डूंगरपुर में राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में नर्सिंग अभ्यर्थियों और संविदा, निविदा, यूटीबी सहित विभिन्न योजनाओं के नर्सिंग कार्मिकों ने अपने हक की हुंकार भरते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम 8 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नर्सिंग भर्ती, टीएसपी क्षेत्र के अधिकार और सेवा बहाली जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। ज्ञापन में मुख्य रूप से 12,000 नर्सिंग ऑफिसर और 7,000 एएनएम पदों पर अनुभव आधारित मेरिट और 10, 20, 30 बोनस अंकों के आधार पर शीघ्र भर्ती की मांग की गई है। इसके साथ ही, टीएसपी क्षेत्र के लिए 4,000 नर्सिंग ऑफिसर और 2,000 एएनएम के अलग पद सृजित करने, तथा नर्सिंग ऑफिसर सीधी भर्ती-2023 में टीएसपी क्षेत्र को शून्य पद दिए जाने की भरपाई करने की अपील की गई। समिति ने सीएसआर भर्ती से प्रभावित नर्स ग्रेड-II कार्मिकों की सेवा बहाली, दिवंगत नर्सिंग कर्मी स्वर्गीय दीपक खारवाल के परिवार को न्याय, और प्रदेशभर के सभी रिक्त नर्सिंग पदों को जल्द भरने की मांग भी रखी। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि ये मांगें सिर्फ नर्सिंग कार्मिकों के हित तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, टीएसपी क्षेत्र के साथ न्याय सुनिश्चित करना और हजारों योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। निविदा कृमि अध्यक्ष उदयपुर जॉन के मुकेश डामोर ने राज्य सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
डूंगरपुर में राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में नर्सिंग अभ्यर्थियों और संविदा, निविदा, यूटीबी सहित विभिन्न योजनाओं के नर्सिंग कार्मिकों ने अपने हक की हुंकार भरते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम 8 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नर्सिंग भर्ती, टीएसपी क्षेत्र के अधिकार और सेवा बहाली जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। ज्ञापन में मुख्य रूप से 12,000 नर्सिंग ऑफिसर और 7,000 एएनएम पदों पर अनुभव आधारित मेरिट और
10, 20, 30 बोनस अंकों के आधार पर शीघ्र भर्ती की मांग की गई है। इसके साथ ही, टीएसपी क्षेत्र के लिए 4,000 नर्सिंग ऑफिसर और 2,000 एएनएम के अलग पद सृजित करने, तथा नर्सिंग ऑफिसर सीधी भर्ती-2023 में टीएसपी क्षेत्र को शून्य पद दिए जाने की भरपाई करने की अपील की गई। समिति ने सीएसआर भर्ती से प्रभावित नर्स ग्रेड-II कार्मिकों की सेवा बहाली, दिवंगत नर्सिंग कर्मी स्वर्गीय दीपक खारवाल के परिवार को न्याय, और प्रदेशभर के सभी
रिक्त नर्सिंग पदों को जल्द भरने की मांग भी रखी। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि ये मांगें सिर्फ नर्सिंग कार्मिकों के हित तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना, टीएसपी क्षेत्र के साथ न्याय सुनिश्चित करना और हजारों योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। निविदा कृमि अध्यक्ष उदयपुर जॉन के मुकेश डामोर ने राज्य सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
- डूंगरपुर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग की प्रदेशाध्यक्ष ममता भूपेश के निर्देशानुसार सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग ने बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। जिला अध्यक्ष सुखदेव यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के प्रथम दलित उप प्रधानमंत्री, महान स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य बाबू जगजीवन राम की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस श्रद्धांजलि सभा में पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन महासचिव नारायण पंड्या ने की। विशिष्ट अतिथियों में उपाध्यक्ष बंशीलाल साद, केवीएस अध्यक्ष रतनलाल पाटीदार, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द पटेल, एडवोकेट विवेक दीक्षित, मोहनलाल यादव, लक्ष्मण यादव, भगवती प्रसाद पंड्या, सेवादल विधानसभा अध्यक्ष नरेश पंड्या, एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष रितेश भगोरा, सचिन कोटड़िया, मिलिंद पंड्या और लोकेश रोत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। वक्ताओं ने बाबू जगजीवन राम के सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्र निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि बाबूजी का जीवन संघर्ष, समर्पण और सेवा की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने संविधान के मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में उनके अविस्मरणीय योगदान की सराहना की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन भगवती प्रसाद पंड्या ने किया, और अंत में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।1
- भारतीय जनता पार्टी के चौरासी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सीमलवाड़ा मंडल की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक मंडल उपाध्यक्ष प्रेमनाथ कलासुआ के निवास पर आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी संगठन को सर्वोपरि मानते हुए पार्टी हाईकमान द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना था। साथ ही, आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस को प्रत्येक बूथ पर गरिमापूर्ण एवं प्रभावी ढंग से मनाने का आह्वान किया गया। बैठक में भाजपा जिला उपाध्यक्ष हंसमुख पंड्या मुख्य अतिथि रहे, जबकि मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने इसकी अध्यक्षता की और जिला मीडिया प्रभारी गुणवंत कलाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मुख्य वक्ता हंसमुख पंड्या ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक विचार आधारित संगठन है जहाँ संगठन सर्वोपरि है। उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता से पार्टी हाईकमान के निर्देशों का पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ पालन करने का आह्वान किया। पंड्या ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन को राष्ट्रवाद, अखंडता और जनसेवा का प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनके बलिदान दिवस के अवसर पर मंडल के प्रत्येक बूथ पर कार्यक्रम आयोजित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को जन-जन तक पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने संगठन के सभी अभियानों एवं कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर भी जोर दिया। विशिष्ट अतिथि गुणवंत कलाल ने कार्यकर्ताओं को संगठन के डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और सरल ऐप के प्रभावी उपयोग की विस्तृत जानकारी दी, यह बताते हुए कि वर्तमान समय में तकनीक संगठन की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग कर प्रशिक्षण, संगठनात्मक गतिविधियों, सदस्यता, कार्यक्रमों की जानकारी तथा विभिन्न अभियानों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया, क्योंकि डिजिटल रूप से सशक्त कार्यकर्ता ही संगठन को और अधिक मजबूत बना सकते हैं। मंडल अध्यक्ष परेश पाटीदार ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा की और सभी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंडल महामंत्री प्रवीण पाटीदार, मंडल उपाध्यक्ष लक्ष्मण लाल डामोर, लोकेंद्र सिंह चौहान, प्रेमनाथ कलासुआ, मंडल मंत्री जयेश वसीटा, शक्ति केंद्र प्रभारी रमेश पाटीदार, देवेंद्र दर्जी, गौतम पाटीदार, गंगाराम रोत, अरविंद कटारा, नटवर पाटीदार, कीर्ति पंड्या, अमरसिंह सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- राजसमंद जिले के भीम थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहाँ हामेला की वेर गांव की 12 और 10 साल की दो सगी बहनें रोजाना की तरह स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन घर वापस नहीं लौटीं। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में एक टाटा नेक्सॉन कार में सवार अज्ञात लोग दोनों छात्राओं को अपने साथ ले गए। परिजनों को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से आए कॉल के बाद इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद छात्राओं की मां निर्मला कुमारी ने भीम थाने में अपनी दोनों नाबालिग बेटियों के कथित अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। सूचना मिलते ही भीम थाना पुलिस सक्रिय हो गई और छात्राओं की तलाश शुरू कर दी। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच कर रही है। फिलहाल, पुलिस ने अपहरण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले के हर पहलू की जांच जारी है, और घटना की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस कथित अपहरण की खबर से राजसमंद में हड़कंप मच गया है।1
- कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के खेड़ा धरतीघाटा इलाके में स्थित ग्राम मोहकमपुरा में बीती रात चोर एक घर से तीन भैंसें चुरा ले गए। यह वारदात पाटन थाना क्षेत्र के अंतर्गत कमली पत्नी कालसिंह सिंगाड़ के घर हुई, जहाँ अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मवेशियों को चुरा लिया। सुबह घटना का पता चलने पर पूरे गाँव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से गाँव में लगातार चोरी की वारदातें हो रही हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जिससे लोगों में काफी दहशत है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और मोहकमपुरा की अस्थायी पुलिस चौकी पर स्थायी पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। उधर, पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट के आधार पर पाटन पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया और अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है।2
- खेरवाड़ा पुलिस ने पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशों के अंतर्गत हुई, जिसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खेरवाड़ा अंजना सुखवाल और वृताधिकारी राजीव राहड़ के सुपरविजन में थानाधिकारी करनाराम जाट के नेतृत्व में गठित टीम ने पूरा किया। थानाधिकारी ने जानकारी दी कि टीम ने मुस्तैदी से चेकिंग करते हुए मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत कार्रवाई की। इस दौरान कुल 07 पावर और मॉडिफाइड बाइकों को जब्त किया गया। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी कारों के शीशों पर काली फिल्म लगाने वाले 05 कार चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उप खंड क्षेत्र के पाटन पुलिस थाना अंतर्गत मोहकमपुरा गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। तरालिया रोड पर स्थित कमली पती कलसिंग जाती सिंगाड के घर से अज्ञात चोर रात्रि का फायदा उठाकर घर में बंधी तीन भेंसें चुरा कर ले गए। प्राइम न्यूज राजस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, मोहकमपुरा में पिछले दो सालों से लगातार अज्ञात चोर चोरी की घटनाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्यवश अब तक कोई भी चोर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाया है। इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और मोहकमपुरा में एक अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित कर पुलिस जाप्ता तैनात करने की मांग की है। इस बीच, पीड़ित परिवार ने पाटन पुलिस थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है। सूचना मिलने पर पाटन पुलिस मौके पर पहुंची और मौका पर्चा बनाकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।4
- डूंगरपुर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जिला कमेटी ने सोमवार को बिछीवाड़ा उपखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कनबा चौकी प्रभारी पर एसएफआई के जिलाध्यक्ष जितेश वरहात के साथ कथित अभद्रता, गाली-गलौज और अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ था। प्रदर्शन के बाद, एसएफआई कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बीते 23 जून को कनबा चौकी में तैनात एएसआई संतोष रोत ने एसएफआई जिलाध्यक्ष के साथ दुर्व्यवहार किया था। इस विरोध सभा को संबोधित करते हुए पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौतमलाल डामोर ने कहा कि पुलिस प्रशासन से हमेशा निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है और यदि छात्र प्रतिनिधियों के साथ ऐसा अपमानजनक बर्ताव होगा तो जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति के सम्मान का नहीं, बल्कि छात्र-युवा समाज और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का है, और एसएफआई किसी भी दमनकारी मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी। एसएफआई के जिला उपाध्यक्ष नानुराम और किसान सभा के जिलाध्यक्ष बापुराम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस का काम जनता की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखना है, और पद का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस विरोध सभा को शिल्पा, विशाल, रणजीत, राजकुमार और आकेश सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। एसएफआई ने मांग की है कि पूरे मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी के विरुद्ध कठोर कानूनी व विभागीय कार्रवाई हो। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे। एसएफआई ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र कोई ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन पूरे डूंगरपुर जिले में चरणबद्ध तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।1
- डूंगरपुर में जिला कलक्टर देशलदान की अध्यक्षता में जिला परिषद के ईडीपी सभागार में एक साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पेयजल वितरण, जर्जर भवनों की स्थिति, पालनहार योजना में लाभान्वितों की जानकारी, विद्युत आपूर्ति, पीएम सूर्य घर बिजली कनेक्शन और कृषि कनेक्शन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने इन सभी मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रकाश चंद्र रैगर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।2
- मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट को रविवार को भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण लगभग एक घंटे के लिए रनवे ऑपरेशन रोकना पड़ा, जिससे उड़ानों के शेड्यूल में बड़ी रुकावट आई। इस अस्थायी बंद के चलते, सामान्य परिचालन फिर से शुरू होने से पहले आने वाली और जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों में काफ़ी देरी का सामना करना पड़ा। वहीं, पूरी मुंबई में तेज बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, और सड़कें समुद्र जैसी बन गई हैं।3