लखीमपुर खीरी के ढखेरवा/पढ़ुआ क्षेत्र में पढ़ुआ थाना पुलिस ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की दो भैंसें, दो अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी एक मुखबिर की सूचना पर हुई थी कि चोरी की भैंसों के साथ कुछ लोग कटहा मोड़ नाले के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मोहित पुंडीर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने 20 जून की सुबह करीब 8 बजे कटहा मोड़ नाले से लगभग 250 मीटर आगे घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पठाननपुरवा, थाना पढ़ुआ निवासी गुलाम पुत्र हबीब और प्रीतनपुरवा, थाना निघासन निवासी अमित पुत्र माखन के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 32 साल बताई गई है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी की दो भैंसें, 315 बोर के दो अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बरामद की गईं भैंसें थाना सिंगाही क्षेत्र से चोरी हुई थीं। पकड़े गए आरोपियों में गुलाम के खिलाफ खीरी के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, गैंगस्टर और अवैध हथियार से जुड़े कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। इसी तरह, अमित के खिलाफ भी चोरी और गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी टीम में थाना प्रभारी मोहित पुंडीर, उपनिरीक्षक जुबेर अहमद, सिपाही चन्द्रमोहन त्यागी, अंकित कुमार और कृष्ण कुमार शामिल थे।
लखीमपुर खीरी के ढखेरवा/पढ़ुआ क्षेत्र में पढ़ुआ थाना पुलिस ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की दो भैंसें, दो अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी एक मुखबिर की सूचना पर हुई थी कि चोरी की भैंसों के साथ कुछ लोग कटहा मोड़ नाले के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी मोहित पुंडीर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने 20 जून की सुबह करीब 8 बजे कटहा मोड़ नाले से लगभग 250 मीटर आगे घेराबंदी कर दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पठाननपुरवा, थाना पढ़ुआ निवासी गुलाम पुत्र हबीब और प्रीतनपुरवा, थाना निघासन निवासी अमित पुत्र माखन के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 32 साल बताई गई है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी की दो भैंसें, 315 बोर के दो अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बरामद की गईं भैंसें थाना सिंगाही क्षेत्र से चोरी हुई थीं। पकड़े गए आरोपियों में गुलाम के खिलाफ खीरी के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, गैंगस्टर और अवैध हथियार से जुड़े कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। इसी तरह, अमित के खिलाफ भी चोरी और गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी टीम में थाना प्रभारी मोहित पुंडीर, उपनिरीक्षक जुबेर अहमद, सिपाही चन्द्रमोहन त्यागी, अंकित कुमार और कृष्ण कुमार शामिल थे।
- बिहार के चर्चित भरत तिवारी मुठभेड़ मामले को लेकर अब उत्तर प्रदेश में भी आवाज़ उठाई गई है। लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने इस संबंध में राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने इस मुठभेड़ को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिस पर निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग की गई है। मोर्चा ने अपनी मांगों में यह भी कहा है कि जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए। साथ ही, अगर मुठभेड़ फर्जी साबित होती है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। संगठन ने पीड़ित परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की है, जबकि जांच मानवाधिकार आयोग की निगरानी में कराने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने पर भी ज़ोर दिया है।2
- खीरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत, फरधान पुलिस टीम ने दिनांक 20.06.2026 को एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक खीरी (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी सदर के मार्गदर्शन तथा थानाध्यक्ष फरधान के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नीतेश कुमार पुत्र सुशील कुमार, निवासी ग्राम अटकोनवा, थाना फरधान, जिला खीरी के रूप में हुई है, जिसे अटकोनवा गांव के बाहर नहर पुलिया के पास से चोरी किए गए सामान के साथ पकड़ा गया है। यह गिरफ्तारी थाना फरधान में पंजीकृत मु0अ0सं0 234/2026 धारा 305(ए) बीएनएस से संबंधित है। पुलिस को दिनांक 19.06.2026 को संविलियन विद्यालय अटकोनवा की प्रभारी प्रधानाध्यापिका वंदना अवस्थी से एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया था कि नीतेश पुत्र सुशील ने विद्यालय के रसोई घर का ताला काटकर विद्यालय का सामान और गैस सिलेंडर चोरी कर लिया है। इस शिकायत के आधार पर, थाना फरधान में नीतेश पुत्र सुशील के खिलाफ मु0अ0सं0 234/2026 धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और विवेचना उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव को सौंपी गई। विवेचना के दौरान, अभियुक्त नीतेश कुमार ने पूछताछ में स्वीकार किया कि दिनांक 13.06.2026 को विद्यालय बंद था, और वह दरवाजे के ऊपर चढ़कर अंदर घुसा था। उसने बताया कि पहले उसने गूलर खाया, फिर चोरी करने का विचार आया, जिसके बाद वह बाहर से एक आरी ले आया। उस आरी से उसने रसोई घर का ताला काटकर स्टील की 18 थालियां, 3 स्टील की प्लेटें, पुरानी मेज के लोहे के पाए, लोहे का एक इंगल, हैंडपंप की रॉड और उसका ढक्कन चोरी कर लिया था। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी का माल बरामद किया। बरामद किए गए सामान में एक पारदर्शी डिब्बे में ₹1100 नगद, एक सफेद कपड़े में कटा हुआ ताला और एक आरी, तथा एक जूट के बोरे में 18 स्टील की थालियां, 2 स्टील की प्लेटें, 10 लोहे के मेज के पाइप, एक मुड़ा हुआ लोहे का इंगल, एक लोहे की हैंडपंप रॉड और एक लोहे का हैंडपंप ढक्कन शामिल हैं। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, उक्त मुकदमे में धारा 317(2) और 331(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। अभियुक्त नीतेश कुमार को अब मु0अ0सं0 234/2026 धारा 305(ए), 317(2), 331(3) बीएनएस के तहत विधिक कार्रवाई हेतु माननीय न्यायालय खीरी के समक्ष भेजा जा रहा है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, कांस्टेबल विकास यादव, कांस्टेबल कपिल कुमार, रिक्रूट कांस्टेबल अभिषेक यादव और रिक्रूट कांस्टेबल निखिल द्विवेदी शामिल थे।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले में लखीमपुर खीरी का रहने वाला अभय सिंह नामक एक व्यक्ति अपनी कार पर 'जज' का पास लगाकर घूमते हुए पकड़ा गया। पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर अभय सिंह ने बताया कि लखनऊ कोर्ट में कार्यरत उसके एक दोस्त के भाई ने उसे यह 'जज' का पास उपलब्ध कराया था। उसने स्वीकार किया कि वह पहाड़ों में टोल टैक्स बचाने के लिए इस पास का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने अभय सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका चालान किया। इस पूरी घटना और अभय सिंह के बयान को पुलिस ने वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड कर दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है।1
- लखीमपुर खीरी के पढुआ थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार सुबह कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी 20 जून 2026 को सुबह लगभग 8:24 बजे कटहा मोड़ नाले से करीब 250 मीटर आगे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने के बाद की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई दो भैंसें, दो 315 बोर के तमंचे और तीन 315 बोर के जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुलाम पुत्र हबीब, निवासी ग्राम पठाननपुरवा, थाना पढुआ, और अमित कुमार पुत्र माखन, निवासी ग्राम प्रीतमपुरवा, थाना निघासन, के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, बरामद की गई भैंसों के संबंध में पहले से ही थाना सिंगाही में मुकदमा संख्या 127/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत एक मामला दर्ज है। इस बरामदगी के आधार पर, पढुआ थाने में मुकदमा संख्या 343/26 धारा 317(2)/317(5) बीएनएस और 3/25 आयुध अधिनियम 1959 के तहत नया मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि दोनों आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, पुलिस द्वारा दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष मोहित पुण्डीर, उपनिरीक्षक जुबेर अहमद, कांस्टेबल चन्द्रमोहन त्यागी, कांस्टेबल अंकित कुमार और कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल थे।1
- लखीमपुर खीरी की सदर कोतवाली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ मालखाने से करोड़ों रुपये का सोना गायब होने के बाद पुलिस ने अदालत में अजीबोगरीब दलील दी। पुलिस ने दावा किया कि बारिश में भीगने के बाद सुखाने रखे गए जेवर बंदर उठा ले गए। माननीय न्यायालय ने पुलिस की इस हास्यास्पद दलील को सिरे से खारिज कर दिया है, इसे गंभीर कदाचार मानते हुए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया है। यह घटना कानून की रखवाली करने वाली पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े करती है और पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करती है। यह 'फिल्मी दास्तान' वर्ष 2007 में शुरू हुई थी, जब दीपावली की रात कपूरथला मोहल्ले की रानी अग्रवाल उर्फ जूली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके वालों की शिकायत पर पति मुदित अग्रवाल और उनके ससुरालियों पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतका के शरीर से सोने की चूड़ियाँ, चेन, लॉकेट, अंगूठी और नाक की कील जैसे बहुमूल्य आभूषण बरामद हुए थे, जिन्हें सदर कोतवाली के मालखाने में सुरक्षित जमा किया गया। वर्तमान में इन आभूषणों की अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालाँकि, वर्षों तक चले ट्रायल के दौरान पुलिस इन आभूषणों को कभी भी साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश नहीं कर पाई, जिसके चलते फरवरी 2024 में सबूतों के अभाव में मुदित अग्रवाल और उनका परिवार बरी हो गया। मामले में असली मोड़ तब आया जब बरी होने के बाद मुदित अग्रवाल ने अदालत के माध्यम से अपने जेवर वापस मांगे। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने जो रिपोर्ट पेश की, उसे सुनकर न्यायालय भी दंग रह गया। पुलिस का दावा था कि वर्ष 2013 में मालखाने की पोटलियाँ सीलन के कारण खराब हो रही थीं, जिन्हें सुखाने के लिए छत पर रखा गया था। इसी दौरान अचानक बारिश आ गई और बाद में बंदरों ने उन पोटलियों पर धावा बोलकर करोड़ों रुपये के जेवर गायब कर दिए। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने इस स्पष्टीकरण को हैरान करने वाला बताया और कहा कि यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है, क्योंकि पंचनामा में दर्ज इन जेवरों की कीमत आज की तारीख में लगभग एक करोड़ रुपये है। न्यायालय ने पुलिस की इस पूरी कहानी को मनगढ़ंत और अविश्वसनीय करार दिया। कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सोना कभी पानी में नहीं गलता और करोड़ों की सरकारी तथा जब्त संपत्ति को इस तरह खुले में छोड़ देना घोर लापरवाही व साजिश का हिस्सा है। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया यह माना कि मालखाने के आभूषणों के साथ हेराफेरी की गई है और रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री करके मामले को दबाने की कोशिश की गई। अदालत ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और पीड़ित को उचित क्षतिपूर्ति (मुआवजा) देने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद, पूरे जिले की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि खाकी के इस 'सिंडिकेट' का पर्दाफाश कब और कैसे होता है।4
- उत्तराखंड के चमोली में लखीमपुर खीरी के एक युवक अभय सिंह को एक कार पर “जज” का पास लगाकर घूमते हुए पकड़ा गया है। पुलिस द्वारा रोके जाने पर अभय सिंह ने बताया कि लखनऊ कोर्ट में कार्यरत उसके दोस्त के भाई ने उसे यह पास उपलब्ध कराया था। उसने पहाड़ों में टोल टैक्स से बचने के लिए इस पास का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने अभय सिंह को पकड़ने के बाद उसका चालान किया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर दुनिया को दिखाया।1
- मितौली तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिवक्ता संघ मितौली के वकीलों ने क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जिओ नेटवर्क की समस्या को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रमुखता से उठाया। अधिवक्ताओं ने प्रशासन को बताया कि नेटवर्क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ऑनलाइन सेवाओं, बैंकिंग कार्यों, शिक्षा तथा संचार व्यवस्था में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों ने ग्रामीण जनता की इन गंभीर समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समस्या के निवारण हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों की अन्य विभिन्न समस्याओं पर भी सुनवाई की गई।1
- लखीमपुर खीरी जिले में, धौरहरा वन रेंज के क्षेत्र अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से जामुन के पेड़ों का बड़े पैमाने पर अवैध कटान जारी है। इस क्षेत्र में खुलेआम जामुन के पेड़ों पर आरा चलाया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एक पेड़ माँ के नाम' वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद, धौरहरा वन रेंज के वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से जामुन के पेड़ बेधड़क काटे जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ईसानगर से कटौली मार्ग पर ट्रैक्टर पटियाला पर लदी हुई लकड़ी ले जाई जा रही है। कोतवाली ईसानगर क्षेत्र में हो रहे इस अवैध कटान का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, लेकिन प्रशासन इस मामले पर मौन है।1