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गुजरात फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की एनफोर्समेंट टीमों ने जूस निकालने के लिए रखे गए आमों का एक बड़ा स्टॉक जब्त किया है। ये आम बहुत ज़्यादा सड़े हुए पाए गए, साथ ही उनमें कीड़े लगे हुए थे और फंगस भी साफ तौर पर मौजूद था।
रोहित कुमार पाठक
गुजरात फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की एनफोर्समेंट टीमों ने जूस निकालने के लिए रखे गए आमों का एक बड़ा स्टॉक जब्त किया है। ये आम बहुत ज़्यादा सड़े हुए पाए गए, साथ ही उनमें कीड़े लगे हुए थे और फंगस भी साफ तौर पर मौजूद था।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्य प्रदेश के एक आश्रम में 30 से अधिक बच्चों के निवास के बावजूद, वन विभाग कथित तौर पर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। आश्रम के महंत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इस स्थिति के बारे में वन विभाग को सूचित किया था। हालांकि, वन विभाग की ओर से यह प्रतिक्रिया मिली कि जब तक किसी प्रकार की कोई वारदात या नुकसान नहीं होता, तब तक उनके नियमों के तहत वे किसी को खदेड़ या पकड़ नहीं सकते। यह स्थिति वन अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, जहां बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से पहले किसी घटना के घटने की प्रतीक्षा की जा रही है।2
- जनपद चित्रकूट के विकासखंड पहाड़ी में पेयजल संकट से जूझ रहे सैकड़ों ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य गेट पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। अपनी नाराजगी व्यक्त करने के लिए ग्रामीण खाली बर्तन लेकर पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग पांच वर्षों से उनके क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसका अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में योजनाओं का संचालन दिखाकर लोगों को पानी उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं, जबकि धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग है। ग्रामीणों ने मांग की कि क्षेत्र में पेयजल संकट का जल्द से जल्द समाधान कराया जाए, ताकि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके बाद, खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का समाधान 15 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।4
- मध्य प्रदेश के मैहर में नगर पालिका की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड क्रमांक 17 स्थित घंटाघर कटरा बाजार में प्रह्लाद मेडिकल स्टोर के पीछे फैली गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था से परेशान रहवासियों ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिसके चलते जगह-जगह कचरे के ढेर और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। गुस्साए वार्डवासियों ने वीडियो के माध्यम से नगर पालिका प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि बरसात का मौसम नजदीक है और यदि समय पर सफाई नहीं हुई तो गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा काफी बढ़ सकता है। अब यह देखना बाकी है कि सोशल मीडिया पर नगर पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खुलने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और क्या वार्डवासियों को इस गंदगी से निजात मिल पाती है।1
- मैहर जिले के ग्राम पंचायत बढेरूहा में राजस्व विभाग और पटवारी की लापरवाही के कारण एक किसान अपनी जमीन के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित किसान का आरोप है कि उसकी भूमि की कई बार नाप कराई जा चुकी है, लेकिन राजस्व अभिलेखों में स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद उसे आज तक मौके पर उसकी वास्तविक जमीन नहीं मिल पाई है। किसान कामता प्रसाद पटेल का कहना है कि उनकी जमीन पर सड़क निर्माण कर दिया गया है, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते, कई बार अधिकारियों से शिकायत करने और भूमि की नाप कराने के बावजूद, उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसी क्रम में, पीड़ित कामता प्रसाद पटेल ने जिला कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यदि उनकी जमीन पर सड़क का निर्माण हुआ है, तो उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और पीड़ित किसान को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।4
- सतना में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत लगाई गईं "स्मार्ट" जुगनू लाइटें केवल दो दिनों तक ही चमक पाईं और फिर पूरी तरह ठप पड़ गईं। इस विफलता पर नगर निगम पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने करोड़ों रुपये का गबन किया है और शहर को अंधेरे में धकेल दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये लाइटें सिर्फ उद्घाटन समारोह तक ही रोशन थीं, जिसके बाद अब खंभों पर खुले तौर पर भ्रष्टाचार लटकता हुआ दिखाई दे रहा है।1
- मैहर की पुरानी कचहरी क्षेत्र में स्थित मोनू गुप्ता की चाय की दुकान में अचानक आग लग जाने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के कारण दुकान में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे काफी नुकसान हुआ। आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे बुझाने का प्रयास किया और संबंधित विभाग को भी घटना की सूचना दी। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग इतनी अचानक भड़की कि कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।2