जबलपुर शहर में जमीन और फाइनेंस के नाम पर एक बड़े धोखाधड़ी सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें पीड़ितों ने उप-पंजीयक कार्यालय और बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। भू-माफिया द्वारा प्रताड़ित लोगों ने आनंद कुमार शुक्ला, अमन गुप्ता और राकेश गुप्ता के माध्यम से मीडिया के सामने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ितों ने दस्तावेजों के साथ बताया कि कैसे शहर के भोले-भाले नागरिकों को झांसा देकर करोड़ों रुपयों का चूना लगाया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नामजद एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित न्याय के लिए भटक रहे हैं। पत्रकार वार्ता में मो. शमीम मंसूरी के साथ हुई ठगी का खुलासा किया गया, जहाँ शातिर जालसाज मोहित तिवारी, रोहित यादव और नवीन कुमार तिवारी ने मिलकर गोहलपुर निवासी मंसूरी की कुदवारी स्थित 1283 वर्गफुट के मकान की रजिस्ट्री के दस्तावेज और आधार-पैन कार्ड हासिल किए। उन्होंने प्रकाश नामदेव के नाम से एक फर्जी मुख्तयारनामा (पावर ऑफ अटार्नी) तैयार कर प्रार्थी के मकान की रजिस्ट्री नवीन तिवारी के नाम करा दी। इसके बाद सेंटम हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से 22,86,029 रुपये का लोन लिया गया, जिसकी पूरी राशि प्रकाश नामदेव के खाते में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। पीड़ित को रिकवरी नोटिस मिलने पर ठगी का पता चला। यह शिकायत थाना अधारताल में दर्ज है। इसी तरह, अमर सिंह ठाकुर की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया, जहाँ संदीप श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित त्रिमूर्तिनगर के एक खाली प्लाट को देखकर ठाकुर की रजिस्ट्री भूमि के दस्तावेज हड़प लिए। संदीप श्रीवास्तव, सतेन्द्र उपाध्याय (फर्जी अमर सिंह ठाकुर बनकर), शशांक गौतम, अशलम खान और भानूप्रकाश ने मिलकर शांतिबाई कोष्ठा के फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड तैयार किए। उन्होंने सतेन्द्र उपाध्याय और तथाकथित शांतिबाई कोष्ठा को मोहित तिवारी और अंचल दुबे की गवाही में खड़ा कर रजिस्ट्री कार्यालय अंधुआ में 31.05.2019 को प्रार्थी की भूमि का फर्जी विक्रय पत्र निष्पादित कराया। इस फर्जी रजिस्ट्री को पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रखकर 52,60,000 रुपये का लोन आहरित कर लिया गया। इस मामले में थाना संजीवनीनगर में धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध है। अमन गुप्ता ने बताया कि लखन नायक, मोहित तिवारी, अर्जुन साहो, नितेश अवस्थी, प्रिया अवस्थी और उनके सहयोगी भैया जी पटेल उर्फ भैयालाल पटेल व आनंद पटेल ने पहले उनके पिता को विश्वास में लेकर मौजा माढोताल स्थित खसरा नंबर 152 के भूखंड क्रमांक 504 को विवाद मुक्त बताकर बिकवाया। जब पीड़ित ने अपनी पत्नी अंशिका गुप्ता और मित्र आयुष केशवानी की मां संगीता केशवानी के नाम रजिस्ट्री कराकर मकान निर्माण शुरू किया, तो आरोपियों की नीयत बदल गई। उन्होंने खर्च के नाम पर अवैध वसूली शुरू कर दी और मकान बनने के बाद भैया जी पटेल को आगे कर फर्जी शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया। वे मामला दबाने के लिए 10 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। अमन गुप्ता के अनुसार, दलाल मोहित तिवारी और लखन नायक ने उनके पिता को भरोसा दिलाया था कि राष्ट्रीय गृह निर्माण समिति का यह प्लॉट मूल मालिक कल्पना बर्देल का है और इस पर कोई विवाद नहीं है। निर्माण पूरा होने के बाद जब आरोपियों को लगा कि संपत्ति कीमती हो गई है, तो उन्होंने शराब पीने के लिए पैसे मांगे और इनकार करने पर फर्जी शिकायतों में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित का आरोप है कि लखन नायक, मोहित तिवारी और अर्जुन साहो शातिर किस्म के आर्थिक अपराधी हैं, जिनके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में जालसाजी के कई मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, सिंडिकेट में शामिल मोहित तिवारी द्वारा किए गए सामाजिक और पारिवारिक अपराधों का भी खुलासा किया गया। मोहित तिवारी ने प्रॉपर्टी के काम के नाम पर शहर के कई लोगों से लगभग 45 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। इस कर्ज को चुकाने और पैसों की अवैध उगाही के लिए वह अपनी पत्नी प्रिया तिवारी पर मायके से पैसे लाने का दबाव बना रहा है। पैसे न लाने पर आरोपी मोहित तिवारी ने अपनी पत्नी के साथ बेसबॉल के डंडे, मुक्कों और बेल्ट से बेरहमी से मारपीट की और रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना गोहलपुर में धारा 294, 323, 506 भादवि के तहत अपराध दर्ज है। आनंद कुमार शुक्ला, अमन गुप्ता और राकेश गुप्ता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अधारताल, गोहलपुर और संजीवनीनगर थानों में प्रकाश नामदेव, मोहित तिवारी, रोहित यादव, नवीन कुमार तिवारी, संदीप श्रीवास्तव, सतेन्द्र उपाध्याय और शशांक गौतम जैसे ठगों के खिलाफ साज़िश, कूटरचना, धोखाधड़ी और मारपीट की गंभीर धाराओं के तहत नामजद मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और आरोपियों को खुला संरक्षण मिल रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार लगातार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक से इस पूरे भूमाफिया सिंडिकेट के खिलाफ त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्यवाही की गुहार लगाई है।
जबलपुर शहर में जमीन और फाइनेंस के नाम पर एक बड़े धोखाधड़ी सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें पीड़ितों ने उप-पंजीयक कार्यालय और बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। भू-माफिया द्वारा प्रताड़ित लोगों ने आनंद कुमार शुक्ला, अमन गुप्ता और राकेश गुप्ता के माध्यम से मीडिया के सामने एक संयुक्त पत्रकार वार्ता आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़ितों ने दस्तावेजों के साथ बताया कि कैसे शहर के भोले-भाले नागरिकों को झांसा देकर करोड़ों रुपयों का चूना लगाया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नामजद एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित न्याय के लिए भटक रहे हैं। पत्रकार वार्ता में मो. शमीम मंसूरी के साथ हुई ठगी का खुलासा किया गया, जहाँ शातिर जालसाज मोहित तिवारी, रोहित यादव और नवीन कुमार तिवारी ने मिलकर गोहलपुर निवासी मंसूरी की कुदवारी स्थित 1283 वर्गफुट के मकान की रजिस्ट्री के दस्तावेज और आधार-पैन कार्ड हासिल किए। उन्होंने प्रकाश नामदेव के नाम से एक फर्जी मुख्तयारनामा (पावर ऑफ अटार्नी) तैयार कर प्रार्थी के मकान की रजिस्ट्री नवीन तिवारी के नाम करा दी। इसके बाद सेंटम हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से 22,86,029 रुपये का लोन लिया गया, जिसकी पूरी राशि प्रकाश नामदेव के खाते में ट्रांसफर कर निकाल ली गई। पीड़ित को रिकवरी नोटिस मिलने पर ठगी का पता चला। यह शिकायत थाना अधारताल में दर्ज है। इसी तरह, अमर सिंह ठाकुर की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया, जहाँ संदीप श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित त्रिमूर्तिनगर के एक खाली प्लाट को देखकर ठाकुर की रजिस्ट्री भूमि के दस्तावेज हड़प लिए। संदीप श्रीवास्तव, सतेन्द्र उपाध्याय (फर्जी अमर सिंह ठाकुर बनकर), शशांक गौतम, अशलम खान और भानूप्रकाश ने मिलकर शांतिबाई कोष्ठा के फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड तैयार किए। उन्होंने सतेन्द्र उपाध्याय और तथाकथित शांतिबाई कोष्ठा को मोहित तिवारी और अंचल दुबे की गवाही में खड़ा कर रजिस्ट्री कार्यालय अंधुआ में 31.05.2019 को प्रार्थी की भूमि का फर्जी विक्रय पत्र निष्पादित कराया। इस फर्जी रजिस्ट्री को पंजाब नेशनल बैंक में गिरवी रखकर 52,60,000 रुपये का लोन आहरित कर लिया गया। इस मामले में थाना संजीवनीनगर में धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध है। अमन गुप्ता ने बताया कि लखन नायक, मोहित तिवारी, अर्जुन साहो, नितेश अवस्थी, प्रिया अवस्थी और उनके सहयोगी भैया जी पटेल उर्फ भैयालाल पटेल व आनंद पटेल ने पहले उनके पिता को विश्वास में लेकर मौजा माढोताल
स्थित खसरा नंबर 152 के भूखंड क्रमांक 504 को विवाद मुक्त बताकर बिकवाया। जब पीड़ित ने अपनी पत्नी अंशिका गुप्ता और मित्र आयुष केशवानी की मां संगीता केशवानी के नाम रजिस्ट्री कराकर मकान निर्माण शुरू किया, तो आरोपियों की नीयत बदल गई। उन्होंने खर्च के नाम पर अवैध वसूली शुरू कर दी और मकान बनने के बाद भैया जी पटेल को आगे कर फर्जी शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया। वे मामला दबाने के लिए 10 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे हैं। अमन गुप्ता के अनुसार, दलाल मोहित तिवारी और लखन नायक ने उनके पिता को भरोसा दिलाया था कि राष्ट्रीय गृह निर्माण समिति का यह प्लॉट मूल मालिक कल्पना बर्देल का है और इस पर कोई विवाद नहीं है। निर्माण पूरा होने के बाद जब आरोपियों को लगा कि संपत्ति कीमती हो गई है, तो उन्होंने शराब पीने के लिए पैसे मांगे और इनकार करने पर फर्जी शिकायतों में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित का आरोप है कि लखन नायक, मोहित तिवारी और अर्जुन साहो शातिर किस्म के आर्थिक अपराधी हैं, जिनके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में जालसाजी के कई मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, सिंडिकेट में शामिल मोहित तिवारी द्वारा किए गए सामाजिक और पारिवारिक अपराधों का भी खुलासा किया गया। मोहित तिवारी ने प्रॉपर्टी के काम के नाम पर शहर के कई लोगों से लगभग 45 लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। इस कर्ज को चुकाने और पैसों की अवैध उगाही के लिए वह अपनी पत्नी प्रिया तिवारी पर मायके से पैसे लाने का दबाव बना रहा है। पैसे न लाने पर आरोपी मोहित तिवारी ने अपनी पत्नी के साथ बेसबॉल के डंडे, मुक्कों और बेल्ट से बेरहमी से मारपीट की और रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना गोहलपुर में धारा 294, 323, 506 भादवि के तहत अपराध दर्ज है। आनंद कुमार शुक्ला, अमन गुप्ता और राकेश गुप्ता ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अधारताल, गोहलपुर और संजीवनीनगर थानों में प्रकाश नामदेव, मोहित तिवारी, रोहित यादव, नवीन कुमार तिवारी, संदीप श्रीवास्तव, सतेन्द्र उपाध्याय और शशांक गौतम जैसे ठगों के खिलाफ साज़िश, कूटरचना, धोखाधड़ी और मारपीट की गंभीर धाराओं के तहत नामजद मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और आरोपियों को खुला संरक्षण मिल रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार लगातार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक से इस पूरे भूमाफिया सिंडिकेट के खिलाफ त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्यवाही की गुहार लगाई है।
- जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र के कृपाल चौक में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक अपने दोस्त की एक्टिवा गाड़ी की डिक्की में मिले देसी कट्टे से गोली लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया। लगभग 20 वर्षीय घायल युवक शुभम ठाकुर अपने दोस्त भारत की एक्टिवा गाड़ी लेकर घर आया था। घर में गैस खत्म हो जाने पर वह गाड़ी लेकर गैस भरवाने निकला था, और इसी दौरान जब उसने गाड़ी की डिक्की खोली, तो उसमें एक देसी कट्टा मिला। बताया जा रहा है कि शुभम उस कट्टे को घर के अंदर रखने के लिए उठा रहा था, तभी अचानक ट्रिगर दब गया और गोली सीधे उसके हाथ में जा लगी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत शुभम को मेडिकल अस्पताल पहुँचाया। इस घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है, और यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर एक सामान्य गाड़ी में अवैध हथियार कैसे पहुँचा और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। फिलहाल, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जाँच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह अवैध हथियार गाड़ी में किसने रखा और इसका असली मालिक कौन है। यह घटना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि अवैध हथियार न केवल अपराध के लिए, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी एक बड़ा खतरा बन चुके हैं।1
- बरेला थाना अंतर्गत एक महिला ने अपने पति से परेशान होकर जहर खा लिया। जानकारी के अनुसार, महिला का पति अत्यधिक शराब का सेवन करता था, जिसके कारण वह अक्सर परेशान रहती थी और इसी परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया।1
- साफ सफाई के लिएb hjkcsznio हम सभी को साफ सफाई करना चाहिए आवश्यक है हमारे गांव देहात में सभी में कृपा करके अपनी गांव या अपने घर में साफ सफाई करना चाहिए जितनी ज्यादा हो सके आप सभी लोगों को अपनी-अपने घरों में साफ सफाई करना चाहिए आवश्यक है सभी को4
- यह संदेश सरस्वती माता की जयकार के साथ शुरू होता है, जिसमें 'धर्म संगठन' के माध्यम से शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। इस संदेश के अनुसार, पढ़ाई से विवेक खुलता है और उन्नति के नए रास्ते खुलते हैं, जिससे इंसान जीवन में आगे बढ़ता है। इसमें यह भी कहा गया है कि शिक्षा व्यक्ति को बुराइयों से दूर रखती है और उसे सदा संस्कारों में जीने के लिए प्रेरित करती है। मुख्य जोर 'पढ़ो और आगे बढ़ो' के सूत्र पर दिया गया है।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली स्थित सुभाष मैदान में पूज्य मुनि श्री 108 महासागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य तथा युवा विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंकित भैया जी (सहज) के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान विश्वशांति महायज्ञ का गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा एवं धार्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। यह नौ दिवसीय आध्यात्मिक महापर्व प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ धर्मलाभ का केंद्र बना रहा। समापन दिवस पर प्रातःकाल भगवान श्री जिनेन्द्रदेव का अभिषेक, शांतिधारा एवं विशेष पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं विधिपूर्वक श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान में हिस्सा लिया। पूरे आयोजन स्थल पर लगातार हो रहे मंत्रोच्चार, भक्ति गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों के कारण वातावरण पूरी तरह धर्ममय बना रहा। समापन अवसर पर नगर में 108 पूज्य महासागर जी महाराज की अगुवाई में एक भव्य एवं दिव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु धर्मध्वजाएं लेकर शामिल हुए। यह रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां रथ के ऊपर भगवान जिनेन्द्रदेव की दिव्य प्रतिमा विराजमान थी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने परिवार सहित भक्ति भाव से भगवान जिनेंद्र देव की आरती की। पूरी रथयात्रा के दौरान भक्तों द्वारा लगाए गए वीर प्रभु के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा नगर धर्ममय वातावरण में सराबोर हो गया। करेली पुलिस प्रशासन ने रथयात्रा के दौरान विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की। आयोजन समिति ने बताया कि विश्वशांति, मानव कल्याण एवं आत्मोत्थान की भावना से आयोजित यह नौ दिवसीय धार्मिक महापर्व करेली नगर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। इस पूरे सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन करेली सकल जैन समाज द्वारा किया गया था।1
- अपने खिलाफ दर्ज मामले पर व्यक्ति ने अपना व्यक्तिगत पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने कानून और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान व्यक्त किया और कहा कि वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य हमेशा समाज के कमजोर और पीड़ित लोगों की आवाज़ उठाना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी किसी अनजानी गलती से किसी को ठेस पहुँची है, तो उन्हें उसका खेद है, और अंतिम निर्णय माननीय न्यायालय द्वारा किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे वीडियो को पूरा देखें, अपनी राय शालीन भाषा में दें और किसी भी प्रकार की अफवाह या आपत्तिजनक टिप्पणी से बचें, यह इंगित करते हुए कि दुष्कर्म पीड़ित ब्राह्मण समाज की बिटिया को न्याय दिलाना उन्हें महंगा पड़ा है।1
- मलारा-धनपुरी मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक अज्ञात ट्रैक्टर ने बाइक पर सवार तीन युवकों को बेरहमी से रौंद दिया। इस दर्दनाक घटना में तीनों युवक मौके पर ही काल के गाल में समा गए। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक तुरंत मौके से फरार हो गया।1