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श्रीकृष्ण सबसे बड़े शांतीदूत भागवत बोले अमेरिका में, मोदीजी निकले तजाकिस्तान यात्रा पर, शुभेंदु सरकार गरीबों का पैसा खा रही - ममता, कंगना को भेजी रामदेव ने मिठाई और अखिलेश सलमान का रक्षाबंधन देखिए राजपथ न्यूज़ पर.... श्रीकृष्ण सबसे बड़े शांतीदूत भागवत बोले अमेरिका में, मोदीजी निकले तजाकिस्तान यात्रा पर, शुभेंदु सरकार गरीबों का पैसा खा रही - ममता, कंगना को भेजी रामदेव ने मिठाई और अखिलेश सलमान का रक्षाबंधन देखिए राजपथ न्यूज़ पर....

15 hrs ago
user_Rajpath News
Rajpath News
South West Delhi, Delhi•
15 hrs ago

श्रीकृष्ण सबसे बड़े शांतीदूत भागवत बोले अमेरिका में, मोदीजी निकले तजाकिस्तान यात्रा पर, शुभेंदु सरकार गरीबों का पैसा खा रही - ममता, कंगना को भेजी रामदेव ने मिठाई और अखिलेश सलमान का रक्षाबंधन देखिए राजपथ न्यूज़ पर.... श्रीकृष्ण सबसे बड़े शांतीदूत भागवत बोले अमेरिका में, मोदीजी निकले तजाकिस्तान यात्रा पर, शुभेंदु सरकार गरीबों का पैसा खा रही - ममता, कंगना को भेजी रामदेव ने मिठाई और अखिलेश सलमान का रक्षाबंधन देखिए राजपथ न्यूज़ पर....

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  • दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) के दामों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई है, जो 29 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजे से लागू हो गई है
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    दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी (CNG) के दामों में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई है, जो 29 अगस्त 2026 की सुबह 6 बजे से लागू हो गई है
    user_पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    Court reporter द्वारका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    18 hrs ago
  • नेहा बोरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर साधा निशाना, जानिए नेहा बोरा ने क्या कहा नेहा बोरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर साधा निशाना, जानिए नेहा बोरा ने क्या कहा
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    नेहा बोरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर साधा निशाना, जानिए नेहा बोरा ने क्या कहा 
नेहा बोरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर साधा निशाना, जानिए नेहा बोरा ने क्या कहा
    user_हिंदी मंच ख़बर
    हिंदी मंच ख़बर
    वसंत विहार, नई दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया। भारत को आजाद हुए करीब 80 साल हो गए, लेकिन आज भी देश में घड़ा छू लेने, मूंछ रखने, मूर्ति छू लेने और घोड़े पर बारात निकालने पर दलित के अत्याचार किया जाता है। यहां तक कि देश की वर्तमान राष्ट्रपति को दिल्ली के मंदिर में अंदर तक नहीं जाने दिया गया। हाल ही में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया। जब खरगे जी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो जेपी नड्डा जी ने कहा कि हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं और अगर ऐसा हुआ है तो हम कार्रवाई करेंगे। लेकिन उन्हीं की पार्टी के नेता और उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शुद्धिकरण की इस घटना को जायज ठहराते हैं।
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    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया।
भारत को आजाद हुए करीब 80 साल हो गए, लेकिन आज भी देश में घड़ा छू लेने, मूंछ रखने, मूर्ति छू लेने और घोड़े पर बारात निकालने पर दलित के अत्याचार किया जाता है।
यहां तक कि देश की वर्तमान राष्ट्रपति को दिल्ली के मंदिर में अंदर तक  नहीं जाने दिया गया। 
हाल ही में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने हल्द्वानी में एक सभा की थी, लेकिन सभा खत्म होने के बाद उनके मंच का शुद्धिकरण किया गया।
जब खरगे जी ने संसद में इस मुद्दे को उठाया तो जेपी नड्डा जी ने कहा कि हम इसे स्वीकार नहीं करते हैं और अगर ऐसा हुआ है तो हम कार्रवाई करेंगे।
लेकिन उन्हीं की पार्टी के नेता और उत्तराखंड BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शुद्धिकरण की इस घटना को जायज ठहराते हैं।
    user_NEWS BREAK
    NEWS BREAK
    दिल्ली छावनी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • चिराग पासवान फॉर फ्रंट पर खेल रहे हैं, मोदी सरकार की बैंड बजा रहे हैं, हाथ भी लगाया तो देश जाम कर देंगे, रिफॉर्म वर्गीकरण के बहाने SC ST OBC एकता को तोड़ना है 🔥🔥 चिराग पासवान फॉर फ्रंट पर खेल रहे हैं, मोदी सरकार की बैंड बजा रहे हैं, हाथ भी लगाया तो देश जाम कर देंगे, बामन जेपी नड्डा आरक्षण विरोधियों से मिलकर सरकार को डैमेज कर रहे हैं, नीतीश कुमार, चिराग पासवान हाथ खींच लिए तो मोदी जी की सत्ता चली जाएगी, केंद्र और राज्य दोनों जगह, मेरा मानना है कि अमित शाह, योगी आदित्यनाथ को पसंद नहीं करते हैं, आने वाले चुनाव में योगी जी को सत्ता से बाहर करने का प्लान बना लिया है,
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    चिराग पासवान फॉर फ्रंट पर खेल रहे हैं, मोदी सरकार की बैंड बजा रहे हैं, हाथ भी लगाया तो देश जाम कर देंगे,
रिफॉर्म वर्गीकरण के बहाने SC ST OBC एकता को तोड़ना है 🔥🔥 
चिराग पासवान फॉर फ्रंट पर खेल रहे हैं, मोदी सरकार की बैंड बजा रहे हैं, हाथ भी लगाया तो देश जाम कर देंगे,
बामन जेपी नड्डा आरक्षण विरोधियों से मिलकर सरकार को डैमेज कर रहे हैं,
नीतीश कुमार, चिराग पासवान हाथ खींच लिए तो मोदी जी की सत्ता चली जाएगी, केंद्र और राज्य दोनों जगह,
मेरा मानना है कि अमित शाह, योगी आदित्यनाथ को पसंद नहीं करते हैं, आने वाले चुनाव में योगी जी को सत्ता से बाहर करने का प्लान बना लिया है,
    user_ATISH KUMAR
    ATISH KUMAR
    वसंत विहार, नई दिल्ली, दिल्ली•
    5 hrs ago
  • scientific roadmap is turning Delhi’s landfill sites into reclaimed land. scientific roadmap is turning Delhi’s landfill sites into reclaimed land. So far, 85-95 acres of land reclaimed across Okhla, Bhalswa and Ghazipur bringing a cleaner environment and better quality of life for nearby communities. This is the BJP’s working model: fulfil today’s promises, plan for tomorrow with four new Waste-to-Energy plants to process Delhi’s daily waste.
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    scientific roadmap is turning Delhi’s landfill sites into reclaimed land.

scientific roadmap is turning Delhi’s landfill sites into reclaimed land.
So far, 85-95 acres of land reclaimed across Okhla, Bhalswa and Ghazipur bringing a cleaner environment and better quality of life for nearby communities.
This is the BJP’s working model: fulfil today’s promises, plan for tomorrow with four new Waste-to-Energy plants to process Delhi’s daily waste.
    user_SURENDRA KUMAR
    SURENDRA KUMAR
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    6 hrs ago
  • दिल्ली द्वारका उत्तम नगर AC एडिशनल कमिश्नर हेमराज मीणा जी के साथ सागरपुर डाबरी नाला रोड पर लग रही रेहड़ी-पटरी और अवैध खड़ी गाड़ियों को हटाने के लिए दौरा🤘 Simmi Rajesh Yadav निगम पार्षद #ward118sagarpur
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    दिल्ली द्वारका उत्तम नगर AC एडिशनल कमिश्नर हेमराज मीणा जी के साथ सागरपुर डाबरी नाला रोड पर लग रही रेहड़ी-पटरी और अवैध खड़ी गाड़ियों को हटाने के लिए दौरा🤘
Simmi Rajesh Yadav
निगम पार्षद 
#ward118sagarpur
    user_पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
    Court reporter द्वारका, दक्षिण पश्चिम दिल्ली, दिल्ली•
    19 hrs ago
  • *अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) गुरुग्राम 4 सितंबर को भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए लगभग 1,00,000 भक्तों के स्वागत की तैयारियों में जुटा *अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) गुरुग्राम 4 सितंबर को भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए लगभग 1,00,000 भक्तों के स्वागत की तैयारियों में जुटा* गुरुग्राम, हरियाणा — अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) गुरुग्राम 4 सितंबर को बड़े पैमाने पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस आध्यात्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए लगभग 1,00,000 भक्तों के मंदिर आने की उम्मीद है। इस भव्य उत्सव का मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम के निवासियों को दिव्य प्रसन्नता, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करना है। कार्यक्रम के विवरण और व्यवस्थाओं की जानकारी रामभद्र दास (मंदिर अध्यक्ष), आराध्य गौर दास (मंदिर उपाध्यक्ष) और आचार्य सुदर्शन महाराज द्वारा संयुक्त रूप से साझा की गई। यह उत्सव लगभग 21 घंटे लगातार चलेगा, जिसकी शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती के साथ होगी और समापन मध्यरात्रि के बाद रात 1:00 बजे महा अभिषेक और महा आरती के साथ होगा। प्रमुख कार्यक्रम अद्भुत पुष्प सज्जा: मंदिर के गर्भगृह और श्री विग्रहों को ऑर्किड, गुलाब, रजनीगंधा, मोगरा और कार्नेशन के फूलों से सजाया जाएगा। आनंद और संस्कृति का उत्सव: समुदाय में एकता और खुशी को बढ़ावा देने के लिए पूरे दिन निरंतर दर्शन के साथ हरिनाम संकीर्तन, वैदिक प्रवचन और कृष्ण लीला को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक नाटक आयोजित किए जाएंगे। विशेष ऑनलाइन अभिषेक सुविधा: बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और शहर से बाहर या विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक समर्पित वर्चुअल अभिषेक और सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) उपलब्ध रहेगा, जिससे वे दूर से ही भाग ले सकें और आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। विशाल महाप्रसाद वितरण: 21 घंटे के इस आयोजन के दौरान आने वाले सभी दर्शनार्थियों के लिए निरंतर महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी। जेएमडी सबर्बियो (JMD Suburbio) में पार्किंग व्यवस्था: श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए जेएमडी सबर्बियो में समर्पित पार्किंग स्थल, व्यापक यातायात प्रबंधन, स्वयंसेवकों की सहायता और नगर निगम के साथ समन्वय की व्यवस्था की गई है।
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    *अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) गुरुग्राम 4 सितंबर को भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए लगभग 1,00,000 भक्तों के स्वागत की तैयारियों में जुटा
*अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) गुरुग्राम 4 सितंबर को भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के लिए लगभग 1,00,000 भक्तों के स्वागत की तैयारियों में जुटा*
गुरुग्राम, हरियाणा — अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) गुरुग्राम 4 सितंबर को बड़े पैमाने पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस आध्यात्मिक उत्सव में भाग लेने के लिए लगभग 1,00,000 भक्तों के मंदिर आने की उम्मीद है।
इस भव्य उत्सव का मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम के निवासियों को दिव्य प्रसन्नता, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करना है। कार्यक्रम के विवरण और व्यवस्थाओं की जानकारी रामभद्र दास (मंदिर अध्यक्ष), आराध्य गौर दास (मंदिर उपाध्यक्ष) और आचार्य सुदर्शन महाराज द्वारा संयुक्त रूप से साझा की गई।
यह उत्सव लगभग 21 घंटे लगातार चलेगा, जिसकी शुरुआत सुबह 4:30 बजे मंगल आरती के साथ होगी और समापन मध्यरात्रि के बाद रात 1:00 बजे महा अभिषेक और महा आरती के साथ होगा।
प्रमुख कार्यक्रम
अद्भुत पुष्प सज्जा: मंदिर के गर्भगृह और श्री विग्रहों को ऑर्किड, गुलाब, रजनीगंधा, मोगरा और कार्नेशन के फूलों से सजाया जाएगा।
आनंद और संस्कृति का उत्सव: समुदाय में एकता और खुशी को बढ़ावा देने के लिए पूरे दिन निरंतर दर्शन के साथ हरिनाम संकीर्तन, वैदिक प्रवचन और कृष्ण लीला को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक नाटक आयोजित किए जाएंगे।
विशेष ऑनलाइन अभिषेक सुविधा: बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और शहर से बाहर या विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक समर्पित वर्चुअल अभिषेक और सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) उपलब्ध रहेगा, जिससे वे दूर से ही भाग ले सकें और आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
विशाल महाप्रसाद वितरण: 21 घंटे के इस आयोजन के दौरान आने वाले सभी दर्शनार्थियों के लिए निरंतर महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था रहेगी।
जेएमडी सबर्बियो (JMD Suburbio) में पार्किंग व्यवस्था: श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए जेएमडी सबर्बियो में समर्पित पार्किंग स्थल, व्यापक यातायात प्रबंधन, स्वयंसेवकों की सहायता और नगर निगम के साथ समन्वय की व्यवस्था की गई है।
    user_Yogesh jangar
    Yogesh jangar
    Voice of people गुरुग्राम, गुरुग्राम, हरियाणा•
    8 hrs ago
  • * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - विशाल शर्मा फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं। आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति * नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं। * चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है। * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें * नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है। * भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है। * चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है। राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात? यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है। आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9 लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है। विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
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    * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - 
विशाल शर्मा  फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, 
हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत
तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति
* नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं।
* चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है।
* भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें
* नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है।
* भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है।
* चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है।
राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण
भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है।
राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात?
यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है।
आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9 लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है।
विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
    user_INDIANEWS 9LIVE SOCIAL MEDIA
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    8 hrs ago
  • जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - विशाल शर्मा फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं। आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति * नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं। * चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है। * भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें * नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है। * भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है। * चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है। राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है। राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात? यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है। आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है। विशाल शर्मा, इंडिया न्यूज़ 9लाइव
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    जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं।
इंडिया न्यूज़ 9लाइव जनता की आवाज - 
विशाल शर्मा  फ्रीलांसर, रिसर्चर एवं जिज्ञासु पत्रकार, 
हिमालय की गोद में जलप्रलय: भारत, नेपाल और चीन में कुदरत का कोहराम, राहत और बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत
तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के टूटने और मलबे से बनी झील के फटने से भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं पर आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के सीमावर्ती जिरोंग पोर्ट से लेकर नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और चितवन तक इंसानी बस्तियां मलबे के ढेर में तब्दील हो चुकी हैं। इस जलप्रलय में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नागरिक और कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
आपदा के ताजा हालात और ग्राउंड ज़ीरो की स्थिति
* नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है और लगभग 2,000 के करीब लोग लापता बताए जा रहे हैं।
* चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और नेपाल की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक जिरोंग पोर्ट पूरी तरह तबाह होकर खंडहर बन चुका है।
* भोटेकोशी नदी और तटीय क्षेत्रों में लगातार दूसरी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
राहत कार्यों में जुटीं भारत, नेपाल और चीन की टीमें
* नेपाल सरकार और सेना: नेपाल ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए 13,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों (नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल) को रेस्क्यू में लगाया है। रसुवा हाइड्रोपावर सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए जान जोखिम में डालकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद नेपाल ने विदेशी विशेषज्ञों और टीमों को भी अनुमति दे दी है।
* भारत की भूमिका: भारत सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए 50 टन से अधिक राहत सामग्री (दवाइयां, खाद्य सामग्री, तंबू) वायुसेना के विमानों से भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) लगातार फंसे हुए भारतीयों और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहा है।
* चीन की प्रतिक्रिया: चीनी प्रशासन ने भी अपने राहत दलों और रैपलिंग टीमों को ड्रोन और भारी मशीनों के साथ मलबे में फंसे लोगों की तलाश में उतार दिया है।
राज्यों की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक-राजनीतिक विश्लेषण
भारत के विभिन्न राज्यों—विशेषकर तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर भारत के राज्यों—ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। तमिलनाडु के मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्रों में बेतहाशा बुनियादी ढांचे के विकास, जलवायु परिवर्तन और ट्रांस-हिमालयन परियोजनाओं की अनदेखी ने इस 'वाटर बम' जैसी आपदा को निमंत्रण दिया है। विकास की अंधी दौड़ और प्रकृति के साथ खिलवाड़ का खामियाजा आज आम जनमानस को भुगतना पड़ रहा है।
राखी के पर्व पर आंसुओं का सैलाब: क्या कहें ये दिल को चीर देने वाले हालात?
यह त्रासद समय उस पावन पर्व की पृष्ठभूमि में आया है जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए लंबी उम्र की दुआएं मांगती हैं। लेकिन इस जलप्रलय ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। जिन बहनों की थालियों में राखियां सजी थीं, आज उनकी आंखें मलबे में खोए अपने भाइयों की राह देखते-देखते पथरा चुकी हैं। रसुवा और जिरोंग के ठंडे कीचड़ में अपनों की तलाश करती मांओं और बहनों की सिसकियां अंतरात्मा को झकझोर कर रख देती हैं। रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार इस बार नेपाल, भारत और तिब्बत सीमा के प्रभावित परिवारों के लिए मातम और सन्नाटे की चादर ओढ़ चुका है।
आइए, जनता की आवाज - इंडिया न्यूज़ 9लाइव के मंच से हम सब मिलकर उन दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें और इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल मिलने की कामना करें। आपका यह अपना चैनल इस मुश्किल वक्त में पूरी संवेदना के साथ हर पल आपके साथ खड़ा है।
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    7 hrs ago
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