नगर निगम के चार स्थानों पर लगा सहयोग शिविर, महापौर-उप महापौर ने किया उद्घाटन नगर निगम के चार स्थानों पर लगा सहयोग शिविर, महापौर-उप महापौर ने किया उद्घाटन कटिहार, 15 सितंबर। नगर निगम कटिहार की ओर से मंगलवार को निगम क्षेत्र के चार अलग-अलग स्थानों पर सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य शुभारंभ वार्ड संख्या 31 स्थित सामुदायिक भवन में महापौर ऊषा देवी अग्रवाल, उप महापौर मंजूर खान, नगर आयुक्त संतोष कुमार एवं वार्ड पार्षद पिंकी देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके अलावा वार्ड संख्या 11 के दुर्गा मंदिर परिसर, वार्ड संख्या 26 के नाशिरगंज मैदान प्रांगण और वार्ड संख्या 42 के हवा महल परिसर में भी शिविर लगाए गए। शिविर का उद्देश्य लोगों को नगर निगम की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराना था। शिविर में नगर निगम के विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन लिए गए, नागरिकों की शिकायतें दर्ज की गईं तथा आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। निगम के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई की। इस दौरान संबंधित वार्डों के पार्षद सागर पासवान, गजाला खातून और जासमीन खातून भी मौजूद रहीं। उन्होंने लोगों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। नगर निगम प्रशासन ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याओं और आवेदनों के समाधान के लिए बार-बार निगम कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। स्थानीय स्तर पर ही सेवाएं उपलब्ध कराने से निगम की योजनाओं का लाभ लोगों तक सहज, पारदर्शी और त्वरित
नगर निगम के चार स्थानों पर लगा सहयोग शिविर, महापौर-उप महापौर ने किया उद्घाटन नगर निगम के चार स्थानों पर लगा सहयोग शिविर, महापौर-उप महापौर ने किया उद्घाटन कटिहार, 15 सितंबर। नगर निगम कटिहार की ओर से मंगलवार को निगम क्षेत्र के चार अलग-अलग स्थानों पर सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य शुभारंभ वार्ड संख्या 31 स्थित सामुदायिक भवन में महापौर ऊषा देवी अग्रवाल, उप महापौर मंजूर खान, नगर आयुक्त संतोष कुमार एवं वार्ड पार्षद पिंकी देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके अलावा वार्ड संख्या 11 के दुर्गा मंदिर परिसर, वार्ड संख्या 26 के नाशिरगंज मैदान प्रांगण और वार्ड संख्या 42 के हवा महल परिसर में भी शिविर लगाए गए। शिविर का उद्देश्य लोगों को नगर निगम की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ उनके
वार्ड स्तर पर उपलब्ध कराना था। शिविर में नगर निगम के विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन लिए गए, नागरिकों की शिकायतें दर्ज की गईं तथा आवश्यक जानकारी और सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। निगम के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक कार्रवाई की। इस दौरान संबंधित वार्डों के पार्षद सागर पासवान, गजाला खातून और जासमीन खातून भी मौजूद रहीं। उन्होंने लोगों से शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। नगर निगम प्रशासन ने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याओं और आवेदनों के समाधान के लिए बार-बार निगम कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी। स्थानीय स्तर पर ही सेवाएं उपलब्ध कराने से निगम की योजनाओं का लाभ लोगों तक सहज, पारदर्शी और त्वरित
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- 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली जब्त, तीन कारोबारी डिटेन 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली जब्त, तीन कारोबारी डिटेन कटिहार में जिला मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 क्विंटल प्रतिबंधित चाइनीज थाई मांगुर मछली पकड़ी है। विभाग की टीम ने रोतारा थाना क्षेत्र स्थित रोतारा टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए मछली से लदे वाहन को रोका और तीन लोगों को डिटेन किया। बताया जा रहा है कि मछली कोलकाता से पूर्णिया ले जाई जा रही थी। जिला मत्स्य पदाधिकारी सनद कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि चाइनीज थाई मांगुर मछली का पालन, बिक्री, परिवहन और सेवन प्रतिबंधित है। पकड़ी गई करीब 50 क्विंटल मछली का नियमानुसार विनिष्टीकरण कर दिया गया। मत्स्य पदाधिकारी ने पुलिस चेकपोस्ट पर भी सख्ती बरतने की जरूरत बताई, ताकि प्रतिबंधित मछली के परिवहन पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके। वहीं, कार्रवाई के दौरान डिटेन किए गए कारोबारियों की पहचान अभिजीत, कलीम और अब्दुल्ला के रूप में बताई गई है। विभाग के अनुसार, पूछताछ के दौरान कारोबारियों ने कथित तौर पर रोजाना थाना को मैनेज कर इस कारोबार को चलाने की बात कही है। हालांकि, इस दावे की पुलिस स्तर पर पुष्टि और जांच किया जाना बाकी है। बताया गया कि नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में मछलियों के सेवन को लेकर प्रशासन की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में कटिहार मत्स्य विभाग भी लगातार अभियान चला रहा है। प्रतिबंधित मछली की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद अब पुलिस और मत्स्य विभाग की जांच पर नजर है।2
- बिहार के 8 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में सात हजार रुपए भेजा गया। माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा मंगलवार को डीबीटी के माध्यम से बिहार के 8 लाख से अधिक बाढ़ पीड़ितों के खाते में सात हजार रुपए यानी कुल 579.23 करोड रुपए भेजा गया है।इस दौरान पूर्णिया के 23865 बाढ़ पीड़ितों के खाते में 16 करोड़ 70 लाख 55 हजार रुपए भेजा गया है.1
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- पूर्णिया में रुपौली एरिया जो है, वो बहुत ज्यादा ग्रसित है इन चीजों को लेकर, प्रशासन काम कर रही है। "हेलो फ्रेंड्स, मैं कुछ आज अहम मुद्दों पर बात करना चाहता हूं। आप सबको मालूम हुआ होगा आज का बहुत दिनों के बाद अमित शाह जो हैं, यूसीसी को लेकर कोई बात बोले हैं। उन्होंने कहा है कि 2029 तक पूरे देश में यूसीसी जो है, वो लागू कर दिया जाएगा। उनका यह बयान जो है, क्यों आया है आप सबको मालूम है। 2029 का टारगेट क्यों है? लेकिन जो मध्य प्रदेश में अभी हो रही हैं घटनाएं, उन पर कुछ नहीं बोला। जो बिहार में बाढ़ से पीड़ित हैं लोग, परेशान हैं। ऐसे-ऐसे वीडियो आ रहे हैं, ऐसी-ऐसी बातें हो रही हैं बिहार बाढ़ को लेकर। खुद पूर्णिया में रुपौली एरिया जो है, वो बहुत ज्यादा ग्रसित है इन चीजों को लेकर। प्रशासन काम कर रही है। तो बाढ़ से कैसे मुक्ति मिले, यह बात नहीं कर रहा है वो। बिहार में जो अभी सरकार है एनडीए की सरकार, इनको स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार में यूसीसी लागू किया जाएगा या नहीं। क्योंकि जेडीयू का प्रक्रिया है कि 'मैंने केंद्र में उस बिल के समर्थन में वोट किया, लेकिन बिहार में लागू नहीं होगा।' तो यह जेडीयू का दोगलापन है। क्योंकि जो चीज आप करना नहीं चाहते हैं, तो आप उसमें समर्थन क्यों दे रहे हैं? जब समर्थन दे रहे हैं, तो फिर लागू करना क्यों नहीं चाह रहे हैं? आप मुसलमानों को क्या बेवकूफ समझते हैं क्या? और हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा का भी प्रतिक्रिया इसमें आया है, मीडिया में चल ही रहा है, आप देख लिए होंगे। तो यह खेल अब बहुत दिनों तक नहीं चलेगा। अगर यूसीसी लागू करना है, तो 2029 क्यों? अभी लागू कर दो। अभी 2026 चल ही रहा है, दिसंबर तक लागू कर दो इन चीजों को लेकर के। दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। पता चल जाएगा कौन राज्य लागू कर रहा है, कौन नहीं कर रहा है। और बीजेपी किस मकसद से यह लाना चाह रही है? कोई फायदे के लिए लाना चाह रही है या सिर्फ मुसलमानों को प्रताड़ित करने के लिए लाना चाह रही है? यह क्लियर करें। और उतना 2029 तक जाने की जरूरत ही नहीं है। आप 2027 के दिसंबर तक इनको लागू कर दीजिए। धन्यवाद।"1
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