जमुई के जिला पदाधिकारी ने केंद्र प्रायोजित 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' (PMFME) के जमीनी क्रियान्वयन का आकलन करने और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नगर के पुरानी बाजार स्थित ‘बंका केयर' नामक एक प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण इकाई का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट में बेसन, सत्तू, आटा और अन्य खाद्य अनाजों के वैज्ञानिक तरीके से हो रहे निर्माण, गुणवत्ता मानकों, आधुनिक मशीनरी तथा पैकेजिंग व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। जिला पदाधिकारी ने युवा प्रोपराइटर कुंज बिहारी बंका के उद्यमशील प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और जमुई जिला खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कुल 27 लाख रुपये की परियोजना लागत वाली इस इकाई को 'बैंक ऑफ इंडिया' द्वारा 17.60 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग मिला है, साथ ही उद्यमी को पूंजीगत सब्सिडी का लाभ भी हस्तांतरित किया गया है। उन्होंने जमुई के युवाओं से अपनी सोच का दायरा बढ़ाने और केवल नौकरी की तलाश में न भटककर, खुद का उद्योग लगाकर नौकरी देने वाले बनने की प्रेरणा दी। जिला पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि ‘बंका केयर' जैसी इकाइयां दृढ़ इच्छाशक्ति और सरकारी सहयोग के बल पर आत्मनिर्भरता के सपने को साकार करने का जीवंत उदाहरण हैं, जिससे जमुई खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक नए 'मैन्युफैक्चरिंग हब' के रूप में उभर रहा है। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिए कि जिले में आत्मनिर्भर बनने की चाह रखने वाले युवाओं के आवेदनों की स्क्रूटनी, बैंक समन्वय और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं सुगम बनाया जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने उद्यमी को उत्पादों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने, आकर्षक ब्रांडिंग करने और एक व्यापक मार्केटिंग नेटवर्क तैयार करने की सलाह भी दी। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने संदेश दिया कि जिला प्रशासन स्थानीय उद्यमियों और ऊर्जावान युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और ‘बंका केयर' जैसी सूक्ष्म प्रसंस्करण इकाई ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है।
जमुई के जिला पदाधिकारी ने केंद्र प्रायोजित 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना' (PMFME) के जमीनी क्रियान्वयन का आकलन करने और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नगर के पुरानी बाजार स्थित ‘बंका केयर' नामक एक प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण इकाई का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट में बेसन, सत्तू, आटा और अन्य खाद्य अनाजों के वैज्ञानिक तरीके से हो रहे निर्माण, गुणवत्ता मानकों, आधुनिक मशीनरी तथा पैकेजिंग व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। जिला पदाधिकारी ने युवा प्रोपराइटर कुंज बिहारी बंका के उद्यमशील प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और जमुई जिला खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कुल 27 लाख रुपये की परियोजना लागत वाली इस इकाई को 'बैंक ऑफ इंडिया' द्वारा 17.60 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग मिला है, साथ ही उद्यमी को पूंजीगत सब्सिडी का लाभ भी हस्तांतरित किया गया है। उन्होंने जमुई के युवाओं से अपनी सोच का दायरा बढ़ाने और केवल नौकरी की तलाश में न भटककर, खुद का उद्योग लगाकर नौकरी देने वाले बनने की प्रेरणा दी। जिला पदाधिकारी ने जोर देकर कहा कि ‘बंका केयर' जैसी इकाइयां दृढ़ इच्छाशक्ति और सरकारी सहयोग के बल पर आत्मनिर्भरता के सपने को साकार करने का जीवंत उदाहरण हैं, जिससे जमुई खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक नए 'मैन्युफैक्चरिंग हब' के रूप में उभर रहा है। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिए कि जिले में आत्मनिर्भर बनने की चाह रखने वाले युवाओं के आवेदनों की स्क्रूटनी, बैंक समन्वय और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को समयबद्ध एवं सुगम बनाया जाए ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने उद्यमी को उत्पादों की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने, आकर्षक ब्रांडिंग करने और एक व्यापक मार्केटिंग नेटवर्क तैयार करने की सलाह भी दी। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने संदेश दिया कि जिला प्रशासन स्थानीय उद्यमियों और ऊर्जावान युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और ‘बंका केयर' जैसी सूक्ष्म प्रसंस्करण इकाई ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए एक अनुकरणीय मॉडल है।
- जमुई के जिला पदाधिकारी ने PMFME योजना के अंतर्गत स्थापित 'बंका केयर' नामक एक खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने जिले के युवाओं से विशेष अपील करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। जिला पदाधिकारी ने युवाओं को नौकरी मांगने वाले बनने के बजाय स्वयं नौकरी देने वाले उद्यमी बनने का आह्वान किया।1
- जमुई के जिला पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत पुरानी बाजार, जमुई में स्थापित 'बंका केयर' खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इकाई की उत्पादन प्रक्रिया, उत्पाद की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही आधुनिक मशीनरी और पैकेजिंग व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के अवसर पर, जिला पदाधिकारी ने युवा उद्यमी कुंज बिहारी बंका के प्रयासों की सराहना करते हुए जिले के युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे "नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें।" यह इकाई 27 लाख रुपये की परियोजना लागत से स्थापित की गई है, जिसे बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से वित्तीय सहायता मिली है। जिला प्रशासन ने 'बंका केयर' को जमुई में रोजगार सृजन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बताया है।1
- जमुई में ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के सामने श्री सर्वदेव दिव्य धाम मंदिर स्थित है।4
- लखीसराय जिले के चानन प्रखंड अंतर्गत इटौन, मननपुर में पर्यावरण भारती द्वारा विश्व वर्षावन दिवस और स्वर्गीय सिंघो ताँती की पुण्य स्मृति के अवसर पर एक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पीपल, अगस्त और कनेल के पौधे लगाए गए, जिसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम में, पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने विश्व वर्षावन दिवस के महत्व, वर्षावनों की उपयोगिता और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्राकृतिक वनों के संरक्षण का आह्वान किया। इस वर्ष विश्व वर्षावन दिवस की थीम "The Forest Within You" (आपके भीतर का जंगल) रही।1
- जमुई मेसोड़ी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में कई लोग शामिल हुए, जिन्होंने योग के महत्व और अपने अनुभवों को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।1
- जमुई जिले के गुरमाहा इलाके में आज एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिला, जहाँ पहले कभी नक्सलियों को प्रशिक्षण दिया जाता था, अब उसी स्थान पर योग शिविर का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने गुरमाहा की पुरानी तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है, जो क्षेत्र में शांति और सकारात्मक बदलाव का स्पष्ट संकेत देता है।1
- जमुई में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित एक योग शिविर ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया है। शिविर के माध्यम से बताया गया कि अब यह क्षेत्र हिंसा और भय के माहौल से बाहर निकलकर विकास, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता की राह पर आगे बढ़ रहा है।1
- री-NEET 2026 परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े कथित सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गैंग असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरों को परीक्षा में बैठाने के लिए ₹30-40 लाख तक की डील करता था। इस बड़े फर्जीवाड़े के मामले में कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 5 मेडिकल छात्र भी शामिल हैं, जिनमें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) का एक छात्र भी बताया जा रहा है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।1