गुजरात में बिना किसी जरूरत के 105 हार्ट सर्जरी करने के गंभीर आरोपों को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। बड़े-बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को महज एक टारगेट मानकर बेरहमी से लूटा जा रहा है, जहाँ बिना किसी दिल की बीमारी के भी पैसे कमाने के लिए ऑपरेशन के नाम पर लोगों के दिल चीर दिए जा रहे हैं। लूट का यह खेल अलग-अलग तरीकों से चल रहा है—चाहे वह सोशल मीडिया पर नफरत फैलाकर हो, गरीबों को लूटना हो, मुंह मांगा ब्याज वसूलना हो या फिर गरीबों की जमीन हड़पना हो। समाज इस क्रूरता को आंखें मूंदकर देख रहा है, जिसे सभ्य होने का ढोंग और मरे हुए जमीर का प्रतीक बताया गया है। इस भयावह स्थिति को सुधारने के लिए हर धर्म के लोगों से नफरत छोड़कर एक साथ एक ही जाजम पर आने की अपील की गई है ताकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले हर भ्रष्ट इंसान से हिसाब मांगा जा सके। हालांकि इस संबंध में सामने आए वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यदि यह सही है तो समाज को अपने वजूद और भविष्य को बचाने के लिए अब गंभीरता से सोचना होगा, वरना हमारा भविष्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
गुजरात में बिना किसी जरूरत के 105 हार्ट सर्जरी करने के गंभीर आरोपों को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। बड़े-बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को महज एक टारगेट मानकर बेरहमी से लूटा जा रहा है, जहाँ बिना किसी दिल की बीमारी के भी पैसे कमाने के लिए ऑपरेशन के नाम पर लोगों के दिल चीर दिए जा रहे हैं। लूट का यह खेल अलग-अलग तरीकों से चल रहा है—चाहे वह सोशल मीडिया पर नफरत फैलाकर हो, गरीबों को लूटना हो, मुंह मांगा ब्याज वसूलना हो या फिर गरीबों की जमीन हड़पना हो। समाज इस क्रूरता को आंखें मूंदकर देख रहा है, जिसे सभ्य होने का ढोंग और मरे हुए जमीर का प्रतीक बताया गया है। इस भयावह स्थिति को सुधारने के लिए हर धर्म के लोगों से नफरत छोड़कर एक साथ एक ही जाजम पर आने की अपील की गई है ताकि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले हर भ्रष्ट इंसान से हिसाब मांगा जा सके। हालांकि इस संबंध में सामने आए वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यदि यह सही है तो समाज को अपने वजूद और भविष्य को बचाने के लिए अब गंभीरता से सोचना होगा, वरना हमारा भविष्य पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
- ब्यावर के ग्राम राजियावास में बारिश न होने के कारण सूखा और भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है, जिससे किसानों को भारी तकलीफ उठानी पड़ सकती है। बारिश का कोई अता-पता न होने से परेशान ग्रामीणों का मानना है कि भगवान कहीं न कहीं उनसे नाराज हैं। भगवान को खुश करने और बारिश के आगमन की कामना के साथ गांव की महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर एक अनूठी पहल की। वे डीजे बजाते हुए अपने धार्मिक स्थल वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में झंडा लेकर पहुंचे। वहां ग्रामीणों के लिए प्रसाद चढ़ाया गया और झंडे का परिचय देते हुए इस कार्य को संपन्न किया गया, साथ ही पूरे गांव में मिठाइयां भी बांटी गईं। इस धार्मिक अनुष्ठान के बाद अब ग्रामीणों को केवल बारिश का इंतजार है।2
- अजमेर के मांगलियावास थाना क्षेत्र के दौलत खेड़ा गांव में एक विशेष जाति द्वारा कराए जा रहे देहव्यापार के धंधे से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। दौलत खेड़ा-जेठाना रोड पर चल रहे इस गंदे व्यापार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा इस अवैध धंधे की रोकथाम के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस गंदे व्यापार का बुरा असर दौलत खेड़ा से जेठाना पढ़ने के लिए आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है।1
- अजमेर के मांगलियावास में पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध रूप से खनिज पत्थर ले जा रहे एक डम्पर को जब्त करने की कार्रवाई की है। मांगलियावास थानाधिकारी हरीश चौधरी द्वारा अवैध खनन की रोकथाम के लिए गठित विशेष टीम ने चेकिंग के दौरान इस डम्पर को रोका था। चालक के पास कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने डम्पर को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से थाना परिसर में खड़ा करवा दिया है। इस मामले की पूरी सूचना अजमेर खनन विभाग को दे दी गई है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी हरीश चौधरी के साथ हैड कांस्टेबल सुरेश कुमार और कांस्टेबल बलवन्त शामिल रहे। थानाधिकारी हरीश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- भाजपा सरकार की चुप्पी पर तीखे सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिरकार सरकार छात्रों की बात पर चुप क्यों बैठी है। छात्रों के मुद्दे पर भाजपा सरकार के मौन रहने और सुनवाई को लेकर गंभीर आक्रोश व्यक्त किया गया है।1
- नागौर के रियां बड़ी क्षेत्र में आने वाले राईका बाग चौराहे पर नाली के ऊपर लगी वर्षों पुरानी लोहे की जाली टूट गई है, जो आमजन के लिए बड़ा खतरा बन गई है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इस जाली में कई जगह बड़े गैप बन गए हैं, जिससे बाइक, स्कूटी और तीन पहिया टेम्पो चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन ने अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। समाजसेवी आरिफ सिसोदिया ने एक हालिया हादसे का जिक्र करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले ही यहां एक मां-बेटी की जान बाल-बाल बची। एक महिला अपनी छोटी बच्ची के साथ स्कूटी से जाली पार कर रही थी, तभी सामने से आ रहे पिकअप वाहन को रास्ता देने के लिए उसने स्कूटी किनारे की, लेकिन गाड़ी का अगला पहिया टूटी जाली में फंस गया। संतुलन बिगड़ने पर महिला पिकअप की ओर गिरी और बच्ची नाली में जा गिरी, जिन्हें आसपास के दुकानदारों ने तुरंत दौड़कर सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय निवासी मोहम्मद फिरोज के अनुसार, इस मुख्य मार्ग से रोजाना सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे गुजरते हैं, और कई लोग पहिया फंसने से गिरकर घायल हो चुके हैं। फारूक खां सिलावट ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर पालिका अधिकारी धर्मेंद्र सहित अन्य अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें सौंपी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक नई जाली लगाने या मरम्मत की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस प्रशासनिक अनदेखी से नाराज क्षेत्र के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों, जिनमें मोहम्मद फिरोज, चांदमोहम्मद, दिनेश और कालूराम शामिल हैं, ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए टूटी जाली को तुरंत बदलकर मजबूत जाली लगाई जाए और नाली की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जाए।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के नौलखा गांव में स्थित चमेलिया धाम इन दिनों जन आस्था के एक बड़े केंद्र के रूप में ख्याति प्राप्त कर रहा है। पिछले तीन से चार महीनों के भीतर यहां श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। शिव दरबार के रूप में स्थापित इस आश्रम में सेवक केसर सिंह रावत मंत्र विधि (झाड़े) के जरिए लोगों के विभिन्न असाध्य रोगों और शारीरिक व मानसिक बीमारियों को ठीक करने का दावा कर रहे हैं। धाम में हर दिन करीब 5 से 10 हजार मरीज और उनके परिजन पहुंच रहे हैं। खुद लाभान्वित श्रद्धालुओं का कहना है कि लगातार तीन दिन तक झाड़ा लगवाने के बाद उन्हें अपनी बीमारियों में काफी हद तक राहत मिली है। हालांकि, कुछ लोग केसर सिंह रावत की इस रोग निदान पद्धति को अंधविश्वास और आडम्बर भी बता रहे हैं, लेकिन यहाँ आने वाले अधिकांश श्रद्धालु पूर्ण विश्वास के साथ इसे सनातन धर्म का चमत्कार मानकर चल रहे हैं। इसी आस्था के बल पर यह धाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस धाम में आशातीत सफलता मिलने के बाद लाभान्वित लोगों द्वारा भेंट स्वरूप फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकद राशि जैसी वस्तुएं चढ़ाई जा रही हैं, जिनका इस्तेमाल यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही किया जाना है। इस भारी भीड़ के कारण आज पूरा का पूरा नौलखा गांव एक मेले के रूप में तब्दील दिखाई दे रहा है। विज्ञान भले ही इस बात को स्वीकार नहीं करे, लेकिन लोग चमत्कार को नमस्कार मानकर पूर्ण श्रद्धा और भक्ति के साथ लगातार इस धाम से जुड़ रहे हैं।1
- जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के साथ हुई घटना को किसी ने अपने कैमरे में कैद किया है, जिसे देखने के बाद बयां करने के लिए सारे शब्द कहीं गहराइयों में दफन हो गए हैं और इस पर कुछ भी लिखने के लिए शब्द नहीं बचे हैं। इस स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए आक्रोश जताया गया है कि जब इंसान का अपना जमीर ही गुलामी की जंजीरों में कैद हो जाता है, तो उसे सामने मौजूद असली जंजीरें भी दिखाई नहीं देती हैं।1