाख किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जिससे उनकी जमीन चिन्हित होने के साथ-साथ उन्हें व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि 800 जीविका दीदियों को कृषि सखी बनाया गया है, जो किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करेंगी और इसके लाभों के प्रति जागरूक करेंगी। बिहार में पिछले दो दशकों में सिंचित भूमि 22 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर हो गई है, और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि को आधुनिक बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सहयोग शिविर कार्यक्रम की भी जानकारी दी, जिसके तहत 3,25,551 आवेदनों में से 2,75,000 से अधिक का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में 9 हजार पदाधिकारियों को पहला नोटिस, 350 को दूसरा नोटिस और एक पदाधिकारी को तीसरा नोटिस भेजा गया है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि निष्पादित 7000 आवेदनों में दिए गए आदेशों की समीक्षा की जाएगी, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी के आदेश की समीक्षा अनुमंडलाधिकारी, अनुमंडलाधिकारी के आदेश की जिलाधिकारी, और जिलाधिकारी के आदेश की प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा की जाएगी ताकि जनता को सौ फीसदी न्याय मिल सके। उन्होंने कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन के साथ-साथ हॉर्टिकल्चर और ऑर्गेनिक खेती पर भी ध्यान केंद्रित करने तथा पारंपरिक खेती की जगह समेकित खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। किसानों के उत्पादों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने हेतु बिहार के 45,000 गांवों में मार्केट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच पर भी विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रत्येक महिला को 2 लाख 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसकी प्रथम किश्त के रूप में 10 हजार रुपये दिए जा चुके हैं और दूसरी किश्त जल्द ही दी जाएगी। बिहार में वर्तमान में 48 लाख लखपति दीदी हैं, और अगले दो वर्षों में 1 करोड़ जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। जीविका दीदियों को ऋण प्राप्त करने में सुविधा के लिए जीविका निधि बैंक भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बिहार सबसे महंगी बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं को सबसे सस्ती दर पर उपलब्ध करा रहा है, और देश में सर्वाधिक 23,000 करोड़ रुपये का अनुदान बिजली उपभोक्ताओं को देने वाला राज्य बिहार है। राज्य के सभी घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि सहयोग शिविर कार्यक्रम में किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसान आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त हो सकें। मुख्यमंत्री ने 1 जून से 30 जून तक चलाए जा रहे 'खेत बचाओ अभियान' का उल्लेख करते हुए बताया कि किसान पंजीकरण और भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने किसानों से विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया और पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों को अपनी शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम को विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह और कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, कृषि विभाग के निदेशक श्री सौरभ सुमन यादव, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ वीरेन्द्र प्रसाद यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया।
- Malkhan,singhMadhya Pradesh🛕8 hrs ago
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष को सीधी चुनौती दी है, स्पष्ट किया कि इस मामले में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच शुरू की जा चुकी है। उन्होंने सभी को "15 दिन इंतजार करने" को कहा, ताकि "दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए"। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस दस्तावेज या सबूत है, तो उसे टीवी डिबेट या प्रेस कॉन्फ्रेंस के बजाय सीधे एसआईटी को प्रस्तुत करना चाहिए। इस दौरान, मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग कभी भगवान राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठाते थे और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वे ही आज रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने "भगवान राम का मंदिर न बनने पाए उसके लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था"। समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए, सीएम योगी ने आरोप लगाया कि रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने वाले लोग अब उपदेश देने की भूमिका में आ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी ने रामभक्तों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी बहकावे में न आएं और अयोध्या को बदनाम करने की कोशिशों से सावधान रहें।1
- Labour Addaa, भारत का एक डिजिटल कारीगर प्लेटफॉर्म है, जो कुशल कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है। यह मंच प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, राजमिस्त्री, पेंटर, बढ़ई, वेल्डर, AC मैकेनिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों के साथ-साथ अन्य सभी कुशल कारीगरों के लिए बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म कारीगरों के लिए कई आकर्षक सुविधाएँ प्रदान करता है, जिनमें मुफ्त पंजीकरण, कोई कमीशन नहीं, और कोई मासिक शुल्क नहीं शामिल है। इसके माध्यम से, कारीगर सीधे ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर सकते हैं और उन्हें घर बैठे ही काम के ऑर्डर प्राप्त करने का अवसर मिलता है। Labour Addaa इन सुविधाओं के ज़रिए कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करता है, और उन्हें आज ही इससे जुड़ने का आह्वान किया गया है।1
- शिक्षा मंत्री मिथलेश कुमार तिवारी ने एक बड़ा बयान जारी किया है, जिसके अनुसार यदि शिक्षक स्कूल कैंपस से बाहर जाते हैं तो उनकी हाजिरी काट ली जाएगी।1
- राजधानी पटना के कंकड़बाग क्षेत्र में 'शिवम् हॉस्पिटल' ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 'मेमोरीट्री स्टूडियो' का औपचारिक शुभारम्भ किया है। हॉस्पिटल द्वारा उठाए गए इस कदम का उद्देश्य नन्हे कदमों को नई उमंग प्रदान करना बताया गया है।1
- आज फैसल खान उर्फ खान सर के नाम से पहचाने जाने वाले व्यक्ति के अस्पताल में अग्निशमन टीम दूसरी बार पहुंची है। यह कदम पहली जांच में मिली खामियों के बाद उठाया गया है। इस दौरान टीम अस्पताल का ऑडिट कर रही है, जिसकी जानकारी अग्निशमन पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने दी है। इस पूरे घटनाक्रम से खान सर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।1
- राजपुर को अपनी 325 वर्ष पुरानी ‘तारतम सागर’ नामक पांडुलिपि पर गर्व है, जिसे एक ऐतिहासिक धरोहर और एक अमर संदेश के रूप में देखा जा रहा है।1
- भारत का डिजिटल कारीगर प्लेटफॉर्म Labour Addaa, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, राजमिस्त्री, पेंटर, बढ़ई, वेल्डर, AC मैकेनिक और अन्य कुशल कारीगरों के लिए एक विशेष अवसर प्रदान कर रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर कारीगर मुफ्त पंजीकरण कर सकते हैं और उन्हें कोई कमीशन या मासिक शुल्क नहीं देना होगा। इससे कारीगर सीधे ग्राहकों से संपर्क स्थापित कर पाएंगे और घर बैठे ही काम के ऑर्डर प्राप्त कर सकेंगे। Labour Addaa सभी कुशल कारीगरों को आज ही इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आग्रह करता है।1
- पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर री-नीट परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के साथ-साथ राज्य पुलिस बल को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।1
- शुक्रवार रात 9:20 बजे वाराणसी में एक सीएनजी पंप पर भीषण आग लग गई। यह हादसा वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर करखियाव गांव के पास स्थित पंप पर उस समय हुआ, जब एक गाड़ी में सीएनजी भरी जा रही थी। आग इतनी भयानक थी कि उसकी लपटें 40 फीट की ऊंचाई तक उठने लगीं और देखते ही देखते इसने विकराल रूप ले लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग गैस लीक होने और गाड़ी में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। करीब पाँच घंटे की मशक्कत के बाद, रात 2 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इस घटना से वाराणसी में एक बड़ा हादसा टल गया।1