एक ही समाज के लोग जब एक-दूसरे को गिराने में लग जाएं, तो दुश्मन बाहर नहीं—अंदर पैदा हो जाता है पतन दूसरों का नहीं, अपना हो रहा है! एक ही समाज के लोग जब एक-दूसरे को गिराने में लग जाएं, तो दुश्मन बाहर नहीं—अंदर पैदा हो जाता है हक की आवाज़ न्यूज़ | विशेष जनजागरण संदेश आज उन लोगों से कुछ कड़े शब्द कहना जरूरी है, जो अपने ही समाज के लोगों को नीचा दिखाने, उनका तिरस्कार करने और एक-दूसरे को गिराने में अपनी जीत समझ बैठे हैं। याद रखिए—दूसरे को गिराकर कोई व्यक्ति ऊंचा नहीं होता। वह केवल अपने चरित्र की ऊंचाई घटाता है। जिस समाज के लोग एक-दूसरे की कमियां तलाशने में अपनी ऊर्जा लगा दें, जहां भाई की तरक्की देखकर खुशी के बजाय जलन पैदा हो, जहां सम्मान देने के बजाय अपमान करने की होड़ लग जाए और जहां अपने ही लोगों के पतन को अपनी विजय समझा जाने लगे—वहां सबसे बड़ा संकट किसी बाहरी दुश्मन का नहीं, आपसी सोच के पतन का होता है। आज जरूरत किसी दूसरे के माथे पर दोष लिखने की नहीं, बल्कि अपने माथे पर हाथ रखकर खुद से सवाल पूछने की है—क्या हम सचमुच सही रास्ते पर हैं? धर्मग्रंथों का संदेश मनुष्य को अहंकार, द्वेष और वैमनस्य से ऊपर उठकर आत्ममंथन और सदाचार की ओर ले जाता है। फिर हम किस बात का अहंकार लेकर घूम रहे हैं? किसी की जाति, किसी की हैसियत, किसी की गरीबी, किसी की सफलता या किसी की असफलता—इनमें से कोई भी चीज किसी इंसान को दूसरे इंसान से बड़ा नहीं बनाती। कल यदि वही व्यक्ति, जिसे आज हम तुच्छ समझ रहे हैं, हमारे सामने मदद के लिए खड़ा हो और हम उसके सामने हाथ फैलाने को मजबूर हो जाएं, तब हमारा अहंकार किस काम आएगा? इसलिए अभी भी समय है। अपने शब्द वापस लीजिए। अपने मन से नफरत निकालिए। अपने भाई को प्रतिद्वंद्वी समझना छोड़िए। दूसरे की तरक्की से जलना छोड़िए। और सबसे पहले—अपने भीतर बैठे अहंकार को पहचानिए। क्योंकि किसी समाज का वास्तविक पतन तब शुरू नहीं होता जब बाहर से कोई उसे तोड़ता है; वास्तविक पतन तब शुरू होता है जब उसके अपने लोग एक-दूसरे की टांग खींचना शुरू कर देते हैं। आज एक संकल्प लेने की जरूरत है— हम किसी को गिराकर नहीं उठेंगे। हम किसी का तिरस्कार करके सम्मान नहीं पाएंगे। हम अपने ही भाई की सफलता को अपनी हार नहीं मानेंगे। हम मतभेद रखेंगे, लेकिन मनभेद नहीं। हम असहमति रखेंगे, लेकिन अपमान नहीं। और सबसे बढ़कर—हम इंसान को उसकी पहचान से पहले इंसान समझेंगे। जो गलती हो चुकी है, उसे स्वीकार करना कमजोरी नहीं है। गलती स्वीकार करके रिश्ते बचा लेना ही वास्तविक ताकत है। आज भी अगर आंखें खुल जाएं, तो बहुत कुछ बचाया जा सकता है। आइए, एक-दूसरे का पतन देखने की इच्छा छोड़कर एक-दूसरे को संभालने का संकल्प लें। क्योंकि अंततः सवाल यह नहीं होगा कि हमने अपने विरोधी को कितना गिराया—सवाल यह होगा कि हमने अपने समाज को कितना उठाया। हक की आवाज़ न्यूज़ का संदेश नफरत से समाज नहीं बनता। अहंकार से सम्मान नहीं मिलता। तिरस्कार से कोई महान नहीं बनता। और किसी के पतन में अपनी जीत तलाशना—सबसे बड़ी हार है। आज से शुरुआत कीजिए। भाई को भाई समझिए। गलती को गलती कहिए। लेकिन इंसान को इंसान रहने दीजिए। यही आत्ममंथन है। यही भाईचारा है। और यही किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है।
एक ही समाज के लोग जब एक-दूसरे को गिराने में लग जाएं, तो दुश्मन बाहर नहीं—अंदर पैदा हो जाता है पतन दूसरों का नहीं, अपना हो रहा है! एक ही समाज के लोग जब एक-दूसरे को गिराने में लग जाएं, तो दुश्मन बाहर नहीं—अंदर पैदा हो जाता है हक की आवाज़ न्यूज़ | विशेष जनजागरण संदेश आज उन लोगों से कुछ कड़े शब्द कहना जरूरी है, जो अपने ही समाज के लोगों को नीचा दिखाने, उनका तिरस्कार करने और एक-दूसरे को गिराने में अपनी जीत समझ बैठे हैं। याद रखिए—दूसरे को गिराकर कोई व्यक्ति ऊंचा नहीं होता। वह केवल अपने चरित्र की ऊंचाई घटाता है। जिस समाज के लोग एक-दूसरे की कमियां तलाशने में अपनी ऊर्जा लगा दें, जहां भाई की तरक्की देखकर खुशी के बजाय जलन पैदा हो, जहां सम्मान देने के बजाय अपमान करने की होड़ लग जाए और जहां अपने ही लोगों के पतन को अपनी विजय समझा जाने लगे—वहां सबसे बड़ा संकट किसी बाहरी दुश्मन का नहीं, आपसी सोच के पतन का होता है। आज जरूरत किसी दूसरे के माथे पर दोष लिखने की नहीं, बल्कि अपने माथे पर हाथ रखकर खुद से सवाल पूछने की है—क्या हम सचमुच सही रास्ते पर हैं? धर्मग्रंथों का संदेश मनुष्य को अहंकार, द्वेष और वैमनस्य से ऊपर उठकर आत्ममंथन और सदाचार की ओर ले जाता है। फिर हम किस बात का अहंकार लेकर घूम रहे हैं? किसी की जाति, किसी की हैसियत, किसी की गरीबी, किसी की सफलता या किसी की असफलता—इनमें से कोई भी चीज किसी इंसान को दूसरे इंसान से बड़ा नहीं बनाती। कल यदि वही व्यक्ति, जिसे आज हम तुच्छ समझ रहे हैं, हमारे सामने मदद के लिए खड़ा हो और हम उसके सामने हाथ फैलाने को मजबूर हो जाएं, तब हमारा अहंकार किस काम आएगा? इसलिए अभी भी समय है। अपने शब्द वापस लीजिए। अपने मन से नफरत निकालिए। अपने भाई को प्रतिद्वंद्वी समझना छोड़िए। दूसरे की तरक्की से जलना छोड़िए। और सबसे पहले—अपने भीतर बैठे अहंकार को पहचानिए। क्योंकि किसी समाज का वास्तविक पतन तब शुरू नहीं होता जब बाहर से कोई उसे तोड़ता है; वास्तविक पतन तब शुरू होता है जब उसके अपने लोग एक-दूसरे की टांग खींचना शुरू कर देते हैं। आज एक संकल्प लेने की जरूरत है— हम किसी को गिराकर नहीं उठेंगे। हम किसी का तिरस्कार करके सम्मान नहीं पाएंगे। हम अपने ही भाई की सफलता को अपनी हार नहीं मानेंगे। हम मतभेद रखेंगे, लेकिन मनभेद नहीं। हम असहमति रखेंगे, लेकिन अपमान नहीं। और सबसे बढ़कर—हम इंसान को उसकी पहचान से पहले इंसान समझेंगे। जो गलती हो चुकी है, उसे स्वीकार करना कमजोरी नहीं है। गलती स्वीकार करके रिश्ते बचा लेना ही वास्तविक ताकत है। आज भी अगर आंखें खुल जाएं, तो बहुत कुछ बचाया जा सकता है। आइए, एक-दूसरे का पतन देखने की इच्छा छोड़कर एक-दूसरे को संभालने का संकल्प लें। क्योंकि अंततः सवाल यह नहीं होगा कि हमने अपने विरोधी को कितना गिराया—सवाल यह होगा कि हमने अपने समाज को कितना उठाया। हक की आवाज़ न्यूज़ का संदेश नफरत से समाज नहीं बनता। अहंकार से सम्मान नहीं मिलता। तिरस्कार से कोई महान नहीं बनता। और किसी के पतन में अपनी जीत तलाशना—सबसे बड़ी हार है। आज से शुरुआत कीजिए। भाई को भाई समझिए। गलती को गलती कहिए। लेकिन इंसान को इंसान रहने दीजिए। यही आत्ममंथन है। यही भाईचारा है। और यही किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है।
- 🚨 रात 12:45 बजे सड़क पर मृत गौवंश, धर्मेन्द्र पटेल ने दिखाई इंसानियत! 🐄🙏 🚨🐄 आधी रात सड़क पर पड़ा था मृत गौवंश, पत्रकार ने दिखाई इंसानियत! 🙏 🌙 रात करीब 12:45 बजे नेशनल हाईवे-730 पर सिसैया टोल प्लाजा और जालिमनगर पुल के बीच सड़क पर मृत गौवंश पड़ा मिला। ⚠️ अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। 📰 यूपी ग्राम क्रांति न्यूज के प्रधान सम्पादक धर्मेन्द्र पटेल ने मौके पर जिम्मेदारी दिखाते हुए डायल 112 की सहायता से मृत गौवंश को सड़क से साइड करवाया। 🚔🐄 🌅 जानकारी के अनुसार डायल 112 द्वारा सुबह अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई जाएगी। 🙏 🔥 पत्रकारिता सिर्फ कैमरा उठाकर खबर बनाने का नाम नहीं… जरूरत के वक्त इंसानियत के साथ खड़े होना भी पत्रकारिता की जिम्मेदारी है। 📰✍️ 🙏 सलाम उन लोगों को, जो आधी रात में भी किसी बेजुबान की मदद के लिए आगे आते हैं। 🐄❤️ 📍 स्थान: NH-730, सिसैया टोल प्लाजा–जालिमनगर पुल के बीच ⏰ समय: रात करीब 12:45 बजे #UPGramKrantiNews 📰 #धर्मेन्द्रपटेल ✍️ #Dial112 🚔 #NH730 🛣️ #गौसेवा 🐄🙏 #मानवता ❤️ #LakhimpurKheri1
- मैगलगंज लखीमपुर खीरी पूर्व प्रधान इरफान खान पर लगे आरोपों का बहू ने किया खंडन पूर्व प्रधान इरफान खान पर लगे आरोपों का बहू ने किया खंडन मुलायम सिंह जिला संवाददाता मैगलगंज। गुरुदेवखेड़ा के पूर्व प्रधान इरफान खान पर लगाए गए छेड़छाड़ व अवैध धर्मांतरण के आरोपों को लेकर आरोप लगाने वाली महिला की बहू ने सामने आकर इन आरोपों का खंडन किया है। बहू ने मीडिया के सामने कहा कि इरफान खान पर लगाए गए आरोप वास्तविकता से परे हैं और उन्होंने मुश्किल समय में उसकी मदद की थी। बहू के मुताबिक, गर्भावस्था के अंतिम समय में उसकी सास उसे मैगलगंज चौराहे पर छोड़कर चली गई थीं। बाद में उसकी मां ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया। बहू का कहना है कि इस कठिन परिस्थिति में इरफान खान ने उसकी मदद की। उसने बताया कि आरोपों में जिस दिन का जिक्र किया गया है, उस दिन इरफान खान उसे मोहम्मदी न्यायालय लेकर गए थे। उसके अनुसार, न्यायालय ने प्रतिमाह 5,000 रुपये गुजारा भत्ता देने का आदेश भी दिया है। बहू ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत विवाद और खुन्नस के चलते इरफान खान को बदनाम करने के लिए गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, पूरे मामले की अंतिम सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- लखीमपुर खीरी में पत्नी की शादी उसके प्रेमी से कराने की मांग को लेकर एक युवक टावर पर चढ़ गया। लखीमपुर खीरी में पत्नी की शादी उसके प्रेमी से कराने की मांग को लेकर एक युवक टावर पर चढ़ गया। धौरहरा तहसील गेट के पास हुई इस घटना से करीब एक घंटे तक हंगामा मचा रहा। युवक शाहबान का कहना था कि उसकी पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ करा दी जाए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद युवक को टावर से नीचे उतारा गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।1
- कस्ता में शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया बारावफात, पुलिस रही मुस्तैद ASTv24 digital शाहिद लखाही कस्ता। मितौली थाना क्षेत्र के कस्ता कस्बे में बारावफात का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। मितौली थाना प्रभारी महेश पाठक के नेतृत्व में कस्ता चौकी इंचार्ज जयकृष्णा तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस टीम ने जुलूस एवं कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी और शांतिपूर्ण माहौल में पर्व संपन्न कराया। पुलिस की सतर्कता के चलते क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रही। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की सक्रियता की सराहना की।1
- Post by राजू कुमार बंसल (पत्रकार)1
- लखीमपुर खीरी में इंडियन बैंक के बाहर दिनदहाड़े खड़ी बाइक हुई चोरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद थाना खीरी के ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन किनारे स्थित इंडियन बैंक के बाहर खड़ी बाइक दिनदहाड़े चोरी *वारदात सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद* लखीमपुर खीरी में इंडियन बैंक के बाहर दिनदहाड़े खड़ी बाइक हुई चोरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद थाना खीरी के ओयल पुलिस चौकी क्षेत्र के लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन किनारे स्थित इंडियन बैंक के बाहर खड़ी बाइक दिनदहाड़े चोरी *वारदात सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद*2
- पठानन पुरवा निवासी कलीम(40) की हत्या, खेतों में मिली लाश लखीमपुर खीरी। पठानन पुरवा निवासी कलीम की हत्या की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। पठान पुरवा और लखनिया पुर के बीच खेतों में कलीम का शव बरामद हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पढ़ुआ पुलिस मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। मृतक को पुलिस का मुखबिर बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हत्या के कारणों और घटना में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। ।2
- पढ़ुआ थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर कलीम का शव गन्ने के खेत में मिला लखीमपुर खीरी- पठानपुरवा गांव में कलीम खान का शव गन्ने के खेत में मिलने से हड़कंप मच गया। कलीम पढ़ुआ थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उसके खिलाफ 20 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कलीम पूर्व में रहे कुछ थानेदारों के लिए कथित तौर पर दलाली और मुखबिरी करता था। परिजनों ने कलीम की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।1