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Raju Yadav
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- सुबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ विंध्याचल पहुँचे। वहाँ उन्होंने माँ विंध्यवासिनी के दर्शन कर पूजन किया।1
- प्रयागराज के मेजा रोड रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर जलभराव की समस्या को लेकर उठाई गई आवाज का असर अब दिखने लगा है। लगातार बारिश के कारण प्रवेश द्वार पर जमा होने वाले पानी से परेशान यात्रियों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद जगी है। विकास खंड उरूवा के सोरांव गांव में स्थित यह स्टेशन प्रयागराज-मिर्जापुर रेलखंड के प्रमुख और व्यस्त स्टेशनों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। हाल ही में हुई बारिश के चलते मुख्य गेट पर भारी जलभराव हो गया था, जिससे यात्रियों को घुटनों तक पानी से गुजरकर स्टेशन तक पहुँचना पड़ रहा था। इससे खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण ई-रिक्शा और अन्य छोटे वाहनों का आवागमन भी बाधित हो गया था, जिससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुँचने के लिए काफी दूर तक पैदल चलना पड़ रहा था और उनमें असंतोष बढ़ रहा था। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद रेलवे विभाग सक्रिय हुआ और जल निकासी की उचित व्यवस्था के लिए मुख्य गेट पर नाली निर्माण कार्य तेज गति से शुरू करा दिया है। यह निर्माण कार्य तेजी से जारी है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द हो सके। स्थानीय निवासी श्रीनाथ गुप्ता, रिक्शा चालक राजेश कुमार, दीपू और ज्ञान शंकर सहित अन्य लोगों ने बताया कि मुख्य गेट पर पानी जमा होने से यात्रियों और ई-रिक्शा चालकों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। उन्होंने नाली निर्माण कार्य शुरू होने पर संतोष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि अब इस पुरानी समस्या से निजात मिल जाएगी।1
- प्रयागराज के उरुवा ब्लॉक स्थित ग्राम हुल्का के ग्रामीण नहर विभाग द्वारा तोड़ी गई पुलिया के निर्माण न होने से परेशान हैं, जिसके समाधान के लिए वे सोमवार को मेजा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि नहर विभाग ने पुलिया को तोड़ दिया था, लेकिन अब तक उसे दोबारा नहीं बनवाया गया है। इस टूटी हुई पुलिया के कारण उन्हें आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसी के चलते उन्होंने समाधान दिवस में प्रशासन से जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण कराने की मांग की। अधिकारियों ने उनकी शिकायत दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।1
- नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष/चेयरमैन एम. डी. शर्मा के निर्देशन में पत्रकार हितों के लिए देशभर में चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत कानपुर में पत्रकारों, कलमकारों और मीडिया कर्मियों ने एक विशाल पैदल मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने पत्रकार सुरक्षा एवं सम्मान की मांग करते हुए जिलाधिकारी कानपुर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को संबोधित 7 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पैदल मार्च के दौरान पत्रकारों ने "पत्रकार एकता जिंदाबाद", "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो", "पत्रकारों को पेंशन दो", "फर्जी मुकदमे बंद करो" और "स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा लागू करो" जैसे नारों से अपनी आवाज बुलंद की। उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य करने वाले पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ज्ञापन में शामिल 7 प्रमुख मांगों में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना, स्वास्थ्य बीमा एवं विशेष पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना, जीवन एवं दुर्घटना बीमा, फर्जी मुकदमों एवं उत्पीड़न पर रोक, राष्ट्रीय मीडिया आयोग का गठन तथा सरकारी विज्ञापनों का समान एवं पारदर्शी वितरण शामिल हैं। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पत्रकार हितों की इन संवैधानिक एवं न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो नेशनल मीडिया प्रेस क्लब देशव्यापी आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने दोहराया कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार संघर्ष करता रहेगा। ज्ञापन के समय कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी अपनी सहभागिता निभाते हुए पत्रकारों की सभी संवैधानिक मांगों को सही बताया और इन्हें लागू कराने में कानूनी तरीके से पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि उक्त मांगों को नियमानुसार भारत सरकार तक प्रेषित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में, राष्ट्रीय अध्यक्ष एम डी शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट पंडित रविन्द्र शर्मा, मण्डल सलाहकार गोपाल गुप्ता, मंडल अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, मंडल महामंत्री वीरेंद्र शर्मा, अधिवक्ता मोर्चा मंडल अध्यक्ष एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर, मण्डल उपाध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप कटियार, मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद जुनेद, मंडल मंत्री पप्पू यादव, जिला अध्यक्ष अमित कुमार, जिला महामंत्री सुरेश सविता, अधिवक्ता मोर्चा जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रशान्त मिश्रा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विजय श्रीवास्तव, जिला मंत्री सौरव वर्मा, जिला उपाध्यक्ष श्रवण कुमार, जिला उपाध्यक्ष (सामाजिक क्लब) शैलेन्द्र शुक्ला, जिला संगठन मंत्री सोहेल मंसूरी, जिला मीडिया प्रभारी मोहम्मद शादाब रईस, कानपुर देहात जिला महामंत्री अनिल कुमार, जिला प्रचार मंत्री (सोशल मीडिया) दिनकर, नंद गोपाल गुप्ता, विनय कनौजिया, जगदीश प्रसाद, शैलेंद्र शुक्ला, अभिलाष शुक्ला, सौरभ मिश्रा, राजन कुमार, अनुराग मिश्रा, मोहम्मद शमी साबरी, राजेश कुमार गुप्ता, राजू उर्फ सूरज, पंकज सोनी, सैफुद्दीन कुरैशी, आशुतोष शर्मा, तकरण अली, अनिल सविता, जय कृष्णा गौतम, अमित कुमार, अनीश कुमार, संदीप सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह, राघवेंद्र, मनीष सविता, कुणाल सिंह सहित सैकड़ों सदस्य, पदाधिकारी, पत्रकार और अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सभी ने पत्रकार एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।1
- प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में सोमवार देर रात एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ चक रघुनाथ वार्ड नंबर 20 की जमुना नगर गली में सीवर लाइन के लिए खोदे गए एक गड्ढे में बाइक सवार एक युवक गिरकर घायल हो गया। यह हादसा तब हुआ जब ठेकेदार द्वारा गड्ढे के चारों ओर बैरिकेटिंग नहीं की गई थी, जिससे यह खतरनाक बन गया था। इस घटना में नैनी के मेवा लाल की बगिया इलाके में रहने वाले 22 वर्षीय शुभम तिवारी को कई जगह चोटें आई हैं। शुभम नैनी बाजार में एक कपड़े की दुकान में काम करते हैं और देर रात दुकान से घर लौटते समय इस गड्ढे में जा गिरे। इसी तरह, एक दूध बेचने वाला ग्वाला भी साइकिल से इसी गड्ढे में गिरा था। जमुना नगर की यह गली नैनी बाजार, नैनी स्टेशन, मेवा लाल की बगिया और हनुमान नगर जैसे कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ती है। बताया गया है कि बरसात के बाद गड्ढे में पानी भर जाने से यह लोगों के लिए जानलेवा खतरा बन गया है। ठेकेदार की इस तरह की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि गड्ढा खोदने के बाद उसके चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया। इससे पहले भी महाकुंभ के दौरान लेप्रोसी रोड पर एक सरकारी गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत हो चुकी है, जिसके बाद भी ठेकेदार की लापरवाही जारी है। रिहायशी इलाके में इस तरह से खुले गड्ढे छोड़ना बेहद खतरनाक है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई बच्चा इसमें गिर जाए तो उसकी डूबने से मौत भी हो सकती है, जो इस गंभीर स्थिति की भयावहता को दर्शाता है।2
- बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी से 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का आज भव्य शुभारंभ किया गया है। यह योजना 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी। इस अवसर पर, 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से प्रति विद्यार्थी ₹1,200 की राशि भी अंतरित की गई। साथ ही, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ और हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों को सम्मानित भी किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का भी आदान-प्रदान हुआ, जिसका उद्देश्य 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करना है। इस पहल के लिए सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं, वहीं बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी कार्मिकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को हार्दिक बधाई दी गई। यह भी रेखांकित किया गया कि विद्यार्थियों के लिए सही मार्ग प्रशस्त करना शिक्षकों का कर्तव्य होने के साथ-साथ एक राष्ट्रीय दायित्व भी है।1
- प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झांसी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। ED की टीम ने तड़के सुबह पूर्व विधायक के साले के घर पहुंचकर जांच शुरू की, वहीं उनके पैतृक गांव स्थित आवास पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान, ED की टीमें दस्तावेजों और अन्य अहम रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। इस छापेमारी के बाद से इलाके में हलचल तेज हो गई है। फिलहाल ED की जांच जारी है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।1
- पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) से संबंधित सायनी घोष का जिक्र किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सायनी घोष ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके साथ ऐसी कोई घटना घटित हो सकती है। यह घटना भाजपा के संदर्भ में भी चर्चा का विषय बनी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।1