मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के अमृतधारा डीपीआरसी भवन में जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह की अध्यक्षता में सामान्य सभा की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के समग्र विकास, जल संरक्षण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, उपाध्यक्ष राजेश साहू, और जिला पंचायत सदस्य उजीत नारायण, अनीता चौधरी, अनीता सिंह, रामजीत लकड़ा, सुखमंती सिंह, प्रिया सिंह, बेलाकुंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में "विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण" (VB-G-RAM-G) के तहत संचालित “मोर गांव मोर पानी” अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 350 आजीविका डबरियों तथा 150 से अधिक सामुदायिक तालाबों का निर्माण, गहरीकरण एवं विकास किया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी और 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इन कार्यों से भू-जल संवर्धन होने के साथ-साथ भविष्य में मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, उद्यानिकी एवं पशुपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। इसके साथ ही बैठक में 1 अप्रैल 2026 से लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों को अक्टूबर 2026 से पहले सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, महतारी वंदन योजना, पोषण अभियान, आयुष्मान भारत और "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान सहित कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग व कार्यों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के अमृतधारा डीपीआरसी भवन में जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह की अध्यक्षता में सामान्य सभा की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले के समग्र विकास, जल संरक्षण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, उपाध्यक्ष राजेश साहू, और जिला पंचायत सदस्य उजीत नारायण, अनीता चौधरी, अनीता सिंह, रामजीत लकड़ा, सुखमंती सिंह, प्रिया सिंह, बेलाकुंवर सहित विभिन्न विभागों के
अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में "विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण" (VB-G-RAM-G) के तहत संचालित “मोर गांव मोर पानी” अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 350 आजीविका डबरियों तथा 150 से अधिक सामुदायिक तालाबों का निर्माण, गहरीकरण एवं विकास किया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी और 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित
किया जा रहा है। इन कार्यों से भू-जल संवर्धन होने के साथ-साथ भविष्य में मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, उद्यानिकी एवं पशुपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। इसके साथ ही बैठक में 1 अप्रैल 2026 से लागू ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों को अक्टूबर 2026 से पहले सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए
हैं। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, महतारी वंदन योजना, पोषण अभियान, आयुष्मान भारत और "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान सहित कई अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी विभागों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग व कार्यों में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
- कोरिया जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने एग्रीस्टैक (AgriStack) पंजीयन और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को लेकर सभी तहसीलदारों, आरएईओ, समिति प्रबंधकों तथा कृषि व खाद्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। बैठक में पंजीयन कार्य में आने वाली तकनीकी कठिनाइयों को दूर करने के लिए अधिकारियों को एग्रीस्टैक पंजीयन मॉड्यूल का प्रशिक्षण भी दिया गया। कलेक्टर ने एग्रीस्टैक पंजीयन, खसरा मैपिंग और किसान पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे मिशन मोड में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया है। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने विशेष निर्देश दिए कि पिछले वर्ष के छूटे हुए 135 एक्सेम्प्टेड श्रेणी के किसानों का पंजीयन और लगभग 3500 लंबित खसरों की एग्रीस्टैक से मैपिंग इसी सप्ताह प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाए। राजस्व, कृषि और खाद्य विभाग को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि जिले का कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भूमि संबंधी सभी शासकीय सेवाओं का लाभ एग्रीस्टैक पंजीयन के आधार पर ही मिलेगा। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनावश्यक देरी करने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। कलेक्टर ने जिले के सभी भू-स्वामियों और किसानों से अपील की है कि वे शनिवार, 18 जुलाई को अपनी संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में आयोजित विशेष शिविर में उपस्थित होकर अपना पंजीयन जरूर कराएं। पंजीयन के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि के दस्तावेज (खसरा/बी-1) साथ लाना होगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र वैद्य, अपर कलेक्टर डीडी मंडावी, सोनहत के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री अमित कुमार गुप्ता, बैकुंठपुर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री उमेश पटेल, खाद्य अधिकारी श्री नटवर सिंह रावटे सहित जिले के सभी तहसीलदार, आरएईओ और समिति प्रबंधक उपस्थित रहे।2
- छत्तीसगढ़ में डिप्टी सीएम विजय शर्मा का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डिप्टी सीएम की सरलता देखने को मिल रही है। दरअसल, एक महिला ने जब अपना फोन निकाला तो मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के साथ उसकी फोटो खींचने के लिए खुद डिप्टी सीएम विजय शर्मा फोटोग्राफर बन गए। इस दौरान विजय शर्मा की इस सरलता को देखकर खुद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी चौंक गईं।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के ओड़गी (पंडोपारा) में पंडो समाज के आदिवासियों की पुरानी काबिज कास्त भूमि पर शासन-प्रशासन द्वारा जबरन कराए जा रहे छात्रावास निर्माण के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हुआ है। शासन ने छात्रावास के नाम पर पंडो समाज की काबिज भूमि पर जबरन अतिक्रमण कर लिया है। इस जबरन निर्माण पर तुरंत रोक लगाने और ग्राम सभा द्वारा प्रस्तावित भूमि पर ही छात्रावास का निर्माण कराने की मांग को लेकर ओड़गी में यह उग्र प्रदर्शन किया गया है।1
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हो रही अत्यंत जबरदस्त बारिश के कारण एक एंबुलेंस को मजबूरन रास्ते में ही रोकना पड़ा है। इलाके में बारिश का प्रकोप इतना तेज है कि एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी और उसे सफर के बीच में ही रोकने के लिए विवश होना पड़ा।1
- अंबिकापुर के प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर के सामने स्थित दुकानों में मिलावटखोरी का मामला सामने आने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सख्त रुख अपनाया है। त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य विभाग द्वारा की गई रूटीन जांच में मंदिर के सामने स्थित एक दुकान में मिलावट की पुष्टि हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों से उनकी बात हुई है और एक दुकान में मिलावट पाया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। राजपरिवार के स्वामित्व वाली इन दुकानों के संबंध में सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि वहां के किरायेदारों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो दुकानदार मिलावट जैसी गतिविधियों में लिप्त हैं, उनकी दुकानें बंद कर देनी चाहिए।1
- अनूपपुर के वेकटनगर और कदमसरा के बीच मुख्य मार्ग पर बना पुल अपनी बदहाली के कारण बेहद खतरनाक मार्ग में तब्दील हो चुका है। पुल की सतह पर गहरे और चौड़े गड्ढे खाई का रूप ले चुके हैं और जगह-जगह दरारें उभर आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वेकटनगर और कदमसरा के बीच आवागमन की इस प्रमुख कड़ी से रोजाना हजारों दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन सालों से पुल की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के पानी के कारण ये गड्ढे और भी गहरे हो गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों की जान हर पल जोखिम में रहती है। मुख्य मार्ग होने की वजह से वाहनों की रफ्तार तेज रहती है और अचानक पुल पर गहरे गड्ढे सामने आने से लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते साल राजेंद्रग्राम के दो युवक मोटरसाइकिल से पैजा जा रहे थे, तभी पुल के इसी गड्ढे में बाइक जंप करने से वे नीचे गिर गए और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की जान चली गई। वर्तमान में भी वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग केवल गांवों को ही नहीं जोड़ता, बल्कि स्कूल, अस्पताल, बाजार, आधिकारिक क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी है। स्थानीय व्यापारी लक्ष्मण दूबे और क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस वर्षों पुराने पुल की हालत बेहद जर्जर है और इसमें से लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से बार-बार पुल की मरम्मत कराने की मांग की गई है, लेकिन शासन और प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तक इस स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द ब्रिज का मरम्मत कार्य शुरू करवाए ताकि रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिल सके।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला अंतर्गत उदयपुर में इतनी जबरदस्त और तेज बारिश हो रही है कि एक एंबुलेंस को रुकना पड़ गया है। बारिश की रफ्तार इतनी तेज है कि एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पा रही है और वह खड़ी हो गई है।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से देश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और अधिक तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।1