08/01/2025पश्चिमी सिंहभूम अंतर्गत चाईबासा सदर अस्पताल में गंभीर अव्यवस्था: मरीजों से गर्म पानी के नाम पर पैसे वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया चाईबासा, झारखंड: चाईबासा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा और अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि यहां भर्ती मरीजों को बुनियादी सुविधा के तौर पर गर्म पानी देने के लिए भी पैसे वसूले जा रहे हैं। क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो में साफ तौर पर यह दावा किया जा रहा है कि यह मामला चाईबासा सदर अस्पताल का है, जहां मरीजों से "गर्म पानी के नाम पर पैसे वसूले" जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को कई तरह की बुनियादी सुविधाएं मुफ्त या रियायती दरों पर मिलनी चाहिए। इस घटना ने अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक प्रतिक्रिया और कुप्रबंधन यह पहली बार नहीं है जब सदर अस्पताल सुर्खियों में आया हो; अतीत में भी यहां पानी की किल्लत और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर खबरें सामने आती रही हैं, जो मौजूदा आरोपों को और बल देती हैं। इस ताजा गंभीर मामले के बाद, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से उच्च स्तरीय जांच की उम्मीद की जा रही है, ताकि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। यह मामला न केवल अस्पताल के कुप्रबंधन को दर्शाता है, बल्कि मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन भी है। क्या आप इस मामले में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया या अस्पताल के आधिकारिक बयान के बारे में और जानकारी प्राप्त करना चाहेंगे?
08/01/2025पश्चिमी सिंहभूम अंतर्गत चाईबासा सदर अस्पताल में गंभीर अव्यवस्था: मरीजों से गर्म पानी के नाम पर पैसे वसूली का सनसनीखेज मामला सामने आया चाईबासा, झारखंड: चाईबासा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा और अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, अस्पताल प्रशासन पर आरोप है कि यहां भर्ती मरीजों को बुनियादी सुविधा के तौर पर गर्म पानी देने के लिए भी पैसे वसूले जा रहे हैं। क्या है पूरा मामला? वायरल वीडियो में साफ तौर पर यह दावा किया जा रहा है कि यह मामला चाईबासा सदर अस्पताल का है, जहां मरीजों से "गर्म पानी के नाम पर पैसे वसूले" जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को कई तरह की बुनियादी सुविधाएं मुफ्त या रियायती दरों पर मिलनी चाहिए। इस घटना ने अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक प्रतिक्रिया और कुप्रबंधन यह पहली बार नहीं है जब सदर अस्पताल सुर्खियों में आया हो; अतीत में भी यहां पानी की किल्लत और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर खबरें सामने आती रही हैं, जो मौजूदा आरोपों को और बल देती हैं। इस ताजा गंभीर मामले के बाद, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से उच्च स्तरीय जांच की उम्मीद की जा रही है, ताकि दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। यह मामला न केवल अस्पताल के कुप्रबंधन को दर्शाता है, बल्कि मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन भी है। क्या आप इस मामले में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया या अस्पताल के आधिकारिक बयान के बारे में और जानकारी प्राप्त करना चाहेंगे?
- चाईबासा सदर अस्पताल में 'मुफ़्त' गर्म पानी पर विवाद: ₹5 के शुल्क ने खड़ा किया हंगामा, मरीज़ परेशान 11/01/2026 चाईबासा, झारखंड। आप लोग पिछले वीडियो में भी देख चुके हैं पार्ट 1 में पार्ट 2 में देखिए साफ-साफ दिख रहा है गर्म पानी के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है मरीजों के परिजनों से पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में मरीजों के लिए मुफ़्त गर्म पानी की सुविधा को लेकर उठे विवाद ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आया, जिसमें अस्पताल के कर्मचारियों पर गर्म पानी के लिए कथित तौर पर ₹5 शुल्क लेने का आरोप लगाया गया था। क्या है मामला? अस्पताल परिसर में एक साइनबोर्ड लगा है, जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा है: "सिर्फ मरीजों हेतु गर्म पानी के लिए रसोईघर में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है।" हालांकि, एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि मरीजों से इस मुफ्त सेवा के लिए ₹5 वसूले जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर अस्पताल के नियमों का उल्लंघन है। कैंटीन संचालक का स्पष्टीकरण विवाद बढ़ने पर, अस्पताल के कैंटीन संचालक ने अपनी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्म पानी की सुविधा हमेशा से मुफ्त रही है। उनके अनुसार, कुछ लोगों द्वारा बार-बार हंगामा करने और डराने-धमकाने के कारण उन्हें यह सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है। मरीजों की बढ़ी मुश्किलें इस घटना के बाद, गर्म पानी की सुविधा बंद हो जाने से अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिचारकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति अस्पताल प्रशासन की ढिलाई और व्यवस्था की कमी को उजागर करती है।1
- मैं रवि गुप्ता शुरु अप न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है। 14 तारीख मकर संक्रांति शुभ उपलक्ष पर झारखंड का प्रसिद्ध मेला टूसू मेला एवं माघे पर्व के रूप में मानते हैं। उस पर्व को मनाने के लिए लोग अपने घरों की साफ -सफाई रंगई पोताई एवं तरह-तरह के व्यंजन पकवान बनाते हैं जैसे की गुड पीठा चूड़ा लड्डू, तिल लड्डू , ककरा पीठा इत्यादि। इस पर्व को मनाने के लिए नए कपड़े अपने और अपने बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए जूते चप्पल आदि सामग्री की खरीदारी करते हैं। गांव देहात में टुसू मेला का आयोजन किया जाता है जहां टुसू नाच भी होता है, गाना भी गाते हैं। फुटबॉल खेल प्रतियोगिता एवं मुर्गापाड़ा किया जाता है1
- उड़ीसा में इंडिया वन ईयर का चार्टर्ड प्लेन क्रैश , पायलट को आई गंभीर चोट।1
- Borewell Ke Liye Sampark Kare. Shree Balaji Rock Drilles Musabani... 70619698331
- Post by Gudiya Kumari1
- 2000 क्या 5000 भी जरूरत पड़ेगी तो बाटेंगे? पूर्व वार्ड पार्षद मो० असलम रांची के वार्ड नंबर 22 में लोगों को बांटे 2000 से अधिक कंबल।1
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- राउरकेला में बड़ा विमान हादसा टला: पायलटों की सूझबूझ से बचीं 6 जानें, DGCA ने दिए जांच के आदेश राउरकेला, 10 जनवरी 2026: ओडिशा के राउरकेला के जल्दा (Jalda) इलाके के पास एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब भुवनेश्वर से आ रहे 'इंडियावन एयर' (IndiaOne Air) के एक नौ सीटों वाले विमान को आपात स्थिति में खाली मैदान में उतारना पड़ा। पायलटों की सूझबूझ की वजह से विमान में सवार सभी छह लोग सुरक्षित बच गए हैं, हालांकि उन्हें मामूली चोटें आई हैं। मुख्य विवरण: घटनास्थल: यह घटना राउरकेला हवाई अड्डे से लगभग 8 से 10 नॉटिकल मील (लगभग 15-20 किलोमीटर) पहले कंसार/जल्दा (Kansor/Jalda) इलाके में हुई। विमान का प्रकार: यह 'इंडियावन एयर' द्वारा संचालित एक नौ सीटों वाला सेसना ग्रैंड C208B (Cessna Grand C208B) विमान था। यात्री और चालक दल: विमान में चार यात्री और दो पायलट सवार थे। स्थिति: सभी घायल यात्रियों और चालक दल को स्थानीय जेपी अस्पताल (J.P. Hospital) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बचने का कारण: स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने पायलटों की सराहना की, जिन्होंने तकनीकी खराबी (संभवतः इंजन फेल्योर या दबाव में अचानक गिरावट) के बाद विमान को आबादी वाले क्षेत्र से दूर एक खाली खेत में उतारा। जांच और प्रशासन की कार्रवाई: विमान के चालक दल ने आपातकालीन स्थिति की घोषणा करते हुए "मेडे" (Mayday) कॉल जारी किया था, जिसके बाद विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से टूट गया था। जांच: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) को घटना की सूचना दे दी गई है, और विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासनिक निगरानी: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति की समीक्षा की है और अधिकारियों को घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है。 इस घटना ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन पायलटों के त्वरित निर्णय ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया。1