दतिया में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम जिगना निवासी एक विवाहिता ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। विवाहिता के अनुसार, चार बेटियों के जन्म के बाद उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिसकी शिकायत उसने पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल को करते हुए कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि विवाहिता का विवाह दिसंबर 2015 को संतोष वंशकार निवासी ग्राम जिगना के साथ हुआ था, जिसमें मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य अनुसार नकद राशि, मोटरसाइकिल और अन्य सामान दिया था। महिला का आरोप है कि विवाह के कुछ माह बाद ही पति संतोष वंशकार, सास कलादेवी वंशकार और ससुर कैलाश वंशकार उसे कम दहेज लाने की बात कहकर प्रताड़ित करने लगे। वे मायके की जमीन में हिस्सा तथा अतिरिक्त धनराशि लाने का दबाव भी बनाते थे। शिकायत के अनुसार, चार पुत्रियों के जन्म के बाद उसकी प्रताड़ना और बढ़ गई। उसे लड़का न होने का ताना दिया जाता था, कई बार भोजन नहीं दिया गया और मारपीट भी की गई। ससुराल पक्ष पर बेटियों के पालन-पोषण का खर्च उठाने से इंकार करने और मायके से जमीन या पैसे लाने के लिए लगातार दबाव बनाने का आरोप है। पीड़िता ने कई बार अपने माता-पिता के माध्यम से समझौते का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने आवेदन लेकर संबंधित अधिकारी को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दतिया में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्राम जिगना निवासी एक विवाहिता ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। विवाहिता के अनुसार, चार बेटियों के जन्म के बाद उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिसकी शिकायत उसने पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल को करते हुए कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि विवाहिता का विवाह दिसंबर 2015 को संतोष वंशकार निवासी ग्राम जिगना के साथ हुआ था, जिसमें मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य अनुसार नकद राशि, मोटरसाइकिल और अन्य सामान दिया था। महिला का आरोप है कि विवाह के कुछ माह बाद ही पति संतोष वंशकार, सास कलादेवी वंशकार और ससुर कैलाश वंशकार उसे कम दहेज लाने की बात कहकर प्रताड़ित करने लगे। वे मायके की जमीन में हिस्सा तथा अतिरिक्त धनराशि लाने का दबाव भी बनाते थे। शिकायत के अनुसार, चार पुत्रियों के जन्म के बाद उसकी प्रताड़ना और बढ़ गई। उसे लड़का न होने का ताना दिया जाता था, कई बार भोजन नहीं दिया गया और मारपीट भी की गई। ससुराल पक्ष पर बेटियों के पालन-पोषण का खर्च उठाने से इंकार करने और मायके से जमीन या पैसे लाने के लिए लगातार दबाव बनाने का आरोप है। पीड़िता ने कई बार अपने माता-पिता के माध्यम से समझौते का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने आवेदन लेकर संबंधित अधिकारी को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- दतिया में कांग्रेस पार्टी की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इसी बीच, कुछ ऐसे लोग भी सामने आए जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया।1
- सरकारी नीतियों को लेकर एक UPSC छात्र का गुस्सा फूट पड़ा है, जिसने खुलकर मोदी, योगी, शुभेंदु और पूरे सिस्टम की कड़ी आलोचना की है। छात्र ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए इन सभी को क्लास लगाई है, जो सरकार की कार्यप्रणाली के प्रति युवाओं और छात्रों के बीच बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। यह घटना विभिन्न सरकारी नीतियों के खिलाफ व्याप्त रोष और आक्रोश का प्रतीक है।1
- डबरा नगर पालिका में वार्ड 5 की महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार हंगामा किया और नारेबाजी की। ये प्रदर्शनकारी महिलाएं मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) से मिलने की अपनी मांग पर अड़ी हुई हैं। उनका विरोध सड़कों की खराब स्थिति, पानी की कमी, और सफाई व्यवस्था सहित कई अन्य मुद्दों पर केंद्रित है। विरोध प्रदर्शन के दौरान, महिलाएं खाली पानी के मटके फोड़ने की भी तैयारी में हैं।1
- पंडोखर पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को मथुरा से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान, दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।1
- दतिया में आम जनता की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष समाधान के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से पहुंचे लोगों की शिकायतों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना गया। पुलिस अधीक्षक खण्डेलवाल ने कुल 103 शिकायतों और आवेदनों पर सुनवाई की। उन्होंने प्रत्येक मामले का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इन निर्देशों में शिकायतों का वैधानिक, निष्पक्ष और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने तथा आवेदकों को त्वरित कार्रवाई कर न्याय दिलाने पर जोर दिया गया। जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार शिवहरे सहित जिले के सभी एसडीओपी, थाना प्रभारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। दतिया पुलिस द्वारा नियमित रूप से आयोजित की जा रही यह जनसुनवाई आम नागरिकों और पुलिस के बीच बेहतर संवाद का माध्यम बन रही है। इस पहल से आमजन को अपनी समस्याएं सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है, जिससे शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन रही है और लोगों को आवश्यक सहायता तथा समयबद्ध न्याय मिल पा रहा है।1
- दतिया में आमजन की समस्याओं के त्वरित, निष्पक्ष और विधिसंगत समाधान के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक मयूर खण्डेलवाल ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जहां एसपी खण्डेलवाल ने कुल 103 शिकायतों और आवेदनों को गंभीरता तथा संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई के दौरान जमीन विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट, धोखाधड़ी और पुलिस व्यवहार से जुड़ी प्रमुख शिकायतें सामने आईं। प्रत्येक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनने के बाद, एसपी ने संबंधित एसडीओपी, थाना और चौकी प्रभारियों को इन शिकायतों के उचित वैधानिक निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी खण्डेलवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों पर त्वरित और निष्पक्ष कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और किसी भी फरियादी के साथ अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिले, यही पुलिस का मुख्य ध्येय है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार शिवहरे सहित जिले के समस्त एसडीओपी एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को जनसुनवाई में आई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण करने और लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। दतिया पुलिस द्वारा आमजन की समस्याओं के संवेदनशील एवं प्रभावी निराकरण के लिए नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को थानों के चक्कर काटने से बचाकर उन्हें त्वरित न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत हो रहा है।1
- दतिया के राजपुर से सामने आए एक मामले में, कुछ ग्रामीणों ने ज़मीन खरीदने के बाद पास के मंदिर को भी अपना समझना शुरू कर दिया है। इसी संबंध में वे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि, “कम से कम भगवान को तो छुड़वा दो।” यह अपील उन्होंने दतिया पुलिस, कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए की है।1
- भाण्डेर तहसील में राजस्व संबंधी कार्यों को लेकर एक गहरा विवाद सामने आया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक प्रतिनिधि जगदीश पाराशर ने मंगलवार दोपहर 1 बजे नवीन तहसील कार्यालय पर भांडेर एसडीएम सोनाली राजपूत को कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार सुनील भदौरिया पर भ्रष्टाचार और आमजन को परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और अतिक्रमण जैसे मामलों में कथित रिश्वतखोरी और प्रकरणों को लंबित रखने की विस्तृत शिकायत की गई है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, प्रभावित किसानों और संबंधित अधिवक्ताओं के बयान दर्ज करने तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, इस गंभीर शिकायत पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- दतिया में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ गोराघाट पुल से गिरने के कारण एक युवक की मौत हो गई। बताया गया है कि मृतक युवक ग्वालियर का निवासी था।1