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कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण पर एकदिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन।। रविवार के दिन ​डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र , माधोपुर द्वारा नौतन प्रखंड के पकड़िया गाँव में 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था। ​प्रशिक्षण के दौरान केवीके माधोपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए जल-जमाव वाले क्षेत्रों में मखाना की खेती एक वरदान साबित हो रही है। उन्होंने जोर दिया कि यदि किसान पारंपरिक विधियों के स्थान पर वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाएं, तो कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली पैदावार प्राप्त की जा सकती है। ​क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधवपुर के प्रभारी अधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि मखाना उत्पादन में बिहार देश का निर्विवाद रूप से अग्रणी राज्य है। देश के कुल उत्पादन का 85% से 90% हिस्सा अकेले बिहार से आता है। इसमें दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज मुख्य जिले हैं, जिनमें मधुबनी जिला अकेले लगभग 20% का योगदान देता है। ​​डॉ. जगपाल ने 'मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक पर विशेष जानकारी दी। उन्होंने कहा, "किसानों को केवल मखाना पर निर्भर रहने के बजाय एक ही तालाब में मछली पालन का मॉडल अपनाना चाहिए। इससे एक ही जल स्रोत से दोहरी आय प्राप्त होती है। मछलियों का अपशिष्ट मखाना के पौधों के लिए प्राकृतिक खाद का काम करता है, जिससे उर्वरक की लागत में भारी कमी आती है। ​ डॉ. चेलपुरी रामुलु ने मखाना की कटाई और प्रसंस्करण में होने वाली शारीरिक मेहनत को कम करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उन्नत हार्वेस्टिंग इंप्लीमेंट्स से न केवल समय बचता है बल्कि बीजों की गुणवत्ता भी बनी रहती है। ​वहीं तकनीकी सत्र में डॉ. सौरभ दुबे ने बताया कि मखाना अब केवल गहरे तालाबों तक सीमित नहीं है। आधुनिक 'खेत-आधारित' तकनीक के माध्यम से इसे सामान्य खेतों में भी सफलतापूर्वक उगाया जा रहा है, जो किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पकड़िया और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया और वैज्ञानिकों से मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण की बारीकियों को सीखा। प्रशिक्षण के उपरांत वैज्ञानिक नहीं मखाना संभावित एरिया को भ्रमण किया एवं एरिया में किसानों को मखाना लगाने के लिए प्रेरित किया एवं मखाना के बीच और नर्सरी की उपलब्धता करने के लिए आश्वासन दिया ।

1 day ago
user_RAVI PANDEY
RAVI PANDEY
Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
1 day ago
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कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण पर एकदिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन।। रविवार के दिन ​डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र , माधोपुर द्वारा नौतन प्रखंड के पकड़िया गाँव में 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था। ​प्रशिक्षण के दौरान केवीके माधोपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए जल-जमाव वाले क्षेत्रों में मखाना की खेती एक वरदान

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साबित हो रही है। उन्होंने जोर दिया कि यदि किसान पारंपरिक विधियों के स्थान पर वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाएं, तो कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली पैदावार प्राप्त की जा सकती है। ​क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधवपुर के प्रभारी अधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि मखाना उत्पादन में बिहार देश का निर्विवाद रूप से अग्रणी राज्य है। देश के कुल उत्पादन का 85% से 90% हिस्सा अकेले बिहार से आता है। इसमें दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज मुख्य जिले हैं, जिनमें मधुबनी जिला अकेले लगभग 20% का योगदान देता है। ​​डॉ. जगपाल ने 'मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक पर विशेष जानकारी दी। उन्होंने कहा,

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"किसानों को केवल मखाना पर निर्भर रहने के बजाय एक ही तालाब में मछली पालन का मॉडल अपनाना चाहिए। इससे एक ही जल स्रोत से दोहरी आय प्राप्त होती है। मछलियों का अपशिष्ट मखाना के पौधों के लिए प्राकृतिक खाद का काम करता है, जिससे उर्वरक की लागत में भारी कमी आती है। ​ डॉ. चेलपुरी रामुलु ने मखाना की कटाई और प्रसंस्करण में होने वाली शारीरिक मेहनत को कम करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उन्नत हार्वेस्टिंग इंप्लीमेंट्स से न केवल समय बचता है बल्कि बीजों की गुणवत्ता भी बनी रहती है। ​वहीं तकनीकी सत्र में डॉ. सौरभ दुबे

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ने बताया कि मखाना अब केवल गहरे तालाबों तक सीमित नहीं है। आधुनिक 'खेत-आधारित' तकनीक के माध्यम से इसे सामान्य खेतों में भी सफलतापूर्वक उगाया जा रहा है, जो किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ​इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पकड़िया और आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया और वैज्ञानिकों से मखाना उत्पादन एवं प्रसंस्करण की बारीकियों को सीखा। प्रशिक्षण के उपरांत वैज्ञानिक नहीं मखाना संभावित एरिया को भ्रमण किया एवं एरिया में किसानों को मखाना लगाने के लिए प्रेरित किया एवं मखाना के बीच और नर्सरी की उपलब्धता करने के लिए आश्वासन दिया ।

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  • ​माधोपुर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था। ​प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मखाना खेती के आधुनिक और तकनीकी पहलुओं को साझा किया: ​डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के बीच मखाना एक 'बीमा फसल' की तरह है। उन्होंने कहा, "जल-जमाव वाले क्षेत्रों में पारंपरिक धान के बजाय यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से मखाना की खेती करें, तो वे कम लागत में अधिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।" ​डॉ. हर्षा मखाना क्षेत्र में बिहार की वैश्विक और राष्ट्रीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार देश के कुल उत्पादन का लगभग 90% हिस्सा प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन से न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। ​डॉ. जगपाल ने ने एकीकृत मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक को आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया बताया। उनके अनुसार, "मखाना के साथ मछली पालन करने से खाद का खर्च 30% तक कम हो जाता है क्योंकि मछलियों का अपशिष्ट पौधों को पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे जल स्रोत का दोहरा उपयोग और दोहरी आय संभव है।" ​डॉ. चेलपुरी रामुलु ने प्रसंस्करण में तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि, "मखाना की कटाई और सफाई के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। इससे न केवल किसानों की शारीरिक मेहनत कम होती है, बल्कि बीजों की चमक और गुणवत्ता बनी रहती है, जिससे बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं।" ​डॉ. सौरभ दुबे ने मखाना की खेती के नए आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि, "अब मखाना केवल पुराने तालाबों का मोहताज नहीं है। 'खेत-प्रणाली' तकनीक से इसे धान के खेत की तरह सामान्य खेतों में भी उगाया जा सकता है, जो पारंपरिक खेती की तुलना में किसानों की आय को दोगुना करने का सामर्थ्य रखती है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया !
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    ​माधोपुर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था।
​प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मखाना खेती के आधुनिक और तकनीकी पहलुओं को साझा किया:
​डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के बीच मखाना एक 'बीमा फसल' की तरह है। उन्होंने कहा, "जल-जमाव वाले क्षेत्रों में पारंपरिक धान के बजाय यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से मखाना की खेती करें, तो वे कम लागत में अधिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।"
​डॉ. हर्षा मखाना क्षेत्र में बिहार की वैश्विक और राष्ट्रीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार देश के कुल उत्पादन का लगभग 90% हिस्सा प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन से न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है।
​डॉ. जगपाल  ने ने एकीकृत मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक को आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया बताया। उनके अनुसार, "मखाना के साथ मछली पालन करने से खाद का खर्च 30% तक कम हो जाता है क्योंकि मछलियों का अपशिष्ट पौधों को पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे जल स्रोत का दोहरा उपयोग और दोहरी आय संभव है।"
​डॉ. चेलपुरी रामुलु ने प्रसंस्करण में तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि, "मखाना की कटाई और सफाई के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। इससे न केवल किसानों की शारीरिक मेहनत कम होती है, बल्कि बीजों की चमक और गुणवत्ता बनी रहती है, जिससे बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं।"
​डॉ. सौरभ दुबे  ने मखाना की खेती के नए आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि, "अब मखाना केवल पुराने तालाबों का मोहताज नहीं है। 'खेत-प्रणाली'  तकनीक से इसे धान के खेत की तरह सामान्य खेतों में भी उगाया जा सकता है, जो पारंपरिक खेती की तुलना में किसानों की आय को दोगुना करने का सामर्थ्य रखती है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया !
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • नाबालिग अपहरण मामला 9 नामजद व 90 अज्ञात पर FIR, चार गिरफ्तार, युवती बरामद बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह करीब 6 बजे हुई नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 नामजद और 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, वहीं अपहृत नाबालिग को बेतिया से सकुशल बरामद कर लिया गया है। सोमवार के साम करीब 6 बजे सदर एसडीपीओ-2 रजनीश कांत प्रियदर्शी ने बताया कि रविवार दोपहर सूचना मिली थी कि फतुछापर गांव में एक युवक को ग्रामीणों ने बंधक बना रखा है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर बंधक युवक को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस पर हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस ने फतुछापर निवासी सतीश कुमार, राधेश्याम कुमार, राहुल कुमार और श्रीकांत कुमार को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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    नाबालिग अपहरण मामला 9 नामजद व 90 अज्ञात पर FIR, चार गिरफ्तार, युवती बरामद
बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह करीब 6 बजे हुई नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 नामजद और 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, वहीं अपहृत नाबालिग को बेतिया से सकुशल बरामद कर लिया गया है। सोमवार के साम करीब 6 बजे सदर एसडीपीओ-2 रजनीश कांत प्रियदर्शी ने बताया कि रविवार दोपहर सूचना मिली थी कि फतुछापर गांव में एक युवक को ग्रामीणों ने बंधक बना रखा है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर बंधक युवक को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस पर हमला कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने फतुछापर निवासी सतीश कुमार, राधेश्याम कुमार, राहुल कुमार और श्रीकांत कुमार को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    पत्रकार बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    13 hrs ago
  • रिक्शा चालक के बेटे शमशेर ने जिले में छठा स्थान पाकर रचा इतिहास बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। मेहनत ही सफलता की असली कुंजी होती है—इसे मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के छात्र शमशेर आलम ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिखाया है। साधारण परिवार से आने वाले शमशेर के पिता आसीन मियां रिक्शा चालक हैं, जबकि मां अनवरी खातून गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद शमशेर ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहे। कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर शमशेर ने मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षक और पूरे क्षेत्र में खुशी व गर्व का माहौल है। हर कोई उनके संघर्ष और लगन की सराहना कर रहा है। शमशेर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और सहयोग को दिया। साथ ही उन्होंने अपने शिक्षक वासुदेव कुमार के मार्गदर्शन को भी बेहद अहम बताया। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। इस सफलता के बाद शमशेर के पिता आसीन मियां ने जिला प्रशासन से अपने बेटे की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि वह आगे भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके। मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। रतन माला पंचायत के छौरहिया वार्ड 14 निवासी अभय कुमार सिंह के पुत्र संजीव कुमार ने 455 अंक प्राप्त किए। कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर वासुदेव कुमार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे वर्ष 2011 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने प्रेरणादायक शब्दों में कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।” उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए—नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली पहचान है।
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    रिक्शा चालक के बेटे शमशेर ने जिले में छठा स्थान पाकर रचा इतिहास
बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट
बेतिया। मेहनत ही सफलता की असली कुंजी होती है—इसे मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के छात्र शमशेर आलम ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिखाया है। साधारण परिवार से आने वाले शमशेर के पिता आसीन मियां रिक्शा चालक हैं, जबकि मां अनवरी खातून गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद शमशेर ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहे।
कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर शमशेर ने मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षक और पूरे क्षेत्र में खुशी व गर्व का माहौल है। हर कोई उनके संघर्ष और लगन की सराहना कर रहा है।
शमशेर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और सहयोग को दिया। साथ ही उन्होंने अपने शिक्षक वासुदेव कुमार के मार्गदर्शन को भी बेहद अहम बताया। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है।
इस सफलता के बाद शमशेर के पिता आसीन मियां ने जिला प्रशासन से अपने बेटे की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि वह आगे भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके।
मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। रतन माला पंचायत के छौरहिया वार्ड 14 निवासी अभय कुमार सिंह के पुत्र संजीव कुमार ने 455 अंक प्राप्त किए।
कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर वासुदेव कुमार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे वर्ष 2011 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने प्रेरणादायक शब्दों में कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।”
उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए—नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली पहचान है।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    13 hrs ago
  • बेतिया से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसमें मेयर से संबंधित होटल भोला इनको छापेमारी का सामना करना पड़ा जहां 80 सिलेंडर बरामद किए गए होटल के मालिक से इन सिलेंडरों के कागजात मांगे गए जिसके लिए होटल के मालिक ने 2 घंटे का समय मांगा कागजात न मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की बात की वीडियो में पूरा सच
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    बेतिया से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसमें मेयर से संबंधित होटल भोला इनको छापेमारी का सामना करना पड़ा जहां 80 सिलेंडर बरामद किए गए होटल के मालिक से इन सिलेंडरों के कागजात मांगे गए जिसके लिए होटल के मालिक ने 2 घंटे का समय मांगा कागजात न मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की बात की वीडियो में पूरा सच
    user_Neeraj kumar mishra
    Neeraj kumar mishra
    बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • नौतन, प्रखंड कार्यालय के किसान भवन में सोमवार को प्रमुख कृष्ण देव चौधरी की अध्यक्षता में पंसस की बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवन का मुद्दा सुर्खियों में छाया रहा. आग लगी की घटना में जले समानों के मुआवजा नहीं में मिलने से सदन में आक्रोश व्यक्त किया गया. बैठक में आगत सदस्यों को स्वागत बीडिओ सह प्रभारी सीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया. बैठक शुरू होने के दौरान बैकुठवां पंचायत के मुखिया अफरोज नैयर व भगवानपुर के मुखिया कनहैया यादव ने सदन में बताया कि पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए कभी तक अंचल कार्यालय द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं किया गया. साथ ही शमशान घाट के लिए भी जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया. जमुनिया पंचायत के मुखिया बंसत साह ने चार आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण का सवाल खड़ा किया. साथ ही कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभुको को राशि के अभाव में भुगतान नही हो रहा है. इससे लाभुक दौड़ लगा रहे हैं. पंचायत में लगे सोलर लाइट जल नहीं रहा है. सोलर के नाम पर राशि की बंदरबांट किया गया है. सदन में प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने कहा कि अगर मुखिया द्वारा सोलर सोलर लाइट लगाया जाता तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती. इसकी जाँच कर दोषी ऐजेसिंयो के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई. बैठक में वरदाहा पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र रहते हुए भी कर्मी गायब रहते हैं. जिससे गरीबों का इलाज नहीं होता है. बैठक में अंचल से जुड़े जमीन विवाद, दाखिल खारिज, समेत कई मुद्दे सुर्खियों में छाया रहा. बैठक में पश्चिमी नौतन और धूम नगर पंचायत में आवंटित भवन निर्माण जमीन के अभाव में नहीं हो रहा है. जमीन आवंटित करने के लिए सदन में सवाल उठाया गया. सदन में बीडिओ शैलेंद्र कुमार सिंह और सीडिपीओ संध्या कुमारी से आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए पहल करने की अपील प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने किया. इस दौरान सीएचसी प्रभारी डां अमरीश सिंह, पीओ मनीष कुमार, सीडिपीओ संध्या कुमारी, बीपीआरओ राजन कुमार, पर्यवेक्षक नवीन कुमार, उप प्रमुख अपसर हुसैन, सोनेलाल कुमार, मुखिया संघ के अध्यक्ष अनुपलाल यादव, मुखिया राज हरण, मंजू देवी, कौशल्या देवी, सदस्य, राकेश वर्मा, परमेस्वर साह, योगेन्द्र यादव, तेजू सहनी, बीईओ रेयाज अहमद, अवधेश प्रसाद, सुरेन्द्र यादव, आदि मौजूद रहे.
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    नौतन,  प्रखंड कार्यालय के किसान भवन में सोमवार को प्रमुख कृष्ण देव चौधरी की अध्यक्षता में पंसस की बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवन का मुद्दा सुर्खियों में छाया रहा. आग लगी की घटना में जले समानों के मुआवजा नहीं में मिलने से सदन में आक्रोश व्यक्त किया गया. बैठक में आगत सदस्यों को स्वागत बीडिओ सह प्रभारी सीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया. बैठक शुरू होने के दौरान बैकुठवां पंचायत के मुखिया अफरोज नैयर व भगवानपुर के मुखिया कनहैया यादव ने सदन में बताया कि पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए कभी तक अंचल कार्यालय द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं किया गया. साथ ही शमशान घाट के लिए भी जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया. जमुनिया पंचायत के मुखिया बंसत साह ने चार आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण का सवाल खड़ा किया. साथ ही कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभुको को राशि के अभाव में भुगतान नही हो रहा है. इससे लाभुक दौड़ लगा रहे हैं.  पंचायत में लगे सोलर लाइट जल नहीं रहा है. सोलर के नाम पर राशि की बंदरबांट किया गया है. सदन में प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने कहा कि अगर मुखिया द्वारा सोलर सोलर लाइट लगाया जाता तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती. इसकी जाँच कर दोषी ऐजेसिंयो के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई. बैठक में वरदाहा पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र रहते हुए भी कर्मी गायब रहते हैं. जिससे गरीबों का इलाज नहीं होता है. बैठक में अंचल से जुड़े जमीन विवाद, दाखिल खारिज, समेत कई मुद्दे सुर्खियों में छाया रहा. बैठक में पश्चिमी नौतन और धूम नगर पंचायत में आवंटित भवन निर्माण जमीन के अभाव में नहीं हो रहा है. जमीन आवंटित करने के लिए सदन में सवाल उठाया गया. सदन में बीडिओ शैलेंद्र कुमार सिंह और सीडिपीओ संध्या कुमारी से आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए पहल करने की अपील प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने किया. इस दौरान सीएचसी प्रभारी डां अमरीश सिंह, पीओ मनीष कुमार, सीडिपीओ संध्या कुमारी, बीपीआरओ राजन कुमार, पर्यवेक्षक नवीन कुमार, उप प्रमुख अपसर हुसैन, सोनेलाल कुमार, मुखिया संघ के अध्यक्ष अनुपलाल यादव, मुखिया राज हरण, मंजू देवी, कौशल्या देवी, सदस्य, राकेश वर्मा, परमेस्वर साह, योगेन्द्र यादव, तेजू सहनी, बीईओ रेयाज अहमद, अवधेश प्रसाद, सुरेन्द्र यादव, आदि मौजूद रहे.
    user_Akash Kumar
    Akash Kumar
    TV News Anchor नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • Mukhiya Rajendra Singh has emerged as a strong voice of the people, raising critical issues that have been ignored for years. From broken systems to long-pending public problems, his संघर्ष (struggle) reflects the pain and expectations of the common villagers. In this video, watch how Rajendra Singh boldly questions the authorities and highlights issues like non-functioning public services, including the long-closed tap water system in several wards. His fearless attitude and commitment have made him a symbol of hope and change in the region. This is not just a story of a leader, but a movement of people demanding their rights and basic facilities.
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    Mukhiya Rajendra Singh has emerged as a strong voice of the people, raising critical issues that have been ignored for years. From broken systems to long-pending public problems, his संघर्ष (struggle) reflects the pain and expectations of the common villagers.
In this video, watch how Rajendra Singh boldly questions the authorities and highlights issues like non-functioning public services, including the long-closed tap water system in several wards. His fearless attitude and commitment have made him a symbol of hope and change in the region.
This is not just a story of a leader, but a movement of people demanding their rights and basic facilities.
    user_Abhishek Kumar Shrivastava
    Abhishek Kumar Shrivastava
    Court reporter नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • सुगौली पुलिस ने वाहन जांच के दौरान चोरी की बाइक के साथ एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार, बरामद बाइक की चोरी को लेकर मोतिहारी मुफ्फसिल में मामला दर्ज है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों पर केस दर्ज किया है। और बाइक जप्त कर एक व्यक्ति को जेल भेजा है।
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    सुगौली पुलिस ने वाहन जांच के दौरान चोरी की बाइक के साथ एक व्यक्ति को किया गिरफ्तार, बरामद बाइक की चोरी को लेकर मोतिहारी मुफ्फसिल में मामला दर्ज है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों पर केस दर्ज किया है। और बाइक जप्त कर एक व्यक्ति को जेल भेजा है।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
  • मेहनत ही सफलता की असली कुंजी होती है, इसे मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के छात्र शमशेर आलम ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिखाया है। एक साधारण परिवार से आने वाले शमशेर के पिता आसीन मियां रिक्शा चालक हैं, जबकि उनकी मां अनवरी खातून गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद शमशेर ने कभी हिम्मत नहीं हारी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर शमशेर ने मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। हर कोई उनकी लगन और संघर्ष की सराहना कर रहा है। शमशेर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और सहयोग को दिया। साथ ही उन्होंने अपने शिक्षक वासुदेव कुमार के मार्गदर्शन को भी बेहद अहम बताया। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। इस सफलता के बाद शमशेर के पिता आसीन मियां ने जिला प्रशासन से अपने बेटे की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि उनका बेटा आगे भी इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके। मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है जिसमे रतन माला पंचायत के छौरहिया वार्ड 14 निवासी अभय कुमार सिंह के पुत्र संजीव कुमार ने 455 अंक प्राप्त किए। वहीं देव सिंह यादव की पुत्री सुधा कुमारी ने 453 अंक हासिल किए और विजय यादव के पुत्र आनंद कुमार ने 404 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की।सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर वासुदेव कुमार ने कहा कि वे वर्ष 2011 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने प्रेरणादायक शब्दों में कहा कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।” उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली पहचान है। इस मौके पर अभिमन्यु कुमार यादव, बागेश्वर यादव, अनिल कुमार, अनुज कुमार, राजा हुसैन, अभिषेक कुमार, सोनम कुमारी, बेबी कुमारी, सब्बू खातून, कीर्ति कुमारी, गुड़िया कुमारी, करीना कुमारी सहित कई लोग उपस्थित रहे और सभी ने छात्रों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की।
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    मेहनत ही सफलता की असली कुंजी होती है, इसे मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के छात्र शमशेर आलम ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिखाया है। एक साधारण परिवार से आने वाले शमशेर के पिता आसीन मियां रिक्शा चालक हैं, जबकि उनकी मां अनवरी खातून गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद शमशेर ने कभी हिम्मत नहीं हारी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर शमशेर ने मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस बड़ी उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। हर कोई उनकी लगन और संघर्ष की सराहना कर रहा है। शमशेर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और सहयोग को दिया। साथ ही उन्होंने अपने शिक्षक वासुदेव कुमार के मार्गदर्शन को भी बेहद अहम बताया। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। इस सफलता के बाद शमशेर के पिता आसीन मियां ने जिला प्रशासन से अपने बेटे की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि उनका बेटा आगे भी इसी तरह सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके।
मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है जिसमे रतन माला पंचायत के छौरहिया वार्ड 14 निवासी अभय कुमार सिंह के पुत्र संजीव कुमार ने 455 अंक प्राप्त किए। वहीं देव सिंह यादव की पुत्री सुधा कुमारी ने 453 अंक हासिल किए और विजय यादव के पुत्र आनंद कुमार ने 404 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की।सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर वासुदेव कुमार ने कहा कि वे वर्ष 2011 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने प्रेरणादायक शब्दों में कहा कि “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।”
उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली पहचान है।
इस मौके पर अभिमन्यु कुमार यादव, बागेश्वर यादव, अनिल कुमार, अनुज कुमार, राजा हुसैन, अभिषेक कुमार, सोनम कुमारी, बेबी कुमारी, सब्बू खातून, कीर्ति कुमारी, गुड़िया कुमारी, करीना कुमारी सहित कई लोग उपस्थित रहे और सभी ने छात्रों की इस सफलता पर खुशी जाहिर की।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
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