आदिवासी आंदोलन बनाम कॉर्पोरेट साज़िश तमनार का आंदोलन रोटी-माटी-जंगल की लड़ाई है, कोई अपराधी भीड़ नहीं, कोई अराजक भीड़ नहीं बल्कि अपने हक़ के लिए खड़ा आदिवासी समाज है। लेकिन सवाल ये है👇 जब आंदोलन तेज़ होता है, तब ही हिंसा और बदसलूकी की घटनाएँ क्यों दिखाई जाती हैं? 🔴 खुलासा चौंकाने वाला है महिला पुलिसकर्मी से बदसलूकी का आरोपी ➡️ जिंदल कोलवासरी CHP का स्थायी कर्मचारी निकलता है। अब सवाल आदिवासियों पर नहीं, जिंदल के इरादों पर उठता है। ⚠️ जिंदल की काली सच्चाई – सवाल जो देश को पूछने चाहिए ❓ क्या कॉर्पोरेट ताक़तें आदिवासी आंदोलनों को बदनाम करने के लिए अपने लोगों को आगे कर रही हैं? ❓ क्या आंदोलन के बीच जानबूझकर ऐसे तत्व घुसाए जाते हैं ताकि पूरा संघर्ष “अराजक” दिखे? ❓ क्या जिंदल का पैसा और रसूख कानून से ऊपर होने का हौसला देता है? ❓ और सबसे बड़ा सवाल - एक कॉर्पोरेट कर्मचारी की करतूत का ठीकरा पूरे आदिवासी समाज पर क्यों फोड़ा जाता है? आदिवासी समाज साफ़ कहता है हमारी लड़ाई: हिंसा की नहीं बदसलूकी की नहीं अपराध की नहीं हमारी लड़ाई है: 🌱 जल की 🌳 जंगल की 🏞️ ज़मीन की 🛑 कॉर्पोरेट लूट के खिलाफ मांगें बिल्कुल साफ़ हैं ✔️ आरोपी पर सख़्त कार्रवाई हो ✔️ जिंदल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो ✔️ आंदोलन को बदनाम करने की साज़िश उजागर की जाए ✔️ आदिवासियों को अपराधी नहीं, संविधान का असली हकदार माना जाए आदिवासी आंदोलन बिकाऊ नहीं है। कॉर्पोरेट की दलाली से हमारी पहचान नहीं मिटेगी। जिंदल की पूँजी बड़ी हो सकती है, लेकिन आदिवासी सच उससे कहीं बड़ा है
आदिवासी आंदोलन बनाम कॉर्पोरेट साज़िश तमनार का आंदोलन रोटी-माटी-जंगल की लड़ाई है, कोई अपराधी भीड़ नहीं, कोई अराजक भीड़ नहीं बल्कि अपने हक़ के लिए खड़ा आदिवासी समाज है। लेकिन सवाल ये है👇 जब आंदोलन तेज़ होता है, तब ही हिंसा और बदसलूकी की घटनाएँ क्यों दिखाई जाती हैं? 🔴 खुलासा चौंकाने वाला है महिला पुलिसकर्मी से बदसलूकी का आरोपी ➡️ जिंदल कोलवासरी CHP का स्थायी कर्मचारी निकलता है। अब सवाल आदिवासियों पर नहीं, जिंदल के इरादों पर उठता है। ⚠️ जिंदल की काली सच्चाई – सवाल जो देश को पूछने चाहिए ❓ क्या कॉर्पोरेट ताक़तें आदिवासी आंदोलनों को बदनाम करने के लिए अपने लोगों को आगे कर रही हैं? ❓ क्या आंदोलन के बीच जानबूझकर ऐसे तत्व घुसाए जाते हैं ताकि पूरा संघर्ष “अराजक” दिखे? ❓ क्या जिंदल का पैसा और रसूख कानून से ऊपर होने का हौसला देता है? ❓ और सबसे बड़ा सवाल - एक कॉर्पोरेट कर्मचारी की करतूत का ठीकरा पूरे आदिवासी समाज पर क्यों फोड़ा जाता है? आदिवासी समाज साफ़ कहता है हमारी लड़ाई: हिंसा की नहीं बदसलूकी की नहीं अपराध की नहीं हमारी लड़ाई है: 🌱 जल की 🌳 जंगल की 🏞️ ज़मीन की 🛑 कॉर्पोरेट लूट के खिलाफ मांगें बिल्कुल साफ़ हैं ✔️ आरोपी पर सख़्त कार्रवाई हो ✔️ जिंदल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो ✔️ आंदोलन को बदनाम करने की साज़िश उजागर की जाए ✔️ आदिवासियों को अपराधी नहीं, संविधान का असली हकदार माना जाए आदिवासी आंदोलन बिकाऊ नहीं है। कॉर्पोरेट की दलाली से हमारी पहचान नहीं मिटेगी। जिंदल की पूँजी बड़ी हो सकती है, लेकिन आदिवासी सच उससे कहीं बड़ा है
- "मैं बैगा आदिवासी हूँ, मुझे डॉक्टर बनना है..." सीधी की अनामिका बैगा डॉक्टर बनना चाहती है, लेकिन गरीबी उसके आड़े आ रही है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वह सुरक्षाकर्मियों से मिन्नतें करती रही कि "एक बार मिल लेने दीजिए", पर उसे रोक दिया गया। #anamika #SidhiNews #MPNews #drmohanyadav1
- आगामी 18 जनवरी को मंडला में कुंभ स्थल पर आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन के आयोजन की तैयारी एवं रूपरेखा के संबंध में RSS कार्यालय में हुई बैठक Rss कार्यालय में आयोजित हुई बैठकआगामी 18 जनवरी को मंडला में आयोजित होने वाले हिंदू सम्मेलन के सुव्यवस्थित एवं भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को शाम 5:30 बजे आरएसएस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान सम्मेलन की व्यवस्थाओं, कार्यक्रम की रूपरेखा, मंच संचालन, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग एवं अनुशासन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन समिति ने बताया कि हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों के शामिल होने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जाएंगी। बैठक में सभी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आयोजन समिति ने नागरिकों से सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है।बैठक में आयोजन समिति के पदाधिकारी, स्वयंसेवक एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- जबलपुर :- बरेला मंदिर के पास भीषण सड़क हादसा लगा लंबा जाम ट्रक और कंटेनर टकराए1
- भीषण सड़क हादसा नेशनल हाइवे-30, बरेला शारदा मंदिर के पास दो वाहनों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।1
- “स्कूल या नाला? मंडला में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य से खुला खिलवा आकाश चक्रवर्ती मंडला मंडला जिले के बिछिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम अहमदपुर के पटैल टोला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आ रही है। यहां मोहल्ले का गंदा पानी बहकर सीधे स्कूल परिसर में प्रवेश कर रहा है, जिससे स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थिति यह है कि स्कूल परिसर के भीतर ही एक कचरा घर बना हुआ है, जहां पूरे मोहल्ले के लोग रोजाना कचरा फेंकते हैं। गंदे पानी और कचरे के कारण स्कूल में लगातार बदबू फैली रहती है, जिससे बच्चों में संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदगी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कई बार मोहल्ले के लोगों को समझाइश दी गई कि गंदा पानी स्कूल की ओर न बहाएं, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इस गंभीर समस्या की जानकारी ग्राम पंचायत अहमदपुर को भी दी गई, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर जिम्मेदारों की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है। अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेगा और स्कूली बच्चों को साफ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण कब उपलब्ध कराया जाएगा।4
- मंडला जिला घुघरी ब्लॉक ग्राम पंचायत सुरेहली की सरपंच रिश्वत जल जीवन मिशन के तहत 10% पानी 10 लाख रुपया का घोटाला1
- jabalpur kachnar city Mahadev tampal bay mandla youtober Anil maravi ji1
- ‘हाथ नहीं लगाओ...’, चंद्रशेखर आजाद की पुलिस से जोरदार बहस.. मेरठ कांड से UP की राजनीति गरम हो चुकी है। कपसाड़ गांव में दलित लड़की का अपहरण, मां की हत्या के बाद इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इस बीच जब भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर वहां पहुंचें तो उन्हें रोकने के लिए दिल्ली से मेरठ तक चार स्तरीय नाकेबंदी। इस बीच चंद्रशेखर की पुलिस से बहस भी हो गई #meerut #ChandrashekharAzad #uttarpradesh1