लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री केआर नायडू ने किया शिलान्यास कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि 2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री केआर नायडू ने किया शिलान्यास कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि 2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।
- Post by Kishan Lal jangid1
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- कोटा । गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी के विरोध में आज महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा एवं प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह के निर्देशानुसार महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के नेतृत्व में केशवपुरा चौराहे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया एवं केशवपुरा चौराहे पर चूल्हे पर कंडे व लकड़ियां रखकर उन्हें जलाते हुए खाना बनाकर महंगाई के खिलाफ अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया ।1
- कोटा/बून्दी। पीएम मोदी ने अपने वर्चुअल सम्बोधन में कहा कि आज का दिन पूरे हाड़ौती के लिए नई आशा और उपलब्धि का दिन है। करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए से बनने जा रहा यह आधुनिक एयरपोर्ट पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है। मैं कोटा और पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लोगों को एयरपोर्ट के इस शिलान्यास कार्यक्रम में बहुत शुभकामनाएं देता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि अजमेर यात्रा के कुछ ही दिनों बाद आज कोटा से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को शुरु करने का अवसर मिल रहा है। एक ही हफ्ते में राजस्थान के इन दो बड़े कार्यक्रमों का बड़ा संदेश है। यह बताते हैं कि आज राजस्थान बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इन्फ्रास्ट्रेक्चर हो, रोजगार के अवसर हों, किसानों और माता बहनों के लिए योजनाएं हो। राजस्थान में हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि अब तक कोटा के लोगों को जयपुर जाकर फ्लाइट पकड़नी पड़ती थी। इसमें काफी समय भी लगता था और असुविधा भी होती थी। अब स्थिति बदलने जा रही है। अब कोटा समेत पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं ऊर्जा का भी केंद्र है। कोटा वह अनूठा क्षेत्र है, जहां न्यूक्लियर, कोयला गैस-पानी आधारित सभी क्षेत्रों में बिजली का उत्पादन होता है। कोटा कचौरी का जायका, डोरिया साड़ी, स्टोन और सेंड स्टोन ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है। यहां का धनिया बूंदी का बासमती चावल हो। इसकी महक अंतरराष्टीय बाजार तक पहुंची है। यह क्षेत्र अपने परिश्रम और महेनत के लिए जाना जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि कोटा हाड़ौती की यह धरती उद्यम और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। सदियों से देश दुनिया के श्रद्धालु मथुराधीश जी, केपाटन, गोदावरी और खड़े गणेश जी आते हैं। गरडिया महादेव से दिखने वाला चंबल का दृश्य हर किसी को मंत्र मुग्ध कर देता है। मुकुंदरा और रामगढ़ इस क्षेत्र को वाइल्ड लाइफ टूरिज्म का बड़ा क्षेत्र बनाते हैं। हवाई कनेक्टिविटी शुरू होते ही इसका लाभ सभी को मिलेगा। कोटा वैसे भी कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। दोनों रेलवे स्टेशन डेवलप हो रहे हैं। दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे पूरे क्षेत्र के विकास का द्वार खोल रहा है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहां नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेषतौर पर एग्रोबेस इंडस्ट्री के लिए बड़ा क्षेत्र बनेगा। कोटा एयरपोर्ट पूरे हाड़ौती के क्षेत्र के लिए प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा। जब कनेक्टिविटी बढ़ती है तो विकास की संभावनाओं में नई तेजी आती है। पीएम मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिरला जितने शानदार सांसद हैं उतने बेहतरीन लोकसभा अध्यक्ष भी हैं। वह संविधान को पूरी तरह समर्पित हैं। संसदीय प्रणाली में निष्ठा रखते हैं। वह किसी पक्ष के सदस्य नहीं है। वह पक्ष और प्रतिपक्ष से ऊपर हैं। शिक्षा की नगरी से आने का ही प्रभाव है कि वह लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर वह एक मुखिया की तरह सभी को साथ लेकर चलते हैं। सांसदों को अच्छे से संभाल लेते हैं। उनकी भावनाओं को संभाल लेते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के निरंतर प्रयासों की सराहना करना चाहता हूं। उनकी यही कोशिश रही है कि कोटा के लोगों का जीवन बेहतर बने। उन्हें नए अवसर प्राप्त हों। ट्रिपल आईटी का नया कैंपस। सड़कों का विकास। कोटा के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके कारण ही इस क्षेत्र को नई गति मिल रही है।1
- Post by VKH NEWS1
- Post by Journalist Asif khan KOTA City NEWS1
- Post by Kishan Lal jangid1