The big question is: why has the BJP sat on the report of the investigation—completed during Chief Minister Harish Rawat's tenure—for ten years! Here is the timeline of events regarding the ED action against Chandan Jeena: 1. The examination was held on March 6, 2016. 2. Upon receiving a complaint, Chief Minister Harish Rawat immediately ordered an internal inquiry. 3. The internal inquiry gave a clean chit the very next month, on April 19, 2016. 4. However, Chief Minister Harish Rawat did not accept the clean chit. 5. On May 20, 2016, he constituted an inquiry committee comprising three secretaries to conduct further investigation. 6. This committee submitted its report during Harish Rawat's tenure itself, stating that irregularities had occurred and the examination should be cancelled. This happened on June 6, 2016. 7. Subsequently, the BJP government came to power. 8. The BJP government took four years to register an FIR; the FIR was finally lodged on January 8, 2020. 9. Six years have passed since then. Every two or three years, the BJP government wakes from its slumber, conducts a raid or an arrest, and then goes back to sleep. 10. Ten years have elapsed, yet the case remains unresolved—whereas Chief Minister Harish Rawat had promptly ensured an investigation and obtained the report. 11. The BJP has remained inactive because the prime accused was a close associate of their former Chief Minister, as stated by Shri Harish Rawat himself. 12. Now, as the Congress prepares to release a charge sheet against the Dhami government's corruption ahead of the elections, the ED is being deployed once again to divert attention from the issue.
The big question is: why has the BJP sat on the report of the investigation—completed during Chief Minister Harish Rawat's tenure—for ten years! Here is the timeline of events regarding the ED action against Chandan Jeena: 1. The examination was held on March 6, 2016. 2. Upon receiving a complaint, Chief Minister Harish Rawat immediately ordered an internal inquiry. 3. The internal inquiry gave a clean chit the very next month, on April 19, 2016. 4. However, Chief Minister Harish Rawat did not accept the clean chit. 5. On May 20, 2016, he constituted an inquiry committee comprising three secretaries to conduct further investigation. 6. This committee submitted its report during Harish Rawat's tenure itself, stating that irregularities had occurred and the examination should be cancelled. This happened on June 6, 2016. 7. Subsequently, the BJP government came to power. 8. The BJP government took four years to register an FIR; the FIR was finally lodged on January 8, 2020. 9. Six years have passed since then. Every two or three years, the BJP government wakes from its slumber, conducts a raid or an arrest, and then goes back to sleep. 10. Ten years have elapsed, yet the case remains unresolved—whereas Chief Minister Harish Rawat had promptly ensured an investigation and obtained the report. 11. The BJP has remained inactive because the prime accused was a close associate of their former Chief Minister, as stated by Shri Harish Rawat himself. 12. Now, as the Congress prepares to release a charge sheet against the Dhami government's corruption ahead of the elections, the ED is being deployed once again to divert attention from the issue.
- घर पर गोलगप्पे बनाने से डर लगता है तो ये रेसिपी आपके लिए है।1
- बड़कोट सीएचसी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर उठी आवाज, मांग पूरी नही होने पर आंदोलन की चेतावनी । NIU देहरादून NIU ✍️ #BadkotCHC उत्तरकाशी में यमुनाघाटी क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट में डॉक्टरों के रिक्त पदों का मामला एक बार फिर गरमा गया है। लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे अस्पताल को लेकर क्षेत्रवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने मुख्यमंत्री से अस्पताल में स्वीकृत सभी चिकित्सकीय पदों पर तत्काल नियुक्ति करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, वर्ष 2015 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट के लिए आठ चिकित्सकीय पद स्वीकृत किए गए थे। लेकिन इन पदों के सापेक्ष अब तक सिर्फ एक दंत चिकित्सक की नियुक्ति हो सकी है। बाकी पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने से मरीजों को सामान्य उपचार के लिए भी जिला अस्पताल या देहरादून सहित दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र में दूरी, खराब मौसम और सीमित परिवहन व्यवस्था के कारण गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। बड़कोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी केंद्र पर निर्भर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अस्पताल में प्रसव सुविधा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और अन्य जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहद आवश्यक है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। इससे कई बार मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक बोझ के साथ-साथ जान जोखिम में डालकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।1
- 🌾 डोईवाला के खेरी गांव में बंदरों का आतंक, गन्ने की फसल तबाह The Aman Times 🌾 डोईवाला के खेरी गांव में बंदरों का आतंक, गन्ने की फसल तबाह डोईवाला। मारखम ग्रांट ग्राम पंचायत के खेरी गांव में बंदरों के झुंड ने किसानों की गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसान राजकुमार मौर्य, तरसेम सिंह, राजा और अरविंद की फसल बंदरों ने बर्बाद कर दी। किसानों का कहना है कि लच्छीवाला वन रेंज के खेरी जंगलों से बंदर, हाथी और अन्य जंगली जानवर लगातार खेतों की ओर आ रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो रही है। मारखम ग्रांट ग्राम पंचायत के प्रधान परमिंदर सिंह बाबू ने कहा कि वन विभाग से किसानों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम करने की मांग की गई है, ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद न हो। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से हुए फसल नुकसान का किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। किसानों ने वन विभाग से फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।1
- CM हेल्पलाइन 1905 पर खुद एक्शन में CM धामी, शिकायतों का लिया अपडेट; संतोषजनक जवाब न मिलने पर अफसरों को लगाई फटकार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने CM हेल्पलाइन 1905 पर दर्ज शिकायतों की खुद फोन कर स्थिति जानी। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे बात कर पूछा कि उनकी समस्याओं का समाधान हुआ या नहीं। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर सीएम ने हरिद्वार के डीएम और CDO से फोन पर ही जवाब मांगा और लंबित शिकायतों को अगले सप्ताह तक निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।1
- *एसएसपी दून के नेतृत्व में शराब तस्करों पर जारी दून पुलिस का एक्शन* *अलग-अलग थाना क्षेत्रों से शराब तस्करी में लिप्त 04 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार* *अभियुक्तों के कब्जे से 05 पेटी से अधिक अवैध देसी शराब हुई बरामद* *शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहन छोटा हाथी को पुलिस ने किया सीज* वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने-अपने थाना क्षेत्रान्तर्गत मादक पदार्थों/अवैध शराब की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। निर्देशों के अनुपालन में जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा लगातार ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध। प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दून पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण निम्नवत है:- *1- कोतवाली ऋषिकेश* *लगभग 04 पेटी अवैध देसी शराब के साथ 03 अभियुक्त गिरफ्तार, तस्करी में प्रयुक्त वाहन को पुलिस ने किया सीज :-* कोतवाली ऋषिकेश पर गठित अलग-अलग टीमों द्वारा दिनांक: 15-09-24 को चैकिंग के दौरान पुराने रेलवे स्टेशन गेट, डाकघर आईडीपीएल के सामने एवं परशुराम चौक ऋषिकेश से 03 अभियुक्तों 01: रोबिन कुमार पुत्र नरेश कुमार, 02: सौरब पुत्र रमेश कुमार तथा 03: भोले पुत्र सुरेश को अवैध शराब की तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया गया। सभी अभियुक्तों के विरूद्ध आबकारी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत किये गये। शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहन छोटा हाथी संख्या: यू0के0-14-सीए -2855 को सीज किया गया। *विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:* 1- रोबिन कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी 134 अवधूत मार्ग वाल्मिकी नगर, थाना ऋषिकेश, देहरादून, उम्र 40 वर्ष। 2- सौरब पुत्र रमेश कुमार निवासी तुलसी विहार कालोनी हनुमान मन्दिर के पास श्यामपुर, ऋषिकेश, देहरादून, उम्र 25 वर्ष। 3- भोले पुत्र सुरेश निवासी। गोविन्द नगर झुग्गी झोपडी परशुराम चौक, थाना ऋषिकेश, देहरादून, उम्र 29 वर्ष। *बरामदगी:* (1) अभियुक्त रोबिन कुमार के कब्जे से 27 ट्रेटा पैक माल्टा मसालेदार देशी शराब (2) अभियुक्त सौरब के कब्जे से 35 ट्रेटा पैक माल्टा मसालेदार देशी शराब (3) अभियुक्त भोले के कब्जे से 110 ट्रेटा पैक माल्टा देशी शराब (4) टाटा ऐस (छोटा हाथी) वाहन संख्या यू0के0-14-सीए-2855 *2- कोतवाली पटेलनगर* *86 ट्रेटा पैक देशी शराब के साथ 01 अभियुक्त गिरफ्तार:* पटेलनगर पुलिस द्वारा दिनांक 15-09-2026 को मुखबिर की सूचना पर महाराणा प्रताप ग्राउण्ड आईएसबीटी पटेलनगर के पास से 01 अभियुक्त अमित पुत्र मुकेश कुमार को 86 टेट्रा पैक देशी मसालेदार शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरुद्व थाना पटेलनगर पर मु0अ0सं0-639/2026 धारा 60 आबकारी अधिनियम में अभियोग पंजीकृत किया गया। *विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:* 1- अमित पुत्र मुकेश कुमार निवासी टर्नर रोड, लेन नम्बर 01, क्लेमनटाउन, उम्र 38 वर्ष *बरामदगी:* 86 टैट्रा पैक देसी शराब3
- बिना लाइसेंस चल रहे हुक्का बार की अब नहीं खैर, बिना लाइसेंस चल रहे बार का काटा चालान। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, कैफे आदि प्रतिष्ठानों में औचक चैकिंग/सत्यापन अभियान के दौरान कोतवाली गंगनहर पुलिस ने क्षेत्र में चलाए जा रहे हुक्का बार पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाले तो सामने आया कि संचालक द्वारा उक्त बार बिना लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था। साथ ही संचालक द्वारा बिना सत्यापन के ही नियुक्त किए गए स्टॉफ से काम लिया जा रहा था। नियमानुसार आरोपी संचालक के खिलाफ कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी का पुलिस अधिनियम के तहत ₹10000/- का चालान काटा। उक्त संचालक सहित अन्य होटल, ढाबो, बार के संचालकों को स्पष्ट शब्दों में बताया गया कि बिना वैध लाइसेंस न ऐसे बार संचालित किए जाएं न बिना वैध आईडी किसी व्यक्ति को रुकने दिया जाए। बिना सत्यापन कर्मचारी रखने पर भी कड़ी चालानी कार्रवाई करने की संबंधित को स्पष्ट चेतावनी दी गई। इसके साथ ही संचालकों को अपने प्रतिष्ठान में सी.सी.टी.वी. कैमरा और सुरक्षा उपकरण चालू दशा में रखने, एंट्री/ एग्जिट पॉइंट्स पर अच्छी गुणवत्ता के कैमरे लगाने एवं संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के निर्देश दिए गए। *विवरण आरोपी संचालक-* फहीम कुरेशी पुत्र तस्लीम कुरैशी निवासी रामपुर चुंगी1
- शांतरशाह में युवक को गोली मारकर फरार हुए दो बदमाश, पुलिस जांच में जुटी हरिद्वार। बहादराबाद थाना क्षेत्र के शांतरशाह गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दो अज्ञात युवकों ने एक युवक पर कथित तौर पर गोली चला दी। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, शांतरशाह निवासी हैप्पी पुत्र राजकुमार किसी काम से जा रहा था। इसी दौरान दो अज्ञात बदमाशों ने उस पर गोली चला दी। गोली लगने से हैप्पी घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलते ही बहादराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाने के साथ ही वारदात से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र करना शुरू कर दिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। इसके अलावा पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। फिलहाल गोली चलाने के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस घायल युवक से घटना के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही वारदात की वास्तविक वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी। गोलीकांड के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और घटना से संबंधित कोई जानकारी होने पर पुलिस को सूचित करने की अपील की है।1
- रानी पोखरी में हाथी का आतंक, धान की फसल रौंदी।।।।।।।।।।।। The Aman Times रानी पोखरी में हाथी का आतंक, धान की फसल रौंदी रानी पोखरी/डोईवाला। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला रानी पोखरी के मौजा रानी पोखरी का है, जहां हाथी धान के खेत में घुस गया और फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। पूर्व सैनिक राजेंद्र सिंह रावत की धान की फसल हाथी ने रौंदकर तहस-नहस कर दी। गांव के प्रधान प्रतिनिधि विक्रम सिंह भंडारी ने वन विभाग से जंगली जानवरों की आबादी को आबादी वाले क्षेत्रों और खेतों में घुसने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1