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#कौशाम्बी : ड्यूटी के दौरान महिला कांस्टेबल को लगी गोली, मौत से मचा हड़कंप... पूरी खबर पढ़ने के लिए चैनल को फेसबुक यूट्यूब इंस्टाग्राम पर फॉलो करें...
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अपना दल यस के संभावित प्रत्याशी शिव बालक कोल का बयान आया सामने बताया चुनावी समीकरण1
- बारा में दबंगों का आतंक, घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप बारा में दबंगों का आतंक, घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप तहरीर के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर पीड़ित परिवार निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल उत्तरप्रदेश /बारा। प्रयागराज जनपद के बारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा पूरी गौहानी में घर में घुसकर कथित मारपीट और तोड़फोड़ का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से वे भय के साये में जी रहे हैं और छोटे-छोटे बच्चों के साथ घर छोड़कर रहने को मजबूर हैं। वहीं, पुलिस को लिखित शिकायत देने के बावजूद समय पर कार्रवाई न होने के आरोप ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता मनोरती पत्नी भोलू विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि कुछ दबंग लोग उनके घर में घुस आए और मारपीट के साथ तोड़फोड़ की। घटना के बाद परिवार ने बारा थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि खबर लिखे जाने तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी। पीड़ित परिवार का दावा है कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे अपने घर में रहने से डर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करती और सुरक्षा उपलब्ध कराती तो उन्हें अपना घर छोड़ने की नौबत नहीं आती। परिवार ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो पुलिस को तत्काल मौके का निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। इससे कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान भी सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। यदि किसी पीड़ित परिवार को भय के कारण अपना घर छोड़ना पड़े तो यह गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानना उचित नहीं होगा। निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर की गई कार्रवाई ही न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रख सकती है।3
- रेस्टोरेंट संचालक और अधिवक्ता के बीच विवाद का एक और वीडियो आया सामने प्रयागराज: कई दिनों से चल रहे अधिवक्ता और रेस्टोरेंट संचालक के विवाद का आज वह वीडियो मिला बातचीत के दौरान हाथा पाई की प्रथम घटना किस पक्ष के द्वारा शुरू की गई वीडियो में स्पष्ट तौर पर देख सकते हैं। आगे की प्रक्रिया कानूनी है। जो वकील बखूबी जानते हैं और पूरी भी कर रहे हैं,जब बात चीत हो रही थी,तो अचानक अधिवक्ता विष्णु पांडेय पर ये मार पीट शुरू करने का क्या अभिप्राय है!1
- सोनवै में बंद मकान में चोरी का आरोप, डायल-112 की कार्रवाई पर उठे सवाल लालापुर, प्रयागराज। यमुनानगर के लालापुर थाना क्षेत्र के सोनवै ग्राम पंचायत में बंद मकान में चोरी का मामला सामने आने के बाद डायल-112 पुलिस की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस टीम घटनास्थल तक नहीं पहुंची और सिद्धेश्वर मंदिर से ही वापस लौट गई। जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर शाम गांव में बंद मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोर कथित रूप से बर्तन, करीब दो हजार रुपये नकद और चांदी की पायल चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी पीड़ित परिवार को बाद में हुई। डायल-112 के घटनास्थल तक नहीं पहुंचने का आरोप पीड़ित पक्ष के अनुसार चोरी की सूचना डायल-112 पर दी गई थी। आरोप है कि पुलिस टीम सोनवै ग्राम सभा स्थित सिद्धेश्वर मंदिर तक पहुंची, लेकिन कथित रूप से मकान का निरीक्षण किए बिना और पीड़ित पक्ष से विस्तृत पूछताछ किए बिना लौट गई। गुरुवार को मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद मौके पर पहुंचकर जानकारी ली गई और डायल-112 पुलिस से भी संपर्क किया गया। इस दौरान पुलिस की ओर से मामले को चोरी के बजाय पारिवारिक एवं जमीनी विवाद से जुड़ा बताया गया। इसके बाद पुलिस टीम दोबारा मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। तहरीर के बाद पुलिस जांच शुरू पीड़ित परिवार ने लालापुर थाने में लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मकान में वास्तव में चोरी हुई थी या मामला किसी पारिवारिक अथवा भूमि विवाद से जुड़ा है। साथ ही, पहली सूचना पर डायल-112 टीम घटनास्थल तक क्यों नहीं पहुंची, इस सवाल का जवाब भी पुलिस जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है। सोनवै में बंद मकान में चोरी का आरोप, डायल-112 की कार्रवाई पर उठे सवाल लालापुर, प्रयागराज। यमुनानगर के लालापुर थाना क्षेत्र के सोनवै ग्राम पंचायत में बंद मकान में चोरी का मामला सामने आने के बाद डायल-112 पुलिस की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस टीम घटनास्थल तक नहीं पहुंची और सिद्धेश्वर मंदिर से ही वापस लौट गई। जानकारी के मुताबिक, बुधवार देर शाम गांव में बंद मकान को निशाना बनाकर अज्ञात चोर कथित रूप से बर्तन, करीब दो हजार रुपये नकद और चांदी की पायल चोरी कर ले गए। घटना की जानकारी पीड़ित परिवार को बाद में हुई। डायल-112 के घटनास्थल तक नहीं पहुंचने का आरोप पीड़ित पक्ष के अनुसार चोरी की सूचना डायल-112 पर दी गई थी। आरोप है कि पुलिस टीम सोनवै ग्राम सभा स्थित सिद्धेश्वर मंदिर तक पहुंची, लेकिन कथित रूप से मकान का निरीक्षण किए बिना और पीड़ित पक्ष से विस्तृत पूछताछ किए बिना लौट गई। गुरुवार को मामला मीडिया के संज्ञान में आने के बाद मौके पर पहुंचकर जानकारी ली गई और डायल-112 पुलिस से भी संपर्क किया गया। इस दौरान पुलिस की ओर से मामले को चोरी के बजाय पारिवारिक एवं जमीनी विवाद से जुड़ा बताया गया। इसके बाद पुलिस टीम दोबारा मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। तहरीर के बाद पुलिस जांच शुरू पीड़ित परिवार ने लालापुर थाने में लिखित तहरीर देकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मकान में वास्तव में चोरी हुई थी या मामला किसी पारिवारिक अथवा भूमि विवाद से जुड़ा है। साथ ही, पहली सूचना पर डायल-112 टीम घटनास्थल तक क्यों नहीं पहुंची, इस सवाल का जवाब भी पुलिस जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।1
- जाम में जनता पस्त, पुलिस मोबाइल और आराम फरमाने में मस्त राजेश सरकार प्रयागराज। शहर के अति व्यस्त राजापुर हनुमान मन्दिर के पास लगातार वाहनों के वजह से जाम की स्थिति रोजाना बनी रहती है। रोड पर पट्टी दुकानदार सड़कों पर दुकान लगाकर व्यापार करते है। जिसकी वजह से यातायात बाधित होता है, सबसे मजेदार बात यह है श्रीहनुमान मन्दिर के ठीक सामने पुलिस बूथ पर लेटकर एक दीवानजी मोबाइल पर वीडियो चलाते हैं तो दूसरे दीवानजी कुर्सी पर आराम फरमा रहे हैं, वीडियो में आपको साफ-साफ दिख रहा होगा..?2
- केंद्रीय विद्यालय पार्क के सामने नाजिम की गाय बांधी जाती है अवध रूप से पार्क के रास्ते में1
- दो पक्षों में जमकर हुआ मारपीट,वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल प्रयागराज: मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के राम भवन चौराहे के पास देर रात किसी बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि,दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और लात-घूंसे चले। घटना में दो लोगों के घायल होने की जानकारी है,जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।1
- आधी रात पुलिस कार्रवाई के बाद फिर गरजा पत्थर गिरजाघर, TGT-PGT अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज 20 हजार से अधिक पदों पर पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न से विज्ञापन जारी करने की मांग, आमरण अनशन जारी प्रयागराज, 10 सितंबर 2026। TGT-PGT के 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 31 अगस्त से पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के बीच पांच अभ्यर्थियों का आमरण अनशन भी जारी है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, 8 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने फोन पर अधिकारियों की बैठक बुलाकर समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बाद अभ्यर्थियों को मांग पूरी होने की उम्मीद जगी, लेकिन 9 सितंबर की मध्यरात्रि पुलिस बल, एंबुलेंस और वाहनों के साथ धरना स्थल पहुंचा और धारा 163 से संबंधित आदेश का हवाला देते हुए धरना समाप्त कराने की कार्रवाई की गई। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ छात्रों को हल्की चोटें भी आईं। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी भी आंदोलनकारियों ने दी। पुलिस कार्रवाई के बाद गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दोबारा पत्थर गिरजाघर पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। आमरण अनशन कर रहे अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, अनशन जारी रहेगा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि 16 सितंबर 2025 को नियमावली में किए गए बदलाव से लाखों अभ्यर्थियों के शिक्षक भर्ती के अवसर प्रभावित हुए हैं। छात्रों ने पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न पर TGT-PGT का विज्ञापन तत्काल जारी करने, GK/GS, TET/CTET जैसी नई शर्तों तथा अन्य विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। धरने में एल.के. चौधरी, बृजेश सिंह, अखिलेश वर्मा, राकेश चौरसिया, सुशोभित, आरती सिंह, रिंकी चौहान, भानू शुक्ल, के.डी. वर्मा, दीपा सिंह, शिव पांडेय समेत सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे आधी रात पुलिस कार्रवाई के बाद फिर गरजा पत्थर गिरजाघर, TGT-PGT अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज 20 हजार से अधिक पदों पर पुरानी नियमावली व पुराने पैटर्न से विज्ञापन जारी करने की मांग, आमरण अनशन जारी प्रयागराज, 10 सितंबर 2026। TGT-PGT के 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 31 अगस्त से पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के बीच पांच अभ्यर्थियों का आमरण अनशन भी जारी है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, 8 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने फोन पर अधिकारियों की बैठक बुलाकर समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बाद अभ्यर्थियों को मांग पूरी होने की उम्मीद जगी, लेकिन 9 सितंबर की मध्यरात्रि पुलिस बल, एंबुलेंस और वाहनों के साथ धरना स्थल पहुंचा और धारा 163 से संबंधित आदेश का हवाला देते हुए धरना समाप्त कराने की कार्रवाई की गई। आंदोलनकारियों का आरोप है कि इस दौरान कुछ अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई और कुछ छात्रों को हल्की चोटें भी आईं। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह को हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी भी आंदोलनकारियों ने दी। पुलिस कार्रवाई के बाद गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दोबारा पत्थर गिरजाघर पहुंच गए और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। आमरण अनशन कर रहे अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, अनशन जारी रहेगा। अभ्यर्थियों का आरोप है कि 16 सितंबर 2025 को नियमावली में किए गए बदलाव से लाखों अभ्यर्थियों के शिक्षक भर्ती के अवसर प्रभावित हुए हैं। छात्रों ने पुरानी नियमावली एवं पुराने पैटर्न पर TGT-PGT का विज्ञापन तत्काल जारी करने, GK/GS, TET/CTET जैसी नई शर्तों तथा अन्य विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। धरने में एल.के. चौधरी, बृजेश सिंह, अखिलेश वर्मा, राकेश चौरसिया, सुशोभित, आरती सिंह, रिंकी चौहान, भानू शुक्ल, के.डी. वर्मा, दीपा सिंह, शिव पांडेय समेत सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे3
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