मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के जतारा कार्यालय के कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों पर हुए कथित हमले के विरोध में बुधवार को कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि पुलिस को शिकायत दिए जाने के बावजूद अभी तक आरोपितों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे कामकाज शुरू नहीं करेंगे। कर्मचारियों के अनुसार, मंगलवार को कार्यालय परिसर में कुछ ग्रामीणों और विद्युत विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की गई। घटना के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने जतारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। सहायक अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और नियमित कामकाज तब तक शुरू नहीं किया जाएगा जब तक आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है, साथ ही जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी है। कार्यालय का कामकाज बंद रहने के कारण बिजली उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बिल भुगतान, शिकायत निवारण और अन्य विभागीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में जतारा एसडीओपी ने बताया है कि मामले में पुलिस को दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के जतारा कार्यालय के कर्मचारियों ने अपने सहकर्मियों पर हुए कथित हमले के विरोध में बुधवार को कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि पुलिस को शिकायत दिए जाने के बावजूद अभी तक आरोपितों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे कामकाज शुरू नहीं करेंगे। कर्मचारियों के अनुसार, मंगलवार को कार्यालय परिसर में कुछ ग्रामीणों और विद्युत विभाग के कर्मचारियों के बीच
विवाद हुआ था, जिसमें कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट की गई। घटना के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने जतारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। सहायक अभियंता लक्ष्मण कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और नियमित कामकाज तब तक शुरू नहीं किया जाएगा जब तक आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से उनमें असुरक्षा की भावना बढ़ रही है
और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है, साथ ही जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देने की चेतावनी भी दी है। कार्यालय का कामकाज बंद रहने के कारण बिजली उपभोक्ताओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बिल भुगतान, शिकायत निवारण और अन्य विभागीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इस संबंध में जतारा एसडीओपी ने बताया है कि मामले में पुलिस को दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- एक बुजुर्ग महिला ने अपनी बीमारी से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद महिला का पोस्टमार्टम खरगापुर में संपन्न हुआ।1
- टीकमगढ़ जिले के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब IPL कंपनी की खाद सीधे टीकमगढ़ रैक पॉइंट पर पहुँचेगी, जिससे किसानों को खाद के लिए दूसरे जिलों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और उन्हें समय पर खाद मिल सकेगी। पहले, जिले में खाद की रैक अन्य जिलों में आती थी, और वहाँ से सड़क मार्ग द्वारा टीकमगढ़ लाई जाती थी, जिससे परिवहन में काफी समय लगता था और किसानों को अक्सर खाद की किल्लत का सामना करना पड़ता था। इस व्यवस्था में बदलाव के बाद, IPL कंपनी की खाद सीधे टीकमगढ़ रेलवे रैक पर उतरेगी। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के नेतृत्व में रेलवे ट्रैक पर खाद के समुचित वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके तहत, खाद सीधे जिले के सरकारी गोदामों और सहकारी समितियों तक समय पर पहुँचाई जाएगी ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इस नई व्यवस्था से किसानों को कई फायदे होंगे। इससे खाद वितरण में लगने वाला समय बचेगा और बुवाई के सीजन में उन्हें खाद की किल्लत से राहत मिलेगी। साथ ही, दूसरे जिलों से खाद लाने का अतिरिक्त भाड़ा और परिवहन खर्च भी बचेगा। सीधी आपूर्ति से खाद की कालाबाजारी और अधिक दामों पर बिक्री पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।1
- टीकमगढ़ जिले का जतारा विद्युत विभाग समस्याओं का अखाड़ा बन गया है, जिसके कारण यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में एक खास रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें बताया गया है कि विभाग में क्या कुछ हुआ है और क्या नहीं।1
- टिकमगढ़ ज़िले के जतारा स्थित बिजली ऑफिस में महिलाओं और पुरुषों ने जमकर तोड़फोड़ की है। यह घटना बिजली विभाग द्वारा डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) रखने से मना करने के बाद लोगों में फैले आक्रोश के कारण हुई, जिससे गुस्साए लोगों ने ऑफिस में तोड़फोड़ को अंजाम दिया।1
- मध्य प्रदेश के जतारा नगर में बिजली विभाग द्वारा बिजली सप्लाई बंद किए जाने के बाद कांग्रेस नेता गोविंद सिंह गौर ने बिजली अधिकारी से संपर्क किया। उन्होंने अधिकारी से बिजली सप्लाई तुरंत चालू करने के लिए कहा। इस बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- टीकमगढ़ जिले के कुंडेश्वर में स्थित अहिरवार समाज धर्मशाला रविदास में, अहिरवार समाज संघ के जिला अध्यक्ष अशोक अहिरवार और क्षेत्र के सभी पदाधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण शपथ ली है। इस शपथ के तहत, समाज के सदस्यों ने यह संकल्प लिया है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, प्रखंड, रूढ़िवाद और तेरहवीं जैसे कर्मकांडों को नहीं मानेंगे।1
- टीकमगढ़ में लंबे समय से चले आ रहे जल संकट के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिसके तहत बांधों से पानी सीधे शहर तक पहुँचाया गया है। यह पहल कलेक्टर के प्रयासों का परिणाम है, जिससे स्थानीय निवासियों को अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है।1
- टीकमगढ़ शहर में गंभीर पानी के संकट को देखते हुए, कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देशन में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसी के तहत अस्तौन नचनवारा स्टॉप डेम के गेट खोल दिए गए, जिसके बाद पानी बरीघाट तक पहुँच गया है। इस कार्रवाई से अब शहर में अगले तीन माह तक पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।1
- टीकमगढ़ शहर के सागर बायपास मार्ग पर मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार यात्री बस और कार के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद कार सड़क से करीब 100 फीट दूर एक मैदान में जाकर पलट गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारी के अनुसार, सागर की ओर से टीकमगढ़ आ रही ओरछा कंपनी की यात्री बस (एमपी 36 पी 1121) और लाल रंग की होंडा आई-10 कार (डीएल 3सीबीवी 2281) सागर बायपास पर आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसका चालक वाहन के अंदर ही बुरी तरह फंस गया। हादसे में कार चालक अजय पुत्र हरदास, निवासी छापछौल, उत्तर प्रदेश, की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। कार में सवार हरिश्चंद्र पुत्र घनश्याम अहिरवार और अरविंद पुत्र गुमान अहिरवार, दोनों निवासी छापछौल, उत्तर प्रदेश, गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी रविभूषण पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण शव को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग डेढ़ घंटे तक चले बचाव अभियान के दौरान, जेसीबी मशीन की मदद से कार को काटकर शव को बाहर निकाला जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हादसे के बाद बस सड़क किनारे रुक गई, जबकि कार अनियंत्रित होकर दूर मैदान में जा गिरी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार को माना जा रहा है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।1